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Immortal Things in Mortal Lives

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01 Jan 2010
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विश यू अ वैरी-वैरी हैप्पी न्यू इयर

Hi Friends,I wish you and this entire world a very-very happy, prosperous and tension free New Year 2010. May God bless His creation on this Earth with feeling of "Vishwa vasudhaiva kutumbkam".On this day, we would like to draw your kind attention
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Is Religion by Birth?

। That is why a person who behaves like a noble person at some particular moment, the same person behaves like an animal at some other moment. That is why we feel anger, express hate towards others and administer cruelty. So please forgive me for my
Dec 29 2009 11:51 AM
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WHERE BATTLE IS WON BY QUITTING THE BATTLEFIELD

। Whenever I am in a angry mood, she gives me the same treatment. I call this theory of mine as ABC theory. Alphabet A is used by me for avoiding the situation, B for bypassing the situation and C for conceding. I have been exercising this theory sin
Dec 29 2009 11:51 AM
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HOW DOES ALL THIS HAPPEN?

। People often wish others that their dreams may come true. Normally they use this sentence about somebody’s vision and achievement of such vision. If somebody’s vision is fulfilled, we say that his dream has been fulfilled. But in my own life, when
Dec 29 2009 11:51 AM
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खुशी

हम सभी के अन्दर खुशी से भरा एक घडा रहता है । और इस खुशी (happiness) भरे घडे (pitcher) से खुशी छलकाने का एक तरीका है कि उसमें एक छोटी सी खुशी डालो , उसमें भरी खुशी स्वतः छलक कर बाहर आ जायेगी और हमारे शरीर को खुशी से सराबोर कर देगी । मन हल्का फुल्का मह
Dec 29 2009 11:51 AM
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मेरा और आपका घनिष्टतम मित्र

क्या आपने कभी सोचा है कि मित्र और मित्रता शब्दों का हमारे जीवन में क्या अर्थ है ? आपके प्रति धनात्मक सोच रखने वाला कोई भी व्यक्ति जो आपके निकट है, आपका मित्र होता है। मित्र वह व्यक्ति होता है जिसके साथ आप अपने कृत्यों और रहस्यों को बाँट सकते हैं। किस
Dec 29 2009 11:51 AM
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मेरी प्रार्थना

मैं अपनी प्रार्थना का विश्लेषण करने पर इसे तीन भागों में विभक्त कर पाता हूँ । भगवान में आस्था एवं विश्वास (स्तुति) प्रार्थना के इस भाग के अंतर्गत हम सर्वशक्तिमान , सर्वविद्यमान का अस्तित्व स्वीकारते हैं , उस के अनेकानेक गुणों का बखान करते हैं । उसको
Dec 29 2009 11:51 AM
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भगवान की सर्वविद्यमानता

मैं नास्तिक हूँ किंतु इतना बड़ा नहीं कि राह में आए मंदिरों में भगवान् के अस्तित्व को नकार दूँ , साथ ही इतना बड़ा आस्तिक भी नहीं हूँ कि भगवान् को ढूढने के लिए मंदिरों की खोज में ही घूमा करुँ , क्यों कि मेरा अपना विश्वाश है कि भगवान् मंदिरों में ही नहीं
Dec 29 2009 11:51 AM
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मेरी चाहत

सुगंध भरी सबा जगाए हर प्रातः, आशा की किरन दे उषा की लालिमा मिले हिमालय से विश्वास अडिग पर्वत सा, गीता से ज्ञान मिले, मिट जाए सारी कालिमा भर दे सागर गहराई तेरे चिंतन में, तितलियाँ भरें नित नये रंग जीवन में रक्षक बनें दया और लज्जा तुम्हारे, बनें शील आभ
Dec 29 2009 11:51 AM
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मधुमास

उड़ी मलयानिल ले भीनी -भीनी सुरभित सुगंध, उतरा आँगन में सूरज बन आभा की प्रतिमा का प्रतीक । सिहरन भरी थिरकन चली घुल गई जीवन में मिठास, झुकी डालियाँ फूलों से उन्माद मरू में छा गया । प्रेममय उल्लासमय मधुमास ऐसा आ गया … अल्हड़पन ले सुबह से,खिल उठी मुस्कुरा
Dec 29 2009 11:51 AM
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ऐसा भी एक दीप जले

बहें बयारें शान्ति ज्ञान की, अन्धकार सब छंट जाए फट जाय तिमिर की काली चादर, जग प्रकाशमय हो जाए मलयानिल से आए सुरभित सुगंध, सौरभ जग में छा जाए छलके स्नेह अमिय की गागर, डगर प्यार की आ जाए AISA BHI EK DEEP JALE Bahein bayaarein shaanti gyaan ki, Andhkaar
Dec 29 2009 11:51 AM
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लक्ष्य

पाता है वही अपने लक्ष्य को , इरादा हो जिसका पथरायी आँखों सा . गहरायी हो अंतर्मन में सागर सी , भावना हो आदर्श के प्रति समर्पण की . लक्ष्य को चले जैसे कोई सुध बुध भूले , पागल सा चलता ही जाता है बेखबर . या चलता है जैसे कोई निद्रा में , अधसोए अधखोले नयनो
Dec 29 2009 11:51 AM
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ख्वाहिश

मैं आदमी हूँ इतनी सी ख्वाहिश है मेरी , कुछ करूँ कि आदमी से इंसान बन जाऊं मैं . लोगों को यहाँ गिरते देखा है , गिर कर फिर संभलते देखा है , ख्वाहिश है बस इतनी मेरी , नज़रों में अपनी ही न गिर जाऊं मैं . इस जहाँ में , ऐसे भी हैं नेक लोग , जो गिरों को उठात
Dec 29 2009 11:51 AM
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विखरे विचार

वो समझते हैं कि वो दुश्मन हैं मेरे , और , जख्मों पे मेरे नमक छिड़कने आए हैं वो , मैं समझता हूँ की कितना बड़ा है दिल उनका , दुशमन होके भी मेरा दर्द बांटने आए हैं वो । (२) मैं वागवां हूँ , चमन में मेरे कई गुल और भी हैं तुम्हारे लिए , न समझो जो गुल दिया
Dec 29 2009 11:51 AM
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खुशी

मानते हैं लोग यहाँ पूँजी का व्यापार होता है और पूँजी कमाने के लिए पूंजी लगानी होती है . मानना है उनका की खुशी भी एक पूँजी है,और, खुशी पाने को खुशी की पूँजी लगानी होती है, मैं मानता हूँ की खुशी एक जुआ है यहाँ , और , खुशी की चाहत में खुशी दांव पर लगानी
Dec 29 2009 11:51 AM
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बेरुखी

एक दिन था जब तुम दामन छुड़ाते थे औरों से सिर्फ़ मेरे लिए, एक दिन आज है कि तुम दामन छुड़ाते हो मुझसे औरों के लिए. शायद जब अपनों की ही बेरुखी से अपने को आहत पाते हैं लोग, छोड़ देते हैं साथ अपनों का अपने एक नया घर बसाते हैं लोग । BERUKHEE Ek din tha jab tu
Dec 29 2009 11:51 AM
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प्यार की प्यास

आओ पास बैठो प्यार की कोई बात करते हैं, खुशी के चन्द लमहों की तलाश करते हैं। तुम जो पास आते हो तो बहार आती है, और खुशुबू भरा प्यार बिखेर जाती है। प्यार में खामोशियाँ भी बोल उठती हैं, तनुहायियाँ भी सिमट कर रह जाती हैं। चलो ऐसी एक खुशनुमा शुरुआत करते है
Dec 29 2009 11:51 AM
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यादें

सजना संबरना फिर सामने शीशे के मुश्कराना, करना बातें अपनें से और फिर शर्म से लजाना। अवसर ढूँढना मुलाकातों के पर सामने कुछ कह न पाना, आए कैसा भी मुबारक दिन कोई शुभकामना संदेश लाना। याद में खोकर किसी की कई -कई रंगोलियाँ सजाना, छोड़ दे रंग भरी यादें तुम्ह
Dec 29 2009 11:51 AM
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मेरा प्यार

आती है याद तुम्हारी जब भी, शीशे में एक अक्स उतार लेता हूँ। निहारता हूँ तुम्हें अपलक फिर, आंखों के रास्ते दिल में उतार लेता हूँ। चाहता है दिल एक तस्वीर बनाने को जब, कनबस या कागज़ पर रंग बिखेर लेता हूँ। सपनों की दुनियाँ में खोकर जब, रोक नहीं पाता तुम्हा
Dec 29 2009 11:51 AM
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प्यार में शुभकामनाएं

ज्वाला तुम आदर्श की, मेरे मन की कल्पना हो, आभा शीतल चाँदनी सी, रूप की तुम अल्पना हो। पलकों में बोझिल सपनों सी, कवि की अराधना हो, प्रेम पिपासे चातकों की, एक टक तुम साधना हो। सत्य की साक्षात देवी, पुजारिन हो तुम दया की, स्वाभिमान सम्मान की, प्रतिमूर्ति
Dec 29 2009 11:51 AM
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Another Way to Acknowledge God

Have you ever looked on the lines of your palm and capillaries or ridges on thumb and fingers of your hand? They are unique. Some of us are well educated today and are capable of putting our signatures in different ways but, at several places we are
Jul 15 2009 08:44 AM
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MY SILLY THOUGHTS -3

People having perverse thinking may also commit mistakes unknowingly. When such people commit mistakes unknowingly, they do not agree that they have committed a mistake. In all other cases, people commit mistakes unknowingly. In those cases, they are
Jul 15 2009 08:39 AM
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MY SILLY THOUGHTS-2

(1)IF YOU EXPECT THAT OTHER PEOPLE SHOULD ADMIRE AND RESPECT YOU, YOU SHOULD PAY ATTENTION TO LIKINGS AND DISLIKINGS OF SUCH OTHER PEOPLE. YOU CANNOT EARN ADMIRATION AND COMMAND RESPECT FROM OTHERS BY THRUSTING UPON THEM YOUR OWN UNCOMMON AND UNCONCERNED
Jul 04 2009 12:33 PM
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NOBLE WAY OF PASSING LIESURE

Friends!Have you ever thought that for passing your leisure there can be a way which, apart from giving pleasure and happiness to you, can also provide happiness and pleasure to others too. If you have not thought in this direction till now, then would
Jun 21 2009 09:02 AM
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karmanyevadhikaraste ...

KARMANYEWADHIKARASTE ......GEETA IS NOT TO BE WORSHIPPED: IT IS TO BE CULTIVATED. It explains life, soul, duty, karam, gyan and so many other things and aspects which are closely related to our life. It can be read at any time, but to understand it, it
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MY SILLY THOUGHTS

[1]UNEXPRESSED THOUGHTS ARE LIKE STAGNATED WATER WHICH ALWAYS GETS POLLUTED. SO ALWAYS EXPRESS WHATEVER YOU THINK.[2]NEVER STOP A COMMUNICATION BECAUSE ONLY COMMUNICATION CAN BREAK THE SILENCE.
May 26 2009 10:14 AM