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हम सब की बात

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12 Jun 2010
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क्या हो मीडिया की भाषा

डॉ. वारसी से यूसुफ किरमानी की बातचीत। . अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के सेंट लुई कैंपस में भाषा विज्ञान के प्रफेसर डॉ. एम. जे. वारसी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। अब तक भाषा विज्ञान से जुड़े उनके 25 शोधपत्र और अनेक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।
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दिल्ली को पेरिस बनाएंगे

इस वक्त दिल्ली का जो हाल है, वह यहां के बाशिंदों से पूछिए। कॉमनवेल्थ गेम्स की वजह से दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की जो तैयारियां की जा रही हैं, उसने इस शहर की शक्ल बिगाड़ दी है। सरकार को पहले यह याद नहीं आय़ा कि एनसीआर के किसी शहर से दिल्ली में प्रवेश
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आरटीआई पर भारत सरकार की नीयत ठीक नहीं

सूचना का अधिकार (आरटीआई) पर सरकार की नीयत ठीक नहीं है। भारत में इस मुहिम को छेड़ने वाले अरविंद केजरीवाल ने अपनी व्यस्तता के बावजूद इस विषय पर मुझसे खुलकर बातचीत की। इस बातचीत को प्रमुख हिंदी दैनिक नवभारत टाइम्स ने 15 मई 2010 को संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित
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खुतबों से नहीं शाह फैसल जैसों से करें उम्मीद

बीते शुक्रवार यानी जुमे को अखबारों में पहले पेज पर दो खबरें थीं, एक तो कसाब को फांसी की सजा सुनाई जाने की और दूसरी सिविल सर्विस परीक्षा में आल इंडिया टॉपर शाह फैसल की। आप इसे इस तरह भी देख सकते हैं कि एक तरफ तो मुसलमान का एक पाकिस्तानी चेहरा है तो दूसरी
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जज साहबान...मीडिया ट्रायल तो होगा

मॉडल जेसिका लाल मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और मंगलवार को यह खबर अखबारों में प्रमुखता से छपी। मेरे साथ काम करने वाले एक साथी पत्रकार की दिलचस्पी यह देखने की थी कि जेसिका लाल के हत्यारे मनु शर्मा के परिवार के अखबार आज समाज ने इस खबर को
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आओ, सवाल पूछकर जहर फैलाएं

नक्सलवाद पर आपका क्या कहना है...सानिया मिर्जा - शोएब की शादी के बारे में आप क्या सोचते हैं...यह सवाल अचानक सोशल नेटवर्किंग साइट, आपके दफ्तर या आपके आसपास रहने वाले लोग किसी भी वक्त पूछ सकते हैं। जरा सोच समझकर जवाब दीजिएगा, नहीं तो आपको राष्ट्रविरोधी,
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मोदी अपडेटः कौन सही – कौन गलत

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की उस विशेष जांच समिति (सिट) के सामने पेश हुए जो गुलबर्गा सोसायटी नरसंहार के मामले की जांच कर रही है। सिट ने उनसे 5 घंटे तक पूछताछ की।अपने पिछले लेख में मैंने इस मुद्दे को सामने रखा था। उस वक्त
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अदालतें भी तो अपने गिरेबान में झांकें

क्या वह दिन आने वाला है कि जब अदालतों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा और लोग इसके फैसलों को मनाने से इनकार कर देंगे। क्या भारत की अदालतें भी सांप्रदायिक ध्रवीकरण का शिकार हो रही हैं। इस जैसे ही कुछ और सवाल हैं जो आम आदमी के मन में इस समय कौंध रहे हैं। हाल ही
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आओ बाबा रामदेव, आप ही बाकी रह गए थे

इस समय बाबा लोग चर्चा में है। कभी किसी वजह से तो कभी वजह से। ताजा चर्चा बाबा रामदेव की है, जिन्हें राजनीति का चस्का लग गया है। हालांकि पिछले काफी दिनों से वह इस तरफ यह जुमला कहकर इशारा कर रहे थे कि वह राजनीति को बदलना चाहते हैं। बाबा ने मंगलवार को दिल्ली
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इस षड्यंत्र से मुसलमान हो जाएं होशियार

महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पास होने के बाद पूरे देश में तालियां पीटी जा रही हैं। वाजिब भी है, भारत जैसे देश में महिलाओं को यह हक गए-गुजरे देश बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी बाद में मिला है। लेकिन इस सारे शोर में यह बात दबकर रह गई है कि इस बिल के
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तू मुसलमान है तो क्यों है...

तमाम वजहों से मुसलमान हर वक्त चर्चा में रहता है लेकिन इन दिनों कुछ ज्यादा चर्चा में है। कभी किसी ब्लॉग पर तो कभी किसी अखबार में। लगता है कि इस समय देश का सबसे जरूरी काम मुसलमानों पर चर्चा करना ही रह गया है। तो मैं भला पीछे क्यों रहूं। मैं अपने इस ब्लॉग
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इसे जरूर पढ़े ः कॉमरेड, आपने मुसलमानों के साथ ये क्या किया?

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल अपनी धारदार लेखनी के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल में मुसलमानों को आरक्षण के ड्रामें पर उन्होंने बहुत विचारोत्तेजक लेख लिखा है। यह लेख जनसत्ता में 23 फरवरी को संपादकीय पेज पर छपा है। वही लेख अब उनके ब्लॉग रिजेक्ट माल पर भी
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Feb 25 2010 01:42 AM
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पुणे ब्लॉस्ट पर द हिंदू अखबार की सनसनीखेज रिपोर्ट

पुणे ब्लॉस्ट पर द हिंदू अखबार ने 19 फरवरी 2010 को बहुत ही सनसनीखेज रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पुणे ब्लॉस्ट में हिंदूवादी संगठन का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। उसने अपनी रिपोर्ट में अभिनव भारत का नामं लिया है जिसके तमाम
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Feb 19 2010 10:43 AM
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ब्लॉग के माध्यम का दुरुपयोग दुर्भाग्यपूर्ण

ब्लॉग के माध्यम का दुरुपयोग दुर्भाग्यपूर्ण
Feb 15 2010 12:06 PM
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परदे को अब और न खीचों मौलवी साहब

मुस्लिम महिलाओं का फोटो मतदाता सूची में हो या न हो, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बहुत साफ शब्दों में तस्वीर साफ कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से तमाम भारतीय मुस्लिम संगठनों, मौलवियों, विद्वानों ने सहमति जताई है लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने शरीयत और
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क्या हो आज के मुसलमान की दिशा

भारतीय मुसलमानों की दशा और दिशा क्या हो, इसे लेकर तमाम बहसें चलती रहती हैं। भारतीय मुसलमानों के नए-नए स्वयंभू नेता भी रोजाना पैदा होते हैं और खुद को चमकाने के बाद वे परिदृश्य से गायब हो जाते हैं। देश के जाने-माने पत्रकार एम.जे. अकबर ने रविवार को पटना में
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चीन की दीवार के पार गूगल

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी गूगल ने चीन (Google China) से अपना कारोबार समेटने की धमकी देकर बड़ा धमाका कर दिया है। गूगल की इस घोषणा के चंद घंटे बाद ही अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैन्सी पलोसी (Nancy Pelosi) ने बयान देकर अमेरिका का नैतिक समर्थन भी गूगल को दे
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इडियट्स का ही है ज़माना

अब हम लोग इडियट्स के युग में प्रवेश कर चुके हैं। कलयुग भूल जाइए। अब इडियट्स इरा का जमाना है। वरना 3 इडियट्स की तमाम बेजा हरकतों के बावजूद एक जाने-माने भारतीय लेखक चेतन भगत को उलटा माफी मांगना पड़ जाए तो यह इडियट्स युग की देन है। लेकिन मैं भी अपने तमाम
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मां, मुझे भी एक कहानी सुनाओ

क्या आप किसी ऐसे सरकारी अस्पताल को जानते हैं जहां दाखिल बीमार बच्चे को कोई कहानी सुनाने आता हो। आपका जवाब शायद नहीं में होगा। इसका मुझे यकीन है। क्योंकि कहानी सुनाने वाले सिर्फ महंगे या यूं कहें कि फाइव स्टार टाइप अस्पतालों (Five star hospitals) में
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न वो गुरुजन न वो चेले...गलत

रोजाना आपका सामना टीवी से लेकर अखबार तक ऐसी खबरों से पड़ता होगा जो आपको विक्षोभ से भर देती होंगी। लेकिन इसी दौरान कुछ खबरें ऐसी भी आती हैं कि जिनसे आपको ऊर्जा मिलती है और आप कहते उठते हैं कि दुनिया में अच्छाई अभी बाकी है। ऐसी ही दो खबरों के हवाले से
Dec 29 2009 11:47 AM
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गले में खिचखिच...विक्स न खाना

क्या विक्स का इस्तेमाल करते हैं...जरूर करते होंगे। बच्चे को खांसी आई नहीं कि उसके गले पर या तो विक्स मल दी गई या फिर उसे विक्स की गोली चूसने को दे दी गई। लेकिन अब विक्स का इस्तेमाल न करें। इस प्रोडक्ट को बनाने वाली कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (पी एंड जी
Dec 19 2009 01:16 PM
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दोज़ख़ - इस्लाम के खिलाफ बगावत

टीवी पत्रकार और लेखक सैयद जैगम इमाम के उपन्यास दोजख का विमोचन सोमवार शाम दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में किया गया। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस किताब का विमोचन जाने - माने साहित्यकार और हंस के संपादक राजेंद्र यादव ने किया कार्यक्
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इस कुरबानी को भी पहचानिए

बकरीद अपने आप में बहुत अनूठा त्योहार है। हालांकि इस्लाम धर्म के बारे में ज्यादा न जानने वालों के लिए यह किसी हलाल जानवर को कुरबानी देने के नाम पर जाना जाता है लेकिन बकरीद सिर्फ कुरबानी का त्योहार नहीं है। यह एक पूरा दर्शन है जिसके माध्यम से इस्लाम ने
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मैं हूं राजकुमार ठाकरे

मैं हूं राजकुमार ठाकरे। अगर आप मराठी भाषी नहीं हैं तो इसे पढ़ने की हिमाकत न करें। मुझे मेरे डॉन ने एक टारगेट दिया है जिसे मैं किसी भी हालत में पूरा करना चाहता हूं। दरअसल मेरे डॉन ने खूब कोशिश कर ली कि भारत में हिंदू-मुस्लिम दंगें (Hindu-Muslim Riots)
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न डगमगाए इंसाफ का तराजू

भारतीय अदालतें अगर वक्त के साथ खुद को बदल रही हैं तो यह अच्छा संकेत है। इधर हाल के वर्षों में कुछ अदालतों ने ऐसे फैसले सुनाए जिन पर आम राय अच्छी नहीं बनी और इस जूडिशल एक्टिविज्म की तीखी आलोचना भी हुई। लेकिन इधर अदालतें कुछ फैसले ऐसे भी सुनाती हैं जिन
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हेलोवीन...मुखौटा लगा लो मेरे भाई

अगर आप मौजूदा युवा पीढ़ी से दस साल पहले के लोगों से पूछें कि भाई ये हेलोवीन (Halloween) या हालोवीन क्या बला है तो वे लोग ठीक से इसके बारे में जवाब नहीं दे पाएंगे। लेकिन मौजूदा मोबाइल मार्का पीढ़ी (Mobile Generation) को पता है कि यह हेलोवीन क्या बला ह
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बाल ठाकरे, मुंबई भारत नहीं है

बाल ठाकरे आज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उनसे सहानुभूति के अलावा और कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन इन भाई साहब ने अपने अवसान की बेला पर जिन शब्दों में मराठी मानुष (Marathi People) को अपने अखबार सामाना में गरियाया है, उसे एक बूढ़े इंसान के प्रलाप (Old Man's
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पर्यावरण की चिंता के साथ दीपावली मुबारक

इस दिवाली पर ब्लॉग एक्शन डे वालों ने इस दिन को पता नहीं जानबूझकर या अनजाने में पर्यावरण (Enviornment) से जोड़ दिया है। यानी इन दो दिनों में हम लोग पर्यावरण को लेकर संकल्प लें। यह संदेश इतने जोर-शोर से पहुंचाना है कि इस सिलसिले में दुनिया के तमाम देशो
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अशांति फैलाओ और नोबल पुरस्कार पाओ

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा को नोबल पुरस्कार की खबर कुछ भारतीय अखबारों के लिए लीड थी तो दूसरी तरफ कुछ अमेरिकी अखबारों में यह छप रहा था कि क्या यह आदमी नोबल पुरस्कार का हकदार है। राष्ट्रपति की कुर्सी संभाले इस आदमी को चंद महीने ही हुए हैं और क
Oct 14 2009 07:45 PM
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प्यार करें या न करें

प्यार करें या न करें (टु लव आर नॉट टु लव )...विलियम शेक्सपियर ने जब इस लाइन का इस्तेमाल अपने एक उपन्यास में किया था तो उन्हें भी शायद यह उम्मीद नहीं रही होगी कि कई सौ साल बाद दुनिया में इस पर बहस शुरू हो जाएगी। प्यार की नई परिभाषाएं गढ़ी जाएंगी और सा
Oct 14 2009 07:45 PM
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मेरे जूते की आवाज सुनो

इराक के पत्रकार मुंतजर अल-जैदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जब पिछले साल जूता फेंका था तो पूरी दुनिया में इस बात पर बहस हुई कि क्या किसी पत्रकार को इस तरह की हरकत करनी चाहिए। उसके बाद ऐसी ही एक घटना भारत में भी हुई। यह बहस बढ़ती चली गई।
Oct 04 2009 12:34 PM
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राहुल तोड़ दो इस सिस्टम को

राहुल गांधी के बारे में आपकी क्या राय है...शायद यही कि वह मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं और एक ऐसे खानदान से हैं, जिसके अनुकूल सारी परिस्थितियां हैं। उनकी मॉम देश की सत्ता को नेपथ्य से चला रही हैं। उनके आसपास जो कोटरी है वह राहुल को स्थापि
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आर्थिक मंदी में ईद मुबारक

इस कविता के जरिए मैं आप सभी को तमाम किंतु-परंतु के साथ ईद, नवरात्र और विजय दशमी की मुबारकबाद देना चाहता हूं।आर्थिक मंदी के इस दौर मेंमहंगाई और बेरोजगारी के अंधकार मेंपेशेवर पत्रकारिता के बाजारवाद मेंकुछ रंगे सियारों से संघर्ष के फेर मेंमुट्ठी भर
Sep 20 2009 09:57 PM
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क्या होगा इन कविताओं से

उन्हें मैं करीब एक दशक से जानता हूं। आजतक मिला नहीं लेकिन यूपी के एक बड़े नामी और ईमानदार आईएएस अफसर हरदेव सिंह से जब उनकी तारीफ सुनी तो जेहन में यह बात कहीं महफूज रही कि इस शख्स से एक बार मिलना चाहिए। उनका नाम है प्रो. शैलेश जैदी। वह पहले अलीगढ़ मुस्लिम
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Sep 17 2009 06:48 PM
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माफी तो मांगनी चाहिए

-दिलीप मंडलइशरत जहां केस के कवरेज के लिए नहींतो अपनी भाषा के लिए,अपनी अनीति के लिए।मुकदमे का फैसला होने तकअभियुक्त लिखा जाता है अपराधी नहींहम सब जानते हैंपत्रकारिता के स्कूलों यही तो पढ़ते हैं।लेकिन हममें उतना धैर्य कहांमुठभेड़ में मरने वालो कोआंतकवादी
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मां की कहानी...कुछ कहना है उनका

मां मुझे भी एक कहानी सुनाओ...पर एनजीओ उदय फाउंडेशन ने कुछ ऐतराज उठाया है। हालांकि उन्होंने यह ऐतराज फोन पर किया है और लिखकर संक्षेप में जो भेजा है उसमें यह नहीं बताया कि दरअसल उन्हें ऐतराज किस बात पर है।पहले तो उनका पत्र पढ़ें जो उन्होंने लिखा है और नीचे
Sep 17 2009 06:44 PM
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आतंकवादी की मां

ब्रेकिंग न्यूज...वह आतंकवादी की मां है, उसकी लड़की लश्कर-ए-तैबा से जुड़ी हुई थी। उसका भाई भी लश्कर से ही जुड़ा मालूम होता है। इन लोगों ने लश्कर का एक स्लीपर सेल बना रखा था। इनके इरादे खतरनाक थे। ये लोग भारत को छिन्न-भिन्न कर देना चाहते थे। यह लोग आतंकवाद
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Sep 09 2009 04:44 PM
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भगवान आप किसके साथ हैं

भगवान जी बहुत मुश्किल में हैं कि आखिर वह एक कॉरपोरेट घराने (corporate house) की आपसी लड़ाई में किसका साथ दें। मुकेश अंबानी को आशीर्वाद दें या फिर छोटे अनिल अंबानी को तथास्तु बोलें। भगवान इतनी मुश्किल में कभी नहीं पड़े। भगवान करें भी तो क्या करें...अनिल
Sep 01 2009 02:09 PM
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जसवंत और रश्दी की किताब का फर्क

मोहम्मद अली जिन्ना पर जसवंत सिंह की किताब का बीजेपी पर इतना असर होगा, यह खुद जसवंत सिंह को नहीं मालूम था। बीजेपी के इस फैसले से यह तो साफ हो ही गया है कि बीजेपी में किसी तरह का आंतरिक लोकतंत्र (internal democracy) नहीं है। वरना जिस तथ्य को जसवंत ने अपनी
Aug 21 2009 09:44 PM
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जिन्ना का जिन्न

जिन्ना नामक जिन्न फिर बाहर निकल आया है। इस बार न तो संघ परिवार (RSS Family) में और न ही बीजेपी में वैसी बेचैनी दिखी जैसी लालकृष्ण आडवाणी की जिन्ना पर टिप्पणी के समय दिखी थी। बीजेपी में हैसियत के नेता माने जाने वाले और कभी विदेश मंत्री रह चुके जसवंत सिंह
Aug 18 2009 10:30 PM