बीच-बजार's Image

बीच-बजार

http://beech-bazaar.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
31 Dec 2009
कुल प्रविष्टियां
16
पाठक भेजे
186
पसंद
5
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
11.63
पसंद करें
0
नापसंद करें

नया साल २०१० मुबारक

काश कि ऐसा हो....पृथ्वी कोओढ़ाएं फिरहरी ओढ़नी,शुद्ध हवा मेंले पाएं हमखुलकर साँस,गाँव, शहरऔर कारखाने केमैलों सेहो मुक्त नदीपूरी हो जाएमन की आस।पशु हमारेमन में नहींजंगल में पनपे,सत्य, स्वदेशीस्वाभिमान सेभारत माँ कामाथा दमके।दूर गुलामी केहो जाएंसंस्कार
 
parag mandle
Dec 31 2009 02:20 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मुंबई का मंतव्य

मुंबई में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के ढाई दिनों में जो कुछ भी हुआ, उससे क्या निष्कर्ष निकलता है? शायद देश के अधिकांश लोग इस बात से सहमत न हो, मगर विडंबना यह है कि सच किसी सहमति का मोहताज नहीं होता और दुर्भाग्य से कटु सत्य यह है कि इन ढाई दिनों के
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

हिंदुओं की दुर्दशा की कारण-मीमांसा

कानून कहता है कि जब तक किसी पर आरोप साबित नहीं हो जाएं, उसे निर्दोष मानना चाहिए। इस कसौटी पर साध्वी प्रज्ञा भी फिलहाल दोषी नहीं कही जा सकती। इस बात से कोई भी व्यक्ति, जिसके अपने पूर्वाग्रह न हों, इंकार नहीं करेगा। इस पूरे मामले के पीछे आगामी चुनावों
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

आतंकी प्रवृत्ति और हिंदू

वोट बैंक की खातिर धर्मनिरपेक्षता का ढोल पीटने वाले बल्लियों उछल रहे हैं। धर्म को राजनीति का मोहरा बनाकर सत्ता की रोटियां सेंकने की कोशिश करने वाले बगले झाँक रहे हैं। अब तक धर्म के आधार पर आतंकवाद के प्रति सहानुभूति का आरोप झेलने वाले और अपने राष्ट्रप
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मीडिया मेहरबान तो राज पहलवान

इसे हमारे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की मुर्खता कहा जाए या फिर मजबूरी।जो राज ठाकरे दिन-रात हिन्दी-अंग्रेजी टीवी चैनलों को गालियां देते हैं, बेइज्जत करते हैं, वे ही चैनल राज की गिरफ्तारी की ख़बर दिन भर दिखाकर राज ठाकरे को मुफ्त की पब्लिसिटी दे रहे हैं। यह क्
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरे जीवन में धर्म का महत्व

यहाँ सबसे पहले यह स्पष्ट कर लिया जाना जरूरी है कि धर्म से तात्पर्य क्या है? एक धर्म वह, जिसे हम धारण करने के अर्थ में लेते हैं और जिसके आधार पर 'धर्मनिरपेक्षता` असंभव-सी चीज दिखायी देती है, दूसरा अंग्रेजी के शब्द रिलीजन के अर्थ में। मुझे लगता है कि य
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

`पशु-तत्त्व' का मूल प्रश्न

तो माकपा के पोलित ब्यूरो की पहली महिला सदस्य और माकपा प्रमुख प्रकाश करात की पत्नी वृंदा करात ने चर्चा में आने के लिए सटीक निशाना लगा ही लिया। कुछ लोग चर्चा में आने के लिए, बने रहने के लिए कोई न कोई जुगाड़ खोजने में लगे रहते हैं। ऐसे लोग उस वर्ग का प्
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

चोरी और सीनाजोरी

चोरी और ऊपर से सीनाजोरी शायद इसी को कहते हैं। भ्रष्टाचार की गंदगी से लोकतंत्र की संसद रूपी गंगा को गंदे नाले में बदलने वाले और उनके सहयोगी, बजाए अपने कुकृत्यों पर शर्मिंदा होकर चुल्लू भर पानी में डूब मरने का उपाय करने के मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन में न
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

संसद में सवाल

कबीरा बेचारा, औट रहा था बैठे-बैठे कपास कि बगल में रहने वाला रामलाल दौड़ा चला आया. चेहरा रुआंसा-सा हो रहा था. पूछा कबीरे ने कि भैया रामलाल क्या बात है, इस तरह मुंह क्यों लटकाए हुए हो? रामलाल बोला, भाई कबीरे, मैं संसद में एक सवाल पूछवाना चाहता हूं. आश्च
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

सनसनी का दुष्परिणाम

टीआरपी की दौड़ में आगे रहने की हड़बड़ी में इलेक्ट्रानिक मीडिया अपनी सारी हदें पार करता जा रहा है. कोई सनसनी का दामन थामे हुए है तो किसी ने क्राइम रिपोर्टर को अपना तारणहार बनाया हुआ है, वहीं कोई प्राइम टाइम में मेट्रो एफआईआर दिखा रहा है. सामाजिक सरोकारों
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुखिया दास कबीर

मोह नहीं या बैर नहीं पर बांटे सबकी पीर बीच-बज़ार आ खड़ा हुआ, दुखिया दास कबीर. कर सकता है कोई सवाल कि क्यों आ खड़ा हुआ कबीर, क्या हमने पीले चावल भेज कर न्यौता दिया था? फ़िर क्यों चला आया भाई कबीरे, बिल्कुल उसी स्टाइल में जैसे हिन्दी फिल्मों की हीरोइन गाती
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

आयेगा कौन?

पतझड़ है पीले पत्ते हैं गर्म हवा है धूप बड़ी है होठों पर मुस्कान कुटिल लेकर यह तक़दीर खड़ी है सहमा-सा है एक गीत इसे संग मेरे अब गायेगा कौन? जीवन के इस मोड़ पे तन्हा खड़ा हूं, संग आयेगा कौन? - पराग khada kabira beech-bazaar na koi bair na koi pyaar
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बीच-बजार

उम्र भर का साथ था अजनबी फिर भी रहे. माशूका है मौत लेकिन ज़िंदगी फिर भी रहे. आंसुओं की हो झड़ी पर एक हंसी फिर भी रहे. रात-दिन तुझको मैं देखूं तिश्नगी फिर भी रहे. - पराग khada kabira beech-bazaar na koi bair na koi pyaar
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बीच-बजार

बीच गमों के हो इक आशा जीवन है इतना सीधा-सा. दुख लाखों भी सह लेंगे हम प्यार करे कोई थोड़ा-सा. khada kabira beech-bazaar na koi bair na koi pyaar
 
parag mandle
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
3
नापसंद करें

यह कैसी जय है?

जय हो का शोर इस समय सारे भारत में गूंज रहा है। ए.आर. रहमान के रूप में भारत को एक ऐसी प्रतिभा हासिल है जो अपनी चमक निसंदिग्ध रूप से सारी दुनिया में बिखेर रहा है। भारत के संगीतकार को, गीतकार को, टैक्नीशियन को ऑस्कर मिला, इस बात की खुशी हम सबको है और हो
 
parag mandle