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हृदयांजलि

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20 Mar 2010
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देयर इज अ खबर ऑफ हाथापाई इन राजस्थान विधानसभा

एक न्यूज चैनल में साक्षात्कार देने जा रहा था. रास्ते में ऋषि अष्टावक्र मिल गए. मुंह-हाथ-पैर सहित आठ अंग टेढ़े-मेढ़े. एकाएक इनके पिता की शाप वाली बात ध्यान में आ गई. जब ये अपनी मां की गर्भ में थे. तभी से टोका-टोकी की इनकी आदत थी. कुछ भी बर्दास्त नहीं होता
 
Satyajeetprakash
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मारिए पत्थर, पाइए ईनाम

एक फिल्मी डॉयलॉग- स्साले, पुलिस वाले पर हाथ उठाते हो, मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद करके रख दूंगा. मैं नहीं चाहता कि कोई पुलिस वाला किसी अदना सी बात पर किसी की जिंदगी बर्बाद कर दे. अगर कोई पुलिस वाला अपनी वर्दी का नाजायज इस्तेमाल कर किसी की जिंदगी बर्बाद
 
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मित्र की कसौटी

पापा निवारयति योज्यते हिताय गुह्यं निगुह्यति च गुणानिम् प्रकटम करोति आपद गतं न च जहाति ददाति काले सन्नमित्र लक्ष्णंमिदं प्रवदन्ति संत:। अर्थ- पापा से बचाता है, हित के काम में लगाता है, छुपाने योग्य बात छुपाता है, गुण प्रकट करता है, विपत्ति के समय साथ
 
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सुवचन

प्रिय वाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तुवः तस्मात तदेव व्यक्तवं वचने का दरिद्रता.
 
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हृदयांजलि

प्रिय वाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः तस्मात् तदेव वक्त्वयम वचने का दरिद्रता प्रिय वचन सभी जीवों को ख़ुशी देती है, तब प्रिय वचन बोलने में कंजूसी कैसी? अष्ट दश पुरानेषु व्यासस्य वचनं द्वियम प्रोप्करय पुण्याय पपय्पद्पिदानाम
 
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नानाजी, जैसा हम उन्हें जानते थे, भाग-3

पिछले अंक में हम बात कर रहे थे कि रामनाथ गोयंका जी, अच्युत पट्टवर्द्धनजी, जयप्रकाश नारायणजी, नानाजी देशमुख और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर तिरूपति दर्शन के लिए रवाना हुए. आगे- रामधारी सिंह दिनकर ने सबकी उपस्थिति में भगवान तिरूपति के सामने प्रार्थना
 
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Mar 11 2010 10:23 PM
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नानाजी, जैसा हम उन्हें जानते थे, भाग-2

ना हीं रामनाथ गोयंका जी और ना ही नानाजी जानते थे कि डर किस चिड़िया का नाम है. इन दोनों महापुरुषों ने अनायास ही हजारों लोगों, पत्रकारों के दिलों में सच कहने और लिखने का साहस भर दिया. वो रामनाथ जी और नानाजी ही थे, जिन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को 1974
 
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Mar 08 2010 01:43 AM
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नरेंद्र कोहली का महासमर पढ़िए

नरेंद्र कोहली का महासमर पढ़िए. हिंदी में विश्वस्तरीय साहित्य का अनुभव करिेए. यह पुस्तक पिछले पच्चीस सालों से हिंदी में बेस्ट सेलर(सबसे ज्यादा बिकने वाली) पुस्तक है. यह पुस्तक आपको हिंदी में सोचने का तरीका बदल देगी. वाणी प्रकाशन की नई साज-सज्जा इसे
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 12:01 PM
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हर कोई बिक रहा है, आरोपी और आरोप लगाने वाला भी

कौन नहीं बिक रहा है अंग्रेजी के बड़े-बड़े अखबारों में हिंदी, मराठी गुजराती(यू कहें, क्षेत्रीय अखबारों) के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है कि ये पत्रकारिता के मूल्यों को तार-तार कर रहे हैं. पैसे लेकर खबर छापते हैं. प्रतिष्ठित समाचार पत्र "द हिंदू" नामचीन
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 12:00 PM
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ऐसा सिर्फ बिहारी कर सकता है

ऐसा सिर्फ बिहारी कर सकता है विश्वास नहीं हो रहा है तो इस लिंक को देखिए. कांग्रेस के जिस युवराज के स्वागत में मीडिया पलक पांवरे बिछाये रहती है. उस युवराज का स्वागत बिहारियों ने भी किया, लेकिन अपने तरीके से. कैसे देखिए इस वीडियो में और न्यूज यहां जय हिंदी
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 12:00 PM
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घाव पर नमक

संसद के बजट सत्र में सदस्यों को संबोधित कर राष्ट्रपति दो बातें कहीं, शायद आपको पसंद आए महंगाई का फायदा देश के किसानों को मिला. महंगाई सर्वांगीण विकास का सूचक है हमारे राष्ट्रनिर्माताओं ने जो सपना देखा था, हम उस सपने को पूरा करने के इतने करीब कभी नहीं थे,
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 11:59 AM
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क्या यही सेक्यूलरिज्म है?

चित्र- साभार-nomadmolouges.blogspot.com हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार की बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार ने अल्पसंख्यकों(सेक्यलुरों के लिए अल्पसंख्यकों का मतलब सिर्फ मुसलमान होता है) के लिए दस प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल सरकार के इस
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 11:56 AM
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नरेंद्र कोहली- हिंदी के सर्वश्रेष्ठ रचनाकार

चित्र- द हिंदू और पुस्तक.ऑर्ग से(साभार) नरेंद्र कोहली आधुनिक हिंदी साहित्य के बहुचर्चित लेखकों में से एक हैं. कोहली आधुनिक हिंदी साहित्य में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अगुवा के रूप में पहचाने जाते हैं. उन्हें आधुनिक हिंदी गद्य साहित्य में प्राचीन महाकाव्य
 
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Mar 07 2010 11:54 AM
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इस तरह मेरे औकात का पता चल गया

एक मित्र का फोन आया. उसने पूछा, यार कहां हो. मैंने जवाब दिया, घर पर हूं, कहो, क्या बात है. उसने कहा, नानाजी देशमुख के बारे में थोड़ा विस्तार से बता सकते हो. मैंने पूछा, कौन नानाजी देशमुख? उसने कहा, नहीं जानते हो तो जल्दी पता करो, मुझे सिर्फ इतना पता है
 
Satyajeetprakash
Mar 07 2010 11:51 AM
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भारत का जापान स्वीस बैंक में जमा है-

लोकसभा चुनाव से पहले योगगुरू स्वामी रामदेव विभिन्न मंचों से विदेशी बैंकों में जमा काले धन के बारे में आवाज उठाई थी. चूंकि ठीक इसी समय भाजपा नेता लालकृष्ठ आडवाणी, शरद यादव ने भी ये मुद्दा उठा दिया था, इसलिए ये मुद्दा भाजपाई बन गया और सत्ताधारी दलों सहित
 
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Mar 07 2010 11:47 AM
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तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे

अन्याय के रास्ते में कहीं न्याय दम न तोड़ दे असत्य के रास्ते में कहीं सत्य नीलाम न हो जाए इसलिए सच दिखाते हैं हम सत्य के स्वयंभू रक्षक इस टीवी चैनल के चाल चरित्र चेहरा और चिंतन पर आपको संदेह नहीं होना चाहिए क्योंकि सच दिखाते हैं ये. यहां स्वनाम धन्य
 
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Mar 07 2010 11:47 AM
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नानाजी, जैसा हम उन्हें जानते थे

--एस गुरूमूर्ति (इंडियन एक्सप्रेस से साभार) -अनुवाद- सत्यजीत प्रकाश नानाजी अब हमारे बीच नहीं रहे. नानाजी देशमुख, जो करीब छह दशकों तक राजनीतिक और
 
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Mar 07 2010 11:46 AM
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पंक्तियां, जिन्होंने हिंदी साहित्य के बारे में मेरी दृष्टि बदल दी

,उस रोज ऑफिस में कुछ ज्यादा काम नहीं था. फुर्सत के क्षणों में मैं अक्सर नेट की शरण में जाता हूं. उस दिन भी नेट की शरण में गया. हिंदी विकिपीडिया पर कुछ खोजने लगा. अचानक मेरी नजर इन पंक्तियों पर पड़ गई. नरेन्द्र कोहली का पदार्पण साहित्य में उस समय हुआ जब
 
Satyajeetprakash
Mar 03 2010 10:57 PM
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हिंदी की मदद आप भी कर सकते हैं

आप अंकुर जी को जानते होंगे, नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं, यहां क्लिक करें. अंकुर भाई ने बहुत अच्छा सवाल किया, पढ़े, आपलोग हिंदी यानी अपनी मातृभाषा के लिए क्या कर रहे हैं. अंकुर भाई यानी एक कंप्यूटर गीक और खूबसूरत लड़कियों को और खूबसूरत बनाने
 
Satyajeetprakash
Feb 26 2010 11:43 PM
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मेरा अपना संग्राहक

मेरा अपना संग्राहक http://madhuchhatra.feedcluster.com/ मैंने चिट्ठों का अपना संग्राहक बनाया है जो चिट्ठों को प्रकाशित करेगा. अगर आप अपना चिट्ठा जोड़ना चाहें तो अपना पता भेजिए. जय हिंदी जय भारत
 
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Feb 22 2010 08:10 PM
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बीबीसी ने गूगल-माइक्रोसॉफ्ट के बीच समझौता करा दिया

बीबीसी ने गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बीच समझौता करा दिया जय हिंदी जय भारत
 
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Feb 22 2010 07:21 PM
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मैं यानी माइकल जैक्सन

सारी दुनिया जानती है मुझे माइकल जैक्सन के नाम से पर मैं पूरी जिंदगी अपना अस्तित्व खोजता रहा मेरा जन्म तो हुआ पर मैं उन बदनसीब बच्चों में था जिनका कोई बचपन नहीं होतानहीं सी जान पर अनुशासन के नाम पर तरह-तरह से जुल्म ढाए गए शुक्रिया उन जुल्मों का जिसने मेरे
 
Satyajeetprakash
Feb 21 2010 09:58 PM
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भारतीय किसान आंदोलन के जनकः स्वामी सहजानंद सरस्वती

डॉ देवकुमार पुखराज भारत में संगठित किसान आंदोलन खड़ा करने का श्रेय स्वामी सहजानंद सरस्वती को जाता है. उन्होंने अंग्रेजी दासता के खिलाफ लड़ाई लड़ी और किसानों को जमींदारों के शोषण से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया. दण्डी संन्यासी होने
 
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Feb 10 2010 05:36 PM
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वैदिक गणितः चुटकियों में बड़ी-बड़ी गणनाएँ

भारत में कम ही लोग जानते हैं, पर विदेशों में लोग मानने लगे हैं कि वैदिक विधि से गणित के हिसाब लगाने में न केवल मजा आता है, उससे आत्मविश्वास मिलता है और स्मरणशक्ति भी बढ़ती है। जर्मनी में सबसे कम समय का एक नियमित टेलीविजन कार्यक्रम है विसन फोर अख्त। हिंदी
 
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पुस्तकें और कड़ियां

भागवत गीता रामचरितमानस बालकांड आनंदमठ देवदास शेखर एक जीवनी, भाग-1
 
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केंद्रीय हिंदी समिति का बंटाधार

http://www.rajbhasha.nic.in/khs-reorganisation2009.pdf खुद देख लीजिए, केंद्रीय हिंदी समिति में ज्यादातर ऐसे लोग हैं जिन्हें हिंदी से कोई नाता नहीं है. कई लोग तो ऐसे हैं तो चाहते हैं कि जो चाहते हैं कि हिंदी खत्म हो जाए. जय हिंदी जय भारत
 
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क्या आप कवि बनना चाहते हैं?

जब मैं छोटा था तो सत्यनारायण लाल, सोहनलाल द्विवेदी, शिवमंगल सिंह सुमन, रामधारी सिंह दिनकर, आरसी प्रसाद सिंह जैसे कवियों की कविताएं पढ़ा करता था. इनकी कविताएं आसानी से जुबान पर चढ़ जाती थी. इनकी दर्जनों कविताएं अभी भी कंठस्थ हैं. इनकी कविताएं इतनी अच्छी
 
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अब तो मान जाइये कि आप नक्कारे हैं, (प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र)

आदरणीय मनमोहन सिंह जी, अब तो मान जाइए कि आप नक्कारे साबित हुए हैं और तथाकथित विश्वबंधुत्व के आपका सिद्धांत(उदारवाद और वैश्विकरण) फेल हो गया है. आपके उदारीकरण और वैश्विकरण में आम आदमी का खून चूसने वाले मोटे-मोटे जोंक ही शामिल थे, कहां से कम होगी महंगाई.
 
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बात कितनी भी बड़ी हो, जुबां से छोटी है

बात कितनी भी बड़ी हो, जुबां से छोटी हैकाम कितना भी बड़ा हो, इंसां से छोटा है फख्र करेगा जमाना जुबां को चुप रखोहाथ से काम, जुबां से खुदा का नाम लो बड़ी उमर कभी भी बड़ी नहीं होतीवक्त के रहते एक ताजमहल बना डालो नसों का खून होता है बहने के खातिरमरते इसान को
 
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चुनौती गडकरी के लिए नहीं, कांग्रेस के लिए है!

लेखक- एस एन विनोद("चीड़फाड़" ब्लॉग से) भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी के सामने चुनौतियों का हौव्वा खड़ा करने वाले दरअसल असली चुनौती की अनदेखी कर रहे हैं। चादर के नीचे ढंकी यह चुनौती है कांग्रेस के लिए, उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए। भाजपा अध्यक्ष के
 
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भयंकर भूल पर भी अफसोस नहीं

इस विज्ञापन से महिला एवं बच्चों का कितना कल्याण हुआ, विज्ञापन देने वाला मंत्रालय यानी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भी इसे अच्छी तरह जानता है. लेकिन इस विज्ञापन ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है. वायु सेना ने भी इस विज्ञापन पर आपत्ति जताई है. आखिर क्या है
 
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मत थूकिए मानवाधिकारवादियों पर

मेरे एक मित्र बहुत ही खिन्न थे. उनका मन थूकने को कर रहा था. आप कहेंगे, थूकने का मन कर रहा तो क्या परेशानी है, अपने देश में जहां तहां थूकने पर तो प्रतिबंध नहीं है. लेकिन उनका मन जहां थूकने को कर रहा था, मैं वहां थूकने की इजाजत उन्हें कभी नहीं दे सकता.
 
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प्रतियोगियों कृप्या ध्यान दें

प्रकाशन विभाग ने भारत-2010 और india-2010 जारी कर दिया है. जिन्हें आप यहां से डाऊनलोड कर सकते हैं. ये पुस्तकों के संबंध में प्रतियोगियों को ज्यादा कुछ कहने की जरूरत है. इसकी उपयोगिता स्वयंसिद्ध है. इसे यहां से डाउनलोड करें. भारत-2010- (हिंदी संस्करण) यहां
 
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अमेरिकी की कोई आधिकारिक भाषा नहीं है

अमेरिका की कोई आधिकारिक भाषा नहीं है. कई लोगों को ये जानकर आश्चर्य होगा कि अमेरिकी की कोई आधिकारिक भाषा नहीं है. अंग्रेजी देश के वाणिज्य, व्यापार और प्रशासन की भाषा रही है, यही सोचकर लोग मान लेते हैं कि अंग्रेजी देश की आधिकारिक भाषा है, जो कि सत्य नहीं
 
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गलतफहमी दूर कर लीजिए कि हम अब भी इंसान हैं?

हम इंसान हैं? हम सभ्य हैं? या हमारे सभ्य होने की हमें सिर्फ गलत फहमी रह गई है. इस गलतफहमी को अभी दूर कर देते हैं. घटना तमिलनाडु के तिरूनेलवली की है, जहां एक पुलिस सब इंस्पेक्टर गलतफहमी का शिकार हो गया. लोगों ने उसपर बम फेंका. जब यह इंपेक्टर घायल हो गया
 
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Jan 09 2010 07:41 PM
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हृदयांजलि

हरिद्वार। जगद्गुरु स्वामी रामनरेशाचार्य महाराज ने कहा कि आद्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने देश में समरसता का मार्ग प्रशस्त किया था। 711 वर्ष पूर्व जन्म लेकर उन्होंने जाति-पाति का भेद मिटाने के लिए विभिन्न जातियों से 12 शिष्य बनाए। देश को आज समरसता की बेहद
 
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राष्ट्रीय अस्मिता के सवाल

ऑल इंडिया क्रिश्चियन फेडरेशन यानी अखिल भारतीय ईसाई महासंघ ने दलित ईसाईयों को अनुसूचित जाति यानी ओबीसी का दर्जा दिए जाने की मांग की है. इस संबंध में फेडरेशन ने सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की है. इस याचिका के आधार पर सुप्रीमकोर्ट ने केंद्र सरकार,
 
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कुछ किताबें, जिन्हें आप पढ़ना चाहेंगे

कुछ किताबें जिन्हें आप पढ़ना चाहेंगे. रामचरितमानस बालकांड आनंदमठ देवदास शेखर एक जीवनी जय हिंदी जय भारत
 
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