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17 Jun 2010
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 41

इं-त्यागी ने जी-सुंदरम के सामने टेपरिकार्डर लाकर रखा।‘‘इसमें बी-सी-ओ- के मैनेजर शोरी की दो कालें टेप हैं। पहली उसने कहीं की थी और दूसरी उसके पास आयी थी।’’ उसने बताया और टेपरिकार्ड का स्विच ऑन कर दिया।‘‘यह काल कहाँ की गयी थी?’’ सुंदरम ने पूछा।‘‘यह
 
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Jun 17 2010 08:09 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 40

‘‘अगर राहुल की आत्महत्या के बाद भी पुलिस उसे खोका का मुखिया मानने पर तैयार न हुई तो तुम्हारा अगला कदम क्या होगा?’’‘‘इसके बारे में भी पूरी तैयारी है।’’ खोका संगठन के व्यक्ति ने कहा, ‘‘हमने हर पहलू पर गौर कर लिया है, तब यह प्लानिंग की है।’’‘‘जब तुम्हारे
 
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Jun 16 2010 11:11 AM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 39

कमरा वही पुराना था जहाँ इससे पहले भी वे दोनों कई बार मिल चुके थे। अर्थात खोका संगठन का वह व्यक्ति जो काला चश्माधारी था और लंबी कैप में था और शायद यह उसका स्थायी हुलिया था। जबकि दूसरा भारी भरकम व्यक्ति अर्थात तान्त्रिक था।‘‘राहुल तो गिरफ्तार हो
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 38

इं-त्यागी इस समय बी-सी-ओ- कंपनी के स्थानीय मैनेजर शोरी के साथ बैठा हुआ था।‘‘मि0’शोरी, आपकी कंपनी के एक कार्यकर्ता दीनानाथ की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी है।’’ उसने शोरी की आँखों में देखते हुए कहा। जिसमें यह खबर सुनकर चौंकने के भाव आ
 
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Jun 11 2010 09:27 AM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 37

राहुल लाकअप में पड़ा हुआ मन ही मन उस घड़ी को कोस रहा था जब उसने शहर आने का निर्णय लिया था।‘इससे अच्छा तो अपना गाँव था। सब सीधे साधे लोग थे। अगर लड़ाई झगड़ा भी होता तो केवल लाठी डण्डों से सामने आकर। यहाँ तो ऐसा फंसे कि छूटने की कोई राह नहीं
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 36

‘‘बाहर जीप में एक लाश पड़ी है। उसे पोस्टमार्टम के लिये भेज दीजिए। और पता लगाईए कि मृतक कहाँ रहता था। आप रामसिंह की सहायता ले सकते हैं। क्योंकि इसने उसे अम्बेडकर रोड पर देखा था।’’ सुंदरम ने थानेदार से कहा और थानेदार बाहर जाने लगा। उसके पीछे इं-त्यागी
 
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Jun 03 2010 10:05 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 35

सुंदरम जीप द्वारा वापस थाने जा रहा था। इस समय वह जिस स्थान पर से गुजर रहा था वह कुछ सुनसान था। फिर उसे अपनी जीप की गति धीमी कर लेनी पड़ी क्योंकि सामने कोई व्यक्ति औंधे मुंह पड़ा हुआ था। उसने जीप उस व्यक्ति के पास जाकर रोकी और नीचे उतरकर उसका
 
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May 31 2010 06:40 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 34

‘‘मि० गिरधारीलाल, राहुल के लिये मकान का प्रबन्ध् आप ही ने किया था?’’ सुंदरम ने पूछा। इस समय वह गिरधारीलाल के आफिस में बैठा उससे बात कर रहा था।‘‘जी हाँ। उसे मकान की समस्या थी। और मेरा वह मकान दो वर्षों से खाली पड़ा था। अत: मैंने उसे वह दे
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 33

‘‘यदि ऐसी बात हुई होगी तो हमें यह मानना पड़ेगा कि खोका और बी-सी-ओ- में कोई साँठगाँठ है। यह साँठगाँठ किस प्रकार की हो सकती है?’’ सुंदरम ने शून्य में घूरते हुए कहा, ‘‘शायद इस प्रकार की कि बी-सी-ओ- ने खोका के लिये कोई घातक प्रोग्राम बनाया और खोका
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 32

राहुल को लाकअप में डाल दिया गया।‘‘यह पहला व्यक्ति है खोका संगठन का जो हमारे हाथ लगा है।’’ इं-त्यागी बोला। इस समय वह जी सुंदरम के साथ उस थाने में बैठा था जहाँ राहुल बन्द था। राहुल का मकान सील करके पेटियां पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली थीं।‘‘हूं। यह भी हो
 
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May 22 2010 08:48 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 31

‘‘क्यों? अन्दर ऐसी क्या खास बात है?’’ इं-त्यागी ने पूछा।‘‘बात यह है इंस्पेक्टर साहब कि अन्दर भूत हैं। इसी कारण मैंने उधर ताला लगा दिया है।’’‘‘भूत हैं?’’ सुंदरम ने आश्चर्य से कहा, ‘‘कैसे भूत?’’राहुल ने अपने साथ घटी पूरी घटना कह सुनाई।
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 30

राजनगर पहुंचकर वह इं-त्यागी से मिला।‘‘सबसे पहले तुम मुझे राहुल के बारे में बताओ।’’ जी-सुंदरम ने उससे कहा।‘‘अभी तक कोई ऐसी खास बात नहीं हुई है कि उसे मुजरिमों का साथी मान लिया जाये। किन्तु उसपर शक ज़रूर किया जा सकता है। जब मैं उससे मिला, उसके बाद घर
 
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May 16 2010 04:12 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 29

सुंदरम को नागालैण्ड आये हुए आज दूसरा दिन था और वह किसी सूत्र की तलाश में उस क्षेत्र में घूम रहा था जो खोका की माँग में था। अभी तक उसे इस क्षेत्र में कोई विशेष बात नहीं दिखाई दी थी सिवाय इसके कि कुछ विदेशी यहाँ घूम रहे थे।फिर उसने एक
 
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May 13 2010 06:02 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 28

काला चश्मा और लंबी कैप लगाये खोका संगठन का वह व्यक्ति एक बार फिर भारी भरकम व्यक्ति के सामने उसी साउंडप्रूफ कमरे में बैठा हुआ था जहाँ इससे पहले वे दोनों मिले थे।‘‘तो पुलिस को यह पता लग गया कि गृहमन्त्री की हत्या में एक विशेष प्रकार का कम्प्यूटर
 
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May 10 2010 06:13 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 27

राहुल ने जब से उस मकान में भूत देखा था, उससे एक पल के लिये भी वहाँ नहीं रुका जा रहा था। उसने अपना सामान जो थोड़ा सा था, सूटकेस में रखा और रामदयाल के घर की ओर चल पड़ा। वह इस बात से अनभिज्ञ था कि सादी वर्दी में एक पुलिस वाला उसका पीछा कर रहा है।जब वह
 
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May 08 2010 10:52 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 26

जी-सुंदरम ने खोका की फाइल देख ली थी। उस फाइल में खोका द्वारा सरकार से की गयी माँगों का भी उल्लेख था। ये माँगें उसके मस्तिष्क में चकरा रही थीं। नागालैण्ड भारत के उन राज्यों में से एक है जहाँ म्यांमार की सीमा मिलती है। खोका ने नागालैण्ड तथा म्यांमार
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 25

इं-त्यागी अब गिरधारीलाल के पास जा रहा था।गिरधारीलाल अपने आफिस में ही मिला। वह अपने सेक्रेटरी रामकुमार वर्मा से कारोबार के बारे में बातचीत कर रहा था।इं-त्यागी ने उससे अपना परिचय कराया। गिरधारीलाल ने उसे सामने कुर्सी पर बैठने का संकेत
 
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May 02 2010 11:26 AM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 24

इं- त्यागी एक बार फिर साफ्ट प्रो कंपनी के आफिस में सिंगली के सामने बैठा था।‘‘मि0 सिंगली, क्या आप की कंपनी ने प्रोग्राम तैयार करने के लिये किसी अन्य कंपनी की भी सहायता ली थी’’‘‘हाँ। गिरधारीलाल एण्ड कंपनी की। वैसे प्रोग्राम तो पूरा हमारी
 
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क्या हम अपना भविष्य देख सकते हैं

पढ़ें मेरा लेख, परिकल्पना ब्लॉग उत्सव पर जीशान जैदी 
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 23

वह गाँव का निवासी था और गाँव के अधिकतर लोगों की तरह भूत प्रेत में विश्वास रखता था। उसने स्वयं अपने कानों से इस प्रकार की कहानियाँ सुनी थीं और कहानियां सुनाने वालों ने विश्वास भी दिलाया था कि वे सच्चे किस्से सुना रहे हैं।यह एक विडंबना ही
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 22

आज छुट्‌टी का दिन था।किन्तु राहुल को आज भी फुर्सत नहीं थी। आज सुबह से वह नये मकान की सफाई में लगा था। लगता था कि यह मकान बहुत दिनों से खाली पड़ा हो। जगह जगह मकड़ियों के जाले, चिड़ियों के घोंसले और हर वस्तु पूरी तरह धूल से अटी हुई थी।दो कमरों की
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 21

सुंदरम जब सी-आई-डी के चीफ के पास पहुंचा तो उस समय वह किसी फाइल के अध्ययन में लीन था। सुंदरम को देखकर उसने सामने बैठने का संकेत किया।‘‘क्या हुआ? तुम्हारा केस कहाँ तक पहुंचा?’’‘‘हत्या का ढंग तो पता चल गया है।’’ सुंदरम ने चीफ को सारी बातें बताते हुए कहा,
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 20

‘‘ओह, तो ये बात थी। मि0भार्गव, क्या आप जानते हैं कि इन तरंगों का प्रयोग कहाँ किया गया था?’’‘‘किसी के कत्ल में किया गया होगा। जिसका केस आपको दिया गया है।’’‘‘जी हाँ। इनका प्रयोग गृहमन्त्री की हत्या में किया गया था।’’‘‘ओह! आई सी। वह अपराधी भी वास्तव
 
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Apr 22 2010 06:20 PM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 19

‘‘हलो सुंदरम, बहुत दिन बाद दिखायी दिये।’’ प्रोफेसर भार्गव ने सुंदरम से हाथ मिलाते हुए कहा।‘‘तुम्हारे पास तो मैं तब ही आता हूं जब किसी केस में वैज्ञानिक अड़चन आ जाती है। आज भी मैं तुम्हारे पास एक समस्या लेकर आया हूं।’’‘‘वह तो मैं पहले ही समझ गया था कि तुम
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 18

जी-सुंदरम इस समय पुलिस कम्प्यूटर रूम की ओर जा रहा था। कुछ देर पहले उसकी फोन पर इं-त्यागी से बात हुई थी। उसने दोनो कंपनियों से हुई बातचीत उसे सुना दी थी और कहा था कि अभी वह कुछ समय और राजनगर में रुकेगा क्योंकि दोनों कंपनियों से बातचीत के बाद केस में एक
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 17

‘‘मुझे केवल यह नहीं देखना है कि तुम्हारी सीडी या प्रोग्राम कहाँ गायब हो गया बल्कि महत्वपूर्ण ये है कि गृहमन्त्री की हत्या किस प्रकार हुई।’’ इं-त्यागी अपने मन में कह रहा था।लगभग दस मिनट बाद वह बी-सी-ओ- कंपनी के कार्यालय में मैनेजर शोरी के सामने बैठा
 
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Apr 14 2010 09:27 AM
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 16

इं-त्यागी साफ्ट प्रो कंपनी के ब्रांच मैनेजर सिंगली से उसके आफिस में मिला।‘‘मि0 सिंगली, गृहमन्त्री की हत्या के बारे में तो आपको मालूम ही है। मैं उस केस की तफ्तीश कर रहा हूं। और इस सम्बन्ध में मैं आपकी सहायता चाहता हूं।’’‘‘मुझे आपकी सहायता करके
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 15

इस साउंडप्रूफ कमरे में केवल दो व्यक्ति बैठे हुए थे, जिसमें से एक के हुलिये के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता था। क्योंकि काले चश्मे तथा लम्बी कैप ने उसका चेहरा पूरी तरह छुपा लिया था। उसने एक ढीला ढाला ओवरकोट पहन रखा था।दूसरा व्यक्ति भारी भरकम
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 14

‘‘क्या तुमने उन सीडीज़ के प्रोग्राम चेक किये जो मैंने तुम्हें कल दी थीं?’’ इं-त्यागी ने कम्प्यूटर रूम के इन्चार्ज से पूछा।‘‘यस सर। उसमें से एक सी-डी में तो प्रोग्राम है लेकिन दूसरी सीडी पूरी तरंह खाली है।’’ इन्चार्ज ने जवाब दिया।‘‘खाली है?’’ इं-त्यागी ने
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 13

‘‘यार, तुम्हें अपने गाँव की याद नहीं आती कभी? तुमने जब से उसे छोड़ा है, कभी मुड़कर भी वहाँ नहीं गये।" राहुल ने रामदयाल को संबोधित किया। अभी वह वहीं रह रहा था। उसने किराये का मकान लेना चाहा था लेकिन रामदयाल ने मना कर दिया था।‘‘फुर्सत ही नहीं मिली। कई
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 12

अगले दिन एक नया हंगामा शुरू हो गया। ‘खोका’ नामक एक आतंकवादी संगठन ने गृहमन्त्री की हत्या की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। उसने घोषित किया कि गृहमन्त्री तथा आठ अन्य लोगों की हत्या उसी ने की है।खोका एक खतरनाक आतंकवादी संगठन था। इससे पहले भी उसने दो
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 11

‘‘अगर आप कोई आवाज़ सुन रहे हों तो यह जरूरी नहीं कि उस आवाज को पैदा करने वाला आपके आसपास हो। हो सकता है वह मीलों दूर बैठा किसी मोबाइल या ट्रान्स्मीटर द्वारा अपनी आवाज आप तक पहुंचा रहा हो।’’‘‘आप कहना क्या चाहते हैं मि0 सुंदरम?’’‘‘मैं यह कहना चाहता हूं कि
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 10

क्या पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ गयी सर?’’ सब इं- मोहित कुमार ने इं- त्यागी से पूछा।‘‘हाँ! रिपोर्ट के अनुसार उन सभी की मृत्यु मस्तिष्क की रगों के फटने से हुई है। लेकिन ऐसी क्या बात हुई कि उन सभी के मस्तिष्क की रगें एक साथ फट गयीं?’’‘‘यही तो पहेली है। अगर यह
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 9

सी-आई डी- की केन्द्रीय शाखा का दफ्तर बहुमंजिला था, जिसके एक कमरे में सी-आई-डी- का एक अफसर जी-सुंदरम अपने चीफ के सामने बैठा हुआ था। चीफ कह रहा था, ‘‘वैसे तो इस केस को इंस्पेक्टर त्यागी को सौंपा गया है, किन्तु गृहमन्त्री की हत्या एक महत्वपूर्ण
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 8

इस भयंकर दुर्घटना का पता बाहरी व्यक्तियों को तब लगा जब एक वेटर भोजन के बारे में पूछने के लिए उस कमरे में प्रविष्ट हुआ। कमरे का दृश्य देखकर एक पल को तो उसकी कुछ समझ में ही नहीं आया फिर जब उसने वहाँ उपस्थित सभी व्यक्तियों को मृत पाया जिनके नाक और कान
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 7

‘‘एक कारण हो सकता है दोनों के प्रोग्राम समान होने का’’ एक कम्प्यूटर विशेषज्ञ बोला। ‘‘वह क्या?’’ दोनों ने एक साथ पूछा।‘‘तकनीक की चोरी। यानि इनमें से किसी एक कंपनी ने दूसरे की तकनीक चुरायी है।’’‘‘मेरी कंपनी तो ऐसा कदापि नहीं कर सकती। वह विश्व की
 
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पूरी दुनिया में हिंदी विज्ञान कथा का जलवा

World viewers of http://hindisciencefiction.blogspot.com Reference : http://www.histats.com/
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 6

सिंगली के सामने इस समय ओवर कोट पहने हुए और काला चश्मा लगाये एक व्यक्ति बैठा हुआ था। उन दोनों के मस्तकों पर पड़ी लकीरें बता रही थीं कि दोनों के बीच कोई तनावपूर्ण बातचीत हो रही है।‘‘क्या तुमने गिरधारीलाल एण्ड कम्पनी की ओर से आये हुए साफ्टवेयर
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 5

‘‘आज आपका पहला काम यह है कि इस पैकेट को साफ्ट प्रो कंपनी को पहुंचाना है। मैं उसका पता समझा देता हूं।’’ मि0 भटनागर ने राहुल को पैकेट की ओर संकेत किया जो सामने मेज पर रखा हुआ था। उसका साइज उतना ही था जितना एक मोटे उपन्यास का होता है।फिर वह विस्तार से राहुल
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 4

अगले दिन राहुल गिरधारीलाल के आफिस में मौजूद था। गिरधारीलाल रामदयाल का कारोबारी दोस्त था और रामदयाल ने फोन पर उससे बात करने के पश्चात राहुल को वहां भेजा था।‘‘मि0 राहुल। जाईये आपको बॉस बुला रहे हैं।’’ थोड़ी देर बाद सेक्रेटरी ने
 
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