1
हीलियम के हम ग़ुब्बारे
काँच,कीलें,पिन नुकीले,धूर्त धरती,छत,दीवारें
जल रहे धू-धू अंगारे,हीलियम के हम ग़ुब्बारे;
सब हमें ही ताकते हैं,साधते हम पर निशाना,
वो ज़माना लद गया , आसान था जब पार पाना,
जन्म से वो 'खल' मैं 'नायक' , वो 'कमीने' हम 'बेचारे',
जल रहे धू-धू अंगारे,हीलियम के हम
- 15 10 टिप्पणियां [2]
Jun 12 2010 03:11 AM


Shuffle








