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विवेक के व्यंग

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26 May 2010
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जाति न पूछो साधु की

व्यंग जाति न पूछो साधु की विवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ , विद्युत मण्डल कालोनी , रामपुर , जबलपुर कबीर का दोहा जाति न पूछो साधु की , पूंच लीजिये ज्ञान अब पुराना हुआ . जमाना ज्ञान की पूंछ परख का नही है . जमाना नेता जी की पूंछ का है . नेताजी की पूंछ वोट की
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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कुपोषण के आंकड़ों की चिंता में बटर चिकिन का डिनर

व्यंग कुपोषण के आंकड़ों की चिंता में बटर चिकिन का डिनरविवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ विद्युत मण्डल कालोनी रामपुर , जबलपुर एयर कंडीशन्ड , सजे धजे मीटिंग हाल में अंडाकार भव्य टेबिलो के किनारे लगी आरामदेह रिवाल्विंग कुर्सियों पर तमाम जिलों से आये हुये
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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ब्रांड एम्बेसडर....

टेबलेट डोज ... लघुकथा ब्रांड एम्बेसडर विवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ , MPSEB Colony , Rampur , Jabalpur (MP)mob 9425806252vivek1959@yahoo.co.in काला क्रीज किया हुआ फुलपैंट , हल्की नीली शर्ट ,गले में गहरी नीली टाई , कंधे पर लैप टाप का काला बैग , और हाथ में
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Feb 28 2010 07:56 AM
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डाग शो बनाम कुत्ता नहीं श्वान ...

व्यंग डाग शो बनाम कुत्ता नहीं श्वान ...विवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ , विद्युत मण्डल कालोनी रामपुर , जबलपुर मो ९४२५८०६२५२ मेरे एक मित्र को पिछले दिनो ब्लडप्रेशर बढ़ने की शिकायत हुई , तो अपनी ठेठ भारतीय परम्परा के अनुरुप हम सभी कार्यलयीन मित्र उन्हें देखने
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Feb 27 2010 08:06 AM
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नये कुल ,गोत्र, जाति और संप्रदाय

व्यंगलेखनये कुल ,गोत्र, जाति और संप्रदायविवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ , विद्युत मण्डल कालोनी , रामपुर , जबलपुर मो ९४२५८०६२५२ धर्म , कुल , गोत्र, जाति और संप्रदाय की जड़ें हमारी संस्कारों में बहुत गहरी हैं . यूं हम आचरण में धर्म के मूल्यो का पालन करें न
 
Vivek Ranjan Shrivastava
टैग: धर्म
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व्यंगबच्चों आओ, बाघ बचाओ! - विवेक रंजन श्रीवास्तव ओबी- 11 एमपीईबी कालोनी रामपुर जबलपुर 9425806252 ‘बच्चों आओ, बाघ बचाओ‘ सुनकर चैकियेगा नहीं यह अपील मैं उसी महान परम्परा का निर्वहन करते हुये, कर रहा हूं, जिसके अनुसार हम हर संकट का समाधान , हर समस्या का
 
Vivek Ranjan Shrivastava
टैग: बाघ
Feb 25 2010 06:44 PM
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वात्सायन पुरस्कारो की स्थापना हो अब

अव्यंगवात्सायन पुरस्कारो की स्थापना हो अब विवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ ,विद्युत मण्डल कालोनी , रामपुर जबलपुर मो ९४२५८०६२५२ यह समय कीर्तीमानो का है . तरह तरह के कीर्तिमान बनाये जा रहे हैं , उनका लेखा जोखा रखा जा रहा है .तरह तरह के सम्मान , पुरुस्कार
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Feb 25 2010 08:23 AM
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बतंगड़ जी के घर की सरकार का इलेक्शन

व्यंग बतंगड़ जी के घर की सरकार का इलेक्शन विवेक रंजन श्रीवास्तव ओ बी ११ , विद्युत मण्डल कालोनी , रामपुर , जबलपुर बतंगड़ जी मेरे पड़ोसी हैं . उनके घर में वे हैं , उनकी एकमात्र सुंदर सुशील पत्नी है , तीन बच्चे हैं जिनमें दो बेटियां और एक आज्ञाकारी होनहार ,
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Feb 24 2010 07:38 AM
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इसकी टोपी उसके सिर

इसकी टोपी उसके सिर बचपन में हमने नकलची बंदर की कहानी पढ़ी थी, उस कहानी में बंदर इतने होशियार थे, कि उन्होनें टोपी बेचने वाले की गठरी से निकाल कर, टोपियां पहन ली थीं, और फिर जब टोपी वाले की नींद खुली तो उसने, बंदरो से टोपियां वापस प्राप्त करने के लिये,
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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बिजली बैरन भई

बिजली बैरन भई ज्यादा नहीं कोई पचास सौ बरस पुरानी बात है, तब आज की तरह घर-घर बिजली नहीं थी, कितना आनंद था। उन दिनों डिनर नहीं होता था, ब्यारी होती थी। शाम होते ही लोग घरों में लौट आते थे। संध्या पूजन वगैरह करते थे, खाना खाते थे। गांव - चौपाल में लोक ग
 
Vivek Ranjan Shrivastava
टैग: बिजली
Dec 29 2009 11:56 AM
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जरूरत एक कोप भवन की

जरूरत एक कोप भवन की by Vivek Ranjan Shrivastava भगवान श्री राम के युग की स्थापत्य कला का अध्ययन करने में एक विष्ेाष तथ्य उद्घाटित होता है- वह यह कि तब भवन में रूठने के लिये एक अलग स्थान होता था। इसे कोप भवन कहते थे। गुस्सा आने पर मन ही मन घुनने के बज
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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श्रीमती जी की किटी पार्टी

श्रीमती जी की किटी पार्टी विवेकरंजन श्रीवास्तव c/6 , mpeb colony , rampur ,Jabalpur पुराने जमाने में महिलाओं की परस्पर गोिष्ठयां पनघट पर होती थी । घर परिवार की चर्चाये, ननद, सास की बुराई, वगैरह एक दूसरे से कह लेने से मनो चिकित्सकों की भाषा में, दिल ह
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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किसकी बोली कितनी

व्यंग्य किसकी बोली कितनी विवके रंजन श्रीवास्तव एम.पी.एस.ई.बी. कालोनी, रामपुर, जबलपुर. अपने क्रिकेट के खिलाडी नीलाम हो गये, सबकी बढ चढ कर बोली लगाई गई . अच्छा हुआ, सब कुछ पारदर्षी तरीको से सबके सामने संपन्न हुआ, इस हम्माम में सब नंगे हैं. वरना बिकते त
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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भारतीयों की भरी थाली इस मॅंहगाई का कारण

भारतीयों की भरी थाली इस मॅंहगाई का कारण व्यंग्य अरे एक रोटी और लीजीये ना! विवेक रंजन श्रीवास्तव एम.पी.एस.ई.बी. कालोनी, रामपुर, जबलपुर. कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुष्मन सारा जहाॅ हमारा। सचमुच कुछ बात तो है हम मेें । दो टाइम भ
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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शहर में ’’ इंवेस्टर्स मीट ’’

शहर में ’’ इंवेस्टर्स मीट ’’ व्यंग्य ’’ दूध वाले की गली में इंवेस्टर ’’ विवेक रंजन श्रीवास्तव रामपुर, जबलपुर. पहले जब मिनिस्टस, आते थे, तो शहर में साफ सफाई विषेष ढंग से होती थी, सडकों के गड्डे भर दिये जाते थे, झंडे, बैनर लगाकर नगर बासी पलक पाॅवडे बिछ
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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अमीर बनाने का साफ्टवेयर

व्यंग्य अमीर बनाने का साफ्टवेयर विवेक रंजन श्रीवास्तव रामपुर, जबलपुर. युग इंटरनेट का है . सब कुछ वर्चुएल है. चाॅद और मंगल पर भी लोग प्लाट खरीद और बेच रहे है. धरती पर तो अपने नाम दो गज जमीन नहीं है, गगन चुम्बी इमारतों में, किसी मंजिल के किसी दडबे नुमा
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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आज कितनी बार मरे!

आज कितनी बार मरे! व्यंग्य आज कितनी बार मरे! विवके रंजन श्रीवास्तव रामपुर, जबलपुर. बचपन में बडी मधुरता होती है, ढेरों गलतियं माफ होती है, सब की संवेदना साथ होती है, ’’अरे क्या हुआ बच्चा है’’ ! तभी तो भगवान कृष्ण ने कन्हैया के अपने बाल रूप में खूब माखन
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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"भगवान कृष्ण का अपहरण"

व्यंग ०० "भगवान कृष्ण का अपहरण" विवेक रंजन श्रीवास्तव सी - 6 , एम.पी.ई.बी.कालोनी रामपुर, जबलपुर ४८२००८ (भारत) मोबा. ०९४२५४८४४५२ ई मेल vivekranjan.vinamra@gmail.com हाईजैकिंग का जमाना है . जिसकी लाठी उसकी भैँस . मै चिल्लाता रह ही गया " मेरे तो गिरधर ग
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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दो दो किडनी रखने की लक्जरी क्यों ?

व्यंग ०० " दो दो किडनी रखने की लक्जरी क्यों ? " विवेक रंजन श्रीवास्तव सी - 6 , एम.पी.ई.बी.कालोनी रामपुर, जबलपुर ४८२००८ मोबा. ०९४२५४८४४५२ ई मेल vivekranjan.vinamra@gmail.com एक बार बिल क्लिंटन भारत आये थे , तब मीडिया ने उनके हवाई जहाज की लैण्डिंग का ल
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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"रेल्वे फाटक के उस पार"

व्यंग ०० "रेल्वे फाटक के उस पार" विवेक रंजन श्रीवास्तव सी - 6 , एम.पी.ई.बी.कालोनी रामपुर, जबलपुर ४८२००८ (भारत) मोबा. ०९४२५४८४४५२ ई मेल vivekranjan.vinamra@gmail.com मेरा घर और दफ्तर ज्यादा दूर नहीं है , पर दफ्तर रेल्वे फाटक के उस पार है . मैं देश को
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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"मोबाइल प्लान की प्लानिंग"

व्यंग ०० "मोबाइल प्लान की प्लानिंग" विवेक रंजन श्रीवास्तव सी - 6 , एम.पी.ई.बी.कालोनी रामपुर, जबलपुर ४८२००८ मोबा. ०९४२५४८४४५२ ई मेल vivekranjan.vinamra@gmail.com मै सदा से परिर्वतन का समर्थक रहा हूँ .मेरा विश्वास है कि समय से तालमेल बैठा कर चलना प्रगत
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और

हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और इंजी. विवेक रंजन श्रीवास्तव अतिरिक्त अधीक्छण इंजी. सर्तकता म.प्र.राज्य विद्युत मण्डल , जबलपुर फोन ०७६१ २७०२०८१ , मोबाइल ९१ ९४२५१६३९५२ email vivek1959@yahoo.co.in visit my web page http//www.vikasprakashan.blogspot
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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पिछडे हुऐ होने का सुख

व्यंग पिछडे हुऐ होने का सुख विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सदन , नर्मदा गंज , मण्डला म.प्र. भारत पिन ४८१६६१ फोन ०७६४२ २५००६८ , मोबाइल ९१ ९४२५१६३९५२ email vivek1959@yahoo.co.in visit my web page http//www.vikasprakashan.blogspot.com कछुऐ और खरगोश की दौड
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Dec 29 2009 11:56 AM
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भ्रष्टाचार की जय हो !

भ्रष्टाचार की जय हो ! vivek ranjan shrivastava भ्रष्टाचार की जय हो ! एक और घोटाला सफलता पूर्वक संपन्न हुआ . सरकार हिल गई . स्वयं प्रधानमंत्री को एक बार फिर से भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर से कठोर कदम उठाने की घोषणायें दोहरानी पड़ी . एक और उच्चस्तरीय जां
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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आतंकवाद अमर हो

मेरा व्यंग पढ़िये .. अपना अभिमत दीजीये .. और आप भी हिस्सा लीजिये व्यंग लेखन में http://rachanakar.blogspot.com/2009/10/blog-post_24.html
 
Vivek Ranjan Shrivastava
Oct 25 2009 06:43 AM
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कम्प्यूटर पीडित।

व्यंग्य कम्प्यूटर पीडित। विवेक रंजन श्रीवास्तव रामपुर, जबलपुर. हमारा समय कम्प्यूटर का है, इधर उधर जहॉ देखें, कम्प्यूटर ही नजर आते है, हर पढा लिखा युवा कम्प्यूटर इंजीनियर है, और विदेश यात्रा करता दिखता है। अपने समय की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पाकर, श्रेष्ठत
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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आज उड़नतश्तरी जी घर पर ..

आज उड़नतश्तरी जी घर पर .. रामभरोसे की प्रति दी थी सप्रेम , आग्रह किया था कि कभी पधारकर हमारे ब्लाग को भी संवार दें .. व्यस्त जिंदगी में , सब कुछ है हम सब के पास , समय को छोड़कर . पर आज समीर लाल जी पधारे , और उनके हाथ लगने से यह ब्लाग भी कुछ बढ़िया सा लग
 
Vivek Ranjan Shrivastava
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विदेशी शराब की सरकारी दुकान

विदेशी शराब की सरकारी दुकान ये लेखक भी बड़े अजीब किस्म के प्राणी होते हैं, जाने क्यों उन्हें वह सब भी दिखता है, जिसे और लोग देखकर भी नहीं देखते, शहर के मुख्य चौराहे पर गांधी जी की प्रतिमा है, उसके ठीक सामने, मूगंफली, उबले चने, अंडे वालों के ठेले लगते
 
vivek ranjan shrivastava