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16 Jun 2010
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गैस त्रासदी मामले में मूल दस्तावेजों से हेराफेरी

गैस त्रासदी मामले में लापरवाही से हुई मौत की धारा 304ए में एफआईआर कायम की गई। यूनियन कार्बाइड के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन दो दिन बाद जब उनमें से चार लोगों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया तो पुलिस और अदालत दोनों के दस्तावेजों
 
नयनसुख
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हमारे सैकड़ों भोपाल - वेदप्रताप वैदिक

भोपाल का हादसा हमारे हिंदुस्तान का सच्चा आईना है। भोपाल ने बता दिया है कि हम लोग कैसे हैं, हमारे नेता कैसे हैं, हमारी सरकारें और अदालतें कैसी हैं। कुछ भी नहीं बदला है। ढाई सौ साल पहले हम जैसे थे, आज भी वैसे ही हैं। गुलाम, ढुलमुल और लापरवाह! अब से 264 साल
 
नयनसुख
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राजनेताओं, जाच करने वालों जितने ही जिम्मेदार है माननीय जस्टिस अहमदी ...

भोपाल गैस नरसंहार के जितने राजनेता दोषी है, जितने जांच कर रहे आला अफसर दोषी है उतनी ही न्यायपालिका.बेबस गैस पीड़ित अपने परिवार को खोकर दर दर गुहार लगाते रहे, हर दरवाजे पर सोने का जूता खाये हुये सौदागर मौजूद थे और हर दरवाजे से गैस पीड़ितों को निराशा सिर्फ
 
नयनसुख
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ये हैं यूनियन कार्बाइड लि.द्वारा स्थापित ट्रस्ट के आजीवन चैयरमैन एवं एवं भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश ए. एम. अहमदी.

माननीय ए.एम. अहमदी 1994 से लेकर 1997 तक भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं.भोपाल गैस नरसंहार के बाद केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने यूनियन कार्बाइड इन्डिया लि. के विरुद्द धारा 304 (II) में मुकदमा चलाने की सिफारिश की जिसमें दस साल तक की सजा
 
नयनसुख
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क्या सिर्फ अर्जुन सिंह ने किए थे सारे फैसले? -आलोक तोमर

भोपाल के हजारों अभागे गैस पीड़ितों का कानूनी श्राद्ध पूरा हो पाता उसके पहले राजनैतिक कपाल क्रियाएं शुरू हो गई है। अब यह सबको मालूम है कि अर्जुन सिंह ने यूनियन कार्बाइड के चेयरमैन वारेन एंडरसन को सरकारी मेहमान की तरह बाइज्जत गिरफ्तार कर के तीन घंटे में
 
नयनसुख
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विस्फोट के संजय तिवारी के लिये मदन मोहन मालवीय पुरस्कार घोषित

विस्फोट को ब्लागस्पाट पर ब्लाग से शुरूआत करके इसे स्वतंत्र डोमेन पर ले जाकर एक स्वतंत्र पोर्टल में बदल कर आनलाइन स्वतंत्र पत्रकारिता के शुरूआती दौर के अपने साथी संजय तिवारी को इस साल के लिये फीचर राइटर कैटेगरी में मदन मोहन मालवीय पुरस्कार (Madan Moha
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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मुशर्रफ ने पाकिस्तानी सरकार को आतंकवाद पर लगाम न लगाने के लिये डांटा

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने मुंबई में आतंकवादी हमलों के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ संबंधों में तनाव के लिए पाकिस्तान की मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सरकार कि
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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क्या आपने कल स्टारटीवी पर करकरे की मौत का सच देखा है

कल स्टार टीवी पर करकरे की मौत का सच नाम से स्टोरी दिखायी जा रही थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी का बयान बताया जा रहा था जो इन सबके साथ था और बच गया था.लेकिन इस सच को बताते बताते न जाने क्या हुआ, स्टार टीवी ने अपने होंठ सिल लिये. मैं इस घटना को शुरू से नहीं
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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रईस नंदा को मिली आधी-अधूरी सजा

लगातार तीन दिन इंतजार करने के बाद न्यायपालिका में रईसों की चली। जिस अपराध में भारत के भूतपूर्व नौ सेनाध्यक्ष के पोते संजीव नंदा को पहले दस साल की सजा मिलना तय मानी जा रही थी लेकिन लगातार तीन दिन इंतजार के बाद पांच साल की सजा दी गई और उसमें से भी वे द
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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तुझसे बिछड़ के हम भी मुकद्दर के हो गये - स्वर्गीय फराज़ साहब

तुझसे बिछड़ के हम भी मुकद्दर के हो गयेफिर जो भी दर मिला है उसी दर के हो गयेफिर यूं हुआ के गैर को दिल से लगा लियाअंदर वो नफरतें थीं कि बाहर के हो गयेक्या लोग थे के जान से बढ़ कर अजीज थेअब दिल से मेह नाम भी अक्सर के हो गयेऐ याद-ए-यार तुझ से करें क्या श
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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अब किसका जश्न मनाते हो, उस देश का जो तक़सीम हुआ- स्वर्गीय अहमद फराज़ की नज़्म

अब किसका जश्न मनाते हो, उस देश का जो तक़सीम हुआअब किसके गीत सुनाते हो, उस तन का जो दोनींम हुआउस ख़्वाब का जो रेज़ा रेज़ा उन आखों की तक़दीर हुआउस नाम का जो टुकड़ा टुकड़ा गलियों में बे तौक़ीर हुआउस परचम का जिस की हरमत बाज़ारों में नीलाम हुईउस मिट्टी का जिस क
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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अक्ल हर बार दिखाती थी जले हाथ अपने - फराज़ साहब की एक नज़्म

वहशते दिल सिला-ए-आबला पाई लेलेमुझ से या रब मेरे लफ्ज़ों की कमाई लेलेअक्ल हर बार दिखाती थी जले हाथ अपनेदिल ने हर बार कहा आग पराई लेलेमैं तो उस सुबह-ए दरख़्शां को तवांगर जाऊंजो मेरे शहर से कश्कोले गदाई लेलेतू गनी है मगर इतनी है शरायत मेरीये मोहब्बत जो ह
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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भारत नामक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य हमने इसीलिए बनाया था। जय हो भारत भाग्य विधाता!

प्रथम किश्त: मुसलिम बहुल काश्मीर भारत में नहीं रह सकता तो हिन्दू बहुल भारत में मुसलमान क्यों रह सकते हैं?दूसरी किश्त: हमें सत्ता से बाहर बैठाओगे तो हम अलगाववादी और भारत और हिंदू विरोधी आग लगाएंगे ताकि भड़का कर वोट ले सकें।शेख अब्दुल्ला से लेकर मुफ्ती
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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हमें सत्ता से बाहर बैठाओगे तो हम अलगाववादी और भारत और हिंदू विरोधी आग लगाएंगे ताकि भड़का कर वोट ले सकें।

छह साल से जिस जम्मू-कश्मीर में ऐसा लोकतंत्र और खुशहाली चल रही थी उसमें दो महीने में ही ऐसी हालत हो गई कि जम्मू कश्मीर को ठीक करना चाहता है और कश्मीर आजाद होकर पाकिस्तान में मिलना चाहता है। कहते हैं पाकिस्तान इतने साल कोशिश करके भी जम्मू-कश्मीर को आपस
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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भैय्या मेरे छोटी बहिन को न बुलाना

रक्षा बंधन को फिल्मों में बहुत सहजता से उकेरा जाता रहा है। भाई बहिन को लेकर ढेर सारे मधुर मधुर गीत बनते रहे हैं और बनते रहेंगे। इन गीतों में सबसे पहले जो गीत ध्यान में आता है वो है "भैय्या मेरे राखी के बंधन को निभाना"। इसी गीत के आगे के शब्द थे भैय्य
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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क्या मनोज बाजपेई जे के एल एफ के यासीन मलिक की टीम में शामिल हैं?

मनोज बाजपेई के ब्लाग पर दिख रही प्रोफाइल पर क्लिक करके जब इस ब्लाग के टीम मेम्बर्स पर पहुचा तो पाया कि जेके एलएफ के यासीन मलिक भी पुण्य पसून बाजपेई और मनोज बाजपेई की टीम में शामिल हैं।विश्वास नहीं हुआ सो मनोज से पूछ लिया कि क्या वे उस टीम में शामिल ह
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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तेरे दर पे सनम, चले आये

जब इतने सारे ब्लागर मैदान में हैं तो हम ही क्यों पीछे रहें, सो आगये हैं.तेरे दर पे सनम, चले आयेतू न आया तो हम, चले आये.
 
नयनसुख
Dec 29 2009 11:58 AM
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बाबरी और राव का अंतिम सच

जस्टिस लिब्रहान ने जिन एक हजार पन्नों पर अपनी रपट लिखी है, वे बर्बाद हो गए। उन्हीं एक हजार पन्नों पर यदि छोटे बच्चों को क ख ग पढ़ाया जाता तो उनका कुछ बेहतर इस्तेमाल होता।यह कैसी रपट है कि बाबरी मस्जिद तोड़नेवाले एक भी कारसेवक पर वह उंगली नहीं रख सकी। व
 
नयनसुख
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माओवादियों का लाल आतंक देश के लिये गंभीर खतरा है

वोट बैंक की राजनीति के कारण जब पश्चिम बंगाल सरकार ने माओवादियों के सामने एक तरह से समर्पण ही कर दिया, तब वह केंद्रीय बलों को वहां हालात संभालने के लिए बुलाने को बाध्य हुई, ताकि उसकी कुछ तो विश्वसनीयता कायम रह सके। बेशक, माओवाद की समस्या से केंद्र सरक
 
नयनसुख
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कार्टून : बरखा दत्त कर रहीं हैं रिपोर्टिंग एनडीटीवी के लिये

एनडीटीवी द्वारा एक ब्लागर के प्रति की गई ज्यादती पर मुझे ईमेल द्वारा यह कार्टून मिला है, आप भी मुलाहजा फरमाईये.
 
नयनसुख
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मुसलिम बहुल काश्मीर भारत में नहीं रह सकता तो हिन्दू बहुल भारत में मुसलमान क्यों रह सकते हैं?

सिर से गले तक ढ़ंके सुंदर चेहरे वाली महबूबा सईद को टीवी पर तुनकते बोलते सुनता हूं तो मुझे बार-बार चंद्रशेखर की याद आती है। चन्द्रशेखर कोई चार महीने प्रधानमंत्री रहे और आम चुनाव और उसके दौरान राजीव गांधी के दुखद निधन के कारण चार महीने और काम चलाना पड़
 
नयनसुख