RD Saxena: Spreading fragrance of Malwa's Image

RD Saxena: Spreading fragrance of Malwa

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09 Apr 2010
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सूनी किताब

तेरे फेस पर एक बुक पढता हूँ कभी ताज़गी तो कभी उदासी लिये हुए ..कभी संज़ीदगी तो कभी वीरानगी लिये हुए.. जाने कौन सी फितरत है तेरी कि ज़माने से मेल नही खाती यूँ ही भरती जाती है डायरियां खोखले हर्फों से.. - RDS 10.04.2010
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मेरे सपनों का भारत

के लिए उनके आमंत्रण पर आभार सहित ) हमारे देश के अनेक सूत्र वाक्यों में से एक है - 'चरैवैती-चरैवैती' अर्थात बढ़ते चलो ... बढ़ते चलो .. पिछले कुछ सालों में रुकावटें कमोबेश उतनी ही थी जितनी आज है लेकिन हम बढ़ते रहे | रुकावटों का रूप बदलता जा रहा है और ब
Dec 29 2009 11:58 AM
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कुटिलता का आतंक

सोचा भी न था कि मालवा और मीठी यादों की जुगत में सजाया चिट्ठा आतंक और निहायत नापंसंद से विषय 'राजनीति' की दिशा ग्रहण कर लेगा | लेकिन ऊपर की लुभावनी लीपा पोती से सजा आधुनिक संसार अंदरूनी तौर पर कितना खोखला हो चला है सोच सोच कर ही विकलता बढ़ने लगती है इ
Dec 29 2009 11:58 AM
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एक पत्र श्री अमिताभ बच्चन के नाम ...

श्री बच्चन की ताज़ा पोस्ट की प्रतिक्रिया में लिखा एक खुला पत्र : सन्दर्भ : http://bigb.bigadda.com/2008/11/30/day-220/#comments प्रिय श्री बच्चन , देश की वर्तमान दशा किसी से छुपी नहीं है | राजनेताओं ने जिस प्रकार शिखन्डियों सा आचरण किया, अत्यन्त अक्षम
Dec 29 2009 11:58 AM
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किस किस को कोसें

इस बार फिर मंथन का कुछ मसाला मिला है क़्वेस्ट के मंच से .. ताज होटल और दीगर ठिकाने तो मात्र नाम भर हैं असल बात तो यह है कि हमला भारत की इज़्ज़त पर हुआ है | हमारे नपुंसक मंत्री और नेता हमें याद दिला रहे हैं भारतेंदु हरिश्चंद्र की अंधेर नगरी की | लगता यही
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राजनीति चर्चा - मौसमी बुखार या असल सरोकार ?

चुनाव का समय आते ही विभिन्न चौपालों पर राजनीति चर्चा गर्माने लगी है. आज ही इंटरनेट के एक क़्वेस्ट मंच पर किसी प्रतिभागी ने प्रश्न उठाया कि " हमारे संविधान की बहुत ज्यादा गलत व्याख्या की गयी है, राजनेताओं ने कुछ संविधान संशोधन से इसके मूल रुप को बिगाड़
Dec 29 2009 11:58 AM
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उपभोक्तावादी प्यार

हिंदी क्वेस्ट के मंच पर एक शाश्वत चिरंतन और आधुनिक प्रश्न मिला कि प्यार कैसे होता है ! मेरी मान्यता है कि आधुनिक संदर्भों में प्यार, स्वार्थ से ओतप्रोत एक अनुभूति है ! जो चीज़ अच्छी लगे उसे अपना बनाने की चाह का अहसास ही प्यार है ! विपरीत लिंगी के प्रत
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गंगा अब राष्ट्रीय नदी

गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कर देने से कितना सुधार हों जाने वाला है ? धूर्त हिंदू कर्मकाण्डी पंडे और अंधश्रद्धां से ओत प्रोत उनके यजमान अपनी गंदगी का घाटों पर जिस अधिकार पूर्वक विसर्जन करते हैं , करते रहेंगे उद्योग समूह, रिश्वतखोर अधिकारियों की मिथ्य
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विवाह और वैभव

विवाहों के उत्सव का मौसम आ गाया है फिर डी जे बजेंगे, बराती नाचेंगे, वैभव - प्रदर्शन होगा हालांकि सडकें वाधित होंगी और गुज़रना चाह रहे अनेक मज़बूर / बीमार लोग कुढेंगे भी लेकिन परवाह क्या ? धन कमाया है तो बरबाद करने के ही लिये तो शादी में न दिखाएं तो कौन
Dec 29 2009 11:58 AM
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अनुपम माँ !!

माँ मैं तुमको क्या उपमा दूं । जग की सब उपमाएं छोटी स्वर्ग की बातें होती झूठी जग का निर्माता विश्व - विधाता ईश्वर भी तुमसे कम है, फिर मैं तुमको क्या उपमा दूं ॥ मुझे गढने वाली उस माँ को नमन जो स्मृति रुप में सदैव जागृत है, उपस्थित है ; वैसे ही, जैसे मे
Dec 29 2009 11:58 AM
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MALAV PUTR Pt Umakant and Ramakant Gundecha

I always feel proud of being born in Malwa. This time, the divine theme of Dhrupad strengthened the feeling. Dhrupad is the most ancient style of Hindustani classical music that has survived until today in its original form. The Dhrupad tradition is a
Feb 10 2008 08:33 PM
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MALWI SUFI SINGER - PRAHLAD SINGH TIPANIYA

One of the most senior, most respected and very popular artistes of the Malwa belt, Tipaniya ji has travelled widely nationally and internationally to perform. He not only sings the words of mystic poets especially Kabir, he is also the head or