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इंद्रजाल कॉमिक्स का स्वप्नलोक

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25 Apr 2010
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सभी कॉमिक्स प्रेमियों के लिये एक प्रेम भरा उपहार (वेताल और मैण्ड्रेक की कुछ कालजयी कथाएँ)

First Page of Phantom Daily D060 - The Wisdom of Solomonरंग किसे आकर्षित नहीं करते? प्रकृति ने इन्सान को जो तमाम नियामतें बख्शी हैं, उनमें से एक बड़ी काबिलियत विभिन्न रंगों के मध्य सूक्ष्म विभेदन करने और उन्हें बारीकी से पहचानने की क्षमता भी है. बिना
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राजकुमार को लेना पड़ा व्यक्तित्व निखार कोर्स (एक क्लासिक वेताल कथा १९८१ की इन्द्रजाल कॉमिक्स से)

अपनी लोकप्रियता के शिखर दिनों में (यानि गुजरी शताब्दी के छठवें और सातवें दशक में) वेताल और मैण्ड्रेक की कथाएँ विश्व के एक सैकड़ा से भी अधिक देशों के हजारों समाचार पत्रों का नियमित हिस्सा हुआ करती थीं. ये या तो समाचार पत्र की दैनिक पट्टिका के रूप में या
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इंद्रजाल कॉमिक्स अंक २५२ - इस बार पढिये एक शानदार वेताल कथा इंद्रजाल के खजाने से

पिछली कॉमिक पोस्ट पर आपकी सराहनापूर्ण टिप्पणियों से उत्साहित होकर एक और वेताल कथा प्रस्तुत कर रहा हूँ. आशा है आप सभी को पसंद आयेगी और कुछ पुरानी यादों के तार झनझनाने में मददगार होगी. सन १९७६ में इंद्रजाल कॉमिक्स में पहली बार प्रकाशित इस कहानी में एक
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आतंकवादियों द्वारा वेताल परिवार का अपहरण - वर्ष १९८३ से एक शानदार इन्द्रजाल कथा - "अजेय वेताल"

१९६२ में विल्सन मकॉय के न रहने पर साय बैरी ने वेताल कथाओं के चित्रांकन कार्य का दायित्व संभाला. उन्होंने ली फ़ॉक के साथ मिलकर वेताल के रहस्यमय लोक में अनेक नई अवधारणाओं का समावेश किया. सत्तर के दशक में दुनिया भर में वेताल की लोकप्रियता शिखर पर थी. जोश
Dec 29 2009 11:55 AM
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अमर चित्र कथा - कुछ आवरण पृष्ठ

पिछ्ली पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में मानोशी जी ने अमर चित्र कथा को याद किया. इन्डिया बुक हाउस प्रकाशन से निकलने वाली ये ऐसी चित्रकथा हुआ करती थी जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी बड़े चाव से पढ़ा करते थे. आखिर भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचय करने का एक बढ़िया
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स्टेगी से वेताल की पहली मुलाकात और उसका मित्र-द्वीप तक का सफ़र

वेताल का मित्र-द्वीप (Eden) एक रोमांचक संकल्पना है. यह टापू तीन ओर से नदी द्वारा जंगल की मुख्य जमीन से कटा हुआ है और एक ओर से सुमुद्र से नुकीली चट्टानों द्वारा सुरक्षित है. यहाँ पर भिन्न प्रवृत्तियों के पशु, कुछ शाकाहारी एवम कुछ मांसाहारी आपस में प्र
Dec 29 2009 11:55 AM
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वेताल की एक नयी रोचक कहानी वर्ष २००४ से (पहली बार हिन्दी में - वेताल शिखर द्वारा प्रस्तुत)

मैं क्षमा चाहता हूं, पर इस कॉमिक स्ट्रिप के हिन्दी अनुवाद वाले डाउनलोड लिंक के साथ कुछ  गङबङी हो गयी थी, जो कि अब सुधार दी गयी है. अब आप दोनों वर्जन्स का आनन्द उठा सकते हैं. महाबली वेताल और जादूगर मैन्ड्रेक जैसे कालजयी चरित्रों के रचनाकार ली फ़ॉक
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रोचक वेताल कथा साँपों की देवी का दूसरा भाग (१९८८ की इंद्रजाल कॉमिक्स से)

कहानी का दूसरा भाग प्रस्तुत करने में कुछ देर हुई, उसके लिए खेद है, पर आशा यही है कि इस रोचक कथा का आनंद लेने के बाद आप सभी लोग अपनी नाराजगी भूल जायेंगे ये कहानी इंद्रजाल कॉमिक्स में १९८८ में छपी थी. केवल दो वर्ष बाद, यानी १९९० में टाइम्स ऑफ़ इंडिया न
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इंद्रजाल कॉमिक्स पात्र परिचय - वेताल (परम्परा का प्रारम्भ)

३ अगस्त, सन १४९२. स्पेन के एक छोटे से बंदरगाह पलोस् डे ला फ्रोंतेरा से क्रिस्टोफर कोलंबस का जहाजी बेडा नयी दुनिया (अमेरिका) की खोज में रवाना हुआ. तीन पोतों के इस बेडे़ में सबसे बड़ा जहाज था सांता मरिया. इस फ्लेगशिप पर मौजूद ४० नाविकों के दल में क्रिस
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साँपों की देवी (भाग १) - एक शानदार वेताल कथा वर्ष १९८८ से

काफी लंबे अन्तराल के बाद आज मैं लेकर आया हूँ एक और वेताल कथा. ये इंद्रजाल कॉमिक्स के प्रकाशन के अन्तिम दिनों से है, यानी कि १९८८ से. कहानी दो भागों में है और आज इसका पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ. घने जंगल में कई कबीले निवास करते हैं जो आपस में अविश्व
Dec 29 2009 11:55 AM
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पृथ्वी पर हुआ ब्रह्माण्ड भक्षियों का हमला (और उससे भी बढ़कर कुछ...) मैन्ड्रेक ने टाला संकट (इंद्रजाल कॉमिक्स से एक जबरदस्त कहानी)

इस कॉमिक्स का डाउनलोड लिंक लगा दिया है ( कृपया इमेज थंबनेल्स के नीचे देखें). अब आप कॉमिक्स को अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड करके भी पढ़ सकते हैं. अरविन्द मिश्र जी ने पिछली पोस्ट में मैन्ड्रेक की मांग की थी. लीजिये एक और मैन्ड्रेक कथा का मजा लीजिये. इस बार
Dec 29 2009 11:55 AM
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नयी पीढ़ी नहीं जानती फैंटम और मैन्ड्रेक को

दोनों किशोरवय बालक किसी गहन विचार-विमर्श में डूबे हुए थे. बातचीत आम तौर पर उत्साहपूर्ण थी पर कभी-कभी उनमें से एक के चेहरे पर कुछ उलझन के से भाव उभर आते थे. दूसरा कुछ ज्यादा जानकार मालूम होता था क्योंकि बार-बार अपनी कलाइयों को हवा में नचाते हुए और चेह
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जादूगर मैन्ड्रेक और लोथार पक्षी मानवों की रहस्यमय घाटी में (इंद्रजाल कॉमिक्स वर्ष १९८० से)

जादूगर मैन्ड्रेक, ली फाक का रचा हुआ एक और अत्यन्त लोकप्रिय चरित्र है. इसकी कहानियाँ भी पूरी दुनिया में बड़े चाव से पढ़ी जाती हैं. फैंटम से भी दो वर्ष पूर्व सन १९३४ में पहली बार इसके कारनामे डेली कॉमिक स्ट्रिप के रूप में समाचार पत्रों में छपना प्रारम्भ
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मौत की पुकार - अष्टांक गिरोह से मैण्ड्रेक की मुठभेड़ (वर्ष १९८५ से एक इन्द्रजाल कॉमिक्स)

रहस्य की तमाम पर्तों के बीच दबा हुआ एक गुमनाम सा अपराधी संगठन . सैकड़ों वर्षों से आमजन की जानकारी से सर्वथा परे रहकर गुप्त रूप से अपनी गतिविधियों को संचालित करता हुआ . ली फ़ॉक ने अपनी कई कहानियों को इस प्रकार के कथानक के इर्द - गिर्द बुना है . वेताल और
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प्रोफ़ेसर का रहस्य, एपिसोड ०३: "रवानगी"

*****पिछली कड़ी:एपिसोड नं. ०२: "बो-स्ट्रीट" *****(अब आगे)ऐसी कई बातें हैं जिनको लेकर प्रोफ़ेसर से मिलने की मेरी इच्छा प्रबल थी. एक खोजी चैनल के एरिया हेड होने के नाते नित्य नयी रोचक खबरों के लिये धमासान करते रहना मेरी आम दिनचर्या का अंग है. लेकिन एक
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आप भूले तो नहीं होंगे इस क्लासिक वेताल कथा को

बचपन में पढ़ी वेताल की कुछ कथाएँ मन-मस्तिष्क पर कुछ इस तरह चस्पा हैं कि ना सिर्फ़ ये कहानियाँ पहली बार पढ़ने की स्मृति है बल्कि उससे जुड़ी हुई अन्य घटनाएं भी. बड़े भाई साहब उम्र में मुझसे पांच वर्ष आगे हैं. मैं कोई छै: साल का था और वे थे लगभग ग्यारह के.
Aug 10 2009 10:15 PM
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प्रोफ़ेसर का रहस्य (कहानी), एपिसोड ०२: "बो-स्ट्रीट"

 *****पिछली कड़ी:एपिसोड नं. ०१: "आमंत्रण-पत्र"*****  (अब आगे)मॉरिसटाउन, बंगाला के पश्चिमी तट पर बसा हुआ आधुनिक शहर, गगनचुम्बी इमारतों और सभी आधुनिक सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण और जो हरेक लिहाज से दुनिया के किसी भी बड़े शहर का मुकाबला करने में सक्षम
Aug 08 2009 10:02 PM
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प्रोफ़ेसर का रहस्य (कहानी), एपिसोड ०१: "आमंत्रण-पत्र"

हो सकता है कि आपकी स्मृति मुझसे अधिक तीक्ष्ण हो और आप ठीक-ठीक याद कर सकते हों कि आपने अंतिम बार कलम और कागज का इस्तेमाल कर अपने हाथों से कोई पत्र कब और किसे लिखा था. लेकिन मेरे स्मृति-कोष में ऐसे किसी पत्र के कोई चिह्न नहीं मिलते, कब के साफ़ हो चुके. अपना
Aug 07 2009 08:20 PM
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चंबल की घाटियों में दहकता प्रतिशोध

वह बचपन की एक उदास धुंधली शाम थी। जब क्षितिज से सुरमई धुआं उठने लगता और घरों में साठ वाट के बल्ब की पीली रोशनी चमकने लगती थी। शाम को परिवार के बड़े घर लौटते तो कुछ नया घटित होने का चस्का भी रहता था। बड़े भाई के हाथ में इंद्रजाल कॉमिक्स का नया अंक देख
Aug 06 2009 09:28 PM
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इंद्रजाल कॉमिक्सः वो कहानियां, वो किरदार

इंद्रजाल कॉमिक्स में जाहिर तौर पर ली फॉक के किरदार ही छाए रहे, मगर बीच का एक दौर ऐसा था जब इसने कुछ नए और बड़े ही दिलचस्प कैरेक्टर्स से भारतीय पाठकों से रू-ब-रू कराया। मैं उन्हीं किरदारों पर कुछ चर्चा करना चाहूंगा। कॉमिक्स की बढ़ती लोकप्रियता के चलते
Aug 06 2009 09:28 PM
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"अंधेरों की रानी" के मोहक मायाजाल में फ़्लैश गोर्डन

इन्द्रजाल कॉमिक्स के सर्वाधिक लोकप्रिय चरित्रों में फ़्लैश गोर्डन का नाम शामिल किया जाता है. इस अंतरिक्ष-यात्री नायक की कहानियां विज्ञान फ़ंतासियों में बेहतरीन गिनी जाती हैं. इन कहानियों पर आधारित कई फ़िल्में एवं धारावाहिक भी बन चुके हैं. सत्तर के दशक म
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रहस्यमय वेताल प्रदेश की जातियाँ और कबीले

डेंकाली के हजार मील तक फ़ैले विशाल जंगल में अनेक इन्सानी जातियाँ निवास करती हैं. प्रथम वेताल की प्राण-रक्षा करनेवाले और फ़िर उसकी मदद से वसाका हमलावरों को खदेड़ने में सफ़ल होने वाले बांडार बौनों के अलावा और कोई इस बात से परिचित नहीं है कि वेताल भी असल मे
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"रेगिस्तानी लुटेरे" - जासूस रिप किर्बी की एक रोचक कहानी - १९८२ से एक इन्द्रजाल कॉमिक्स

इन्द्रजाल कॉमिक्स के पुराने शौकीनों को शायद निजी जासूस रिप किर्बी की याद होगी. सम्भ्रान्त और कुलीन नजर आने वाले ये तेज दिमाग शख्स हमेशा आँखों पर मोटे फ़्रेम का चश्मा और हाथों में एक लम्बे से पाइप के साथ नजर आते थे. साथ ही मौजूद होता था इनका सहायक डेसम
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इंद्रजाल कॉमिक्स अंक-००२ "अन्यायी की सेना" (अप्रैल १९६४)

ली फ़ॉक ने वेताल के लिये एक बेहद रहस्यमय लोक की कल्पना की. जंगल की अनेक किंवदंतियाँ उसके इर्द-गिर्द रची गयी. इस चरित्र की लोकप्रियता में इन रोमाँचक जनश्रुतियों का बड़ा योगदान रहा है जो वेताल की कहानियों को अन्य शहरी पात्रों से अलग बनाती हैं. पात्र को ए
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वेताल की मेखला (इन्द्रजाल कॉमिक्स अंक - ००१, मार्च १९६४)

बड़े से आंगन के एक कोने में बने हुए छोटे और पुराने दरवाजे से ललित ने तेजी से दौड़ते हुए प्रवेश किया. उसकी सांस फ़ूली हुई थी जिसमें इस तेज दौड़ का कम और उस उत्तेजना का ज्यादा हाथ मालूम होता था जो एक बड़ी ख़बर अपने साथ लाने की वजह से पैदा हुई थी. अखिल! अखिल
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रानी समारिस वेताल के प्रेम में (प्रत्यक्षा जी के अनुरोध पर विशेष प्रस्तुति - जादूगरनी का शाप)

एच. राइडर हगार्ड का उपन्यास "शी" सन १८८७ में प्रकाशित हुआ था और तुंरत ही प्रसिद्धि की ऊंचाइयों पर पहुँच गया. उपन्यास इतना बड़ा हिट हुआ कि हगार्ड ने इसके कई सिक्वल और प्रिक्वल लिखे जो लगभग उतने ही पसंद किए गए. इन सभी के रिप्रिन्ट्स भी लगातार मांग में
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पढिये ये इंद्रजाल कॉमिक्स (किसी हिन्दी चिट्ठे पर पहली बार.)

मित्रों के आग्रह पर प्रस्तुत कर रहा हूँ एक छोटी सी वेताल कथा: "जंगल का ओझा". केवल दस पृष्ठों में सिमटी इस कहानी का आनंद लीजिये. पृष्ठों के बड़ा करके देखने के लिए थम्बनेल्स पर क्लिक कीजिये. ये कॉमिक्स सन १९८८ में प्रकाशित हुई थी। यानी आज से बीस वर्ष प