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कविताओं के मन से

http://poemsofvijay.blogspot.com/
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22 May 2010
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मेरा होना और न होना ....

दोस्तों ; ज़िन्दगी की राह में कुछ ऐसे पल आते है ,जब सबकुछ छोड़कर कहीं चले जाने का मन करता है , मन बुरी तरह व्यतीत होता है और फिर मन -मंथन के एक निरर्थक प्रयास में से कुछ सार्थक सा जन्म लेता है ... बीते दिनों कुछ ऐसा ही मन-मंथन से मैं गुजरा और फिर
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अलविदा

सोचता हूँ  जिन लम्हों को ; हमने एक दूसरे के नाम किया है शायद वही जिंदगी थी !भले ही वो ख्यालों में हो , या फिर अनजान ख्वाबो में ..या यूँ ही कभी बातें करते हुए ..या फिर अपने अपने अक्स को ;एक दूजे में देखते हुए हो ....पर कुछ पल जो तुने मेरे नाम किये
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मां

दोस्तों , करीब २ साल पहले मैंने ये कविता लिखी थी , आज mother's day पर फिर से ये कविता ब्लॉग पर दे रहा हूं . मेरी माँ नहीं है और मुझे हमेशा ही माँ की जरुरत  रही है .. ... मैंने ईश्वर को नहीं देखा  ,लेकिन माँ को देखा है .. और मुझे लगता है की माँ
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मोहब्बत

मोहब्बत कल तुझे डूबते हुए सुर्ख सूरज के साये मेंफिर एक बार देखा ...रात , बड़ी देर तक तेरा साया मेरे साथ ही था ..एक ख्वाब तेरा चेहरा लिए  ;खुदा के घर से दबे पाँव मेरी नींद की आगोश में सिमट आया ...और रात की गहराती परछाईयो  ने ;तुझे और मुझे ;अपने
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याद

कल अचानक ही एक याद ने रास्ता रोक लिया ;कहने लगी ...मुझे भूल गए ? कैसे ? मैं तो तुम्हारी सबसे बड़ी निधि हूँ मेरे दोस्त !!!मैंने देखा तो उस याद पर वक़्त की धुल और दुनिया के जाले , दोनों ने अपनी शिकस्त जमाई हुई थी ;मैंने अपने आंसुओ से उस याद को साफ़ किया तो
Feb 26 2010 01:11 PM
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मेन इन यूनिफ़ॉर्म // MEN IN UNIFORM

दोस्तों , बहुत दिनों से कुछ लिखना चाहता था ,आर्मी पर !!!. आज मन आया तो लिख रहा हूं , ORGINALLY तो मैं कविताये ही लिखता हूं ,लेकिन इस बार एक छोटी सी कहानी लिखने का प्रयास किया है ... उम्मीद करता हूँ की  आप लोगो को
Feb 20 2010 06:20 PM
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ये मुझे क्या हो गया ....

किसी अनजाने से तेरे बारे में बात करना ;और जब वो कहे की ये जानां कौन है यार ...किसी सुबह अपने बगल में तेरा चेहरा ढूँढना ;और फिर हँसना की मैं पागल हो गया हूँ ...किसी शाम को उतरते हुए सूरज से ये कहना की, तेरे चेहरे पर मेरे नाम की किरण बिखराए...किसी रात को
Feb 11 2010 10:15 AM
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एक निवेदन

प्रिय दोस्तों   आप सभी को मेरा नमस्कार .. मैं job change के प्रोसेस में हूँ , अगर आप मुझे कोई जॉब suggest कर सकते है तो मुझे बहुत ख़ुशी होंगी . आपका विजय   Dear Friends; I am looking for job change . My specialisations are Marketing, business
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तलाश

कुछ तलाशता हुआ मैं कहाँ आ गया हूँ .....बहुत कुछ पीछे छूट गया है .....मेरी बस्ती ये तो नहीं थी .....मट्टी की वो सोंघी महक ...अब भी कभी कभी मुझे महका कर;मुझे ; मेरे गाँव की याद दिला जाती है ..कोयल के वो मधुर गीत ...वो कुहू कुहू की लम्बी तान अब भी मुझे सुबह
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पाप !!!

दोस्तों ,मैंने ये कविता 1987 में लिखी थी. ये मेरे एक मित्र की आत्मकथा पर लिखी थी ,इसे लिखने में मुझे बहुत मानसिक उलझन भी थी .. क्योंकि इस कविता की पूरी undertone सिर्फ physical relation पर ही based है ...मैंने अब उस मित्र से permission ली है की इसे मैं
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आप सब को नए साल की शुभकामनाये !!!

दोस्तों आप सब को नए साल की शुभकामनाये !!!नया साल, आपकी ज़िन्दगी में ; बहुत सी खुशियाँ लेकर आये , मेरी दिल से यही दुआ है आप सभी के लिए .. और हाँ मेरे desk से कुछ छोटी छोटी बाते जो शायद आपके जीवन में कुछ काम आये .....१. अपने आप में तथा अपने ईश्वर में
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मन की खिड़की /// The window of my heart

वो एक अजीब सी रात थी , जो मेरे जीवन की आखरी रात भी थी ! ज़िन्दगी की बैचेनियों से ; घबराकर ....और डरकर ... मैंने मन की खिड़की से; बाहर झाँका ......... बाहर ज़िन्दगी की बारिश जोरो से हो रही थी .. वक़्त के तुफानो के साथ साथ किस्मत की आंधी भी थी. सूखे हु
Dec 29 2009 11:44 AM
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मेरा नया ब्लॉग : अध्यात्म, जीवन, दर्शन, चिंतन,धर्म और प्रेम पर

दोस्तों , नमस्कार, मैंने अध्यात्म,धर्म, जीवन, दर्शन, और चिंतन पर एक ब्लॉग बनाया है ,जो की मेरे अपने अनुभवों का निचोड़ है ,जो कुछ भी मैंने इस छोटी सी उम्र में देखा, जाना, सीखा, पढ़ा, समझा और प्राप्त किया , वही सब कुछ मैंने अपने लेखो के द्वारा इस ब्लॉग
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मेरा फोटोग्राफी ब्लॉग

मेरा फोटोग्राफी ब्लॉग आदरणीय दोस्तों , मैंने अपना फोटोग्राफी ब्लॉग को update किया है ...आप से निवदन है की अगर समय हो तो जरुर मेरे द्वारा लिए गए photographs को देखे और अपनी अमूल्य राय देवे. .. ब्लॉग का लिंक है : http://photographyofvijay.blogspot.com/
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आभार ऐशो [ फिर आना ]

आभार ऐशो [ फिर आना ] सुबह का सूरज आज जब मुझे जगाने आया तो मैंने देखा वो उदास था मैंने पुछा तो बुझा बुझा सा वो कहने लगा .. मुझसे मेरी रौशनी छीन ले गयी है ; कोई तुम्हारी चाहने वाली , जिसके सदके मेरी किरणे तुम पर नज़र करती थी !!! रात को चाँद एक उदास बदली
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मटमैला पानी – PART -I

दोस्तों ; ये कविता मैं दुनिया के सारे शराबियों को नज़र करता हूँ ..!!! " मटमैला पानी " शराब के जाम के लिए ; मेरे और मुफलिस जी के बीच का "कोड वर्ड" है . .. कई ऐसी शामे हुई है जब मैं हैदराबाद में , मुफलिस जी लुधियाना में होते है और हम मटमैले पानी की जय क
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मेरा कुछ सामान

दोस्तों ,बहुत दिनों से कुछ उलझा हुआ था ज़िन्दगी की कशमकश में , और अब , जब लगने लगा की ,मुझमे और मेरी कविताओ में दूरी बढ़ते जा रही है ,तो आज कुछ लिखा ! इस छोटी सी नज़्म को आपकी महफ़िल में नज़र करता हूँ , और उम्मीद करता हूँ की ,हमेशा कि तरह ,आप सभी अपना प
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तेरा नाम क्या है मेरे प्रेम ?

तेरा नाम क्या है मेरे प्रेम ? अचानक ही ये कैसे अहसास है कुछ नाम दूं इसे या फिर ; अपने मौन के साथ जोड़ दूं इसे किसी मौसम का नया रंग हो शायद या फिर हो ज़िन्दगी की अनजानी आहट एक सुबह हो ,सूरज का नया रूप लिये पता नहीं ….. मेरी अभिव्यक्ति की ये नयी परिभाष
Oct 14 2009 07:42 PM
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मुसाफ़िर --- मेरी 100 वी पोस्ट

दोस्तों , ये मेरी 100 वी पोस्ट है , इस मुकाम तक पहुँचने के लिए , आपके प्यार के लिए , आपकी हौसला - अफजाई के लिए , आपकी दोस्ती के लिए और आपके आर्शीवाद के लिए ; मैं आप सबका दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ , और आप सब का आभारी हूँ !! मैं विनंती करता हूँ कि ,
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भारतीय कॉमिक्स पर आधारित मेरा नया ब्लॉग ....

दोस्तों , मैंने एक नया ब्लॉग बनाया है जो की भारतीय कॉमिक्स पर आधारित है ॥ हम सबमे एक बच्चा छुपा होता है , मुझमे भी है who refuses to grow up...... मैं आज भी कॉमिक्स पढता हूँ और पूरी तरह से दीवाना हूँ कॉमिक्स का .......बचपन से मैंने इंद्रजाल कॉमिक्स,
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मृत्यु

ये कैसी अनजानी सी आहट आई है ;मेरे आसपास .....ये कौन नितांत अजनबी आया है मेरे द्वारे ...मुझसे मिलने, मेरे जीवन की , इस सूनी संध्या में ;ये कौन आया है ….अरे ..तुम हो मित्र ;मैं तो तुम्हे भूल ही गया था,जीवन की आपाधापी में !!!आओ प्रिय ,आओ !!!मेरे ह्रदय के
Sep 18 2009 03:32 PM
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प्रेम कथा

बहुत समय पहले की बात हैजब देवताओ ने सोचा कीएक प्रेम कथा बनाई जाए ;उन्होंने तुम्हे बनाया ,उन्होंने मुझे बनाया ,और एक जन्म बनाया ;पर शायद कुछ भूल हो गई ....कुछ समय का रथ आगे निकल गया,इस जन्म के लिए एक जन्म बीत गया !!!जाने -अनजाने में जब हम बने तो तुम किसी
Sep 10 2009 11:06 AM
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झील

आज शाम सोचा ; कि , तुम्हे एक झील दिखा लाऊं ... पता नही तुमने उसे देखा है कि नही;देवताओं ने उसे एक नाम दिया है…. उसे जिंदगी की झील कहते है... बुजुर्ग ,अक्सर आलाव के पास बैठकर, सर्द रातों में बतातें है कि, वह दुनिया कि सबसे गहरी झील है उसमे जो डूबा , फिर
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आओ इश्क की बातें कर ले…

दोस्तों , मेरी एक पुरानी कविता पेश है आपकी महफिल में , जो आज मुझे बहुत HAUNT कर रही है ... आओ इश्क की बातें कर ले…आओ इश्क की बातें कर ले , आओ खुदा की इबादत कर ले ,तुम मुझे ले चलो कहीं पर , जहाँ हम खामोशी से बातें कर ले.......!!!लबो पर कोई लफ्ज़ न रह जाए,
Aug 05 2009 04:52 PM
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सपना

आदरणीय समीर लाल जी . This poem is dedicated to you. इस नज़्म का backdrop जबलपुर शहर है ,जहाँ मैं कुछ महीनो पहले गया था. वहां Bhedaghat में बहती नर्मदा नदी और marble rocks ने मुझे ये नज़्म लिखने की प्रेरणा दी. मैं ये नज़्म सारे जबलपुर वासियों और वहां के कवि
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तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...

तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना ...एक सपने में कोई आधी -अधूरी आस जगीकहीं किसी खेत में सरसों की उवास चलीमेरे साँसों में तेरी सांस कैसे मिली ....तुमने मुझे पुकारा तो नहीं जांना .....ज़िन्दगी की राह बदल गयी....आसमान से एक बादल का टुकडा टुटातेरे नाम से उसने
Jul 22 2009 11:04 AM
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जोगन

गुरु पूर्णिमा के शुभअवसर पर अपने सारे गुरुजनों और मित्रो को प्रणाम करते हुए अपनी ये कविता समर्पित करता हूँ ...मैं ये आशा करता हूँ की आप सबका प्यार यूँ ही मुझ पर बना रहेंगा . ये गीत महान संत " मीराबाई " पर है , मैं इसकी composition में उनके द्वारा रचि
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क्षमा

मान्यवर मित्रो .... मैं कुछ दिनों के लिए लेखन से विराम ले रहा हूँ .... मन कुछ ठीक नहीं है .... यदि किसी कारणवश मुझसे कोई गलती हो गयी हो ,या मेरे कारण किसी को दुःख पहुंचा हो या ,मेरी कोई बात से कोई आहत हुआ हो तो मैं क्षमा मांगता हूँ .. क्षमापना सारी ग
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मैं तुमसे प्यार करता हूँ ......

अक्सर मैं सोचता हूँ कि, मैं तुम्हारे संग बर्फीली वादियों में खो जाऊँ ! और तुम्हारा हाथ पकड़ कर तुम्हे देखूं ... तुम्हारी मुस्कराहट ; जो मेरे लिए होती है , बहुत सुख देती है मुझे..... उस मुस्कराहट पर थोडी सी बर्फ लगा दूं . यूँ ही तुम्हारे संग देवदार के
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आओ सजन

दोस्तों , मेरी नयी नज़्म " आओ सजन " आपके खिदमत में पेश है ....उम्मीद है की हमेशा की तरह आप सबका प्यार और आर्शीवाद इस कविता को मिलेंगा . ये नज़्म एक सूफियाना भक्ति गीत है . इस कविता का जन्म एक गुरूद्वारे में हुआ था ..मैं एक कीर्तन सुन रहा था ..उसमे ये श
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तेरा चले जाना .......

जब मैं तुझे छोड़ने उस अजनबी स्टेशन पर पहुंचा ; जो की अब मेरा जाना पहचाना बन रहा था …. तो एक बैचेन सी रात की सुबह हो रही थी ...... एक ऐसी रात की , जो हमने साथ बिताई थी ज़िन्दगी के तारो के साथ .. जागते हुए सपनो के साथ और प्यार के नर्म अहसासों के साथ ..
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मेरी कविता की किताब

दोस्तों , मैं एक हास्य कविता पेश कर रहा हूँ ....आपकी खिदमत में.....!!! आपको अवश्य पसंद आएँगी ...इस कविता का जन्म पूना में हुआ था, जब मैं श्री नीरज जी मिला था .. नीरज जी बहुत शानदार व्यक्तित्व है और ऊपर से वो बहुत हंसमुख है ...मैंने उनसे कविता की किता
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माँ का बेटा

वो जो अपनी माँ का एक बेटा था वो आज बहुत उदास है ! बहुत बरस बीते , उसकी माँ कहीं खो गयी थी ..... उसकी माँ उसे नहलाती , खाना खिलाती , स्कूल भेजती और फिर स्कूल से आने के बाद , उसे अपनी गोद में बिठा कर खाना खिलाती अपनी मीठी सी आवाज़ में लोरियां सुनाती ..
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क्षितिज

तुमने कहीं वो क्षितिज देखा है , जहाँ , हम मिल सकें ! एक हो सके !! मैंने तो बहुत ढूँढा ; पर मिल नही पाया , कहीं मैंने तुम्हे देखा ; अपनी ही बनाई हुई जंजीरों में कैद , अपनी एकाकी ज़िन्दगी को ढोते हुए , कहीं मैंने अपने आपको देखा ; अकेला न होकर भी अकेला
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अचानक एक मोड़ पर

अचानक एक मोड़ पर , अगर हम मिले तो , क्या मैं , तुमसे ; तुम्हारा हाल पूछ सकता हूँ ; तुम नाराज़ तो नही होंगी न ? अगर मैं तुम्हारे आँखों के ठहरे हुए पानी से मेरा नाम पूछूँ ; तो तुम नाराज़ तो नही होंगी न ? अगर मैं तुम्हारी बोलती हुई खामोशी से मेरी दास्ता
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अपना अफसाना

बहुत दिनों से ये चाह रहा था ; कि, अपना अफसाना लिखूं... और मेरा अफसाना भी क्या है कुछ तेरे जैसा है , कुछ उसके जैसा है दुनिया की भीड़ में भटकता हुआ ज़िन्दगी के जंगल में खोया हुआ किसी बच्चे की हंसी में मुस्कराता हुआ और अपनी उदासी को समेटता हुआ एक अदद इं
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यादें / MEMORIES

दोस्तों , इस ब्लॉग जगत ने मुझे कई सारे मित्र दिये है , जिनमे से एक है दिल्ली के श्री मनु जी . मैंने आज की कविता मनु जी को dedicate किया है . पिछली बार मैंने अर्श जी पर एक कविता लिखी थी , जो की मैंने कलकत्ता में लिखी थी , और incidently ये कविता भी मैं
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बिटिया

दोस्तों ; मेरे दो बच्चे है . मेरी बेटी मधुरिमा [ हनी ] ;12 बरस की है और मेरा बेटा तुषार [ वासु ] ; 7 बरस का है ! बच्चे तो मुझे बहुत प्यारे है और in fact ; मुझे सारे ही बच्चो से बहुत प्यार है ..पता नहीं , मुझे बच्चो में हमेशा ही भगवान दिखाई देते है ..