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लखनऊ का सृजन
रंजना दीन की क़लम से तुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीचतुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीचन जाने कितने ऐसे पल आयेजब भीड़ में होते हुए भीदिखे सिर्फ तुम हीसुना सिर्फ तुमकोतुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीचहमें याद रहा कि लंच टाइम हो गयातुमने खाना खाया होगा
Jun 09 2010 06:44 PM


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