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होम्‍योपैथी और स्‍वास्‍थ्‍य

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31 Dec 2009
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बच्चों का कैंसर : एएलएल - कुमार मुकुल

कैंसर यानि कर्कट रोग को सामान्यत: असाध्‍य और कुछ हद तक दु:साध्‍य बीमारी के रूप में जाना जाता है। इसमें भी ब्लड कैंसर, जिसे हिंदी में रक्त कर्कट कहा जा सकता है, का नाम सुनकर आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। यह अभी भी कम लोगों को पता है कि बच्चे भी कैं
Dec 29 2009 11:55 AM
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खुजली पहले मन में होती है फिर त्वचा पर

खुजली को सामान्यत: एक भद्दी पर आसान बीमारी माना जाता है। पर एक तरह से यह रोगों की दुनिया में पहला कदम होता है। पहले आदमी को मानसिक खुजली होती है, यानी बेचैनी होती है। फिर वह शारीरिक खुजली का रूप ले लेती है। खुजली दरअसल आपके विकारों को त्वचा के माध्‍य
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हाय, आप चाय लेंगे - कुमार मुकुल

चाय का आफर मिलने पर अगर कोई चाय पीनेवाला आदमी इनकार करे, तो देखना होगा कि वह वाकई चाय से होनेवाली खामियों के प्रति सचेत हुआ है याफिर उसका फिजिक ही चाय पचा पाने लायक नहीं रह गया है। ऐसे में आप उसे फासफोरस 30 का प्रयोग करने की राय दे सकते हैं। फासफोरस
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पगला कहीं का - कुमार मुकुल

जब कोई प्यार से आपके गाल थपथपाता हुआ कहता है, पगला कहीं का, तो आप उसे स्नेह की अभिव्यक्ति मानते हैं। पर आपकी किसी क्रिया पर आपका संगी अचानक चिल्ला कर कहे कि पगला गए हो क्या, तो आपको विचार करना चाहिए कि कहीं आपका नर्वस सिस्टम उत्तेजित तो नहीं हो रहा।
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आ अब लौट चलें - कुमार मुकुल

जब घर की याद सताए होमियोपैथी में किसी रोग विशेष का इलाज नहीं कियाजाता बल्कि इसमें रोगी के लक्षणों के आधार पर दवा का चुनाव किया जाता है। फिर वैसे ही लक्षण पैदा करनेवाली दवा की खुराकें देकर उस लक्ष‍ण को दूर किया जाता है। इस तरह रोग भी जड़ से दूर हो जाता
Dec 29 2009 11:55 AM
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गैस भी हृदय रोग का कारण बन सकता है - कुमार मुकुल

पेट में गैस बनने से कई तरह की परेशानिया¡ पैदा होती हैं। सिर दर्द, पेट दर्द से लेकर हृदय दर्द तक के मूल में पेट में गैस का बनना हो सकता है। एक हृदय रोगी छाती में दर्द से परेशान थे। वे डीएमसीएच और एम्स में अपना इलाज करा रहे थे। साल भर पहले उन्हें हृदय
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चीथड़ों में भी खुद को धनवान समझता है सल्‍फर का रोगी

होम्‍योपैथी एक ऐसी चिकित्‍सा पद्धति है जिसमें निदान के लिए मन को केंद्र में रखकर विचार किया जाता है। इसमें माना जाता है कि रोग पहले मन को ग्रसता है फिर वह तन में प्रकट होता है। इसलिए अगर मन के विकार को समझ कर उसका ईलाज किया जाए तो बीमारी बाद में जड़
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स्‍वाद मर जाने पर हम मिक्‍सचर पसंद करते हैं

एक पुरानी कहावत है कि चालीस पार का व्‍यक्ति अपना डाक्‍टर आप होता है...। मतलब प्रौढ़ वय का होने तक हर व्‍यक्ति सहज ढ़ंग से स्‍वास्‍थ्‍य के रहस्‍यों से परिचित हो जाता है। अगर आप चीजों के मूल रूप, रंग, गंध, स्‍वाद आदि को पहचानते हैं तो आप जीवित हैं, स्‍
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रोगों की पूर्व सूचक - खुजली

खुजली इस बात की सूचक है कि रोग विषों ने आपके शरीर में डेरा बनाना आरंभ कर दिया है। होम्‍योपैथी में इस रोग विष को सोरा पुकारा जाता है। और सोरा को सभी रोगों का जनक माना जाता है। शरीर में पहले पहल जब रोग विष जड़ जमाने लगते हैं तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणा
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इन आंखों से बावस्‍ता...

इन आंखों से बावस्‍ता अफसाने हजारों हैं ... यह गाना आपने सुना होगा पर इन आखों से जुड़े अफसानों को आप तब पढ़ पाएंगे जब वे स्‍वस्‍थ हों। खाने में नमक का प्रयोग उसे स्‍वादिष्‍ट बनाता है पर इसका ज्‍यादा प्रयोग कई बीमारियों का कारक बनाता है। आंख की अधिकांश
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दांत दर्द - अन्‍य दवाएं

दांद दर्द में या तो दांतों की जड़ अंदर से सड़ जाती है या वह गलने लगती है और अक्‍लदाढ़ में खोडरे या गड्ढे बनने लगते हैं। इनमें जब फंस कर अन्‍न के टुकड़े सड़ने लगते हैं तो कई तरह की परेशानियां पैदा होती हैं। एलोपैथ अक्‍सर खोडरे को सोना चांदी या पत्‍थर
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अक्‍लदाढ़ का दर्द

चर्चित कवि मंगलेश डबराल को जब आयोवा यात्रा के दौरान भयानक दांत दर्द ने परेशान किया, तो जांच के बाद डाक्‍टरों ने पूछा कि आपकी अक्‍लदाढ़ उखाड़नी होगी, तो मंगलेश ने इस पर चुटकी लेते कहा - अगर अक्‍लदाढ़ उखड़वाना ही इलाज है तो मैं उसे स्‍वदेश में ही उखड़व
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आश्‍चर्यजनक रूप से तीसरे दिन लडकी का मेन्‍स चालू

हैदराबाद स्‍टार फीचर्स में जब मैं हिन्‍दी का एडीटर था तब वहां साथ एक चित्रकार काम करते थे। जब उन्‍होंने जाना कि मैं कुछ होम्‍योपैथी जानता हूं तो एक दिन उन्‍होंने अपनी समस्‍याएं बतायीं। समस्‍या उनकी पत्‍नी और बेटी को लेकर थी। बेटी को लेकर उन्‍होंने बत
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कुछ लोग जिनके आरोग्‍य में मदद मिली होम्‍योपैथी से

राजूरंजन प्रसाद - पटना राजू मेरे अभिन्‍न मित्रों में हैं, हमारी दोस्‍ती के अब दो दशक होने को हैं वे मेरे पडोसी भी हैं। गहरी दोस्‍ती के बावजूद होम्‍योपैथी पर उनका विश्‍वास नहीं था। जबकि उनके ससुर होम्‍योपैथी में ही हर मर्ज की दवा ढूंढ लेते हैं। अब भी
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दांत किटकिटाने का मतलब पेट में कीड़ा होना ही नहीं - कुमार मुकुल

हर बार दांत किटकिटाने का मानी पेट में कीड़ा होना नहीं होता। कीड़ों के लिए अनुकूल वातावरण होने पर एक बार उन्हें दवा से मार देने के बाद भी वे बार-बार पनप जो हैं। मीठा और मांस-मछली अधिक खाने से भी पेट में कीड़े पनप जाते हैं। इन आदतों पर नियंत्रण करना होगा।कीड़े
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ईर्ष्‍यालु और आपे से बाहर रहने वालों की दवा है - नक्‍स वोमिका

जहां सोरा या कच्‍छुविष निवारक मुख्‍य दवाओं में सल्‍फर महत्‍वपूर्ण है वहीं बहुरोगमुकित्‍कारक दवाओं में नक्‍स की गिनती होती है। बहुत सारी उल्‍टी-पुल्टि दवाओं के दुष्‍प्रभाव को भी नक्‍स दूर करती है। कब्‍ज की भी यह प्रमुख दवा है। नक्‍स के रोगी को भी उसके