dream of our life's Image
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31 Dec 2009
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तो खुद को पाती हूं ठगा हुआ

क्यूं परिपक्वता को बचपन की दहलीज पर कदम रखने से रोका मैंने? क्यूं दी जीवन की आहूति किसी गैर के आशियाने में ? आज वो नहीं आया अपनी खुशियों में बुलाने मुझे बस छोड़ गया ठगा हुआ मुझे मेरे अश्कों के साथ खोखले आशियाने में देखती हूं किसी की डोली उठते तो अहसा
 
wo bhor ki nanhi kiran
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क्या यही है बिहार का आइना ?

जवाब दो बिहार कहां है खामिया सोच में या फिर परंपराओं में, क्यों बनी है ऐसी तस्वीर तुम्हारी पूरा देश पूछता है सवाल क्यों बिहारी घरेलू हिंसा में सबसे आगे..... घरेलू हिंसा में सबसे आगे हैं बिहारी वो रिक्शा चालक हो या कोई ऊंची पोस्ट पर बैठा अधिकारी या फि
 
wo bhor ki nanhi kiran
Dec 29 2009 12:03 PM
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वो मासूम

कहां से शुरू करूं कब से..... ट्रेन का लंबा सफर और वो बिल्कुल अकेली बैठी खिड़कियों से बाहर टकटकी लगाए उन तेजी से पीछे भागते पेड़ों को निहारे जा रही थी। शायद वो उन्हें देखकर भी नहीं देख पा रही थी, क्योंकि वो वहां मौजूद जरूर थी पर वहां थी नहीं। जैसे मान
 
wo bhor ki nanhi kiran
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dream of our life

 
wo bhor ki nanhi kiran
Oct 19 2008 06:17 PM