Geet Gaata Chal's Image
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27 May 2010
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दिल क्यूँ ये मेरा कहे जिन्दगी दो पल की

आप कभी पतंगों के पीछे भागे हैं, मेरा मतलब उन पतंगों से नही जो दिये की लौ की तरफ भागते हैं बल्कि काईट से है यानि पतंगबाजी वाली पतंग। अगर कभी आपने पतंग उड़ायी हो तो मालूम ही होगा शुरू शुरू में अक्सर जैसे ही वो थोड़ा ऊँचा जाती थी तो कोई दूसरा अपनी पतंग [...]
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हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें

बालीवुड की फिल्मी दुनिया के कई ऐसे मधुर गीत हैं जो भूला बिसरा दिये गये हैं, किसी रेडियो स्टेशन या टेलीविजन के माध्यम से शायद ही सुनने को मिलते हैं। ऐसे ही एक गीत की बात आज कर रहे हैं जो 1965 में रीलिज फिल्म ऊँचे लोग से है। इस मधुर गीत को संगीतबध्द किया
Mar 05 2010 07:11 AM
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Holi: होली की मदहोशी आबिदा परवीन, शोभा गुर्टू और छन्नूलाल मिश्रा की आवाज के साथ

होली के अवसर पर लिखी इस पोस्ट में क्लासिकल और फिल्मी गीतों के द्वारा आनंद लेंगे होली की मस्ती का। अक्सर होली के आते ही फिजा में रेडियो और टेलिविजन के माध्यम से सुनायी पड़ते हैं होली के गीत। ये गीत मुख्यतया फिल्मी होते हैं और अक्सर चुनिंदा फिल्मों के वो
Feb 24 2010 08:40 AM
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वैलेंटाईन डे स्पेशियलः लव स्टोरी के लव में ट्विस्ट

एक बार फिर वही दिन, कहाँ से दिन शुरू हुआ कहाँ कहाँ फैल गया। आज के दिन कोई गुलाबी गुलाबी होकर घूमे तो कोई मुँह काला करके, विरोध का रंग काला ही होता है ना। युवाओं में बड़ा जोश होता है वैलेंटाईन डे मनाने का, वैसे ही जैसे अधजल गगरी की कहानी, अरे वो ही अधजल
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तुम्हारा इश्क इश्क और हमारा इश्क बच्चा है जी

याद है वो एक पुराना विज्ञापन जो टीवी में आता था जिसमें एक महिला अपने पति को कहती थी, अब तो बड़े बन जाईये। याद है वो टाईम जब आप को कहा जाता था, ये जिद वगैरह छोड़ो अब तुम बच्चे नही हो, बड़े हो गये हो या फिर ये बच्चों जैसी हरकतें छोड़ो और [...]
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सूरज जरा, आ पास आ, आज सपनों की रोटी पकायेंगे हम

संगीत किसी भी गीत की मधुरता के लिये चार चाँद लगाने का काम करता है, किसी भी गीत के कर्णप्रिय या मधुर होने का ज्यादातर श्रेय या तो संगीतकार को चला जाता है या इसके गाने वाले को। उस गीत को लिखने वाले का नाम बहुत कम ही लिया या याद किया जाता है। आज ये [...]
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एक प्यारा सा गाँव, जिसमें पीपल की छाँव

बहुत सालों पहले की बात है जब मैं छोटा था, जब सिर्फ दूरदर्शन होता था, जब टीवी प्रोग्राम सिर्फ कुछ घंटों के लिये आते थे। तब दो प्रोग्रामों के बीच में फिलर की तरह अलग अलग गायकों के गैर फिल्मी गीत और गजल बजते थे। उन्हीं में से एक थी राजेन्द्र मेहता और नी
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सावन की रिमझिम में थिरक थिरक नाचे रे मन्ना दा

मन्ना डे के गाये जितने मधुर फिल्मी गीत होते हैं उतने ही मधुर होते हैं नॉन फिल्मी गीत, अगर मेरी बात का विश्वास नही तो हाथ कंगन को आरसी क्या खुद ही इस गीत को सुनकर डिसाइड कर लीजिये। ये गीत किसी भी एंगिल से नॉन फिल्मी नही लगता लेकिन हकीकत यही है कि है। अगर
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पीतल की मेरी गागरी दिल्ली से मोल मंगायी रे

अफलातूनजी ने जब जयदेव का संगीत सुनाया तो मुझे ध्यान आया ये गीत, वैसे तो जयदेव साहब के संगीतबद्ध किये बहुत सारे मधुर गीत हैं लेकिन मुझे ये थोड़ा जुदा लगता है। ये गीत शायद बहुत कम लोगों ने सुना हो ये भी एक वजह है इसे सलेक्ट करने की। इस गीत को लिखा है कैफी
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चोर बजारी दो नैनों की और आज दिन चढिया यानि लव आजकल

आज यू-ट्यूब में कुछ ढूँढ रहा था तो पता चला कोई फिल्म आ रही है लव आजकल, थोड़ा इधर उधर चोर बजारी की तो इसके १-२ गाने काफी पसंद आये सुनने में। वैसे तो ज्यादातर गीतों में आजकल के युवा मूड की कैची, डांस टाईप धुन है जो पार्टी वगैरह के लिये परफेक्ट बैठती है
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मैं जहाँ रहूँ दिल को राहत देती राहत की आवाज

संगीत का जादू किस को मस्त नही कर देता लेकिन जब काम का बोझ ज्यादा हो और थकान उतारने के लिये संगीत सुना जाय तो ये मस्त नही करता बल्कि एक सुकून सा देता है। कम से कम मुझे तो ऐसा ही महसूस होता है, शाम से ही राहत फतेह अली खान को सुन रहा [...]
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गीत पहेली १० का उत्तरः सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना

पहेली हल करने की कोशिश सिर्फ ३ लोगों ने की इसलिये सोच रहा हूँ क्या गीत पहेली पूछने के लिये मुझे मेहनत करनी चाहिये या इसे बंद ही कर दूँ। पहेली का ठीक ठीक हल कोई नही बता पाया लेकिन महेन और अल्पना का निशाना टार्गेट से थोड़ा इधर-उधर हो गया। महेन ने गायिक
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पहेली क्रमांक १०: क्या आप इस गीत और इसे गाने वाले को पहचानते हैं?

इस बार काफी मुद्दतों बाद पहेली लेकर हाजिर हुआ हूँ, ये क्लिप सुनकर क्या आप बता सकते हैं कि ये कौन सा गीत है और इसे किन दो गायक/गायिकाओं ने गाया है? अगर समझ ना आये तो आसमान की तरफ ताकना क्या पता ऊपर वाला कुछ हिंट दे दे। ऊपर वाले के हिंट से पहले [...]
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लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना

मैं जब दिल्ली में था तो मैंने एक कैसेट बनायी थी जिसमें प्रेरणा देने वाले गानों को रिकार्ड करके रखा था फिर यहाँ आकर उन्होंने कंप्यूटर में अपनी जगह बना ली। ऐसे ही गीतों की खोज करने में मुझे एक गीत और मिला जो मैंने सुना जरूर था लेकिन जिसका मुझे बिल्कुल
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अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी - मन्ना डे की आवाज में

में रीलिज जिस फिल्म का ये गीत है वो तो मैं अब कह नही सकता लेकिन आप में से बहुत होंगे जिनके पास अभी भी ये मौका है कि वो कहें - मैं शादी करने चला। जी हाँ इसी फिल्म का ये गीत है, अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी, आवाज है वन एंड ओनली [...]
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माँ पर एक खुबसूरत गीतः उसको नही देखा हमने कभी

माँ पर लिखी कविताओं की चर्चा पढ़ते हुए माँ पर मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा गीत “उसको नही देखा हमने कभी, पर इसकी जरूरत क्या होगी, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी“, मुझे स्ट्राईक किया। जब मैं छोटा था तो ये गीत विविध भारती पर खूब
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सुनिये मन्ना डे और लता मंगेशकर का गाया गीत “शाम ढले जमुना किनारे”

जब मैं दिल्ली में था तब इस गीत को बहुत सुनता था, इस गीत को मन्ना दा ने इतनी मधुरता से गाया है कि बस सुनते जाओ और रिप्ले करते जाओ। राग खमाज (Khamaj) पर बेस्ड ये गीत है फिल्म पुष्पांजली से जो 1970 में रीलिज हुई थी। संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल न
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शर्मा बंधु को सुनियेः जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को

जब मैं छोटा था तब दूरदर्शन में अक्सर एक भजन बजता (सुनता) हुआ दिखायी देता, भजन की कुछ समझ ना होने के बावजूद भी वो सुनने में बहुत मधुर लगता था। आज अचानक फिर से सुना तो मन को वैसा ही सुकून मिला जैसे तपती दोपहरी में छावँ में खड़े होने पर या पानी की [...]
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सुनिये बालिका वधु का गीत: बड़े अच्छे लगते हैं, ये नदिया ये धरती, ये रैना और…

मैं टीवी वाली बालिका बधु नही बल्कि फिल्म वाली की बात कर रहा हूँ। 1976 में तरूण मजुमदार निर्देशित एक बहुत खुबसूरत फिल्म रीलिज हुई थी नाम था बालिका बधु, आजादी की लड़ाई को बैकग्राउंड रख ये बाल विवाह पर... Click on Story Title to Read More
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चंदन दास की आवाज में सुनियेः मैंने मुँह को कफन में छुपा जब लिया

आप में से अगर किसी को दूरदर्शन के जमाने की याद हो तो ये भी याद होगा कि उसमें अक्सर गाहे-बगाहे एक शख्स की महफिल जमती थी या कह लीजिये उसके गीत और गजल बजते थे। जी हाँ, सही पहचाना मैं चंदन दास की बात कर... Click on Story Title to Read More
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कुछ कमसुने और पुराने होली के गीत

फाग, फागुन, चोली, गोरी, राधा, नंदलाल, छैला, रंग, होली जैसे शब्द ही आजकल चारों तरफ फिजां में उमड़ घुमड़ रहे हैं। और इन्हीं शब्दों से भरे कुछ होली के गीतों को हम आप को सुना रहे हैं, ये वो गीत हैं जो... Click on Story Title to Read More
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मिर्जा गालिब १: हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे

अगली कुछ पोस्टों की श्रृंखला में बात करेंगे मिर्जा गालिब की, उनकी लिखी कुछ गजलों की, और सुनेंगे कुछ गजलें। मिर्जा गालिब के ऊपर वैसे तो पहले ही बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है लेकिन फिर भी अपनी तरफ से... Click on Story Title to Read More
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पहेली क्रमांक ९: क्या आप इस शख्स को पहचान सकते हैं?

३ मिनट की ये क्लिप सुनकर क्या आप बता सकते हैं कि आने वाली कुछ पोस्टों में हम किस का जिक्र करने जा रहे हैं? ये पहचान पाना कोई मुश्किल नही है, अगर आप जानते हैं ये क्लिप कहाँ से ली है तो समझ लीजिये आप... Click on Story Title to Read More
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एक चमेली के मंडवे तले, दो बदन प्यार की आग में जल गये

आज वी-डे के उपलक्ष्य में ये गीत सुनिये दो बिल्कुल जुदा अंदाज और संगीत के साथ, एक में फिल्मी गीत वाला अंदाज है तो दूसरे में गजल का। फर्क बस संगीत और गायकी का है, गीत के बोल और भाव वही हैं। “एक... Click on Story Title to Read More
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दिल विल ७: झिलमिल सितारों का आँगन होगा और एक तेरा साथ हमको

आज के ये दोनों गीत स्पेशल हैं, वजह? वजह थोड़ा खास है क्योंकि ये किसी को समर्पित हैं। प्यार से शुरू हुआ दिल विल का सफर विवाह तक पहुँचा। विवाह के बाद दो जिस्म एक जान हो जाते हैं, नये-नये ख्वाब सजाये जाते हैं। एक दूसरे के दुख दर्द और खुशी में हर पल साथ
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दिल विल ७: झिलमिल सितारों का आँगन होगा और एक तेरा साथ हमको

आज के ये दोनों गीत स्पेशल हैं, वजह? वजह थोड़ा खास है क्योंकि ये किसी को समर्पित हैं। प्यार से शुरू हुआ दिल विल का सफर विवाह तक पहुँचा। विवाह के बाद दो जिस्म एक जान हो जाते हैं, नये-नये ख्वाब सजाये... Click on Story Title to Read More
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एक नजरः म्यूजिक एलबम देहली ६ (साथ में सुनिये ससुराल गेंदा फूल)

देहली ६ का म्यूजिक एलबम ए आर रहमान, रजत ढोलकिया और प्रसून जोशी की एक मधुर और संगीतमय प्रस्तुति है जो शास्त्रीय, आधुनिक रॉक और लोक संगीत की त्रिवेणी का मजा देती है। रहमान की देहली ६ का संगीत, स्लमडॉग... Click on Story Title to Read More
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दिल विल ६: धानी चुनरी पहन सज के बन के दुल्हन

अभी तक मैं ६ विवाह के प्रकार बता चुका हूँ, आज बाकि बचे हुए दो विवाहों के बारे में बताता हूँ। ये दोनों प्रकार के विवाह समाज में अपराध के रूप में आते हैं। राक्षसा विवाह (Rakshasa Marriage), ये... Click on Story Title to Read More
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दिल विल ५: छुपा लो यूँ दिल में प्यार मेरा कि जैसे मंदिर में लौ दिये की

कल हमने तीन तरह के विवाहों की बात की थी, आज उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हैं और कुछ अन्य तरह के विवाहों पर नजर डालते हैं। प्रजापत्या विवाह (Prajapatya Marriage), इसमें लड़की का पिता लड़की और लड़के को... Click on Story Title to Read More
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दिल विल ४: धीरे धीरे मचल ऐ दिले बेकरार

पिछले एपिसोड में मैंने शादी के आठ प्रकार बताये थे, आज उनमें से कुछ के बारे में बताते हैं कि वो किस तरह के विवाह होते थे। ब्रहमा विवाह (Brahma Marriage), इसमें लड़की का पिता या गार्जियन लड़के को पसंद... Click on Story Title to Read More
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दिल विल ३: हमने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू

पिछले दो एपिसोड में हमने नजर डाली थी प्यारी की स्टाईल और प्यार की कैटेगरी पर। प्यार के बाद आता है शादी का नंबर, देखते हैं प्राचीन भारत में हिन्दू धर्म में कितने तरह से विवाह होते थे। कई लोग पहले आपस... Click on Story Title to Read More
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दिल विल प्यार व्यार - कुछ बातें कुछ गीत (एपिसोड २)

प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे जिंदगी के किसी ना किसी मुकाम में हर कोई महसूस करता है। उम्र के साथ साथ इसके मायने भले ही बदलते जाते हो लेकिन प्यार एक एहसास बन हमारे अंदर कहीं ना कहीं रहता ही है। फरवरी... Click on Story Title to Read More
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दिल विल प्यार व्यार - कुछ बातें कुछ गीत (एपिसोड १)

प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे जिंदगी के किसी ना किसी मुकाम में हर कोई महसूस करता है। उम्र के साथ साथ इसके मायने भले ही बदलते जाते हो लेकिन प्यार एक एहसास बन हमारे अंदर कहीं ना कहीं रहता ही है। फरवरी... Click on Story Title to Read More
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वंदे मातरम, वंदे मातरम

देशभक्ति के गीतों की त्रिवेणी का अंतिम गीत है वंदे मातरम् जो भारत का राष्ट्रीय गान है। इसे बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने बंगाली व संस्कृत मिश्रित भाषा मे लिखा था। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने वन्दे मातरम् गीत के पहले दो पद्य 1876 में संस्कृत में लिखे। इ
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ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा

लता मंगेशकर का गाया ये गीत किसी परिचय का मोहताज नही है, शायद ही ऐसा कोई दिन गया होगा जब शहीदों और देशभक्ति से संबन्धित बातें हुई हों और इस गीत का जिक्र ना आया हो। दिल को बहुत ही भावुक कर देना वाला ये गीत कवि प्रदीप ने लिखा था जिसे सी. रामचंद्र ने [..
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ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझ पे दिल कुर्बान

मौका भी है दस्तूर भी, गणतंत्र दिवस दूर नही इसलिये अगले तीन दिन तीन गीत देश और शहीदों के नाम। शुरूआत कर रहे हैं फिल्म काबुलीवाला के लिये मन्ना दा के गाये गीत ऐ मेरे प्यारे वतन से। काबुलीवाला कहानी रविन्द्र नाथ टैगोर ने लिखी थी और इसी पर बनी थी फिल्म क
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श्यामल श्यामल बरण

मुझे लगा था पहेली कठिन होगी लेकिन जिसने भी बताया सही उत्तर बताया, वो गीत था श्यामल श्यामल बरन, कोमल कोमल चरन, फिल्म नवरंग से। गायक थे महेन्द्र कपूर, ये इनके शुरूआती दौर के गीतों में से था और मो रफी के इनफ्लुएंस की वजह से कुछ कुछ वैसा ही सुनायी भी देत
टैग: Romantic
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पत्थर से शीशा टकरा के वो कहते हैं दिल टूटे ना

वक्त के सांचे में अपनी जिंदगी को ढाल कर, मुस्कुराओ मौत की आँखों में आँखें डालकर“, इन बेहतरीन लाईनों के साथ शुरू होता गीत “पत्थर से शीशा टकरा के” जिसे पहेली ८ में पहचानने को कहा गया था। ये खुबसूरत गीत है फिल्म सावन को आने दो से, राजश
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पहेली क्रमांक ८: इस गीत और गायक को पहचानिये

इस क्लिप में दिये कुछ शब्दों को सुनकर क्या आप बता सकते हैं ये गीत कौन सा है और इसे किस गायक ने गाया है? इस बार की पहेली थोड़ा सा मुश्किल पड़ सकती है, इसलिये क्लिप थोड़ा देर तक बजायी है, थोड़ी कोशिश करके देखिये। गीत पहेली क्लिप:
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वाह वाह रम्ज़ सजण दी होर……आबिदा परवीन

किसी गीत को ढंग से समझने के लिये उस भाषा का अच्छे ढंग से आना जरूरी है लेकिन किसी संगीत का लुत्फ उठाने के लिये ये जरूरी नही कि आपको सुर-ताल-राग सभी का ज्ञान हो और गायकी की मिठास तो ना चाहते हुए भी कानों में घुसकर मिस्री सा मजा देकर रहेगी। अभी जब मैं इ