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मुसाफिर हूँ यारों

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15 Jun 2010
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कुल्लू से बिजली महादेव

5 जून, 2010, शनिवार। सुबह लगभग दस-ग्यारह बजे कुल्लू पहुंच गया। बस अड्डे से ब्यास के उस तरफ वाला पहाड बहुत ही आकर्षित कर रहा था। उसी पर कहीं बिजली महादेव है। बस अड्डे पर घूम ही रहा था कि ढाबे वालों ने घेर लिया कि साहब, आ जाओ। परांठे खाओ, चाय पीयो। इधर
 
नीरज जाट जी
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मैं कुल्लू चला गया

बहुत दिन हो गये थे कहीं बाहर गये हुए। कभी अप्रैल में यमुनोत्री गया था। दो महीने होने को थे। इस बार सोचा कि हिमालय में नहीं जायेंगे, चलो राजस्थान चलते हैं। माउण्ट आबू तय हो गया, सात जून का वापसी का आरक्षण भी करा लिया। लेकिन चार जून आते-आते दिल्ली में पारा
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली- 7 (नौलथा)

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 6 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – पीली बंगा वाला।पीलीबंगा उत्तरी राजस्थान के हनुमानगढ जिले में स्थित है। यह हनुमानगढ-सूरतगढ रेल-खण्ड पर या कहिये कि बठिण्डा-बीकानेर खण्ड पर स्थित है। पीलीबंगा के पास ही एक प्रसिद्ध स्थल है-
 
नीरज जाट जी
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एक बार जरूर जाऊंगा

मुझे हिमालय बहुत आकर्षित करता है। वैसे तो भारत के सभी राज्यों मे, सभी कोनों मे मैं जाना चाहता हूं। लेकिन हिमाचल और उत्तराखण्ड की कुछ जगहें ऐसी हैं जहां मैं गया नहीं हूं। वहां मैं जाना चाहता हूं। चलिये आज आपसे भी ये जगहें साझा कर ली जायें:शुरूआत
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली- 6 (पीली बंगा)

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 5 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – रामनगर जे एण्ड के वाला।रामनगर (जे एण्ड के) स्टेशन जैसा कि नाम में ही लिखा है, जम्मू कश्मीर राज्य में है। यह जम्मू तवी और ऊधमपुर रेल-खण्ड पर स्थित है। जम्मू तवी के बाद बजालता, संगर, मनवाल
 
नीरज जाट जी
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रेल एडवेंचर- अलवर से आगरा

हां तो, पिछली बार आपने पढा कि मैं रेवाडी से अलवर पहुंच गया। अलवर से बांदीकुई जाना था। ट्रेन थी मथुरा-बांदीकुई पैसेंजर। वैसे तो मुझे कोई काम-धाम नहीं था, लेकिन रेल एडवेंचर का आनन्द लेना था। मेरा तरीका यही है कि किसी भी रूट पर सुबह के समय किसी भी पैसेंजर
 
नीरज जाट जी
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रेल एडवेंचर- रेवाडी से अलवर

आज मैं आपके सामने एक सनसनीखेज खुलासा करने जा रहा हूं। आपको ये तो पता है कि इस जाट को रेल यात्रा करना पसन्द है लेकिन इस हद तक पसन्द है ये अन्दाजा नहीं होगा। अपन को एक बीमारी है कि कोई स्टेशन चुनता हूं और वहां से जाने वाली किसी सुबह वाली ट्रेन में बैठ जाता
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली – 5 (रामनगर जे एण्ड के)

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 4 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – दुहाई हाल्ट वाला। दुहाई हाल्ट दिल्ली-मेरठ रेल खण्ड पर स्थित है। गाजियाबाद के बाद आता है नया गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई हाल्ट, मुरादनगर, मोदीनगर, मोहिउद्दीनपुर, परतापुर और मेरठ सिटी
 
नीरज जाट जी
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सहस्त्रधारा - द्रोणाचार्य की गुफा

देहरादून से 11-12 किलोमीटर दूर है सहस्त्रधारा। मैं अप्रैल में जब यमुनोत्री गया था तो समय मिलते ही सहस्त्रधारा भी चला गया। यह एक पिकनिक स्पॉट है लेकिन यहां का मुख्य आकर्षण वे गुफाएं हैं जिनमें लगातार पानी टपकता रहता है। यह पानी गन्धक युक्त होता है। नीचे
 
नीरज जाट जी
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तैयार है यमुनोत्री आपके लिए

अब जबकि चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है, शुरूआत यमुनोत्री से की जाती है। ज्यादातर लोग टूर ऑपरेटर से ही बुकिंग कराते हैं। टूर ऑपरेटर भारी भरकम राशि लेते हैं। मुझ जैसों के लिये यह राशि देना बस से बाहर की बात है।खैर, यात्रा हरिद्वार-ऋषिकेश से की जाती है।
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली – 4 (दुहाई हाल्ट)

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 3 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – गुडला जंक्शन वाला। भारत में एक प्रसिद्ध नदी है – चम्बल। चम्बल के किनारे ही बसा है कोटा। कोटा राजस्थान का एक प्रमुख शहर है। चम्बल के एक किनारे पर कोटा बसा है, दूसरी तरफ कहीं गुडला है।
 
नीरज जाट जी
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यमुनोत्री में ट्रेकिंग

अक्षय तृतीया जा चुकी है। उत्तराखण्ड में चार धाम यात्रा भी शुरू हो चुकी है। मुसाफिरों और श्रद्धालुओं को घूमने के लिये यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसी जगहों के रास्ते खुल गये हैं। इन जगहों पर अब लोग-बाग आने-जाने शुरू हो गये हैं। जाहिर सी बात
 
नीरज जाट जी
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कभी ग्लेशियर देखा है? आज देखिये

अभी तक आपने पढा कि मैं पिछले महीने अकेला ही यमुनोत्री पहुंच गया। अभी यात्रा सीजन शुरू भी नहीं हुआ था। यमुनोत्री में उस शाम को केवल मैं ही अकेला पर्यटक था, समुद्र तल से 3200 मीटर से भी ऊपर। मेरे अलावा वहां कुछ मरम्मत का काम करने वाले मजदूर, एक चौकीदार और
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली – 3 (गुडला जं)

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 2 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – दांतिया वाला। केवल एक प्रतियोगी को छोडकर सभी ने इसका उत्तर गलत बताया। असल में मैने इसमें जाल फेंका था और मैं उस जाल में सफल भी रहा। मैने मध्य प्रदेश वाले दतिया से मिलता-जुलता नाम इसीलिये
 
नीरज जाट जी
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जानकीचट्टी से यमुनोत्री

जानकीचट्टी से मैने दोपहर दो बजे के करीब चढाई शुरू कर दी। तारीख थी बीस अप्रैल दो हजार दस। मैं थोडी देर पहले ही आठ किलोमीटर पैदल चलकर हनुमानचट्टी से आया था। थक भी गया था। फिर समुद्र तल से लगभग 2500 मीटर की ऊंचाई पर हवा की कमी भी महसूस होने लगती है।
 
नीरज जाट जी
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हनुमानचट्टी से जानकीचट्टी

20 अप्रैल, 2010। सुबह के साढे नौ बजे मैं उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री मार्ग पर स्थित हनुमानचट्टी गांव में था। यहां से आठ किलोमीटर आगे जानकीचट्टी है और चौदह किलोमीटर आगे यमुनोत्री। जानकीचट्टी तक मोटर मार्ग है और जीपें, बसें भी चलती हैं। बडकोट से
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली - 2

पिछले शुक्रवार को जाट पहेली – 1 में हमने आपको एक चित्र दिखाया था – पातालपानी वाला। इसके बारे में हम पहले भी छाप चुके हैं। इस चित्र के आधार पर हमने तीन सवाल पूछे थे:1. यह रेलवे स्टेशन किस लाइन पर स्थित है? – (50,49,48,… अंक) इसका सही उत्तर है – यह स्टेशन
 
नीरज जाट जी
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देहरादून से हनुमानचट्टी

अभी तक आपने पढा कि मैं केदारनाथ के लिये चला था। रास्ते में बुद्धि फिर गयी और मैं यमुनोत्री जाने लगा। देहरादून से बडकोट जाने वाली आखिरी बस निकल गयी थी। अब मैने प्रेस की गाडी से जाने का इरादा बनाया। यह पटेल नगर से रात को बारह बजे चलती है। इसमें वैसे तो
 
नीरज जाट जी
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केदारनाथ और फिर यमुनोत्री

अप्रैल 2010 की 18 तारीख को रात को दस बजे से अगले दिन छह बजे तक मेरी नाइट शिफ्ट की ड्यूटी थी। इस नाइट का मतलब था कि 19 को फ्री, 20 का मेरा साप्ताहिक अवकाश था और 21 तथा 22 की मैने ले ली छुट्टी; देखा जाये तो कितने दिन हो गये? चार दिन। ये चार दिन घुमक्कडी
 
नीरज जाट जी
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जाट पहेली- 1

सभी को यह जानकर अति हर्ष होगा कि जाट पहेली को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इससे पहले मुसाफिर जाट की पहेली की आठ किश्तें छप चुकी है, लेकिन समय अभाव की वजह से बन्द करनी पड गई थी।इस नये संस्करण मे पुराने संस्करण के मुकाबले कुछ बदलाव किये जा रहे हैं। पुराने
 
नीरज जाट जी
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तीन धर्मों की त्रिवेणी – रिवालसर झील

हिमाचल प्रदेश के मण्डी जिले में मण्डी से लगभग 25 किलोमीटर दूर एक झील है – रिवालसर झील। यह चारों ओर पहाडों से घिरी एक छोटी सी खूबसूरत झील है। इसकी हिन्दुओं, सिक्खों और बौद्धों के लिये बडी ही महिमा है। महिमा बाद में सुनायेंगे, पहले वहां पहुंचने का इन्तजाम
 
नीरज जाट जी
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चण्डीगढ का गुलाब उद्यान

छोटा सा चण्डीगढ और इतिहास भी कुछ खास नहीं; लेकिन देखने लायक-घूमने लायक इतना कुछ कि मन थकता नहीं है। यहां अपने कुछ घण्टों के प्रवास में हम रॉक गार्डन में घूम आये, सुखना झील देख ली, अब चलते हैं गुलाब उद्यान (ROSE GARDEN) की तरफ। इसका पूरा नाम है ज़ाकिर
 
नीरज जाट जी
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चण्डीगढ की शान – सुखना झील

पिछली बार हमने आपको चण्डीगढ के रॉक गार्डन में घुमाया था। इसके पास में ही है सुखना झील। पास में मतलब एक डेढ किलोमीटर दूर। मैं तो पैदल ही चला गया था। चण्डीगढ की यही तो बात अच्छी लगती है। एक तो चौडी-चौडी सडकें हैं, अभी ट्रैफिक भी ज्यादा नहीं है, फिर सडकों
 
नीरज मुसाफिर जाट
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आज हमारा घर देखिये

यह पोस्ट अपने तय समय से कुछ विलम्ब से छप रही है। क्योंकि नीचे दिये गये ज्यादातर फोटू होली पर खींचे गये थे। उस समय खेतों में बहार आयी हुई थी, सरसों मस्ती मार रही थी। अब तो सरसों अपने पकने के दौर में चल रही है। लेकिन फिर भी देर से ही सही।मेरे गांव का नाम
 
नीरज मुसाफिर जाट
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रॉक गार्डन, चण्डीगढ

चण्डीगढ जाना तो कई बार हुआ; शिमला गया, तो चण्डीगढ; धर्मशाला गया, तो चण्डीगढ; सोलन गया, तो चण्डीगढ; एकाध बार ऐसे-वैसे भी चला गया था। लेकिन चण्डीगढ ही नहीं देख पाया। इस बार पक्का मूड बना लिया चण्डीगढ जाने का। अपनी नौकरी भी तो ऐसी है कि तीन शिफ्ट की ड्यूटी
 
नीरज मुसाफिर जाट
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब

यह गुरुद्वारा उत्तराखण्ड राज्य के ऊधमसिंहनगर जिले में स्थित है। जिले के बिल्कुल बीच में है जिला मुख्यालय और प्रमुख नगर रुद्रपुर। यहां से एक सडक किच्छा, सितारगंज होते हुए खटीमा और आगे टनकपुर जाती है। सितारगंज और खटीमा के बीच में है नानकमत्ता। मैं जब खटीमा
 
नीरज मुसाफिर जाट
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बुखार में होली

आज बहुत दिन बाद लिखने बैठा हूँ। अब स्वास्थ्य ठीक है। असल में हुआ ये था कि होली की छुट्टियों में अल्मोडा की तरफ कहीं जाने का इरादा था। लेकिन ऐन टाइम पर बुखार चढ गया। बुखार से पहले नाक बही, खांसी हुई। नाक ठीक हो गयी, बुखार ठीक हो गया। खांसी अब भी है। जब भी
 
नीरज मुसाफिर जाट
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पूर्णागिरी – जहाँ सती की नाभि गिरी थी

वो किस्सा तो सभी को पता ही है – अरे वो ही, शिवजी-सती-दक्ष वाला। सती ने जब आत्महत्या कर ली, तो शिवजी ने उनकी अन्त्येष्टि तो की नहीं, बल्कि भारत भ्रमण पर ले गये। फिर क्या हुआ, कि विष्णु ने चक्र से सती की ’अन्त्येष्टी’ कर दी। कोई कहता है कि 51 टुकडे किये,
 
नीरज मुसाफिर जाट
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सलीपले, सलीपले, डोगणी

1. एक बेर जाट विदेश तै आया, अर आके बोल्या –“मैं एक रिसर्च करके आया सूं।” सारे डाक्टर कट्ठे कर लिये अर कहण लाग्या के आ ज्याओ, थमनै दिखाऊं। फेर एक काकरोच की टांग तोड के मेज पै छोड दिया अर उस तै बोल्या –“चल भाई चल।”काकरोच चल पडा।फेर दूसरी टांग तोड दी। वो
 
नीरज मुसाफिर जाट
Feb 22 2010 07:00 AM
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माता वैष्णों देवी दर्शन

जम्मू पहुँचे, कटरा पहुँचे, पर्ची कटाई, जयकारा लगाया और शुरू कर दी चढाई। चौदह किलोमीटर की पैदल चढाई। दो किलोमीटर के बाद बाणगंगा पुल है। यहाँ चेकपोस्ट भी है। सभी यात्रियों की गहन सुरक्षा जांच होती है। पर्ची की चेकिंग भी यहीं होती है। वैसे तो कटरा से
 
नीरज मुसाफिर जाट
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रोहतक का चिड़ियाघर और तिलयार झील

आज पहली बार हरियाणा के पर्यटन स्थल के बारे में बताते हैं। शुरूआत करते हैं रोहतक से। रोहतक दिल्ली से मात्र सत्तर किलोमीटर पश्चिम में है। दिल्ली-फिरोजपुर रेल लाइन पर स्थित एक जंक्शन है। रोहतक का सबसे प्रसिद्द मटरगश्ती केंद्र है - तिलयार झील। यह एक कृत्रिम
 
नीरज मुसाफिर जाट
Feb 18 2010 09:38 AM
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शिव का स्थान है - शिवखोडी

एक बार की बात है। एक असुर था- भस्मासुर। उसने शिवजी से वरदान ले लिया था कि वो जिसके सिर पर भी हाथ रखेगा, भस्म हो जायेगा। इसका पहला प्रयोग उसने शिवजी पर ही करना चाहा। शिवजी की जब जान पर बन आयी तो शिवजी जान बचाकर दौडे। लेकिन भस्मासुर भी कोई लंगडा नही था,
 
नीरज मुसाफिर जाट
Feb 15 2010 07:00 AM
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जम्मू से कटरा

उस दिन जम्मू मेल करीब एक घण्टे देरी से जम्मू पहुँची। यह गाडी आगे ऊधमपुर भी जाती है। मैने प्रस्ताव रखा कि ऊधमपुर ही चलते हैं, वहाँ से कटरा चले जायेंगे। लेकिन प्रस्ताव पारित होने से पहले ही गिर गया। यह 27 दिसम्बर 2009 की सुबह थी। जाडों में कहीं जाने की यही
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जय माता दी - जम्मू पहुंचे

वैष्णों देवी गए और फिर आये, आते ही एक शुभ काम हो गया। खैर, मेरे साथ अभी तक आप जम्मू मेल से सफ़र कर रहे हो, पानीपत से निकलते ही खर्राटे भरने लगे हो। जागने पर क्या हुआ, ये बताऊंगा मैं बाद में, पहले एक खुशखबरी। हमने एक कंप्यूटर खरीद लिया है। अपनी खाट पर
 
नीरज जाट जी
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भारत में नैरो गेज

भारत में ज्यादातर रेल लाइन ब्रॉड गेज में है। जो नहीं हैं, उन्हे भी ब्रॉड गेज में बदला जा रहा है। जो नई लाइनें बन रही हैं, वे भी ब्रॉड गेज में ही हैं। धीरे-धीरे मीटर गेज की सभी लाइनों को ब्रॉड में बदल दिया जायेगा। जैसे कि अभी पिछले साल रेवाडी-रींगस-फुलेरा
 
नीरज जाट जी
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चलूँ, बुलावा आया है

पुरानी दिल्ली के स्टेशन से रात को नौ बजे एक ट्रेन चलती है- जम्मू के लिए (4033 जम्मू मेल)। शुरूआती दिमाग तो रोहित ने ही लगाया था। दिवाली पर ही कह दिया था कि दिसम्बर में वैष्णों देवी चलेंगे। तभी मैंने एकदम रिजर्वेशन करा लिया कि कहीं रोहित बाद में मना ना कर
 
नीरज जाट जी
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जम्मू-ऊधमपुर रेल लाइन

2009 के आखिर में वैष्णों देवी के दर्शन करने जम्मू गया तो वापसी में कटरा से सीधा ऊधमपुर पहुँच गया। वहां से दोपहर बाद जम्मू जाने के लिए एक पैसेंजर ट्रेन पकड़ी। इस मार्ग पर सफ़र करके दिमाग में आया कि वैष्णों देवी का यात्रा वृत्तान्त तो होता रहेगा, पहले
 
नीरज जाट जी
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2009: मेरे अपने आंकड़े

पिछले साल इन दिनों में ही तय हो गया था कि मेरी बदली हरिद्वार से दिल्ली होने वाली है। इसलिए जनवरी का महीना काफी उथल-पुथल भरा रहा। जनवरी में ही इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट हुआ। फ़रवरी शुरू होते-होते सरकारी नौकरी भी लग गयी। नौकरी क्या लगी, बड़े बड़े पंख लग
 
नीरज जाट जी
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दिल्ली मेट्रो - कुछ अनोखे अनुभव

दिल्ली में आये हुए एक साल होने को है, लेकिन इस दौरान कभी दिल्ली के बारे में नहीं लिखा। पिछले साल जब हरिद्वार में था तो वहां के बारे में खूब लिखा करता था। यहाँ तक कि एक बार तो हरिद्वार-ऋषिकेश की प्रशानिक सच्चाई लिख डाली थी जो कि आज भी मेरी सबसे ज्यादा
 
नीरज जाट जी
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चलो बुलावा आया है

इस साल के आखिर में जम्मू जा रहा हूँ। माता वैष्णों देवी का बुलावा आ ही गया है। दिल्ली से 26 दिसम्बर की रात नौ बजे एक ट्रेन चलती है - जम्मू मेल (4033)। मेरा साथ देंगे - रोहित चौधरी और रामबाबू। मुझे और रोहित को तो समय की कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन रामबाब
 
नीरज जाट जी