बकौल बेद's Image

बकौल बेद

http://bakaulbed.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
31 Dec 2009
कुल प्रविष्टियां
23
पाठक भेजे
758
पसंद
32
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
32.96
पसंद करें
0
नापसंद करें

सररर...र...र...र…

अभी होली आने में करीब-करीब एक सप्ताह बाकी है लेकिन मन है कि सररर...र...र...र......र कर रहा है। देखिए न! मानता ही नहीं है, कह रहा है जोगीरा सररर...र...र...र......र…। कमबख्त रुकने को कतई तैयार नहीं, पेले हुए है सररर...र...र...र…। सरसों के फूल, फल में ब
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

भयंकर टारगेट के बाद हत्या और हल्ला

ध्यान योग्य तथ्य--- यह सब बातें बिल्कुल नयी नहीं हैं। सब लोग इन्हें जानते हैं। टारगेट भयंकर होने पर कारिन्दा या तो हत्या कर देगा या आत्महत्या कर लेगा। मायावती की दुकान के कारिन्दे ने कुछ ऐसा ही किया। चूंकि कारिन्दा बाहुबली था इसलिए आत्महत्या की बजाय
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

गांव-शहर पर लम््बी टिप््पणी

मैंने यह टिप््पणी 'मोहल््ला' में लिखी। 'गांव रहने लायक हैं मगर किसके लिए...' पर अपनी राय दी। अब आप बताएं कि मुफ््त में इतनी लम््बी राय देना क््या जायज है। शहर में हर गली में ठगी और लूट है। दूकानदार और लोग बेतरह लूटते हैं, जानते हैं कि फिर भेंट नहीं ह
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

व्हेन आई टाक त आईअ टाक

आज आपको एक सच्ची लेकिन सुनी हुई मनोरंजक घटना सुना रहा हूँ। काशी हिन्दु विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र नेता अंग्रेजी के प्रति बहुत प्रतिबद्ध हैं। मान लीजिए कि उनका नाम बिन्दु राय है। एक बार एक वरिष्ठ दलीय नेता ने उनसे परिचय पूछा तो उन्होंने अपना परिच
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

२००६ की सर्वश्रेष्ठ कविता

मित्रों! एक अफ्रीकन बच्चे द्वारा लिखित कविता को यूएन ने वर्ष 2006 की सबसे अच्छी कविता घोषित किया। मुझे यह कविता एक वरिष्ठ पत्रकार ने मेल किया है। मैं चाहता हूं कि आप लोग भी इसका रसास्वादन करें--- The best poem of 2006 This poem was nominated by UN as
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

देश को शिवराज से और शिवराज को देश से...

गृह मंत्री को इस्तीफे के बाद त्वरित टिप्पणी शिवराज पाटिल को देश से और देश को शिवराज से फुर्सत मिल गई। परिणामस्वरूप दोनों तरफ खुशी का माहौल है। एक बड़े दु:ख के बाद देशवासियों को थोड़ी राहत मिली। सूखे कण्ठ को जल की दो बूंदें मिल गईं। सूत्रों ने सूचना द
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

आँख मारने का चलन अब नहीं रहा

आँख मारने का चलन अब नहीं रहा। यह एक किस्म की छेड़खानी थी। इसे आप प्रणय निवेदन भी कह सकते हैं। प्रेमिका के प्रति प्रेम के इजहार के लिए प्रेमी द्वारा सामान्यत: यह घटना की जाती थी। साधारणतया इसे प्रेमीजन ही आजमाते थे और प्रेमिका के इशारे का इन्तजार करते
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

खली की याद सताती है... (पुन: प्रकाशित)

मित्रों बैठे-बैठे बकवास हो गई तो उसे छाप दिया। कृपया पढ़कर अपनी राय से अवगत कराएं। बहुत दिन हुआ खली को देखे। मुझे उनकी याद सता रही है। भूत-प्रेत देखे भी बहुत दिन हुआ। राखी का दीदार हुए भी एक अरसा बीत गया। आकाश गंगा में हर क्षण होने वाले विस्फोट भी अब
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

प्यार तो पहली नजर में हो जाता है

यह तो बहुत बुरा हुआ। आतंकवाद के सिलसिले में अब हिन्दू भी धराने लगे। अपराध और आतंकवाद में फर्क है। आतंकवाद देश की सम्प्रभुता के विरुद्ध जंग है। वहीं, अपराध अपनी खीझ या आदत को सन्तुष्ट करने का तरीका। साध्वी ने खीझ मिटाई या हिन्दुस्तान की सम्प्रभुता पर
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

खली की याद सताती है...

मित्रों बैठे-बैठे बकवास हो गई तो उसे छाप दिया। कृपया पढ़कर अपनी राय से अवगत कराएं। बहुत दिन हुआ खली को देखे। मुझे उनकी याद सता रही है। भूत-प्रेत देखे भी बहुत दिन हुआ। राखी का दीदार हुए भी एक अरसा बीत गया। आकाश गंगा में हर क्षण होने वाले विस्फोट भी अब
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुखिया दास कबीर है...

देश में इस समय राजनीति का माहौल चकाचक है। 'नोट के बदले वोट कांड' एक बार फिर से गर्म है। करार के लिए बेकरार पीएम सफल होते जान पड़ रहे हैं। आतंकवादी अपने तरीके से होली-दिवाली मना रहे हैं। पक्ष और प्रतिपक्ष मुखर हैं। चुनाव सन्निकट हैं। दुन्दुभी बज चुकी
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बाबू बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया

बेचारे मजदूरों के बेचारे मजदूर मन्त्री ऑस्कर फर्नान्डिस एक बयान देकर फंस गए। माफी मांगते-मांगते बुरा हाल है। मजदूरों के मन्त्री की औकात भला कितनी हो सकती है। खजाना मन्त्री होते तो और बात होती। ग्रेटर नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में मजदूरों और प्रबन्
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

कितनी सहूलियत हो अगर आतंकवादी रोज विस्फोट करें!

देश की राजमंडली लकदक रहे तो कितना ठीक है। राजा साहिब बनाव-श्रृंगार नहीं करेंगे तो भला कौन करेगा, मेरा 'मंगरुआ'। गृह मन्त्री शिवराज पाटिल छैला बनकर नहीं घूमेंगे तो कौन घूमेगा। वैसे भी मुझको उनमें फिल्मी खलनायक अजीत या प्राण का अक्स नजर आता है। आप को अ
 
वेद रत्न शुक्ल
Dec 29 2009 11:55 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की। दुहाई डीह-काली-भगवती की। दुहाई टोनमत कालिका की। दुहाई चंवरिया माई की। दुहाई भैया और मैया की। दुहाई भारत और भारतीय संविधान की। मैं दलित मेरे बाप दलित, उनके बाप भी वही दलित और जाने कब से मेरा पूरा का पूरा कुनबा द
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की। दुहाई डीह-काली-भगवती की। दुहाई टोनमत-कालिका की। दुहाई चंवरिया माई की। दुहाई भैया और मैया की। दुहाई भारत और भारतीय संविधान की। मैं दलित मेरे बाप दलित, उनके बाप भी वही दलित और जाने कब से मेरा पूरा का पूरा कुनबा द
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
2
नापसंद करें

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की

दुहाई माई-बाप... धर्मावतार... सरकार की। दुहाई डीह-काली-भगवती की। दुहाई टोनमत-कालिका की। दुहाई चंवरिया माई की। दुहाई भैया और मैया की। दुहाई भारत और भारतीय संविधान की। मैं दलित मेरे बाप दलित, उनके बाप भी वही दलित और जाने कब से मेरा पूरा का पूरा कुनबा द
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
4
नापसंद करें

ब्लॉगवाणी: शंभु भये जगदीश

छोटी सी बात पर क्रोध उचित नहीं। कभी-कभी जो चीज हमारे लिए छोटी होती है वही चीज दूसरे के लिए बड़ी होती है। लेकिन जब सवाल एक बड़ी कम्युनिटी के हित का हो किसी भाषा(खासकर अपनी हिन्दी) और विचार-प्रवाह के हित का हो तो अपमान और लांछन के कड़वे घूंट को पी जाना
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
0
नापसंद करें

यही "है" और "थे" का तो अंतर है शौरी जी

बीजेपी से अरुण शौरी भी विदा होने वाले हैं। बड़ा जेनुइन मुद्दा उठाए। एकदम से डेमोक्रेटिक। वसुन्धरा राजे सिन्धिया और भुवनचन्द खंडूरी वाले मुद्दे पर बोले। बोले कि वसुन्धरा को इतने में से इतना का समर्थन हासिल है और खंडूरी साहब को इतने में से इतना का समर्थन
 
वेद रत्न शुक्ल
Aug 28 2009 02:02 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मादरे हिन््द के चेहरे पे अभी उदासी है वही

आजादी के दिन बस यही...कौन आजाद हुआकिसके माथे से सियाही छूटीमेरे दिल में अभी दर््द है महकूमी कामादरे हिन््द के चेहरे पे अभी उदासी है वही
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
0
नापसंद करें

पत्रकार भाई बारिश जानते ही नहीं!

कल देर रात टेलीविजन पर एक खबर देखी। बड़ी महत्वपूर्ण खबर चल रही थी। सूखे पर। शुरुआत में ही बताया गया कि बुआई का मौसम बीता जा रहा और बारिश नदारद है। मन खिन्न हो गया। भयंकर अकाल पड़ गया है तो मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से मन का खिन्न होना लाजिमी है। लेकिन
 
वेद रत्न शुक्ल
Aug 09 2009 01:32 PM
पसंद करें
2
नापसंद करें

भरी जवानी में ऐसा आराम!

मई की धड़कन बन्द होने वाली है। सूरज बेहद गुस्से में है। लेकिन मुझ पर कोई असर नहीं है। मेरा एसी चिन्तन चालू है। तमाम दुखों के साथ कुछ सुख भी मिल ही जाता है। मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि मैं एसी चिन्तन कर सकूं। लेकिन इस कमजोरी के बावजूद एसी चिन्तन
 
वेद रत्न शुक्ल
पसंद करें
6
नापसंद करें

आतंकवादी हमला और मेरा रात्रि जागरण

भोर में 4 बजे त्वरित टिप्पणी देश दहल गया। हिल गयी मुम्बई। हिल गया भारतीय जनमानस। शहीद हो गए हेमन्त करकरे। कई अन्य पुलिस अधिकारी और सिपाही भी युद्धक्षेत्र में शहीद हो गये। यह पूरी तरह से युद्ध है। सरकार और तमाम नेताओं को अब यह मान लेना चाहिए। रात दो ब
 
वेद रत्न शुक्ल