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आते हुए लोग

http://venuskesari.blogspot.com/
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16 Jun 2010
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जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन के गठन के लिए बधाई व भविष्य के लिए हार्दिक शुभकानाएं |

मुझे ब्लोगिंग से पाठक के तौर पर जुड़े २ वर्ष से अधिक का समय हो गया, इस बीच संचार सेवा के द्वारा तो बहुत लोगों से संपर्क बना हुआ है, कई ब्लॉगर्स से लगभग रोज बात होती है मगर आप भी सहमत होंगे कि प्रत्यक्ष  मिलने का जो मज़ा है वो फोन या चैट मे कहाँ
 
वीनस केशरी
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“चाँद पर चांदनी नहीं होती” पर समीक्षा - वीनस केशरी

कुछ किताबें होती हैं जिन्हें एक प्याली गर्म चाय की तरह पीया जाता है, देर करने पर चाय ठंढी हो जाती है, लुत्फ़ खत्म |वहीं कुछ किताबें कच्चे आम और पुदीने की चटनी की तरह होती हैं, थोड़ा थोड़ा खाते रहिये और आपका रोम रोम चटपटा हो जाए | “चाँद पर चांदनी नहीं
 
वीनस केशरी
May 31 2010 07:36 PM
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जिन्दगी इक प्यास है, जो नहीं बुझती कभी - वीनस केशरी

पता नहीं लोग कैसे इतना सब कुछ लिख लेते हैं,, कहाँ कहाँ की बातें, सारे जहाँ की बातेंअक्सर सोचता हूँ कि काश...... मैं भी ऐसा लिख सकूं जो पढने वाले को एक प्याली बढ़िया अदरक वाली चाय का लुत्फ़ दे सके पिछले दिनों मुझे अनुभव हुआ कि आजकल
 
वीनस केशरी
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मेरा "मैं" और हमारा "सफर" - वीनस केशरी

मेरा “मैं” मुझ जैसे कितने ही “मै” के साथ मिला हुआ था,, और सब मिल कर “बादल” थे, किसी के पास अपना “मैं” नहीं था,,,,, और जब बारिश हुई तो सब अपना अपना हिस्सा ले कर अलग हो गये, जब बारिश हुई तो मुझे पता चला मै, “मै” हूँ | ना जाने सब कहाँ गये, किसने क्या
 
वीनस केशरी
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सीख करना तू नक़ल - वीनस केशरी

आज के शायर से वीनस, सीख करना तू नकल कुछ पुरानी कब्र खोदो, फिर लिखो कोई गजल रूह को छू कर जो गुजरे, उसकी अब कीमत नहीं विश्व शान्ति भूल कर, अब लिखा कर तू कतल सीख करना तू नक़ल गर नहीं आता तुझे है, झूठ का करना वरण झूठी बातें कुछ तू लिख ले, रट ले फिर हर अवतरण
 
वीनस केशरी
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भविष्य की कुछ बाईक्स, सुपर बाईक्स, फोल्डिंग बाईक्स, और कुछ वो जो सुपर बाईक्स से भी कुछ ज्यादा हैं – वीनस केशरी

लीजिए पेश है भविष्य की कुछ बाईक्स, सुपर बाईक्स, फोल्डिंग बाईक्स, और कुछ वो जो सुपर बाईक्स से भी कुछ ज्यादा हैं इस सीरीज पर पिछली तीन पोस्ट को आपने बहुत पसंद किया व सराहा, धन्यवादजिसने भी इस सीरीज की पिछली तीन पोस्ट नहीं पढ़ी व देखी , जरूर देखेंपहली
 
वीनस केशरी
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हिन्दी ब्लोग्स के लिए गूगल एड की सुविधा फिर से शुरू, चलिए पैसा कमाया जाये

आज सत्य नाम के एक ब्लॉग पर पोस्ट देखी जहां फोटो लगा कर बताया गया कि हिंदी में गूगल एड की सुविधा फिर से शुरू हो गई है और उन्होंने ब्लॉग पर एड लगा भी दिया है  मेरे लिए तो ये बिलकुल नई खबर है क्या ये सच है कि गूगल ने फिर से यह सुविधा हिंदी ब्लोग्गेर्स
 
वीनस केशरी
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अनोखे मोबाइल जो आपको सम्मोहित करने की कूवत रखते हैं – वीनस केशरी

इस सीरीज की यह तीसरी पोस्ट है, पहली पोस्ट में आप  कुछ अनोखे कंप्यूटर और दूसरी पोस्ट में कुछ अनोखे लैपटॉप से रूबरू हुए,,,इस पोस्ट में आपको अनोखे मोबाईल पेश कर रहा हूँ लंबी रेंज है इसलिये कुछ और ना कहते हुए सीधे उसी दुनिया में ले चलता हूँ जहाँ जा कर
 
वीनस केशरी
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कुछ अनोखे लैपटॉप जो हमारी दुनिया को बदल देंगे -- आज देखिये कल खरीदिएगा

तीन साल पहले जब हमने लैपटॉप खरीदा तो लगा दुनिया जीत ली और नेट कनेक्शन तो पहले से उपलब्ध था फिर धीरे धीरे लोग डेस्कटॉप की जगह लैपटॉप को प्राथमिकता देने लगे और लैपटॉप एक सामान्य वास्तु बन बन रह गयी ..मगर आने वाले समय में जो लैपटॉप हमारे हाँथ में होगा वो आज
 
वीनस केशरी
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कुछ अनोखे कंप्यूटर जिन्हें हम कल इस्तेमाल करेंगे, आज देख कर काम चलाईये :):)

तकनीक का सफर ऐसा सफर है जिसमें मंजिल की कोई खबर नहीं , तकनीक हमें कहा ला चुकी है ये तो पता है मगर आगे  हमें कहाँ  ले जायेगी और कैसे ले जायेगी  इसका कोई रास्ता मुकर्रर नहीं है मगर आने वाले मोड पर हमें क्या मिलाने वाला है इसका अनुमान
 
वीनस केशरी
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तिलक जी से होली के उपहार में मिली एक गजल

कल  तिलक जी से चैटिंग कर रहा था तो मैंने होली पर निकाला एक  मतला  उन्हें पढ़ाया  , मतला क्या बस कुछ होली टाईप के भाव थे जिसे बिना किसी सोच के एक कागज़ पर नोट कर लिया था  और तिलक जी को पढ़ा दियाउसको रंगने का मौक़ा हम सरकारी
Mar 03 2010 12:50 AM
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अर्श भाई आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई, तोहफा कबूल करिये

आज २६ फरवरी को  हम सब के चहेते और मेरे गुरु भाई प्रकाश सिंह “ अर्श भाई ” का जन्मदिन है आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं सारा ब्लाग जगत आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता है अर्श भाई के ब्लॉग का लिंक http://prosingh.blogspot.com/ये हजल
Feb 25 2010 11:02 PM
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थर्माकोल का एक और नया माडल -- वीनस केशरी

पिछली दो पोस्ट से मै अपने द्वारा  बनाए थर्माकोल के माडल पेश कर रहा हूँ जो आप सभी पाठकों का विशेष पसंद आया और आपने कमेन्ट द्वारा और मेल करके भी प्रोत्साहित किया जिसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद पिछली पोस्ट पर  गुरु जी श्री पंकज सुबीर जी का
Feb 13 2010 12:28 AM
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थर्माकोल के कुछ और माडल्स -- वीनस केशरी

पिछली पोस्ट पर कई लोगो के कमेन्ट मिले की ये माडल तो हम देख चुके है इसलिए इसबार वाटर हार्वेस्टिंग का ये माडल आपके सामने है इन थर्माकोल  माडल्स को बनाने में २ से ३ दिन का समय लगता है एक बार बना लेने पर वही माडल १ से २ दिन में बन जाता है जैसे ये वाटर
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मगर ये मुई छूटती भी तो नहीं -- वीनस केशरी

गुरु जी की क्लास में जोर शोर से तरही  मुशायरा चल रहा है सभी गुरु भाइयों ने, नव आगंतुको ने और आदरणीय विशेष अतिथियों ने एकदम कमाल धमाल गजल भेजी है मुशायरे में की पढ़ कर मजा आ गया सभी गुरु भाइयों सनायानुसार पोस्ट भीलागाते रहते है अपने अपने ब्लॉग
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वो ठूंठ खड़ा कब तक..............

बहुत दिन से कुछ नया नही लिखा इसलिए पोस्ट भी नही डाली अब लग रहा है जब नेट पर फ़िर से सक्रीय हो गया हूँ तो कोई पोस्ट भी की जाए आज बहुत पुरानी एक कविता पोस्ट कर रहा हूँ जो मैंने तब लिखी थी जब नया नया लिखना शुरू किया था डायरी पर कविता लिखने की तारिख भी पड़
Dec 29 2009 11:51 AM
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जाने क्या सोंच कर गया था जाने क्या सोंच कर लौटा हूँ

इतने दिन नादारद रहा जैसे भूल गया हूँ इस दुनिया को मगर लौटा हूँ फ़िर से जाने क्या सोंच कर गया था जाने क्या सोंच कर लौटा हूँ फिलहाल इतने दिनों में क्या किया इसकी एक झलक आपके सामने प्रस्तुत है फ़िर से कोशिश करूंगा नियमित उपस्थिति बनी रहे
Dec 29 2009 11:51 AM
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क्या हिन्दी सचमुच शर्मसार हुई है -- मुझे तो नही लगता (वीनस केशरी)

हिन्दी भाषा को लेकर जो प्रकरण मुंबई में हुआ, सभी का मन आहत है और होना भी चाहिए अगर कोई हिन्दी बोलने भर से थप्पड़ खाए  मगर क्या हिन्दी शर्मसार हुई ??? मुझे नहीं लगता की हिन्दी शर्मसार हुई या हिन्दी प्रेमियों के लिए ये कोई काला दिवस होना
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हुर्रे..... एक साल पूरा हुआ -- वीनस केसरी

आज दिनांक 4 सितम्बर २009 को मेरे ब्लॉग का एक वर्ष का सफ़र पूरा हुआ  ब्लोगिंग का सफ़र इस लिए नहीं कह सकता क्योकि मैं ब्लोगिंग तो मार्च २००८ से कर रहा हूँ पहले पूरे ६ महीने तक ब्लोगिंग से एक पाठक के तौर पर जुडा रहा फिरगुरु जी श्री पंकज  सुबीर
Sep 04 2009 04:11 AM
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निरिख खो गई -- वीनस केसरी

90 के दशक में जैसे अन्य बच्चों का बचपना पूरे बचपने के साथ गुजर रहा था हम भी अपने बच्चेपन को पूरे बचपने के साथ निभा रहे थे आज जब बच्चों में बचपना गायब देखता हूँ तो बड़ी कोफ्त होती है  लिटिल चैम्प्स रियलिटी शो में दो बच्चे एंकर की भूमिका में हैं
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Sep 02 2009 01:22 AM
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लेख लिखूं या नहीं ? --वीनस केसरी

जब भी विदेश की कोई खबर मिलती है आदतन उसकी तुलना भारत से करता हूँ आज भी जब समीर जी की नई पोस्ट पढी तो उनसे पता चला की टोरंटो मे टरनाडो (Tornado) ने भीषण तबाही मचाई. "मौसम विभाग के अनुसार १८० से २४० किमी की रफ्तार से लेवल २ का तूफान आया" टारनेडो आया और कई
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Aug 28 2009 12:04 AM
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गजल-- ऐसे भी कुछ लोग हैं जो ग़मज़दा मिलते रहे -- वीनस केसरी

आज की गजल मैं अपने गुरु जी पंकज सुबीर जी को समर्पित कर रहा हूँगुरु जी द्वारा दिए गए ज्ञान, मेरी खामियों को दूर करने के सतत प्रयास व दिशानिर्देशन से ही संभव हो सका है की आज मेरी लेखनी निरंतर सुधार की और अग्रसर हैप्रस्तुत गजल आपके सामने आ पायी इसके लिए कहन
Aug 11 2009 11:40 PM
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अलबेला जी आप तो वाकई बेशर्म हैं - वीनस केसरी

अलबेला जी की पिछली पोस्ट पर की गई टिप्पडी को ज्यों का त्यों पोस्ट कर रहा हूँ और साथ में अपना जवाब भी .............................AlbelaKhatri.com ने कहा…KUCHH AUR JYTSNAAYENKUCHH AUR RACHNAAYENKUCHH AUR BENAAMIKUCHH AUR .............BACHE HON TOH UNKI
Aug 01 2009 12:54 AM
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अलबेला जी कुछ तो शर्म कीजिए - वीनस केसरी

प्रस्तुत पोस्ट मै अलबेला जी की ताज़ा पोस्ट के विरोध में लिख रहा हूँ जिसमे उन्होंने रचना जी को संबोधित करके कहा है की उनकी लिखी पिछली पोस्ट सही है और रचना जी को झूटा बताया गया है @ अलबेला जी महोदय आप कह रहे है की आपने लेखिकाओ द्वारा फैलाई जा रही गंदगी को
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पढता सबको हूँ, टिप्पडी नहीं करता...क्या करू और कोई उपाय ही नहीं है -- वीनस केसरी

जुलाई का महीना, बारिश का महीना, स्कूल फिर से खुलने का महीना और पुस्तक विक्रय से समन्धित व्यक्ति का खाना पीना दुश्वार होने का महीना ये सभी बातें एक दूसरे के पर्याय हैं :) मैं भी पुस्तक विक्रय से जुड़ा हुआ हूँ और व्यस्तता इस कदर है की सुबह का खाना शाम क
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गजल-- वो हमें खामोशियों से उम्र भर छलते रहे --वीनस केसरी

११ मई को पोस्ट की गई गजल हम बहारे जिन्दगी की आरजू लिखते रहे के तीन और शेर पुरानी डायरी में मिले गुरु जी श्री पंकज सुबीर जी से इस्लाह कराके आपकी नज़र कर रहा हूँ देखिये कैसे बन पड़े है .... हम बहारे जिन्दगी की आरजू लिखते रहे कुछ पुराने घाव थे जो उम्र भर
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ये मेरे विचार हैं और आपको पूरा पूरा हक़ है इनसे असहमत होने -- वीनस केसरी

पिछले एक हफ्ते में मुझे चार अलग अलग आई डी से मेल मिली जिनमे दो नाम से और दो बेनामी है और चारों से मुझे ऐसा लगा की ब्लॉग जगत में कुछ लोग मुझसे, मेरे ब्लॉग लेखन और पोस्ट के मैटर तथा टिप्पडी के मैटर से सहमत नहीं है और मेल करके मुझसे स्पष्टीकरण चाहते है
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गजल--मुस्कुरा कर जब गले दिलबर मिले--वीनस केसरी

गुरु जी श्री पंकज सुबीर जी के आर्शीवाद और गजल पढ़ कर उत्साहवर्धन करने वाले सुधि पाठकगण के कारण ही आज नियमित लिख पा रह हूँ एक साल पहले तक यह हाल था की साल भर में कोई आठ दस रचना लिख ली तो बहुत बड़ी बात थी और वो भी बेबहर बेकहन, अभी भी ऐसा नहीं लिख पा रहा
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गजल -- शीश महल के हर चेहरे को अपना समझा था -- वीनस केसरी

आज जो भी लिख पा रहा हूँ गुरु जी श्री पंकज सुबीर जी के आर्शीवाद से ही संभव हो पाया है प्रस्तुत गजल भी आपके द्वारा सुधरी जाने के कारण ही प्रस्तुत करने के योग्य बन पाई है शीश महल के हर चेहरे को अपना समझा था भूल हुई जो हर किरदार को अच्छा समझा था . आज तुम
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गजल -- हम बहारे जिन्दगी की आरजू लिखते रहे -- वीनस केसरी

हम बहारे जिन्दगी की आरजू लिखते रहे कुछ पुराने घाव थे जो उम्र भर रिसते रहे . वो हमारी जिन्दगी में छा गए कुछ इस तरह ख्वाब में भी आ के हमसे तयशुदा मिलते रहे . वो हमारे साथ चलने के लिए तैयार थे मेरे दिल में जाने कैसे मखमसे पलते रहे . हमने मांगी छांव जब भ
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गजल-- रात गर हूँ -- वीनस केसरी

रात गर हूँ फिर सहर हूँ . गाँव जैसा इक शहर हूँ . हसरतों की रहगुजर हूँ . कर के वादा मुन्तजिर हूँ . अपने फन से बा खबर हूँ . चख के कह दो मैं जहर हूँ (2122) फा-इ-ला-तुन
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कुछ अनोखे वालपेपर जिन्हें देख कर आपका दिल खुश हो जाएगा श्रंखला भाग 4 (अन्तिम कड़ी )

अब तक मैंने इस श्रंखला में तीन भाग प्रकाशित किए यह चौथा और आख़री भाग आपके सामने है आशा करता हूँ वालपेपर आपको पसंद आयेंगे
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कुछ अनोखे वालपेपर जिन्हें देख कर आपका दिल खुश हो जाएगा श्रंखला --भाग ३

अच्छ लगा यह देख कर की लोगों को वालपेपर कुछ अलग लगे मुझे तो ये डर था लोग कहेंगे क्या बासी माल परोस रहे हो पेश है श्रंखला की तीसरी कड़ी के वालपेपर
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कुछ अनोखे वालपेपर जिनको देख कर आपका दिल खुश हो जायेगा श्रंखला भाग-- 2

मैंने सोंचा था अगर विजिटर की संख्या रिकार्ड होगी तभी मैं इस श्रंखला को आगे जारी रखूंगा देख कर अच्छा लगा की इस श्रंखला के भाग १ को ४० लोगों ने देखा जो मेरे ब्लॉग के लिए रिकॉर्ड है ये बात अलग है की ४ लोगों ने ही टिप्पडी दी अब देखना ये है की इस संख्या म
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कुछ अनोखे वालपेपर जिन्हें देख कर आपका दिल खुश हो जायेगा. श्रंखला 1

यदि आप देखना चाहें तो ऐसे बहुत से वालपेपर है मेरे पास
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१० का नया सिक्का

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज १० का नया सिक्का बाजार में उतरा ये जानकारी तो बहुत पहले से थी की १० का सिक्का बाजार में आने वाला है मुझे लगा था ऐसा चुनाव के बाद होगा, मगर आज भारतीय रिजर्व बैंक ने १० का सिक्का बाजार में उतर दिया और इसका भार केवल ८ ग्राम है य
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गजल -- दिन निकले भी जब उसको सोया ही देखा है --वीनस केसरी

दिन निकले भी जब उसको सोया ही देखा है तुमने सिक्‍के को केवल आधा ही देखा है तुम कैसे कह सकते हो वो कैसा है लिखता तुमने तो अब तक केवल मतला ही देखा है जाने कैसा हुस्‍न छिपा था आखिर चिलमन में हमने तो जब भी देखा बुरका ही देखा है वीनस ऊंचाई को छू कर सच ये म
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गजल लेखन कला की क्लास लेने वाले श्री पंकज सुबीर जी ने नया सत्र शुरु किया

बहुत ही हर्ष का विषय है की हम सब को गजल की बारीकियों से अवगत करने वाले हमारे गुरु जी श्री पंकज सुबीर जी ने गजल लेखन कला का नया सत्र प्रारंभ किया है जो महफिले गजल नामक ब्लॉग पर ३१ मार्च को शुरू किया गया आप पहले भी लगभग १।५ साल से सुबीर संवाद सेवा पर ग
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लोग टिप्पडी करते समय मेरी इस अपील पर बिलकुल ध्यान नहीं देते - वीनस केसरी

आज बड़ी उलझन की स्थिति में ये पोस्ट लिख रहा हूँ ये पोस्ट लिखने से पहले मैं अपनी गजल पोस्ट करने जा रहा था मगर फिर नहीं की और जो सोंच कर नहीं की वही मैं लिख रहा हूँ मैंने टिप्पडी सन्देश में यह स्लोगन लिखा है जिस तरह अच्छी पोस्ट पर अच्छी टिप्पडी करना आपक
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ब्लोगिंग के तकनीकी जानकार महोदय, क्या आप मेरी मदद करेंगे ???

महोदय क्या आप मेरी मदद करेंगे ??? जब से मैंने अपने ब्लॉग का टेम्पलेट बदला है मुझे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है १-------मेरे सरे लिंक गायब हो गए जैसे व्लोग्वानी के लिंक, चिटठा चर्चा का लिंक, मेरे प्रिय ब्लॉग के सारे लिंक, और भी बहुत कुछ चला ग