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विभूति-अनिमेष

http://vibhuti-animesh.blogspot.com/
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16 Jun 2010
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गर्मी की छुट्टियाँ...

गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म हो गयी..... कितना मज़ा आता है ना छुट्टियों में । हर बार तो हम छुट्टियों में जोधपुर जातें हैं (और वहां इतनी मस्ती करते हैं कि पूछो मत...) पर इस बार हम पूरी छुट्टियाँ बॉम्बे ही रहे..बल्लू मासी के पास। पुरु भाईसाहब प्रियं दीदी जोधपुर
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लागे रज, बधे गज

मिट्टी मिल गई तो मानो स्वर्ग मिल गया...कोई खिलौना, कोई दूसरा खेल, मिट्टी की बराबरी नहीं कर सकता ....उसके आगे टिक ही नहीं सकता। इसलिए मिट्टी में खेलने का कोई भी मौका हम छोड़ते ही नहीं हैं। ऊपर से मम्मा-पापा को कहते हुए भी सुन लिया, ' लागे रज, बधे गज'
Dec 29 2009 11:56 AM
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स्वीमिंग का पहला अनुभव

हमें स्वीमिंग का बहुत शौक चढ़ा हुआ था ( आज तक कभी की जो नही थी )। कब से मम्मा-पापा से जिद कर थे की हमें स्वीमिंग के लिए जाना है। घर में हवा में ही हाथ हिला-हिला कर मम्मा को कहती, ' देखो, मैं स्वीमिंग कर रही हूँ'। पर हर बार (यानी हर सन्डे) कोई न कोई का
Dec 29 2009 11:56 AM
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नन्ही परी और spider-man

आप सोच रहे होंगे कि इतने दिनों से हमने कुछ लिखा क्यों नहीं। दरअसल पिछले कुछ दिनों से हम दोनों को सर्दी, खांसी और बुखार हो रहा था। हम थोड़ा ठीक हुए तो मम्मा ने बताया कि chidren's day पर हम दोनों के स्कूल में 'fancy-dress' competition है। विभु जीजी बोली
Dec 29 2009 11:56 AM
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मैं हूँ ना......

मम्मा मिशु को [अनिमेष का मैंने प्यार से छोटा नाम ' मिशु' रक्खा है, मैं जब भी छोटे भैय्या को मिशु कह कर बुलाती हूँ तो अगर वह खुश होता है उसका मूड अच्छा होता है तो ' मिशु' सुन कर जवाब भी देता है और आता भी है और अगर उसका मूड कुछ ठीक नहीं है तो कह देता ह
Dec 29 2009 11:56 AM
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दीपावली की शुभकामनायें

पता है, इस बार दिवाली पर सारा काम हमने ही किया। पूजा की पूरी तैयारी से ले कर दीये लगाना , भगवानके फूल सजाना, अगरबत्ती लगाना, भोग लगाना और भोग लगते ही जल्दी से ख़ुद मिठाई....हमारा मतलब, प्रसाद खाना ( कबसे बैठकर इंतज़ार कर रहे थे, आख़िर मम्मा ने कहा, चल
Dec 29 2009 11:56 AM
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पाँव हिलाने से मम्मा बीमार होते हैं......

अभी कुछ दिन पहले जब विभु जीजी को डॉक्टर अंकल के पास दिखानेले गए तब हम सभी बाहर थोडी देर इंतज़ार कर रहे थे। वहां बाहर बैठे- बैठे मैं पाँव हिला रहा था। अचानक मम्मा ने मुझे पाँव हिलाते देखा और मुझे पाँव हिलाने से मना किया। मम्मा से पूछा, ' क्यों? पाँव क्
Dec 29 2009 11:56 AM
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पापा के ऑफिस में झूला

आज पापा के ऑफिस में दुर्गाष्टमी की पूजा थी.... पापा हमें भी अपने साथ ऑफिस ले गए .....आपको पता है हमने वहां पूजा के बाद क्या-क्या किया? वहां ऑफिस के चैंबर में जो white board था उस पर हमने चूहा बनाया, और वहां बैठे सब बड़े- बड़े scientist अंकल को हमने v
Dec 29 2009 11:56 AM
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मैं स्कूल युनिफोर्म में

सबसे पहले तो , प्रिन्स मामा को हमारी तरफ़ से HAPPY BIRTHDAY! प्रिन्स मामोसा बताइए तो हमारे लिए आज क्या स्पेशल है आपकी तरफ़ से? दरअसल कल तो नक्शु भाईसाहब का बर्थडे था। मम्मा तो कल ही हमारी तरफ़ से लिखने वाले थे पर हमने सोचा अब तो हम बड़े हो गए हैं तो
Dec 29 2009 11:56 AM
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विभु जीजी को chicken-pox

विभु जीजी को chicken - pox हो रहा है और वो सो रही है इसलिए आज तो मेरा राज है यहाँ ब्लॉग पर। मम्मा मुझे जीजी के साथ खेलने से रोकती है, कहती है,"जीजी बीमार है, उन्हें आराम करने दे ", पर जीजी तो मुझे आवाज दे कर बुला लेती है। मैं भी उनके पास खेलता रहता ह
Dec 29 2009 11:56 AM
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नानीमाँ का बर्थडे गिफ्ट

देखो तो अपना परिचय देने के चक्कर में हम आपको असली बात तो बताना भूल ही गए। दरअसल आज हमारी नानीमाँ का जन्मदिन है और यह ब्लॉग हमने उनको हमारी तरफ़ से गिफ्ट देने के लिए बनाया है। नानीमाँ अक्सर फ़ोन पर यह पूछती है की मेरे राज दुलारे, मेरी आखों के तारे , म
Dec 29 2009 11:56 AM
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ब्लॉग पर पहला दिन

आज हमारा ब्लॉग पर पहला दिन है।चलिए हम आपको अपना परिचय देते हैं।शुरू करते हैं कुश भाईसाहब द्वारा भेजे गए हमारे फोटोज से। कुश भाईसाहब को नहीं जानते? अरे , फिर तो लगता है आप मुंबई नहीं गए। मुंबई में हमारे लव- भाईसाहब , नक्शु भाईसाहब , बल्लू मौसी ( अनिमे
Dec 29 2009 11:56 AM
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क्या मुझे भी घर छोड़ कर जाना पड़ेगा...?

अभी कुछ ही दिन पहले मम्मा जब मुझे पढ़ा रहे थे तो हमेशा की तरह मन पढ़ाई में कम और दूसरी बातों की ओर ज्यादा था। मन कुछ उदास हो गया । मम्मा से पूछा , ' मम्मा, जब मैं बड़ी हो जाऊँगी तो क्या मुझे भी यह घर छोड़ कर जाना पड़ेगा। ' मम्मा ने पूछा , ' क्यों बेटा ?
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थोड़ी लड़ाई.... थोड़ा प्यार ......

आप सभी को दिवाली की शुभकामनाएँ। हमने तो दिवाली पर खूब मज़े किए, खूब पटाखे छोड़े ........ पूजा के बाद जब मम्मा फोटो खीचनें लगे तो थोडी लड़ाई भी की ..... लड़ाई इस बात की कि पहले फोटो किसका खिंचा जाए .... अकेले- अकेले का ....या ...साथ -साथ में .... मुझे पह
Oct 21 2009 09:31 AM
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मेरे retirement plans

कुछ दिनों पहले मम्मा शाम को एक पार्टी में जा रहे थे। चूंकि मुझे सुबह थोड़ा बुखार था इसलिए मेरे जिद करने पर भी मुझे साथ ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। मम्मा से पूछा, ' ये तो बताओ पार्टी किस बात की है?' मम्मा बोले कि उनके ऑफिस में एक अंकल retire हो रहे
Oct 14 2009 07:55 PM
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कन्याकुमारी से रामेश्वरम...

कन्याकुमारी से उसी दिन शाम को सूर्यास्त देखने के बाद हम रामेश्वरम के लिए रवाना हो गए। अगले दिन (२३/१२ को ) सुबह-सुबह हम रामेश्वरम ( चार धाम में से एक और शिवजी के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ) पहुँचे। नहा के तैयार हो कर हम मन्दिर गए और शिवलिंग के दर
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चेन्नई से कन्याकुमारी

अभी तो यात्रा कि शुरुआत थी.... चेन्नई से उसी दिन (यानि २१/१२) शाम को हम ट्रेन में कन्याकुमारी के लिए रवानाहो गए। अगले दिन सुबह-सुबह कन्याकुमारी। वहां होटल में पहले से ही बुकिंग थी। तैयार हो कर पूरे दिन कन्याकुमारी घुमे।मम्मा बता रही थी वहां तीन समुद्
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भूले तो नहीं ना.....

कितने दिन हो गए .....दिन क्या....महीने हो गए.... पर क्या करें ..किसी और पर पराश्रित रहने का यही अंजाम तो होता है। अभी हम छोटे हैं तब तक तो मम्मा को ही ध्यान रखना चाहिए ना..पर... । आपको आखिरी पोस्ट में बताया था की नानिमां आ रहे हैं। नानिमां, कर्नेल आं