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17 Jun 2010
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दिल्ली एक विश्व स्तर का शहर है - इसे हास्य कहूं या व्यंग ???

केंद्र में कांग्रेस सरकार और दिल्ली की मुख्य मंत्री यह दावा करती हैं कि दिल्ली एक विश्व स्तर का शहर है - यह हास्य है. दिल्ली की जनता ने शीला जी को तीसरी बार मुख्य मंत्री बनाया - यह व्यंग है. मैंने उन्हें वोट नहीं दिया. इस का एक कारण था कि मैंने डीडीए
 
Suresh Chnadra Gupta
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दुनिया की सबसे महंगी जेबकटी

कल फिर मेरी जेब कट गई,जेब क्या कटी, ऐसा लगा,जैसे दिन दहाड़े बाज़ार में,किसी ने मेरी कमीज़ उतार ली,और मुझे नंगा कर दिया,रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा,पुलिस वाले हंसने लगे,दिल्ली सरकार ने जेब काटी,दिल्ली पुलिस में शिकायत,वाह क्या बात है !!दिल्ली में रहना अपराध
 
Suresh Chnadra Gupta
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पति का सपना और सरकार

पति का सपना पूरा करना है उन्हें,नारी आरक्षण का बिल पास कराना है,सरकार को आदेश मिला,राज्य सभा में बिल आया,पुराने दुश्मनों की मदद से पास भी हो गया,पर एक नई चिंता आड़े आ गई,सरकार गिर गई तो !!!मुलायम कठोर हो गए,लल्लू ने लाठी उठा ली,अल्पसंख्यकों ने त्योरी
 
Suresh Chnadra Gupta
Mar 17 2010 04:41 PM
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वकालत खारिज, राजनीति शुरू

कपिल सिब्बल पहले वकील थे,अब बन गए हैं राजनीतिबाज,भूल गए हैं कानून,प्राइवेट स्कूलों की फीस पर,सरकार नहीं कर सकती रोकथाम,पर अंधाधुंध फायदा नहीं,क्या बात है जनाब आपकी,चोर से कहें चोरी कर,पर सब कुछ मत चुरा लेना.जेब कतरे से कहें काट ले जेब,पर कुछ नोट छोड़
 
Suresh Chnadra Gupta
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तरक्की

मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है.कैसे?पहले जब लोग मरते थे तब पता ही नहीं चलता था कि किस बीमारी से मरे.और अब?अब डाक्टर कुछ कुछ अनुमान लगा लेते हैं कि किस बीमारी से मरे.
 
Suresh Chnadra Gupta
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बापू जीवित हैं

तीस जनवरी १९४८,बापू का महाप्रयाण,तीस जनवरी २०१०,दिल्ली सरकार का विज्ञापन,'बापू जीवित हैं'.कहाँ रहते हैं वह?मैं मिलना चाहता हूँ उनसे,पूछना चाहता हूँ,आप जीवित हैं अगर,तब क्यों नहीं आते नजर?सपने में बापू नजर आये,बोले मैं जीवित होता हूँ,हर वर्ष ऐसे विज्ञापन
 
Suresh Chnadra Gupta
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दूसरों को नसीहत, खुद मादाम फजीहत

उन्होंने कहा कानून बनाओ,अपराधी चुनाव न लड़ सकें,कुछ ऐसा कर दिखाओ.उन्होंने आज यह कहा,मैं न जाने कब से कह रहा हूँ,पर मैं एक आम आदमी हूँ,वह उस पार्टी की मालकिन हैं,जिसकी सरकार है इस देश में,मेरी किसी ने न सुनी,उनकी सब सुन रहे है,पर यह कोई नहीं सोचता,कि वह
 
Suresh Chnadra Gupta
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रामपुर का डाक्टर

उत्तर प्रदेश में रामपुर,रामपुर में एक डाक्टर,डाक्टर का एक मरीज,मरीज का रक्त चाप गिर गया,सुगर लेबल भी कम हो गया,सब लोग घबड़ाए,पर डाक्टर जी मुस्कुराए,मरीज को ले चलो बरेली,करूंगा में एंजियोग्राफी,दस हजार का खर्चा आएगा,सब ठीक हो जाएगा.मरीज अड़ गया दिल्ली
 
Suresh Chnadra Gupta
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तीन सवाल ???

पडोसी देश ने,हड़प ली जमीन हमारी,इंच-इंच करके,पर सरकार सोती रही,कुछ न कर पाई,न ही कुछ करना चाहा,क्या देश सुरक्षित है,ऐसी सरकार के हाथों में?एक लेखक की किताब,खूब बिकी, खूब बिकी,परम्परा के अनुसार,उन्होंने एक लेख में लिखा,कश्मीर दे दो पाकिस्तान को,किसी ने
 
Suresh Chnadra Gupta
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ममता दी की झटका गाड़ी

ममता दी की झटका गाड़ी,शताब्दी एक्सप्रेस उसका नाम,दिल्ली कालका के बीच चलती,हर रोज सुबह और शाम.पहला झटका दिया सुबह जब,प्लेटफार्म से निकली बाहर,सारे झटके गिन नहीं पाया,उतर गया चंडीगढ़ जाकर.सुपर फास्ट कहलाती है वह,पर चलती कछुए की चाल,कभी तेज चलते नहीं
 
Suresh Chnadra Gupta
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वह सीएम् की कुर्सी पर ऊंघ रही हैं

प्रेस पार्टी ख़बरें सूंघ रही थी, मुख्य मंत्री दफ्तर में ऊंघ रही थी, जनता ने तीसरी बार जिताया, कारण आज तक समझ नहीं आया, खुद मैंने खुद को वोट नहीं डाला, पर जनता मुझे ही वोट डाल गई, क्या जनता बेबकूफ है? या कोई साजिश कर रही है? घर और बाहर कोई सुरक्षित नह
 
Suresh Chnadra Gupta
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कचरा संस्कृति

एक महिला परेशान खोई-खोई अपने बरामदे में टहल रही थी. दोपहर का वक़्त था. उनकी पडोसन भी अपने बरामदे में आईं. इन परेशान महिला को देखा तो बोलीं, 'क्या बात है बहन, बड़ी परेशान लग रही हो. सब ठीक तो है न?' महिला, 'हाँ सब ठीक है, बस कुछ उलझन सी हो रही है'. पड
 
Suresh Chnadra Gupta
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आओ वंटवारा करें

मिल बाँट कर खाना हमारी खासियत है. सच पूछो तो यही खासियत हम राजनीतिबाजों की सफलता का राज है. भगवान और जनता ने एक बार फिर हमें मौका दिया है सत्ता को बांटकर खाने का. बहुत पुराने खिलाडी हैं हम सत्ता को बांटने के. खिलाडी क्या चेम्पियन नंबर वन हैं. सत्ता क
 
Suresh Chnadra Gupta
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हमारी तो आदत है यह !!!

क्या हो गया अगर हमने गांधी जी की व्यक्तिगत बस्तुओं को भारत लाने में मिली सफलता को अपनी पार्टी और सरकार की सफलता कह दिया तो? यह तो हमारी आदत है. हमने हमेशा हर सफलता को अपने खाते में लिखा है, और हर विफलता को दूसरों के खाते में. देश को आज़ादी मिली तो हम
 
Suresh Chnadra Gupta
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मैं हूँ न !!!

राजमाता के चरणों में शत-शत नमन. आप क्यों चिंता करती हैं राजमाता? आपकी लोक सभा के लिए चुनावों का कार्यक्रम आपके चुनाव आयोग ने घोषित कर दिया है. चुनाव होंगे और जरूर होंगे. आप चाहती हैं, चुनाव निष्पक्ष हों, देश के अन्दर और देश के बाहर सारी दुनिया को लगे
 
Suresh Chnadra Gupta
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चोर और मंत्री

माननीय धनिया राम, इस बार मंत्री बन ही गए, मीडिया वाले उन के घर आये, उन का इंटरव्यू लिया, अंत में एक सवाल पूछा, किस का हाथ है? आपकी इस सफलता के पीछे, धनिया जी मुस्कुराए, अपनी पत्नी की और इशारा किया, सही है सब ने कहा, हर सफल आदमी के पीछे, होती है एक और
 
Suresh Chnadra Gupta
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नया प्रदेश और दहेज़

सुना है नेताजी अनशन पर बैठ गए हैं, हाँ आपने सही सुना है, पर क्यों यह नहीं पता चला, अरे सबको पता है, आपको नहीं, एक नया प्रदेश बनाओ, यह मांग है उनकी, नया प्रदेश, पर कहाँ, किस नाम से? कहीं भी, किसी भी नाम से, बस उन्हें नया प्रदेश चाहिए, पर क्यों, कुछ तो
 
Suresh Chnadra Gupta
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प्रेम का नया दुश्मन

एक सुवर को मुर्गी से प्रेम हो गया, मुर्गी भी सुवर को प्रेम करने लगी, पर यह प्रेम पसंद नहीं आया, दोनों के घरवालों को, सुवर और मुर्गी का प्रेम, न देखा कभी न सुना, समझाया फिर धमकाया, पर प्रेम अँधा होता है, दोनों नहीं माने, घर छोड़कर भाग गए, रहने लगे लिव
 
Suresh Chnadra Gupta
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कामनवेल्थ (साझा धन) खेल स्पर्धा शुरू

साझा धन खेल स्पर्धा, हो गई समय से पहले शुरू, कल्मादी, हूपर, फेनेल, जुट गए मल्ल युद्ध में, दुसरे को नीचा दिखाने की, खुद को ऊंचा साबित करने की, अघोषित प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक, कौन जीतेगा? कोई भी जीते, क्या फर्क पड़ता है, खेल तो हार गए.
 
Suresh Chnadra Gupta
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निद्रा देवी की कृपा से कामनवेल्थ गेम्स बच गए

आज पार्क में शर्मा जी बहुत खुश थे. लोगों के पूछने पर अपने हाथ में लिया अखवार हिलाते थे और कहते थे, 'आने दो वर्मा को, आज माफ़ी न मंगवाई तो मेरा नाम नहीं'. किसी की कुछ समझ में नहीं आया तो मिश्रा जी बोले, 'भई आ जाने दो वर्मा जी को सब पता चल जायगा'. कुछ
 
Suresh Chnadra Gupta
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अच्छा बापू अब अगले साल याद करेंगे तुम्हें

मेरा एक दोस्त जो सरकारी बाबू है इस बार बापू से बहुत खुश था. बापू ने इस साल शुक्रवार को पैदा होकर बहुत अच्छा किया, तीन छुट्टियां बन गईं और वह मसूरी निकल लिया. और भी बहुत सारे लोग बापू से इस बात पर खुश होते हैं कि वह हर साल २ अक्टूबर को पैदा होते हैं औ
 
Suresh Chnadra Gupta
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जनता का धन है किसका साझा धन?

वर्मा जी ने पूछा शर्मा जी से, यह कामनवेल्थ क्या है? अरे इतना भी नहीं जानते? कामनवेल्थ यानी साझा धन, वर्मा जी बुरा मान गए, इतनी अंग्रेजी हिंदी आती है मुझे, यह बताओ कहाँ है यह धन? और किस किस में साझा है? यार यह तो कभी सोचा नहीं, हाँ अखवार भरे हैं इस बा
 
Suresh Chnadra Gupta
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रावण के चेहरे में दिखता है उन्हें अपना चेहरा

नेता जी बहुत परेशान थे, शहर की रामलीला ने, मुख्य अतिथि बनाया था उन्हें, उन्हें वाण चलाना था, रावण को जलाना था, हमने उन्हें वधाई दी, वह और परेशान हो गए, हमने पूछा तो अकेले में ले गए, बोले रावण की तरफ देखो, हमने रावण की तरफ देखा, बोले रावण का चेहरा देख
 
Suresh Chnadra Gupta
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सोच रहा हूँ राष्ट्रपति बन जाऊं

कल अखवार पढ़ कर,फिर मन में आया,क्यों न राष्ट्रपति बन जाऊं?एक बार पहले भी आया था मन में,जब हाईवे टोल पर एक बोर्ड पढ़ा था,राष्ट्रपति की कार को टोल नहीं देना,राष्ट्रपति बने और फुर्र से निकल गए,वर्ना खड़े रहो लाइन में और पैसा भी दो,अब एक और पर्क मिला
 
Suresh Chnadra Gupta
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'भोंदू', 'पागल', बेबकूफ'

भारतीय पत्नी समाज के लिए यह एक आनद विभोर कर देने वाली खबर है. आप अपने पति को 'भोंदू', 'पागल', बेबकूफ' कह सकती हैं, और कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. अगर आपका पति कम शिक्षित है तब आप उसका जितना चाहे मजाक उड़ा सकती हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच
 
Suresh Chnadra Gupta
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आओ खर्चा बचाएँ

शर्मा जी बहुत खुश थे,केटल क्लास में सफ़र करके,सरकार खर्चा बचा रही है,वर्मा जी नाराज थे,सरकार खर्चा नहीं बचा रही,आम आदमी का मजाक उड़ा रही है,कितने दिन चलेगा यह नाटक?खर्चा बचाने का.वर्मा जी बोले,अखवार भरे हैं,सरकारी विज्ञापनों से,विज्ञापन भरे हैं फोटो
 
Suresh Chnadra Gupta
Sep 20 2009 01:02 PM
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गर्व की बात है या शर्म की ?

कितनी अजीब बात है कि आज कल अखवार ऐसी प्रतियोगिताएं करवाते हैं जिन में आपने यह वोट देना होता है कि कौन सी लड़की गर्म है और कौन सी नहीं. अखवार के अनुसार यह उस लडकी और उस के कालिज के लिए गर्व की बात होगी. कोई ज्यादा पुरानी बात नहीं, अगर कोई लड़का किसी लडकी
 
Suresh Chnadra Gupta
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चालीस रुपये का सेब

एन ऐपल ए डे कीप्स डाक्टर अवे,मास्टरजी ने पढाया बच्चों को,पर खुद गड़बड़ा गए,एक सेब चालीस रुपये का,घर में पांच जन,दो सौ रुपये के सेब हर दिन,काफी महंगा हो गया है,कहावतों को जीवन में चरितार्थ करना.दाल रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ,एक बच्चा बोला,गुरूजी पहले खुद
 
Suresh Chnadra Gupta
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सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आत्मिक सुख

आज सुबह पार्क में सिन्हा साहब बहुत खुश नजर आ रहे थे. मुहाबरे की भाषा में कहें तो, ख़ुशी फूटी पड़ रही थी उनके चेहरे पर. बैसे ध्यान से देखने पर अत्यधिक प्रसन्न सिन्हा साहब के चेहरे पर कुछ परेशानी भी नजर आ रही थी. अत्यधिक प्रसन्नता और कुछ परेशानी का ऐसा
 
Suresh Chnadra Gupta
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वह जमानत पर रहेंगे

उनकी जमानत की अर्जी मंजूर हो गई,सरकारी वकील की बहस नामंजूर हो गई,अदालत में फिर एक बार साबित हो गया,कानून अँधा नहीं है,वह अपराधी को देखता है,उसके परिवार के देखता है,उसके सोशल स्टेटस को देखता है,और वह कोई चपरासी नहीं थे,वह तो थे सुपुत्र एक महान नेता
 
Suresh Chnadra Gupta
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महान लोगों द्बारा स्थापित महान आदर्श

बूटा जी का आदर्श - अगर इस्तीफा देने को कहा तो जान दे दूंगा.मीरा जी का आदर्श - भले ही लाखों जीवित हिंदुस्तानिओं के सर पर छत न हो, मुझे मेरे मृत पिता के लिए आलीशान मकान चाहिए.जजों के आदर्श - हमसे व्यक्तिगत संपत्ति का व्योरा देने के लिए कहना न्याय पालिका का
 
Suresh Chnadra Gupta
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वर्ल्ड क्लास शहर का वर्ल्ड क्लास पार्क

समझ नहीं पाता हूँ मैं,शिकायत करुँ या करुँ धन्यवाद?दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार,कौन है धन्यवाद का हकदार?सांसद, एम्एलए, पार्षद, किसे पहनाऊं प्रशंसा का हार?उपराज्यपाल, डीडीए उपाध्यक्ष, किस की प्रशंसा का हूँ मैं कर्जदार?डीडीए डिस्ट्रिक्ट पार्क पश्चिम पुरी,गढ़
 
Suresh Chnadra Gupta
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Aug 05 2009 09:05 AM
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The " Y " Generation

People born between 1925 and 1945....Are called...The Silent GenerationPeople born between 1946 and 1964...Are called....The Baby BoomersPeople born between 1965 and 1982...Are called....Generation X.People born after 1983...Are called....Generation
 
Suresh Chnadra Gupta
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साइन बोर्ड्स

हमें अंग्रेजी आती है
 
Suresh Chnadra Gupta
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भारत की सबसे अच्छी नौकरी की जगह खाली है !!!

इस देश में अगर सबसे आसान काम कोई है तो वह है लोक सभा, विधान सभा, नगर निगम की सदस्यता की नौकरी. एक बार इन संस्थाओं में नौकरी पा जाइए और पांच वर्षों तक ऐयाशी कीजिए. बस यह स्थाई नौकरी नहीं है. आपको हर पांच वर्ष बाद नए सिरे से एप्लाई करना पड़ता है. पर खा
 
Suresh Chnadra Gupta
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कुछ सवाल और जवाब

१. घडी बनाने की कंपनी में तुम्हारा काम कैसा चल रहा है? - यह तो समय ही बतायेगा. २. केले की कंपनी में तुम्हारा काम कैसा चल रहा है? - काम करते हुए अक्सर फिसल जाता हूँ. ३. नए हाइवे पर तुम्हारा काम कैसा चल रहा है? - इतना व्यस्त हूँ कि यह पता ही नहीं चलता
 
Suresh Chnadra Gupta
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धर्म की तिजारत

कुछ और व्यंग मनमोहन जी के संग्रह से. उनकी तुर्बत पे एक दिया भी नहीं, जिनके खूँ से जला चिरागे वतन. जगमगाते हैं मकबरे उनके, बेचते रहे जो शहीदों का कफ़न. मवालियों को न देखा करो हिकारत से, न जाने कौन सा गुंडा वजीर बन जाए. ख़ुद बाग़ के माली ने गुलशन की यह
 
Suresh Chnadra Gupta
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मनमोहन जी का व्यंग संग्रह

वह पेशे से वकील हैं, पर रूचि रखते हैं हास्य-व्यंग में. ख़ुद भी व्यंग रचना करते हैं, और यहाँ-वहां से सुनी-पढीं व्यंग रचनाएं संग्रहित भी करते हैं. उनके संग्रह से स्वरचित एक रचना आप सबको समर्पित है. है कलिकाल तुम्हारी माया, सचमुच तीन लोक से न्यारी. मानव
 
Suresh Chnadra Gupta
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कुछ चुटकुले

नया साल शुरू हुआ है. इस साल की पहली चुटकुला पोस्ट हाजिर है. फ्रिज बिकाऊ है हमारे एक मित्र कानून का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने एक नया फ्रिज ख़रीदा. अब समस्या थी कि पुराने फ्रिज का क्या करें. उन्होंने एक एजेंसी से बात की कि पुराने फ्रिज को बिना पर्
 
Suresh Chnadra Gupta
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पार्क में योग - बेचारे योगी

स्वामी रामदेव ने योग को आम आदमी का योग बना दिया है. अब आपको किसी योग संस्थान में जाने की जरूरत नहीं है. स्वामी जी के एक सप्ताह के योग शिविर में भाग लीजिये और योग प्रारंभ कर दीजिये. यह भी न कर पायें तो टीवी पर उनका कार्यक्रम देखिये और योग शुरू कर दीजि
 
Suresh Chnadra Gupta