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प्रिया शर्मा की कविता
यह कविता जयपुर से प्रिया शर्मा ने भेजी है। यह उनका पहला प्रयास है, इसलिए इसमें हो सकता है कि कहीं कच्चापन नजर आए, लेकिन यह रचना एक संभावना जगाती है। चलना सीखने से पहले सभी लडख़ड़ाते हैं। दुआ कीजिए कि ये साहित्य संसार में ये अपना एक मुकाम बनाएं। इनकी और भी
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Feb 27 2010 05:59 PM


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