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31 Dec 2009
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सिखों के धार्मिक कार्यक्रम गुरु-ता गद्दी की तैयारियां जोरों पर

बीदर, कर्नाटक। सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के 300 वें प्रकाशोत्सव के मौके पर यहां मनाए जाने वाले विशेष कार्यक्रम गुरु-ता गद्दी (गुरु का स्थान) में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सहित देश भर से पांच लाख से अधिक सिख श्रध्दा
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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''ब्लॉग टॉक''

कर्नाटक में 30 वर्षों से रहने वालों द्वारा प्रकाशित, कर्नाटक के एक मात्र हिन्दी दैनिक, जो कि किसी अन्य प्रदेश के अखबार का स्थानीय संस्करण नहीं बल्कि बेंगलूर ही जिसका मुख्यालय है, ऐसे 'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' दैनिक में भी संपादकीय पृष्ठ पर ''ब्लॉग टॉक'
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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ब्लॉग लेखकों के विचारों का सदुपयोग

कर्नाटक में 30 वर्षों से रहने वालों द्वारा प्रकाशित, कर्नाटक के एक मात्र हिन्दी दैनिक, जो कि किसी अन्य प्रदेश के अखबार का स्थानीय संस्करण नहीं बल्कि बेंगलूर ही जिसका मुख्यालय है, ऐसे 'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' दैनिक में भी संपादकीय पृष्ठ पर ''ब्लॉग टॉक'
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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शुरू हो गया दशहरा महोत्सव

कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी मैसूर में चामुंडी पहाड़ियों पर विराजी भगवती चामुंडेश्वरी के मंदिर में विशेष पूजा - अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही मंगलवार को विश्व प्रसिध्द दस दिवसीय दशहरा महोत्सव की शुरुआत हो गई। टुमकूर के सिद्दगंगा मठ के मठाधीश शि
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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चार शताब्दी पुरानी है मैसूर दशहरे की भव्य परंपरा

कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले मैसूर के नाम से कई खास चीजें जुड़ी हुई हैं-मैसूर मल्लिगे (विशेष पुष्प), मैसूर के रेशमी वस्त्र, राजमहल, मैसूर पाक (मिष्टान्न), मैसूर पेटा (पगड़ी), मैसूर विल्यदले(पान) तथा और भी बहुत-सारी चीजें। ये सब कुछ मैस
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है हिन्दी

राष्ट्र भाषा हिन्दी, जिसे सरकारी भाषा में राजभाषा कहा जाता है, विभिन्न भाषा-भाषियों वाले भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है । उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक संपर्क भाषा की अगर कोई भूमिका निभाती है तो वह हिन्दी हैक्योंकि हिन्दी ही ऐसी भाष
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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-- 'कविता रंग लाएगी' का विमोचन --

बेंगलूर में 'साहित्य परिवार' नामक संस्था के अंतर्गत साहित्यिक गतिविधियां होती रहती हैं। गत रविवार को हरिकृष्ण सक्सेना 'परेशान' की काव्य कृति 'कविता रंग लाएगी' का विमोचन नयना सभागार में हुआ। आगरा से आए मनोवैज्ञानिक एवं शिक्षाविद डॉ महेश भार्गव 'विभोर'
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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हौदा उठाने वाले बूढ़े हाथी

कर्नाटक की संस्कारधानी मैसूर में मनाया जाने वाला दशहरा महोत्सव विश्व विख्यात है। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। इस महोत्सव के दौरान निकाली जाने वाली 'जम्बो सवारी' का बड़ा महत्त्व होता है। इस सवारी में कई हाथी एक सा
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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जहां गणेशजी को मांसाहारी भोग चढ़ाते हैं

कर्नाटक के कोप्पल कस्बे के निकट भाग्यनगर गांव के लोग एक अनोखी परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। यहां गणेशात्सव के मौके पर भगवान गणेश को मांसाहारी व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। अंडे, मटन, मछली से बने व्यंजनों के साथ-साथ नेवेद्य में बाकायदा शराब की बोतल
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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लेखक-पत्रकार के लिए निःशुल्क हार्ट ऑपरेशन

मैं यह जानता हूं कि आज भी लेखकों, कवियों, पत्रकारों (कुछ बड़े संस्थानों से जुड़े लोगों को छोड़कर) की बिरादरी ऐसी है कि अगर अचानक किसी को हार्ट की बाईपास सर्जरी करानी पड़ जाए तो मुश्किल हो जाए। कम से कम डेढ़ लाख से लेकर ढाई लाख रुपए तक के पैकेज होते हैं अच
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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अपनी दोनों आंखें चढ़ा दीं भगवान को

इसे अंधविश्वास कहा जाए या आस्था की पराकाष्ठा, परन्तु है यह सच्ची घटना। कर्नाटक के बागलकोट जिले के अडगल गांव के एक किसान मुदुकप्पा इलप्पा कर्दी नामक व्यक्ति ने गत 28 अगस्त को अपने ही चाकू से अपनी दायीं आंख निकाल कर भगवान शिव की मूर्ति के चरणों में रख
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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बहती गंगा (कोसी) में हाथ धो लेते हैं अखबार भी

बिहार में आई बाढ़ पर राजनेता तो राजनीति करेंगे ही, यह उनके स्वभाव में है परन्तु छोटे-बड़े अखबार भी इस मौके का लाभ उठाने से नहीं चूकने वाले। मैंने तो यहां तक देखा है कि अखबार वाले दूसरों को ईमानदारी, नैतिकता, सच्चाई और न जाने कैसी कैसी अच्छी सीख देते दि
 
श्रीकांत पाराशर
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बेबस और बेहाल है बिहार

बिहार में जो बाढ आई है, उसकी भयावहता का तो ठीक से वर्णन भी नहीं किया जा सकता। पहले से ही आर्थिक रुप से पिछड़े हुए इस प्रदेश को कोसी नदी ने बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। प्रदेश के अनेक जिलों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। बताया जा रहा है कि 25 लाख
 
श्रीकांत पाराशर
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प्यार का रंग लगा देना

राजनीति पर संपादकीय और अन्य लेख लिखते-लिखते जब मन करता है कि कभी-कभी कुछ इससे अलग कोशिश भी करनी चाहिए तब ऐसी कोई रचना लिखी जाती है। उनकी मोहब्बत का ऐसा वैसा ना सिला देना जरा प्यार से मना करना गुस्से में ना ठुकरा देना। होली के दिन किसी फसाद में जिन्हो
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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अधजल गगरी छलकत जाय

ज्ञानी कितनी गहरी बात कहते हैं। 'अधजल गगरी छलकत जाय' यह किसी ज्ञानी के कथन से ही प्रचलित हुई कहावत है। कितनी ठोस बात कही है कि घडा आधा भरा हुआ हो तो आवाज करता है, पानी छलक कर गिर जाता है और पूरा भरा हो तो बिल्कुल भी न आवाज करता है, न छलकता है। पूरे भ
 
श्रीकांत पाराशर
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किधर जाओगे ?

इंसान को इंसान समझो तो कुछ कर जाओगे नहीं तो जब मौत आएगी दरवाजे पर, डर जाओगे दूसरों की राहों में, ऐ कांटे बिछाने वालो कभी उन्हीं पर चलना पड़ा, तो किधर जाओगे? चापलूसों के चढ़ाए, ना चढ़ो चने के पेड़ पर मुगालते में ही बने रहोगे कि, खुद उतर जाओगे उनकी देखकर ख
 
श्रीकांत पाराशर
Dec 29 2009 11:53 AM
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मेरा यह शहर

कर्नाटक की राजधानी दो-तीन दशक पूर्व फूलों का शहर, बगीचों का शहर, पेंशनर्स पैराडाइज जैसे अलंकरणों से सुशोभित था। वर्ष दर वर्ष बदल रहा है यह शहर। आईटी उद्योग की राजधानी माने जाने वाले इस शहर ने विकास के कई आयाम छूए हैं तो कुछ हद तक प्राकृतिक सौन्दर्य औ
 
श्रीकांत पाराशर
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पहले चोरी फिर सीनाजोरी

आजकल हमारे देश में अगर कुछ सौ करोड़ का घोटाला हो तो वह घटना समाचार के योग्य नहीं मानी जाती इसलिए जिनको सुर्खियों में आना है वे हजारों करोड़ के घोटाले से जुड़ते हैं। कुछ वर्ष पहले तक यह बात नहीं थी, इसीलिए 100 करोड़ से भी कम के कथित बोफोर्स घोटाले ने देश
 
श्रीकांत पाराशर
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दशहरा जंबो सवारी के 'हाथी'.

प्रसिध्द मैसूर दशहरे का नाम आते ही हाथियों का जिक्र होना स्वाभाविक हो जाता है। दशहरे की जंबो सवारी में इन हाथियों को शामिल किया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हाथियों को विशेष सम्मान एवं स्थान प्राप्त है। दशहरे के लिए हाथियों का चुनाव कुछ
 
श्रीकांत पाराशर
Sep 24 2009 03:53 PM
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'गोम्बे हब्बा' को फिर से लोकप्रिय बनाने का प्रयास

मैसूर। दशहरे की परंपराओं के साथ यहां का 'गोम्बे हब्बा' (गुड़ियों का उत्सव) विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। यह परंपरा मैसूरवासियों के लिए खासी महत्वपूर्ण रही है। यह उसी समय से चली आ रही है जिस समय वाडेयार राजघराने के शासक मैसूर की सत्ता पर आसीन थे। इस नजरिए से
 
श्रीकांत पाराशर
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वायु सेना का आपूर्ति आदेश हासिल करने की होड़ में लॉकहीड-मार्टिन

बेंगलूर। भारतीय वायुसेना ने इस वर्ष की शुरुआत में 126 मध्यम दूरी की क्षमता वाले मल्टी-रोल लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) की खरीदारी की मंशा जताई थी। इसकी मंशा में अपने लिए बेहतरीन कारोबारी अवसर देखते हुए दुनिया भर की अग्रणी रक्षा क्षेत्र की कंपनियों ने
 
श्रीकांत पाराशर
Sep 15 2009 07:34 PM
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मैसूर दशहरे की जंबो सवारी

मैसूर। हमेशा की तरह इस बार भी दशहरा महोत्सव के अंतिम दिन 'विजयादशमी' के मौके पर सबकी नजर मैसूर के वाडेयार राजघराने की दो खास धरोहरें सबका ध्यान खींचेंगी। इनमें से एक है वाडेयार राजघराने का सोने का सिंहासन तथा जंबो सवारी के मौके पर सबसे आगे चलने वाले हाथी
 
श्रीकांत पाराशर
Sep 14 2009 07:33 PM
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पत्रकार मित्रों से निवेदन

अपने पत्रकार मित्रों से एक खास सहयोग की अपेक्षा करता हूं। मैं चाहता हूं कि आप हमारे लिए कोई ऐसा अनुभवी पत्रकार साथी ढूंढकर दें जिसे राष्ट्रीय स्तर की पत्रिका में काम का अनुभव हो, जो यह जानता हो कि कैसी सामग्री ऐसी पत्रिका में होनी चाहिए, जिसे संपादन का
 
श्रीकांत पाराशर
Sep 08 2009 01:13 PM
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संग्रहालयों का भी शहर है मैसूर

मैसूर। महलों के शहर के नाम से मशहूर मैसूर में बीसियों संग्रहालय इस शहर की धरोहरों को संजोने का काम कर रहे हैं। इन संग्रहालयों में विशेष हैं श्री जयचामराजेन्द्र संग्रहालय तथा कला दीर्घा, प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, मैसूर विश्वविद्यालय लोककथा संग्र्रहालय,
 
श्रीकांत पाराशर
Aug 31 2009 06:28 PM
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क्षमा चाहता हूं

क्षमा चाहता हूं, ब्लॉग मित्रों से। काफी लंबे अरसे तक मैं ब्लॉग पर नहीं था, इसका मुझे अफसोस है। इस दौरान मैं आपकी अच्छी रचनाओं और विचारों से वंचित रहा। इधर आपको यह जानकर प्रसन्नता भी होगी कि मैं एक राष्ट्रीय स्तर की एक हिन्दी मासिक पत्रिका का प्रकाशन
 
श्रीकांत पाराशर
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Aug 30 2009 03:27 PM