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31 Dec 2009
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मेरे देश का कानून बूढ़ा हो गया

मनोज राठौर भा रत का कानून खुश होगा कि उसने देश की राजधानी स्थित गेटबे आॅफ इंडिया तथा झावेरी बाजार क्षेत्र में वर्ष 2003 में हुए दो बम विस्फोटों करने वाले आरोपी मोहम्मद हनीफ सईद, उसकी पत्नी फहमिदा और अशरत अंसारी को सजा ए मौत की सजा सुनाई। सात साल बाद
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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साथ इसके चल तू

जमाने के साथ चलना प्यारे जमाना तुझे चलना सिखा देगा जहां की तूने इससे बगावत तो यह तुझे ठुकरा देगा- २ जीवन के नियम बदल तू इसकी डगर पर चल तू जहां तूने नया रास्ता निकाला तो यह तुझे मिटा देगा- २ स्वाभिमानी मत बन हितेषी बनकर काम कर जहां तूने व्यवहार बदला त
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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पत्रकारिता की दुनिया के...

पत्रकारिता की दुनिया के राज तुम्हें बताता हूं नेताजी के तीन शब्द से उनकी बैंड बजाता हूं। दफ्तर में सब अफसर नेता बन जाते हैं नाममात्र का काम कर जल्दी घर जाते हैं। भटक के खबरें लाते जनता तक पहुंचाते हैं बड़े दाम के नेताजी खबरे तक खा जाते हैं। नेताजी की
 
manoj
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जलियांवाला बाग की लहर चहूं दिशा में...

मनोज कुमार राठौर स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में 13 अप्रैल 1919 का दिन आँसुओं की बूंदों से लिखा गया है, जब अंग्रेजों ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में सभा कर रहे निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वालो
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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वोट के पीछे सारे नेता

मंदिर मस्जिद क्या है सब है एक समान वोट के पीछे सारे नेता देष का करते बंटाधार। 2 विवादों में उलझाते हैं सामप्रदायिकता भड़काते वोट के पीछे सारे नेता मर्यादा तक भूल जाते। 3 हिन्दू मुस्लिम भाई हैं भाषणों में डींगें हाकते वोट के पीछे सारे नेता सच्चाई की चा
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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यूं खत्म बात थी...

वे वहां से आ रही थी मैं यहां से जा रहा था दोनों में टकरार हुई यूं शुरू बात हुई। 2 उसने कहा आएम सोरी मैंनें कहा गलती मेरी थोड़ी उसी समय बरसात हुई यूं शुरू बात हुई। 3 ट्रेन में वे जा बैठी मैं सामने खड़ा रहा सफर की शुरूबात हुई यूं शुरू बात हुई। 4 सफर में
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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क्या भगवान को देखा है

समस्याओं की भरमार गरीबी से बेहाल हंै भ्रष्टाचार बढ़ रहा रगं बदलती इस दुनिया में क्या भगवान को देखा है। 2 अन्याय हो रहा मौलिकता खत्म है मानवता का पता नहीं रंग बदलती इस दुनिया में क्या भगवान को देखा है। 3 लालच पल रहा आपस में लड़ते हैं संवेदनओं का पता नही
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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वही पुरानी कलम...

१ सोते-सोते याद आया मुझे कुछ लिखना है वही पुरानी कलम सफेद कागज पर घिसना है। २ सोचा क्या लिखंू मगर कुछ लिखना है वही पुरानी कलम सफेद कागज पर घिसना है। ३ लेखक कहलाता हूं किसी पर तो लिखना है वही पुरानी कलम सफेद कागज पर घिसना है। ४ खबरें तो बहुत लिखी किसी
 
manoj
Dec 29 2009 11:46 AM
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अदालत में भगवान है...

इस मतलबी दुनिया में सियाने लोग बसते हैं ऊपरी मन से हंसते अंदर से साजिश रचते हैं। 2 दिखावेे तो बहुत हैं इस रंग बदलती दुनिया में वादे तो बहुत करते पर निभाने से डरते हैं। 3 कहते हैं काम हो जाएगा हम देख राह थकते हैं वादे तो निभाते नहीं और सर पर हाथ रखते
 
manoj
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हवा में सांस मिलाकर

हवा में सांस मिलाकरबयान करता हूंहम भी तूफ़ान ला सकते हैं-2इतना कमजोर न समझहम वो बादल हैंजो पानी गिरा सकते हैं-2धैर्य मत आजमाहम वो सेलाब हैंजो समुद्र में आ सकते हैं-2गलती जो रहे मेरीहम वो बलिदानी हैंजो सिर कटा सकते हैं-2मनोज राठौर
 
manoj
Sep 12 2009 12:21 PM
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जब कोई बच्चा ट्रेन में नजर आता है...

झुक-झुक करती ट्रेन सीटी मारती नौनिहाल की मासूम जिंदगी पुकार लगाती उनका दर्द देख दिल भी रोता जब कोई बच्चा भूख से दम तोड़ता है। रोलिया नसीब नहीं जीवन में घरों से कचरे में फेंके देते मासूमों कोमन भी दुखी हो जाता जब कोई बच्चा ट्रेन से कट जाता है।जन्म से कोई
 
manoj
Aug 22 2009 11:49 PM
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सब आंखे बयान करती हैं...

तू है पापी तू है भ्रष्ट कितना भी छिपाए तू सब आंखे बयान करती हैं।मुंह में राम बगल में छुरी कितना भी बने तू सब आंखे बयान करती हैं।मन में पाप बातों में संतवाणी कितना भी ठगे तू सब आंखे बयान करती हैं।झूट बोले रंग बदले कितना भी छले तू सब आंखे बयान करती
 
manoj
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पहले गर्भ परीक्षण, फिर कन्यादान

वि वाह पूर्व कन्याओं का सामूहिक गर्भ परीक्षण कराए जाने के मामले को सड़क से लेकर संसद और विधानसभा में बवाल खड़ा हो गया। यह मामला राज्य सभा में गूंजा और इसे मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस ने भी उठाया। राष्टीय महिला आयोग ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर श
 
manoj
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समलैंगिक सम्बन्ध " जोर से बोलो करंट नहीं लगेगा"

अब वे दिन दूर नहीं जब पप्पू संग दीपू और मीनू संग सीमा की बारात आप के घरों के बगल से गुजरेगी | भई पहले सुना था पप्पू पास हो गया है लेकिन अब तो दीपू , मीनू , सीमा सभी पास हो गए हैं | अब वो एक दुसरे को फ्लाइंग किस्स देंगे और पुलिस केवल मूकदर्शक बनी देखत
 
manoj
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पापा जैसा कोई नहीं...

भगवान का दूसरा रूप हैं पिताजी। कर्तव्य और जिम्मेदारियों से लदी जिंदगी को अपने कंधों पर ढोने वाले व्यक्ति की दासता को कौन भूल पाया है। उन्हें हर पल याद किया जाता है। चाहे वे दुख हो या सुख। मैं भी कहता हूं कि मेरे पापा भगवान है। दुनिया में यह बात सभी ल
 
manoj
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ये तो होना ही था...

सरकार पोटा तो लागू नहीं कर पाई, गुजकोका को क्या खाक लागू करेगी। मनोज कुमार राठौर आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए बनाए गए कठोर कानून हवा की तरह छू हो गए हैं। पोटा के बाद गुजकोका को भी सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। बहाना था कि इस कानून में संशोधन करने
 
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जो जीता वही सिकंदर

मनोज कुमार राठौर जो जीता वही सिकंदर , सही है। इसमें न वोटरों की गलती है और न नेताओं की। जो परिणाम आए वे सही आए। जहां एक ओर मनमोहन , सिंह बने , वहीं दूसरी ओर आडवानी को निराशा हाथ लगी कांग्रेस , भाजपा या अन्य पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में एड़ी चोटी का ज
 
manoj
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जीतना इतना आसान नहीं

रेल के डिब्बों सा है बहुमत , जिसकी रेलगाड़ी लंबी उसी की सरकार और जो जिसकी छोटी उसकी हार मनोज राठौर लोकसभा में पार्टियों के लिए बहुमत की डगर आसान नहीं है। उन्हें बहुमत जुटाने के लिए अन्य पार्टियों से जुगाड़ करना पड़ेगी। नेताओं के भाषण, विज्ञापन और तमाम त
 
manoj
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एक नन्हा क्रान्तिकारी

एक नन्हा शहीद नाम - गिरराज उम्र - 8 साल कसूर - भारत मां की जय मनोज कुमार राठौर भारत देश की स्वतंत्रता में कई देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहूती दे दी। जब गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है तो देश के हर एक नागरिक के मन में देश भक्ति की लहर
 
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समय ने करवट बदला

समय ने करवट बदला जिंदगी तबहा हो गई हालात ही कुछ ऐसे रहे उठती खुआइशे सो गई। 2 जब कुछ नया सोचा किस्मत खराब निकली समय ही कुछ ऐसा रहा तसल्ली से बात हो गई। 3 निर्माण की नींव रखी सपना कांच सा टूटा रास्ता ही कुछ ऐसा रहा गुमनाम राहें साथ हो गई। मनोज कुमार रा
 
manoj
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पैरों में छाले पड़ न जाए।

इतनी ऊंची उड़ान न भरना आसमा देखे और शर्मा जाए दूर इतने ही जाना निचे खड़े लोग देख पाए। 2 कदम जल्दी न बढ़ना पत्थरी जमीन पर चलना जरा नीचे भी देखना पैरों में छाले पड़ न जाए। 3 मुंह के पर खड़े न रहना दुनिया के रंगों में ढलना बातंे तोल के करना कहीं जुवां फिसल न
 
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फैसला कैसे होगा...

कौन जिंदा है, कौन मुर्दा है फैसला कैसे होगा अपनी करनी पर सभी शर्मिदा तो कौन खुश होगा। २ कौन है भ्रष्ट जन फैसला कैसे होगा सभी भ्रष्ट खाते रिष्वत तो कौन खुश होगा। 3 कौन है बलात्कारी फैसला कैसे होगा चीरहरण करते सब तो कौन खुश होगा। 4 कौन है पापी फैसला कै
 
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इसका वक्त गवा है...

वतन के लोगों सलामत रहो तुम मुल्जिम है कौन इसका वक्त गवा है... 2 न्याय के साथी अन्याय न करना आरोपी है कौन इसका वक्त गवा है... ३ संविधान की परंपरा बचाना तेरा कर्म बलिदानी है कौन इसका वक्त गवा है... ४ देश के खातिर जान भी देना देशद्रोही है कौन इसका वक्त
 
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पत्रकार की परिभाषा बदली

पत्रकार की परिभाषा बदली पहले पत्र को गढ़ता था अब कार में चलता है। २ हथियार उसका बदल गया पहले कागज पर लिखता था अब कम्प्यूटर पर काम करता है। ३ लिखने का अंदाज है बदला पहले सत्य रचता था अब भ्रष्ट पर लिखता है। मनोज कुमार राठौर
 
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बेच दिए कफन हैं...

मरघटी इस दुनिया मंे सब के सब दफन हैं जिंदा लोगों के अफसरों ने बेच दिए कफन हैं। 2 नेताओं के भाषण में सब के सब भ्रम हैं ऐसे हालात देखकर हम भी आज दंग हैं। 3 करनी इन नेताओं की आज भरना पड़ रही भारत और पाकिस्तान मंे इसलिए यह जंग है। --मनोज कुमार राठौर
 
manoj
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पर दूसरों से कुछ कह नहीं पाए

रोकने की तमन्ना सबकी थी पर हम रूक नहीं पाए हस्तंे - हस्तंे सह लिया सबको पर दूसरों का दुख सह नहीं पाए २ गलतियाँ सब ने की है पर हम रो नहीं पाए धोखा सह लिया सबका पर दूसरों का दर्द सह नहीं पाए ३ मजाक सब ने उड़ाया था पर हम कह नहीं पाए दर्द ले लिया सबका पर
 
manoj
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काम सदा सफल मिलेगा

१ कोशिश करोगे फल मिलेगा हर मुश्किल का हल मिलेगा नामुराद दुनिया पर भरोसा मत करना कहीं धोखा, तो कहीं गम मिलेगा। २ रास्ते पर राही मिलेगा कुछ दूर तक हमसफर मिलेगा किसी को अपना साथी मत बनाना वही दोस्त तुम्हारा कातिल मिलेगा। ३ धन दौलत खुब मिलेगी प्रतिष्ठा व
 
manoj
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तुम गलत, हम पाक निकले

यकीन किस पर करूं सब यूं बेबफा निकले जिस पर किया भरोसा वह भी दगेबाज निकाले। २ हर पल उसके साथ वह हमारे खास थे दगा हमने नहीं दिया फिर भी वे चलाक निकाले। ३ क्या करोगे सियाने बनाकर मालूम है फितरत तुम्हारी वक्त ने हमें बांध दिया ऐसे हमारे हलात निकले। ४ किस
 
manoj