कल कुछ खरीददारी के सिलसिले में एक माल गया था वहां एक लिफ्ट के पास बोर्ड लगा था....जिसपर कुछ लिखा था...वो जानकारी फ्लोर्स पर लिफ्ट द्वारा जाने के लिए थी...पर मुझे उस बोर्ड में कुछ और जानकारी भी समझ आई ... उस बोर्ड कि फोटो के साथ वो लिख रहा हूँ। सबसे पहले
विश्वास है इसमें कुछ खास है!!!!!!!!!!!क्या आप में से किसी ने जे के सिमेंट का विज्ञापन देखा? कोई समझा सकता है उसमे बिकनी पहनी लड़की और समुद्र से निकलने से सीमेंट की खासियत का पता कैसे लगता है... न जाने किस विज्ञापन गुरु ने डिजाईन का किया है?कृपया किसी को
पूरे देश में आतंकवाद अपने चरम पर है और मीडिया इस जघन्य अपराध को लोगो तक बड़ी तन्मयता से पहुंचाती है लेकिन भारत की सम्पूर्ण मीडिया आतंकवाद का घिनौना चेहरा दिखने के साथ साथ अपरोक्ष रूप से आतंकवाद का समर्थन करने वाले राजनेताओं को आपने पत्र या टी वी चैनल
नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है, मुट्ठी में है तकदीर हमारी....... एक पुरानी भारतीय फ़िल्म का ये गीत भारत के बच्चों पर ही फिट नही बैठता। क्योंकि इनके हाथ की लकीरे किसी रेस्तरां में बर्तन धुलते धुलते घिस गई हैं या किसी गैराज आदि पर काम करते
न जाने क्यूँ काफ़ी दिनों से जितने भी इस्लाम को बचाने के नाम पर आतंकवाद फैलाने वाले समूह ( जिनके मुताबिक वो लोगों को इस्लाम से जोड़ने के लिए प्रयास कर रहे है, इस्लाम अन्य धर्मों के तुलना में सबसे बड़ा है जैसे नेक काम के लिए ये काम कर रहे) हैं से एक बा
धमाकों ने देश हिलाया नदियों ने भी कहर ढाया न जाने कितने अनाथ हुए और कितने मांगे उजड़ गईं उन उजड़ी मांगो के सामने पूजा कर तिलक लगाता कैसे आखिर मैं दिवाली मनाता कैसे सहमी हुई साँसों को लिए टूटे सपने टूटी आशायें भरी उन घबराई पथराई सी आँखों को इस आसमान मे
हिंदुस्तान अखबार में छपी ये खबर की क्लिप देश में पानी की स्थिति को दर्शा रही है..... आप सबसे अनुरोध है कि पानी को बचने के लिए अपने घर से और खुद से शुरुआत करे और इस तरह के आंकड़ों को पानी बर्बाद करने वालों को ज़रूर पढाये.......
राजू श्रीवास्तव और भारतीय जनता पार्टी में एक समानता है...... भारतीय जनता पार्टी के बारे में तो पहले से पता था की उसका वोट बैंक तो अच्छा खासा है पर वो चुनाव के दिन वोट देने नही जाता क्योंकि उसे और काम ज़्यादा ज़रूरी लगते हैं... कुछ येही अपने राजू भाई
जाओ जो लौट के तुम घर हो खुशी से भरा, बस इतना याद रहे एक साथी और भी था!!!!!! ये लाइन सुनकर मैं बड़ा भावुक हो गया था... पर इन्हे कितना लोग समझेंगे जब अपने जिंदा साथी की किसी ने सुध नही ली.... खैर ये क्यों कहा मैंने ये देखे लखनऊ के आई टी churahe से गुज़
एक से या अनेक से पर कंडोम से ! आप लोग चौंक गए अरे ये मैंने क्या लिख दिया या ये मैं क्या कह रहा हूँ या लगता है विशाल आज पागल हो गया। ऐसा मत सोचियेगा क्योंकि ये मेरा संदेश नही है। कुछ दिनों पहले मैंने एक प्रचार गाड़ी को देखा तो रक्षक कंपनी कंडोम का प्रच
मुझे मारने के लिए बल्ले की ज़रूरत नही पड़ती मेरे हाथ ही काफी हैं ।" ये बातें हफी की हैं एक ऐसा इंसान जो अपने उसूलों से समझौता नही करता था। वो आई एच एम् के उन ज्यादातर लोगों की तरह नही था जो शराब और नशे में मशगूल रहते हैं। वो ६ फुट २ इंच का लड़का अपने प
आज मेरे शहर में बारिश हो रही थी ऑफिस से लौटते वक्त कुछ याद हैं और रास्ते में कुछ लाइन दिमाग में आई वोही लिख रहा हूँ... शुरू की २ लाइंस किसी और की है वो भी ढंग से याद नही aur लिखने walo का नाम भी नही याद। आगे की लाइंस मेरी है। अगर अच्छा लगे तो कमेन्ट
होमोसेक्सुअल संस्कृति पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद जो बहस देश में छिडी है वो लाजिमी है। कई न्यूज़ चैनल्स पर इस मुद्दे पर बहस चल रही है। सभी धर्मो के धर्म गुरु कोर्ट के फैसले से सहमत नही। कई सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर भी होमोसेक्सुअल के
सविता भाभी एक जाना माना नाम। ये हाल में चर्चा में आया इससे पहले मैं इस नाम से वाकिफ नही था। ये बताने की ज़रूरत नही की ये एक पॉर्न कार्टून कॉमिक चरित्र है। कभी कभी मीडिया कुछ ऐसी गलतिया कर जाती है की क्या कहा जाए जो साईट अभी तक काफ़ी लोगो ने देखी नही थ
टोड ने एक साँप को खा लिया वो भी वाइपर जाति के जो ज़हरीली होती है। लोस एंजेलिस के निक फोकोमेलिया बीमारी से ग्रसित हैं फ़िर भी तैरते हैं, गोल्फ खेलते हैं, फुटबॉल खेलते हैं। ये दो खबरें अजीब हैं और अच्छी भी। पर एक और अजीब ख़बर है मेरे हिसाब से जो अच्छी न
डाक्टर भगवान समान होते हैं। ये सुना होगा अपने। और आज डाक्टर्स डे है। अख़बारों में इस विषय पर जुड़ी कई खबरें हैं। कई डाक्टर्स ने कहा है कि मरीजों की मुफ्त सेवा करेंगे आदि आदि। कुछ अखबारों में लिखा है की अपने डाक्टर से बेहतर रिश्ते रखें और इस दिवस पर ब
कभी कभी सोचता हूँ कि अगर दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे की शूटिंग बिहार या उत्तर प्रदेश में होती तो क्या चलती हुई ट्रेन को पकड़ने के लिए भागती सिमरन (काजोल) और उसे देख कर अपनी ही अदा में हाथ निकल कर उसे चढाने की कोशिश करता राज (शाहरुख़ खान) का वो प्यार
अब वक्त आ गया है की हम निकाल फेके उन अपराधियों, भ्रष्ट नेताओं को जो अपना उल्लू सीधा करते हैं। अभी तक हम लोग सोचते हैं की किसको वोट दे सभी तो अपराधी हैं और हम वोट देने नही जाते कम वोटिंग होती है और लोग जीत जाते हैं। हमारा वोट देना न देना कोई मायने नही
हम में से काफी इस अधिकार के नारे में नही जानते। पर अब वक्त आ गया है की हम निकाल फेके उन अपराधियों, भ्रष्ट नेताओं को जो अपना उल्लू सीधा करते हैं। अभी तक हम लोग सोचते हैं की किसको वोट दे सभी तो अपराधी हैं और हम वोट देने नही जाते कम वोटिंग होती है और लो
आजकल टीवी पर एक विज्ञापन आ रहा है जो काफी बढ़िया है। वो है पेट्रोल और कुकिंग गैस बचाने का विज्ञापन। एक बच्चा अपने पापा से ट्रैफिक में रुकी कार में कहता है की साइकिल रिपयेर की दुकान खोलेगा। उसके पापा के चौंकने पर वो कहता जिस तरह से लोग पेट्रोल बरबाद क
एक नई मोटरसाइकिल का टीवी पर विज्ञापन पर देखा। महिलाओं के चरित्र पर विज्ञापन जगत का एक और हमला देखने को मिला। बैक देख कर एक लड़की अपने बेटी को दीदी की बेटी, एक अपने प्रेमी को भाई बना लेती है। सिर्फ़ उस नई मोटरसाइकिल वाले लड़के के लिए। क्या ऐसा होता है
हाल ही में श्री राम सेना के लोगों ने एक पब में कुछ लोगों की पिटाई की। ज़ाहिर से बात है उन्हें इस बात की आज़ादी संविधान ने नही दी। इस बारे में जानकारी मीडिया से ही प्राप्त हुई। और कल तक इस विषय पर लोगों की राय, नेताओं की राय, महिला समूहों की राय ली जा र
ओबामा बाहर आ रहे हैं। उनके चेहरे पर एक अजीब सा भावः है।जाने क्या सोच रहे हैं एक ऐसे देश की गद्दी सँभालने जा रहे है जो दुनिया को सबसे ताकतवर देश है और फिलहाल आर्थिक मंदी के दौर से गुज़र रहा है। बाहर आते ही उनमे वोही गर्मजोशी दिख रही जो चुनाव के दौरान
बचपन मासूम होता है, वो हारना नही जानता। वो जब हारता है तो दुखी होता है। और जब उसे हार का डर दिखाया जाता है तो उन पलों में उस पर जो गुज़रता है वो दर्द कोई बड़ा बचपन में जाकर ही सीख सकता है। पर टीवी सीरियल वाले अपने फायदे के लिए इस बचपन को बेच भी रहे ह
कल रात टीवी पर एक विज्ञापन देखा जिसमे एक टीवी अदाकारा और राजनीतिज्ञ महिला संदेश देती हैं कि शुद्ध पानी हर माँ की ज़िम्मेदारी है.... ये संदेश मुफ्त में नही था और आम जन मानस की जाग्रति के लिया नही था ये पैसे कमाने के उद्देश्य से था और एक वाटर प्योरीफायर
अपने प्यार को पाने उसे खुश रखने के लिए एक सीधा इन्सान क्या क्या नही करता किस तरह वो ख़ुद से लड़ता है? ये सब रब ने बना दी जोड़ी फ़िल्म में बखूबी निभाया गया। किस तरह वो प्यार को खुश रखने के लिए बदलता है पर अंत में वो चाहता है उसे प्यार उसी रूप में मिले