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जीवन् सफ़र

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01 Feb 2010
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एक आम आदमी व्यक्तित्व था जिनका खास

डां.डोमारसिंग मढ़रियाकुछ पल कुछ लम्हें जिन्दगी में ऐसे आते हैं,कि जैसे लगता है सब कुछ थम सा गया है| कहीं कोई हलचल नही और ऐसे पल तब आते है जब हम कोई अपना खो देते हैं|यहां अर्जेन्टीना आने के बाद जिन्होंने मुझे पिता सा प्यार दिया मेरे बड़े नन्दोई
 
संगीता-जीवन सफ़र
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जीवन् सफ़र

नमस्कार ब्लॉग की दूनीया में मेरा पहला कदम है/ मन की उडान आंसमा की हर उचाईयों को छूना चाहता है /कभी वो इसमें सफल होता है ,तो कभीं नही / इन सबसे दूर सहज और सरलता से देखे तो हमारा आंसमा हमारे ही आसपास याकहे हमारे ही अंदर है / केवल उस तक पहुचने की देर है
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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दुख--शोक--आक्रोश---------

प्रेरणा और चित्र नारी ब्लाग से आभार सहित| दुख---अपने देश के लोगों को खोने पर| --क्रूर अमानवियता पर| --इस क्रूर काली घट्ना पर| -- उस बेबसी पर जो इसे होने से पहले ही रोक ना सका| शोक--श्रध्दांजली उन शहिदों को जिन्होने अपने देश और देश के लोगों के लिये अप
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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भीगा-भीगा है मन----

जिंदगी के हर लम्हों में तैरती खुशियों के पलों में आज भीगा-भीगा है मन --- खूबसूरत आखों के समंदर में कैद यादों के भंवर में भीगा-भीगा है मन--- प्यार के इंद्रधनुषी रंगों की बौछार में भीगा-भीगा है मन--- वो जो सबसे गहरा रंग है अहसास का रिश्तों से हर पल से
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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टैगोर की शतवर्षीय काव्यदॄष्टि

गुरुदेव रविन्द्रनाथ की इस सुन्दर रचना के सुखद आंनद का स्पर्श हमारी तरह आप भी करिये- कौन हो तुम,सौ बरस बाद मेरी कवितायें पढ़ रहे हो? जहां मैं हूं, यहां के स्वर्गिक वसंत से एक फ़ूल भी तो तुम्हें भेज नही सकता! बादलों के परे से मैं एक स्वर्ण-रेख भी तुम्हे
 
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दीपकों की अवलि-दीपावली

महालक्ष्मी को सत-सत नमन करते हुये आप सभी को दीपावली की अनंत उज्जवल शुभकामनायें/हर साल की तरह ही इस बार भी दीपावली में सम्पूर्ण ऐश्वर्य और वैभवता अपने साथ लेकर आने वाली महालक्ष्मी का वंदन करें/दीपावली हमारे भारतीय हिन्दू-संस्कृति में वर्ष का सबसे बडा
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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19oct.argentina मे mothers day शुभकामनायें-felicidades

माँ बाँस की खुर्री खाट के ऊपर हर आहट पर कान धरे आधी सोई आधी जागी थकी दोपहरी जैसी माँ/ चिड़ियो के चहकार में गूँजे राधा मोहन अली-अली मुर्गे की आवाज़ से खुलती घर की कुण्डी जैसी माँ/ बीबी,बेटी,बहन,पड़ोसन थोड़ी-थोड़ी सी सबमें दिनभर इक रस्सी के ऊपर चलती नट
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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घूमती दुनिया-पैसे की धुरी पर

पृथ्वी अपनी धुरी पर धुमती है/और आज सारी दुनिया पैसे की धुरी पर घुम रही है/englishमे एक कहावत है- money is a matter of function f our a median ,a mea sure and standard and store।हिन्दी मे कहे तो धन का कार्य निम्न चार रूपों मे प्रकट होता है,जो इसतरह से
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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मौलिकता

हिन्दी के श्रेष्ठ साहित्यकार रामनारायण उपाध्याय मौलिकता को कुछ इस तरह से व्यक्त करते है-क्या यह नही हो सकता कि हम जैसे हैं,ठीक वैसे ही मिले और जो हम नही हैं,वैसा दिखने का प्रयत्न बंद कर दे ?जैसी सुखी रोटी तुम खाते हो,वैसी ही मुझे भी खिलाओ / जिस फटे ट
 
संगीता-जीवन सफ़र
Dec 29 2009 12:00 PM
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हम करें राष्ट्र का वंदन

Powered by eSnips.com हम करे राष्ट्र आराधन आराधन तन से मन से धन से तन-मन धन जीवन से हम करे राष्ट्र आराधान अंतर से मुख से कृति से निच्छल हो निर्मल मति से श्रद्धा से मस्तक-नत से हम करें राष्ट्र अभिवादन अभिवादनहम करें राष्ट्र आराधन...अपने हंसते शैशव से अपने
 
संगीता-जीवन सफ़र
Aug 14 2009 11:20 PM
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दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेन्टीना

कोई अकेला कहां है शुक्रिया ऐ दरख्त तेरा तेरी घनी छांव मेरे रस्ते की दिलकशीं है शुक्रिया ऐ चमकते सूरज तेरी चमक से मेरे आंगन में रोशनी है शुक्रिया ऐ चहकती चिडिया तेरे सुरों से मेरी खामोशी में नगमगी है पहाड मेरे लिये ही मौसम सजा रहा है- नदी का पानी हवा से
 
संगीता-जीवन सफ़र
Jul 24 2009 02:04 AM
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खूबसूरत अर्जेन्टीना

काफ़ी दिनों बाद कुछ लिखना हो रहा है|इतने दिनों से ब्लाग-जगत से गायब रहने का कारण भी खूबसूरत है|साल भर काम करने के बाद दिसम्बर-जन.और फ़रवरी यहां अर्जेन्टीना में छुट्टियों का दिन होता है|सो सैर-सपाटे में दिन कैसे बिता कुछ पता ही नही चला|नये साल में अर्जे
 
संगीता-जीवन सफ़र