मिसगाइडेड मिसाइल's Image

मिसगाइडेड मिसाइल

http://confusionhai.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
11 May 2010
कुल प्रविष्टियां
31
पाठक भेजे
1986
पसंद
51
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
64.06
पसंद करें
4
नापसंद करें

क्यूंकि मैं दूरदर्शन में हूं ।

हमारा दोस्त आशुतोष पाण्डेय है । दून में पढा है ..स्मार्ट भी है सिर्फ दिखने में ही नही बल्कि अपनी काबलियत से भी । कुछ दिन पहले वो एक साक्षात्कार में गया ..अंग्रेजी के लब्धप्रतिष्ठित चैनल में ..इंटरव्यू में उसके सामने थे उस चैनल के प्राइम टाइम एंकर और या
 
कुमार आलोक
पसंद करें
1
नापसंद करें

भूत पड गया लालाजी के चक्कर में - एक लोककथा

कायस्थ लोग कलम के तेज या कहे धनी होते है । बिहार में कहावत है कि क्षत्रिय के तलवार के धार से भी बडी धार होती है लालाजी के कलम में । लाला जी की नयी नयी शादी हुयी थी । पढे लिखे थे लेकिन कहीं नौकरी नही थी । एक आध साल के बाद उनकी धर्मपत्नी लगीं लाला जी को
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

नजर सुरक्षा चक्र -- इलाज से बढिया ऐहतियात बरतें

नाम- मिसेज देसाइ ...राजस्थान की रहने वाली ..इनके पति बहुत बडे व्यवसायी है । दस साल पहले इनकी बर्तन की एक छो‍टी सी दूकान थी । अपनी मेहनत और कर्म के बलबूते आज इनकी बर्तन की तीन तीन बडी फैक्टरियाँ है । सब कुछ ठिक ठाक चल रहा था । एक दिन इनकी चाची सास इनके घर
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

हमारे जनप्रतिनिधी

ये दोनो प्रसंग सिनापा जी ने हमें भेजा है ॥आपके सामने रखने में मजा आयेगा । ) ( एक) बिहार में संविद की सरकार गिर गयी थी । शोषित दल की सरकार बनी थी । उस मंत्रीमंडल में एक मंत्री किसी मठ के महंत थे । महंथ जी के पास एक फाइल आयी । फाइल चूंकी महत्वपूर्ण थी
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

शोले के महाराज

हमारे एक मित्र बनारस गये थे । उन्होने एक वाक्या सुनाया ..अच्छा लगा इसलिये आपलोगों के साथ भी शेयर कर रहा हूँ। सन १९७५ में शोले फिल्म की तैयारी चल रही थी ..जिपी सिप्पी इसे एक अनोखी फिल्म बनाना चाहते थे । खैर फिल्म अनोखी बनी भी । फिल्म के सीन में उन्हें
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

दलों के लिये आंखे खोलने वाला है यह परिणाम

कुमार आलोक said... ) मुंबइ में आतंकी हमले के बाद मेरे एक पत्रकार मित्र ने दिल्ली से फोन किया मैं उस समय पटना में था । कांग्रेस निपट गइ भइया ..चारो स्टेट में बीजीपी को क्लीयर मैंडेट मिल गया । मेरा दोस्त बडे चैनल में है । हमें लगा कि सचमुच कांग्रेस के
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

छत्तीसगढिया सबले बढिया

एक बार आया था छत्तीसगढ ..थोडा दिन रायपुर में रुका और चला गया था । इस बार लगभग आधा छत्तीसगढ घूम गया । चुनाव कवर करने आया हूं। कांग्रेस और भाजपा यहां के प्रमुख राजनैतिक दल है ..लेकिन अगर नेताओं की बात करें तो बडे नेता या कहे कि उंची रसूख रखने वाले नेता
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

फिल्म इंडस्ट्री को कमजोर किजीये ..एमएनएस को जबाब मिल जाएगा ।

एम एन एस का नामलेवा कोइ नही था ..बिहार के कतिपय नेताओं ने राज को अमर कर दिया , कांग्रेस को लगता है कि राज को प्रोत्साहित करने से शिवसेना का वोट बंटेगा और आनेवाले चुनावों में कांग्रेस इसका फायदा उढा लेगी । बिहार के विद्यार्थियों के साथ जो कुछ भी मुंबइ
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

सेल के सौजन्य से

रामविलास पासवान जी भी डाइनमिक नेता है । बिहार की सत्ता की कुंजी भले ही उनके हाथ से छि‍टक गइ हो लेकिन केंद्र में जिस विभाग के भी मंत्री होते है ॥उस विभाग से जनहित का काम लेना उन्हें बखूबी आता है । हाल में मैं उनके संसदीय हल्के हाजीपुर में पहुंचा ..गंग
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

आइये शशीकला की दुनिया देखें

पहले यवतमाल के जलका गांव की रहने वाली कलावती के दिन बहुरे ...तो अब सोनखास गांव की शशीकला अब गांव की सबसे इलिट हो गइ है । कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने विश्वास मत के दौरान इन्ही दो नामों का उल्लेख किया था । आपके सामने कुछ छाया चित्रों को प्रदर्शित क
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

व्लाग के चिरकुट

चिरकुटों से व्लाग का हर सदस्य परेशान है । आप कुछ भी लिखों भद्दे या पर्सनल कमेंट करके ये चिरकुट अपनी पहचान और वजूद बनाने के लिये प्रयासरत है। अखबार में नाम पढा था बचपन में ठिक उसी तरह ट्रक के निचे जान देकर अपना नाम कमाने की चाहत रखते है ये चिरकुट । कु
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

चैनल वालों को इंतजार है हरिकिशन सिंह सुरजीत की .........का ....

सीपीएम के वेटरन नेता है हरिकिशन सिंह सुरजीत । काफी दिनों से बीमार चल रहे है । उनकी हालत गंभीर है ..नोएडा के मैट्रो अस्पताल में भर्ती है । ९० के दशक के बाद की उनकी प्रत्येक गतिविधीयों का लगभग मुझे स्मरण है । लेकिन मुझे उनके पूरे जीवनक्रम की एक एक इंच
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

लोकतंत्र में नोटतंत्र

इसे कविता नही बल्कि तुकबंदी का स्तरहीन प्रयास समझेंगे ) संसद में सूटकेस बताओ किस पर करोगे केस बहुमत की थी रेस तो फिर भाड में जाये देश .....
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

१२३ एग्रीमेंट

आजकल १२३ करार सियासी गलियों में चर्चा का विषय बना है । मानलिजीये कांग्रेस , भाजपा , वामपंथी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नुमांइदे साथ साथ खडे हो और पैरोडी में सवाल जबाब करने हों तो कैसे कहेंगे। ( काग्रेस सरकार की ओर से पहला बयान आता है ) करुंगा करार
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

बुझौवल

यकरंग उदूॻ के अजीम शायर थे ...कुछ पहेलियां उन्होने लिखी ..दो पहेलियां आपके सामने रख रहा हूं..बुझौवल है आप बताइये... यकरंग वह घर कौन है , जामें है दस द्वार। ऐसे घर में जो बसे , वाको क्या इतबार।। (जीव और देह ) यकरंग वह फल कौन है , बिन बोये फरियायँ। बढत
 
कुमार आलोक
Dec 29 2009 11:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक नक्सली की कहानी- पार्ट-२

अब बिलाइ मियां अपने बौद्धिक अंदाज में अपना दर्शन मेरे सामने बयां कर रहे थे । मैने कहा बिलाइ मियां जब तक वैचारिक क्रांति आप लोगों के अंदर समावेश नही करेगी तब तक आप अपने मकसद में कैसे सफल होंगे । बिलाइ ने माओ-त्से-तुंग का डायलाग बोला क्रांति बंदूक के न
 
कुमार आलोक
पसंद करें
5
नापसंद करें

एक नक्सली की कहानी

शरीर से वलिष्ठ उपर से रौबदार मूंछे । ऐसा लगता था कि शोले का गब्बर है बिलाइ मियां । बचपन में घरवालों ने उनका यहीं नाम दे दिया था । आंखे भूरी होने की बजह से शायद। वैसे बिहार में आपको अमरिका सिंह भी मिल जायेंगे और खदेरन सिंह भी । किसी गांव का नाम वहां इ
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

आनंद जैसी फिल्में बार बार नही बनती । पार्ट-१

गीतकार गुलजार की ७३ वीं वर्षगा‌ठ पर विभिन्न चैनल अलग स्टोरी चला रहे थे । एक चैनल में आनंद का वो गीत जिंदगी कैसी है पहेली ...चल रहा था ..पैकेज में बताया जा रहा था गुलजार का ये अमर गीत आज भी दिल की गहराइयों को छू जाता है । हकीकत है कि इस गाने के गीतकार
 
कुमार आलोक
Aug 25 2009 07:08 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

सूर्यग्रह्ण के तीन मिनट

(अभी मैं तारेगना में ही हूं। सूर्यग्रहण के बाद तारेगना को सब लोग जान गये है । आर्यभट्ट् के बारे में इसी शहर के रिसर्चकर्ता सिद्शेश्वर नाथ पांडेय हों या यूपी के प्रताप गढ में जन्में और तारेगना को अपनी कर्म स्थली बनाने वाले नारायण जी हों । नारायण जी एक
 
कुमार आलोक
Jul 26 2009 04:46 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

२२-७ के बाद का तारेगना

सारे विश्व की नजर तारेगना पर गडी थी । प्रकृति को ये रास ना आया ..२१ की शाम को वहां खूब बारिश हुइ..रात १२ बजे तक पूरा आकाश बादलों से ढका था ..सुबह के तीन बजे आसमान बिल्कुल साफ ..स्पेस के पंडितों के लिये ये लम्हा आनंददायी था । लोग खुश थे कि आज सदी की ये
 
कुमार आलोक
Jul 24 2009 12:18 PM
पसंद करें
4
नापसंद करें

कुत्ता साधु को देखकर क्यूं भौंकता है ?

बिहार के छपरा , सिवान और पूर्वांचल के इलाके में शादियों में होने वाले नाच का कोइ तोड नही था । गाने बजाने के साथ लौंडा का नाच बहुत प्रसिद्ध था । उसमें कलाकारों के द्वारा नाटक का मंचन किया जाता था जो सामाजिक सरोकारों से ओत-प्रोत होते थे । यूं कहे तो भि
 
कुमार आलोक
पसंद करें
4
नापसंद करें

रात को मैनें मुजरा देखा

बनारस की सुबह ..अवध की शाम के बारे में सुना था । हमारे एक दोस्त ने मुझे बताया कि भाइ उसके साथ अगर आपने सीताराम पुर का मुजरा नही देखा .तो शुरु के दोनों जुमले अधूरें है । हमारे वो अजीज मित्र एक बार मुझे ले गये सीतारामपुर । फिल्मों में मुजरें का सीन देख
 
कुमार आलोक
पसंद करें
2
नापसंद करें

केरल जहां चुनावी मुद्द राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय है ।

२० लोकसभा सीटों वाले केरल में लोकसभा चुनाव एक चरण में ही खत्म हो गये है । मीडिया में राजनीतिक रसूख रखने वाले राज्यों की तो खूब चर्चा होती है लेकिन साउथ इंडिया के इस राज्य पर राष्ट्रीय मीडिया ने ज्यादा तवज्जों नही दी । भला हो शशी थुरुर की तिरुवनंतपुरम
 
कुमार आलोक
पसंद करें
4
नापसंद करें

वशिष्ठ बाबू दिल्ली के एक अस्पताल में एडमीट

वशिष्ठ बाबू को इंस्टीच्यूट आफ ह्यूमन विहैवियर एंड एलायड साइंसेज दिलशाद गार्डेन में चेकअप के लिये लाया गया है । यहां वो पहले भी दिखा चुके है । जिन सज्जन को गणीत के इस महानायक से भेंट करनी हो ..मदद करनी हो वो यहां पहुंचकर उनकी स्थितियों से खुद रुबरु हो
 
कुमार आलोक
पसंद करें
3
नापसंद करें

पिंजडे का पंछी

वर्तमान राजनैतिक माहौल चाहे जो कुछ भी हो ..नेताओं के भाषण या उनके कार्यक्रम से पहले लाउडस्पीकर पर आप हमेशा फिल्मी राष्ट्रीय गीत ही सुनेंगे । ऐं मेरे वतन के लोगों ..या दे दी हमें आजादी ..या आओ बच्चे तुम्हें दिखायें ..। ऐसा लगता है कि कवि प्रदीप के बाद
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

ओझा जी बोझा नही है

छो‍टे शहरों से झोला उठाकर चलने वालों ने भारतीय क्रिकेट जगत को हाल के वर्षों में एक से बढकर एक सितारों को जगमगाने का अवसर दिया । भारतीय क्रिकेट का नया नगीना है फिरकी गेंदबाज प्रग्यान ओझा । अगर देखा जाय तो बिशन सिंह बेदी के रिटायरमेंट के बाद लेफ्ट आर्म
 
कुमार आलोक
पसंद करें
0
नापसंद करें

टी.टी.एम यानि ताबडतोड तेल मालिश

खबर है पटना से । मशहूर चिकित्सक और राजनेता सीपी ठाकुर ने नीतिश कुमार को नोबेल पुरस्कार से नवाजने की मांग की है । मिलना भी चाहिये । रेलमंत्री और अब बिहार के मुख्यमंत्री । बिहार अब कुशासन से मुक्त होकर सुशासन की राह चल पडा है । अपराधी बिहार से भाग गये
 
कुमार आलोक
पसंद करें
5
नापसंद करें

रविश कुमार मीडिल क्लास के नही लगते ?

रवीश कुमार को जानता था ..एनडीटीवी के बाद उनकी खबरों और रपटों को भी देखने लगा । इलैक्ट्रानिक मीडिया में वैसे भी खबरें कहां होती है ...रावण ने यहीं अपने पांव रखे थे ..सरक गयी चुनरी रैंप पर ..खैर इसमें तह तक जाने की आवश्यकता नही । एक दिन हाफ एन आवर रवीश
 
कुमार आलोक