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05 Jun 2010
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Arunachal ki Bio diversity

Arunachal ki Jaiv - vividhata ke bare mein suna to tha, magar mahsus kar pane se ab tak vanchit tha. Ab jab sardi ja chuki hai aur barish dastak de rahi hai; yeh vividhata bhi saamne aa rahi hai. Ek jhalak. Jara sarp ko pahchanane mein madad karein.
 
Abhishek Mishra
Jun 05 2010 01:55 PM
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कोलकाता, 'City of Joy' और 'आनंद नगर'

हावड़ा से गोहाटी लौटता हुआ दमदम एअरपोर्ट पर 'डोमिनिक लेपियर ' की 'City of Joy' के हिंदी अनुवाद 'आनंद नगर' पर नजर पड़ी, जिसे पढने की उत्कंठा रोक न सका और इसे आज ही समाप्त की है. कोलकाता जैसे महानगर की पृष्ठभूमि में सारे भारत की ही
 
Abhishek Mishra
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फिर मिलेंगे: चलते-चलते

टीवी पर सानिया की शादी की ही खबरें हैं। मैं 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता' और 'मीडिया की दीवानगी' पर कुछ नहीं कहने जा रहा। ब्लॉग जगत में इसपर पहले ही काफी चर्चा हो चुकी होगी। मगर एक सवाल मन में उभरता है कि क्या अति सफलता (और सुन्दरता भी) किसी व्यक्ति को अपने
 
Abhishek Mishra
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मुंबई प्रवास और 'विविध भारती'

मुंबई प्रवास और 'विविध भारती' अरुणाचल में 'विविध भारती' से बनी दूरी से उपजी असहनीय पीड़ा का उपचार अधूरा ही रह जाता यदि अपने मुंबई प्रवास के दौरान इसके केंद्र का भ्रमण न कर लेता. इसी क्रम में मैं बोरीवली स्थित इसके कार्यालय पहुँच ही
 
Abhishek Mishra
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सांस्कृतिक पहेली का उत्तर

राज जी के उत्तर से पिछली पहेली की सारी बातें स्पष्ट हो ही गई हैं।यह तस्वीर गोहाटी में 'कामख्या कामरूप' से ली गई थी। जैसा की विदित है कामख्या शक्तिपीठों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह तस्वीर भी उसी प्राचीन सभ्यता को निरुपित करती है जब मात्रिसत्तात्मक
 
Abhishek Mishra
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पहेली सुधार सहित

अरविन्द मिश्र जी के सुझाव को स्वीकार कर, तस्वीर को और स्पष्ट करने का प्रयास किया है। डॉ साइबर कैफे में तस्वीर की सुस्पष्टता कभी- कभी स्पष्ट नहीं भी हो पाती है। इस बार पहेली लंबी नहीं खींचूंगा। कल इसका उत्तर भी आ जायेगा।
 
Abhishek Mishra
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एक सांस्कृतिक पहेली

यह पहेली भी नहीं एक चर्चा है, इसलिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं कि यह तस्वीर कहाँ से ली गई है; मैं खुद ही यह बता देता हूँ कि यह मूर्ति 'कामख्या कामरूप' के मंदिरों की बाह्य दीवार पर उत्कीर्ण है. महत्वपूर्ण यह है कि इस मूर्ति की विशेषता क्या है
 
Abhishek Mishra
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सफ़र- ए-बनारस और 'अल्केमिस्ट'

अरुणाचल से बनारस वाया गोहाटी जाने के क्रम में गोहाटी स्टेशन पर आदतन 'व्हीलर स्टाल' पर थोड़ी तफरीह की. (व्हीलर नाम का क्या अब तक ब्रिटिश शासन से भी कोई संबंध है क्या !) इसी कम में 'पाओलो कोएलो' रचित 'अल्केमिस्ट' के उसी नाम के हिंदी
 
Abhishek Mishra
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अरुणाचल : तो बजरंग बली यहाँ तपस्यारत हैं !

Breaking News for India TV मान्यता है कि बजरंग बली भगवान श्री राम से आशीर्वाद प्राप्त कर अजर-अमर हो गए और हिमालय की ही किसी कन्दरा में तपस्यालीन हैं. इस मान्यता में सच्चाई कितनी है यह तो ज्ञात नहीं मगर अरुणाचल में एक स्थल है जहाँ पर्वतों पर ubhari एक छवि
 
Abhishek Mishra
Feb 17 2010 03:12 PM
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हाँ मुझे मोहब्बत है - मोहब्बत

प्रेम के उल्लास का मौसम कहें, वसंतोत्सव कहें या वैलेंटाइन डे. यह माहौल प्रेम विषय पर एक पुनर्दृष्टि डालने को प्रेरित करता ही है। मैंने भी कई बार सोचा कि मेरे आस-पास की दुनिया जिस प्रेम की बात करती है, उसकी अनुभूति मुझे कभी क्यों नहीं हुई! मैं सायास किसी
 
Abhishek Mishra
Feb 14 2010 06:30 AM
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Heart of The Stones

Pattharon Ke Bhi Hote Hain Dil, Magar Har Kisi Ko Numayan Nahin Karte; Seene Mein Hain Inke Bhi Kai Nagme, Magar Yun hi Sunaya Nahin Karte; Koi Pyaar Se Tatole To Sahi, Ye Haale-dil Chupaya Bhi Nahin Karte.
 
Abhishek Mishra
Feb 12 2010 09:41 AM
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अरुणाचल का 'पोदी-बारबी' पर्व

अरुणाचल में भी वसंत ने दस्तक दे दी है. शाखों पर नई पत्तियां और फूल दिखने लगे हैं. यहाँ - वहां घूमता प्रकृति के इन नजारों का आनंद उठा रहा हूँ, मगर दिल है कि कहीं दूर ' पलाश के फूल ' ढूंढ़ रहा है. अब भी याद आते हैं होली के समय पलाश के पीले फूलों का
 
Abhishek Mishra
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गीत गाता चल

काफी समय बाद 2009 की चिट्ठी लिख पाया हूँ. काफी कुछ दिया इस वर्ष ने, मगर बनारस से दूर होने की टीस अब भी बाकि है. इतना बड़ा खुद को नहीं समझता कि किसी को माफ़ करने के लायक खुद को मानूँ, मगर उन्हें भुलाने की कोशिश चार माह बाद भी जारी है. शायद इसीलिए दुनिया
 
Abhishek Mishra
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aakanksha और shubhkaamnayein.

काफी दिनों के baad यह पोस्ट बेज प् रहा हूँ. पिछले दिनों बनारस यात्रा के दौरान बनारस हिन्दू वि.वि. की पहली vigyan patrika प्राप्त हुई जिसमें मेरा एक लेख - " आतंकवाद की चुनौतियाँ और साहित्य' चयनित और प्रकाशित हुआ था. इसे इस पोस्ट के साथ आत्ताच
 
Abhishek Mishra
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सूर्योदय के प्रदेश का सूर्योदय

जब तक यह पोस्ट आपके सामने होगी मैं पुनः फिल्ड में होऊंगा. साइबर कैफे पर निर्भरता ने पिछले फिल्ड वर्क की तस्वीरें तो आपतक पहुँचाने में बाधा जरुर डालीं, मगर वापस लौट इस कमी को पूरा करने का प्रयास जरुर करूँगा. इस पोस्ट के साथ हैं मेरी फोटोग्राफी जीवन की
 
Abhishek Mishra
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ब्लॉग जगत के 2 स्तंभ

जिनके बिना अधूरी थी चर्चा अटैचमेंट में इन्टरनेट का असहयोग फोटोज के साथ पोस्ट्स पर भारी पड़ रहा है. ऐसे में ब्लौगिंग जारी रह पा रही है इसमें कुह महत्त्वपूर्ण ब्लौगिंग हस्तियों का भी योगदान रहा है। अपनी पिछली एक पोस्ट में मैंने अपने संपर्क में आये कुछ ब
 
Abhishek Mishra
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आज इन नजारों को तुम देखो...

अरुणाचल का अनदेखा - अनछुआ सौंदर्य पहली बार सिर्फ आपके लिए) जाते थे जापान, पहुँच गए चीन- मेरे लिए इस कहावत का भावात्मक ही नहीं, शब्दात्मक संबंध भी है. कैसे! यह कभी और बताऊंगा. फिलहाल तो यही की अकादमिक जगत में कैरियर की संभावनाएं तलाशता अब कन्ष्ट्रक्शन
 
Abhishek Mishra
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Arunachal Mein Chath II

Yeh Internet ki suvidha (!) ka natija hai.
 
Abhishek Mishra
Oct 31 2009 05:48 PM
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Arunachal mein Chath

NE aadi pradeshon ko patrachar ki samay sima mein chut to milti hi hai, fir yeh to apna blog parivar hai. Prastut hai Arunachal mein kafi utsah se manaye gaye 'Chath Parv' ki ek jhalak :-
 
Abhishek Mishra
Oct 31 2009 05:39 PM
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गंगा से ब्रह्मपुत्र तक

यूँ पहुंचा मैं अरुणाचल प्रदेश बनारस से हावडा तक के सफ़र का हाल तो आप पिछली पोस्ट्स में पढ़ ही चुके हैं। हावडा से अगली ट्रेन जो शाम 4 बजे प्रस्तावित थी पुनर्निर्धारित हो रात 8 बजे हो गई थी. दिन भर के इस अतिरिक्त समय का सदुपयोग दक्षिणेश्वर काली भ्रमण ओर
 
Abhishek Mishra
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जाना न दिल से दूर ...

अरुणाचल से देव साहब और मन्ना दे को शुभकामनाएं एक लम्बे मगर स्थानीय व्यवधान की वजह से अधूरे फिल्ड वर्क, साइबर कैफे संचालक की चुनावी व्यस्तता (यहाँ चुनावों में काफी सहभागिता रहती है आम लोगों की) आदि की वजह से एक लम्बे अंतराल के बाद आपसे मुखातिब हो पाया
 
Abhishek Mishra
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ब्लौगर्स देख लो मिट गईं दूरियां ...

(हिंदी दिवस विशेष) मैं यहाँ-हूँ यहाँ...जी हाँ अरुणाचल से ब्लौगिंग में वापस. और दूरियां वाकई कम हो गई हैं न सिर्फ मेरे और ब्लौगिंग के बीच, बल्कि हिंदी के ह्रदय प्रदेश से संबद्ध मैं और इस सुदूर उत्तर-पूर्व क्षेत्र के बीच भी. लगभग 1 सप्ताह से गैर हिंदी भाषी
 
Abhishek Mishra
Sep 14 2009 05:31 PM
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ये मेरा दिवानापन है, या...

अब इसे ब्लॉग्गिंग का जुनून कह लीजिये, या मन का फितूर. सुबह से ट्रेन का इन्तेजार करता, अब जब ट्रेन के 4 घंटे लेट होने की सूचना पाई तो आस-पास कैफे ढूंढने से खुद को रोक नहीं पाया। इसी बीच देव साहब की फिल्मों की कुछ क्लासिक collection भी मिल गई है, जो आशा है
 
Abhishek Mishra
टैग: enjoy blouging
Sep 09 2009 05:22 PM
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ये रातें, ये मौसम....और बस डकैती

हम छात्रों के बीच अक्सर मजाक में यह कहा जाता है कि BHU में एड्मीसन और माईग्रेशन दोनों ही काफी कठिन हैं। ढेरों फॉर्मेलिटीज़ से गुजरते हुए आपके पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम में थोडा बदलाव तो हो ही जाता है। मेरा भी 30 अगस्त का निर्धारित कार्यक्रम 1 सितम्बर तक
 
Abhishek Mishra
टैग: यादें
Sep 02 2009 02:46 PM
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ये है ब्लौगिंग मेरी जाँ...

ब्लौगिंग फेयरवेळ हो गया तो इसका मतलब सभी ने यह तो नहीं लगा लिया कि ब्लौगिंग समाप्त हो गई ! अजी कहानी अभी बाकी है... ब्लौगिंग के सफ़र में कई सहयात्री मिले, और कई ब्लौगरों से जान-पहचान भी हुई। आज की पोस्ट ऐसे ही कुछ ब्लौगर्स पर, जिन्हें जैसा मैंने पाया -
 
Abhishek Mishra
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ब्लौगिंग फेयरवेळ

कहने को ब्लॉग जगत आभासी कहलाता है, मगर यहाँ बनने वाले रिश्ते जाने कब वास्तविक जीवन से जुड़ जाते हैं, आभास ही नहीं होता। ब्लौगिंग से अस्थाई विराम के अनचाहे निर्णय के बाद अरविन्द मिश्र जी से औपचारिक विदाई मुलाकात का कार्यक्रम बना था। मगर यह कार्यक्रम सिर्फ
 
Abhishek Mishra
Aug 27 2009 07:07 PM
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अलविदा बनारस, अल्पविराम ब्लौगिंग

कहते हैं सच्चे दिल से किसी को चाहो तो सारी कायनात उसे तुम से मिलाने की कोशिश में लग जाती है। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। M. Sc. के बाद ही बनारस छोड़ने की परिस्थितियां बनीं थीं मगर कहानी अभी बाकी थी। बनारस में पिछले लगभग 2 वर्ष वास्तविक जगत के सन्दर्भ में
 
Abhishek Mishra
Aug 24 2009 05:00 PM
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दिल आज शायर है...

मैं समझ नहीं पाता कि प्रोफेशनली कवितायें कैसे लिख ली जाती हैं। मैं तो लेखों में ही खुद को ज्यादा सहज पाता हूँ। हाँ कभी-कभी कुछ भावनाएं सिर्फ कविताओं में ही व्यक्त हो पाती हैं, और यहीं आकर यह पंक्तियाँ सच ही लगती हैं कि 'वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा
 
Abhishek Mishra
टैग: मौन
Aug 22 2009 09:23 PM
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ब्लौगिंग से मौडलिंग की ओर !

ऊपर की तस्वीर को देख कर आपको भी कहीं ऐसा तो नहीं लग रहा कि हमारे अजीज ब्लौगर आदरणीय अरविन्द मिश्र जी मॉडलिंग की ओर रुख कर रहे हैं ! भई तस्वीर को देख कर तो ऐसा लगना अस्वाभाविक भी नहीं है, मगर धैर्य रखें हकीकत में ऐसा है नहीं. दरअसल ये कमाल है एक अनूठी
 
Abhishek Mishra
Aug 19 2009 08:44 PM
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जनसँख्या वृद्धि और हमारे स्वास्थ्य मंत्री की वैज्ञानिक सोच !

यूँ तो मैंने सोचा था कि यह पोस्ट 'साइंस ब्लौगर्स असोसिअशन' पर भेजूंगा. परन्तु मुझे कहीं ऐसा भी लगा कि ब्लॉग के संचालक इसे विज्ञानं पर आधारित मानें या नहीं ! वैसे यदि देश के स्वास्थ्य मंत्री ने ऐसा कुछ कहा है तो इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक तथ्य भी
 
Abhishek Mishra
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धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग !

धार्मिक स्थलों के नाम पर भूमि के अवैध अतिक्रमण के प्रयासों के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका सराहनीय है। कोई भी धर्म या संप्रदाय धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर नाजायज लाभ उठाने के लोभ के संवरण से आज पीछे नहीं है। व्यक्तिगतरूप से मैं भी यह महसूस करता
 
Abhishek Mishra
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तस्वीरों के आईने में पूर्ण सूर्यग्रहण

पूर्ण सूर्यग्रहण की यादों को शब्दों में समेटना दुःसाध्य ही है, इसीलिए एक प्रयास इसे तस्वीरों में अभिव्यक्त करने का जो मेरे और अरविन्द मिश्र जी के संयुक्त प्रयास का परिणाम हैं: सूर्यग्रहण देखने की पृष्ठभूमि तैयार करते प्रियेषा और कौस्तुभ लो शुरू हो गया
 
Abhishek Mishra
Jul 29 2009 07:33 PM
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यूँ देखा मैंने पूर्ण सूर्यग्रहण

पूर्ण सूर्यग्रहण सदी के इस सबसे महत्वपूर्ण सूर्यग्रहण को देखने की उत्कंठा पिछले कई दिनों से थी। मगर मौसम का ख्याल भी नकारात्मक विचार उत्पन्न कर रहा था (वैसे बारिश को लेकर बनारस के मौसम के प्रति मैं अतिआश्वस्त ही रहता हूँ)। फ़िर भी कल शाम हुई हलकी बारिश ने
 
Abhishek Mishra
टैग: बनारस
Jul 22 2009 02:27 PM
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बोल- बम का नारा है...

सावन की शुरुआत के साथ ही देश भर से काँवडीये अपने भोले बाबा को जल अर्पित करने निकल पड़े हैं। सटीक रूप से कोई नहीं बता सकता कि यह परंपरा कब से शुरू हुई है, मगर कांवड़ यात्रा, कुम्भ आदि ऐसे अवसर हैं, जो हमारे पूर्वजों द्वारा संपूर्ण भारत को एक सूत्र में
 
Abhishek Mishra
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झाड़खंड के आदिवासी लोकगीत

आदिवासी संस्कृति के नाम पर अपनी सांस्कृतिक विविधता के आधार पर बिहार से अलग हुआ झाड़खंड वाकई सांस्कृतिक विविधता की अनुपम मिसाल है। यहाँ संथाल, मुंडा, बिरहोर आदि कई छोटी-बड़ी जनजातियाँ अपनी पृथक सांस्कृतिक विविधता को जीवित रखते हुए आधुनिक सभ्यता के साथ
 
Abhishek Mishra
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झाड़खंड की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा

जगन्नाथ मन्दिर, रांची झाड़खंड में रथयात्रा की ऐतिहासिक और समृद्ध परंपरा रही है। यूँ तो पूरे झाड़खंड में ही किसी-न-किसी रूप में रथयात्रा सोल्लास मनाई जाती है, मगर इसमें रांची और हजारीबाग के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा औ
 
Abhishek Mishra
टैग: रांची
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हबीब तनवीर के प्रति ...

हबीब तनवीर (1923-2009) प्रख्यात साहित्यकार और रंगकर्मी हबीब तनवीर नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद आज (8/06/09) को भोपाल में उनका निधन हो गया। हबीब अहमद खान उनका मूल नाम था, मगर 'तनवीर' उपनाम से जारी उनका लेखन ही उनकी वास्तविक पहचान बन गया। भारतीय रंगमंच
 
Abhishek Mishra
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झाड़खंड का लाल

संजीत महतो 'गुदडी का लाल' - यही शब्द किसी के भी मुंह से निकलेगा, जब वो संजीत कुमार के बारे में सुनेगा। झाड़खंड एकेडमिक काउंसिल की 12 वीं की परीक्षा में कला वर्ग में पूरे राज्य में टौपर रहे - संजीत महतो । जिन विपरीत परिस्थितियों में इन्होने सफलता प्रा
 
Abhishek Mishra