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18 Jun 2010
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नमन एक वीरांगना को

गंगा धर राव की पत्नी होना मनु का धर्म था और क्रांति गुरु होना मनु का कर्म था । आज मनु , मणिकणिका , रानी लक्ष्मी बाई की पुण्य तिथि १८ जून हैं ।हिंदी ब्लॉग जगत मे कुछ प्रविष्टियाँ आयी हैं जिनको संगृहीत कर दिया हैंहर प्रविष्टि को पढे और नमन का कमेन्ट दे कर
 
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गृह रावण एक सच्चाई , गृह दुर्गा बनने मे भलाई

गृह रावण भी होते हैं । आज ही एक खबर पढी जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को ग्रुप सेक्स के लिये मजबूर कियाअपने ही भाइयों और बिज़नस पार्टनर के साथ । पति ने ये डोमेस्टिक वोइलांस ४ साल तक अपनी ही पत्नी पर की . पति का नाम आप यहाँ पढ़ सकते हैं । पत्नी मे गृह लक्ष्मी
 
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नारी

आजकल हमारे देश में ही नहीं दुनियाभर में महिलाओं के साथ होने वाली छेङछाङ और यौन हिंसा के खिलाफ़ लगभग एक सी दलीलें दी जाने लगी हैं। किसी महिला के साथ कोई अनहोनी होते ही हमारे आसपास एक अजीब सी फुसफुसाहट शुरू हो जाती है कि उसने क्या पहना था ? कितना पहना था ?
 
डॉ मोनिका शर्मा
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ऐसे में आप क्या कहेंगे ?

नारी सिर्फ बच्चा पैदा करने की मशीन है (माफ़ कीजिये मेरी भाषा थोड़ी असभ्य हो गई है )ये बात आज के ५० से ७० साल और शायद उससे पहले से ही समाज के मूल में रही है और आज भी उतनी ही गहरी पैठी है कुछ लोगो के मन में |फर्क इतना है की पहले १० से १२ बच्चे सामान्य बात थी
 
शोभना चौरे
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परिचारिका का काम अपमान जनक होता आहें हैं

एक परिपार भुखमरी के कगार पर हैं । पति पत्नी और दो बच्चे आत्म सम्मान से जीना चाहते हैं । दो तरीके हैं मित्रो से आर्थिक सहायता लेना और दूसरा कहीं नौकरी इत्यादि करना । पत्नी भी पढ़ी लिखी हैं , पति भी लेकिन अफ़सोस नौकरी नहीं मिल रही ।किसी ने आर्थिक सहायता की
 
सुमन जिंदल
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एक माँ नहीं रही , बच्चे भूखे रहे और लोग चरित्र कि बात करते रहे ।

कल कि पोस्ट से आगेअभी अभी समाचार पत्र मे पढ़ा कि वो महिला एक स्लम निवासी थी जो उस रात लिफ्ट लेकर उस टैक्सी से यात्रा कर रही थी ।उसको उसके पति ने ५ साल पहले ही छोड़ दिया था ।उसके तीन बच्चे हैं बड़ा १० साल और सबसे छोटा २ साल ।३ दिन से भूखे प्यासे बच्चे
 
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प्रश्न सिर्फ इतना हैं कि क्या महिला के चरित्र ही संदिग्ध हैं क्या इस पूरे सन्दर्भ से जुड़े औरो के चरित्र साफ़ हैं ??

दिल्ली मे एक सड़क दुर्घटना मे एक मंत्री के बेटे कि कार से एक टैक्सी कि टक्कर होती हैं । टैक्सी मे सवार महिला यात्री कि दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो जाती हैं , ड्राईवर को अस्पताल मे भारती किया जाता हैं । ड्राइवर अस्पताल से गयाब हो जाता हैं । तैसी एक नामी
 
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नया कलेवर!

अभी अभी "नारी" को नए कलेवर में देखा. इन तीनों चित्रों का संयोजन क्या कुछ कह रहा है. खुद अपनी भाषा में कुछ कह रहे हैं और शांत सी नारी की जीवन से जुड़ी विधाओं की ओर इंगित कर रहे हैं. क्या नारी का ये नया कलेवर आप सबको भी अच्छा लगा. अपने विचारों से अवगत
 
रेखा श्रीवास्तव
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ब्लॉगर मित्रो धोखा ना खाना तकनीक के खेल मे ।

वैसे तो जन साधारण बहुत सक्षम और ज्ञानी हैं ही फिर इस पोस्ट के जरिये एक बात बाँट रही हूँ ।
 
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The Indian Woman Has Arrived And Its Time To Celebrate !!!!! बधाई

राधा कृष्णा कुमार synthetic-cell बनाने कि प्रक्रिया मे शामिल थीराधा के बारे मे ज्यादा जानकारी आप को यहाँ मिलेगीसिंथेटिक सेल के बारे मे आप को जानकारी यहाँ मिलेगीतो ये पोस्ट क्या बताने के लिये पुब्लिश कि गयी हैंसिर्फ इतनाThe Indian Woman Has Arrived And
 
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कमेन्ट की इस मानसिकता जो क्या कहेगे ??

क्रांतिकारी विचार ऐसे होने चाहिए जिससे कि समाज और घर का भला हो.... तो ऐसी नारीवादी विचारों का स्वागत सब लोग करते हैं..... कभी यह देखिएगा.... अपने घर में नारीवाद की बात कर के.... माँ-बाप से लेकर बच्चे .... बच्चों से लेकर पति.... पति से लेकर आस-पास के लोग
 
सुमन जिंदल
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बस यही इनकी जिंदगी है........

सीताजी को लेकर आजकल काफी बहस चल रही है। सीता और राम के संबंधों का विवेचन किया जा रहा है। राम ने सीता की अग्नि परीक्षा क्यों ली और धोबी के कहने पर राम ने सीता का परित्याग क्यों किया, बहस का मुद्दा है और गंभीर मुद्दा है। इसलिए पक्ष और विपक्ष में बहुत सारी
 
pratibha
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साउदी लड़की का गुस्सा....

औरत कमज़ोर नहीं....कोमल है.... मौका आने पर किसी भी मुसीबत का सामना करने के लिए डट कर खड़ी भी हो जाती है.... पूर्वी साउदी अरब के एक शहर अल मुबाराज़ के एमुज़्मैंट पार्क में एक मतुए ने लगभग 20 साल की लड़की और उसके दोस्त को रोक कर उनका आपसे में क्या रिश्ता
 
मीनाक्षी
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आईं ऍम द बेस्ट

आईं ऍम द बेस्टनारियां ये मानने से इतना घबराती क्यूँ हैं ?? विनम्र होना एक बात हैं लेकिन उस विनम्रता का क्या फायदा जो आप को अपने को दुसरो से शेष्ठ ना समझने दे । शेष्ट होने मे और और घमंडी होने मे बहुत अंतर हैं । आप कि शेष्ठ्ता आप को हमेशा ऊपर जाने को
 
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तो क्या ख़र्च देवबंद उठाएगा...?

अपने अजीब-ग़रीब फ़तवों के लिए (कु)ख्यात दारूल उलूम देवबंद ने एक नया फ़तवा जारी कर मुस्लिम महिलाओं के नौकरी करने को ग़ैर इस्लामी और उनकी तनख्वाह को हराम की कमाई क़रार दिया है. जो महिलाएं विधवा, तलाक़शुदा या अकेली रह रही हैं और नौकरी करके अपना/अपने बच्चों
 
फ़िरदौस ख़ान
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इन समस्याओं का कोई हल है ही नहीं

माफ़ करना अनामिका और सुषमा हमारे समाज मे आप कि समस्या का कोई हल किसी के पास नहीं हैं । कोई इन समस्या पर बात भी नहीं करना चाहता , हल बताना तो अलग ही बात होती । आप दोनों क्या करेगी पता नहीं बस आत्म हत्या ना करे क्युकी आप कि जिंदगी से ज्यादा जरुरी कुछ नहीं
 
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सुषमा और अनामिका को अपनी राय दे

नाम सुषमाउम्र ५० सालशिक्षा बी कॉमविवाहित ३ बच्चे १ लड़का उम्र २२ साल , २ लड़का उम्र १८ साल , ३ लड़की उम्र १६ साल पढ़ रहे हैंपति का अपना व्यवसायपति के साथ अब और नहीं रह सकती , पति के साथ बहुत सी समस्या जो शादी के समय से अब तक बढ़ ही रही हैं । मायके मे कोई
 
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वो २१ से ३१ की हो गयी हैं

कल कि पोस्ट लड़की के अधिकार "एक २१ वर्षीया अविवाहित आर्थिक रूप से अपना जीवन यापन करने मे पूर्णता सक्षम लड़की / महिला के अधिकार और जिम्मेदारियां क्या क्या हैं ??"जो कमेन्ट आये वो हैं फ़िरदौस ख़ान said... ...वही अधिकार जो हिन्दुस्तानी क़ानून ने उसे दे रखे
 
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लड़की के अधिकार

एक २१ वर्षीया अविवाहित आर्थिक रूप से अपना जीवन यापन करने मे पूर्णता सशक्त लड़की / महिला के अधिकार और जिम्मेदारियां क्या क्या हैं ??
 
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वक्त की नज़ाकत समझिए

अभी थोड़ी पहले एक आलेख पढ़ रहे थे कि ऑनर किलिंग में लड़कियों को ही क्यों मारा जाता है लड़कों को क्यों नहीं। मूलतः यह प्रश्न ही गलत है अगर आप खाप पंचायतों के बारें जानते हैं तो आपको पता होगा कि वे ऑनर किलिंग के नाम पर लड़की और लड़के में बिना कोई भेद किए
 
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कुछ प्रश्न या मोनोलोग

प्रियभांशु के ऊपर यौन शोषण का केस दर्ज कर लिया गया हैं ।किसी भी लड़की को शादी के सपने दिखा कर शारीरिक सम्बन्ध बनाना यौन शोषण मे आता हैं लेकिन कितनी लडकिया ये जानती हैं ???किसी भी लड़की से शारीरिक सम्बन्ध बलात्कार भी बन सकता हैं कितने लडके इस बात को जानते
 
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“ बताओ ना मम्मा “

मेरा मन आज बहुत विचलित है ! मेरी छोटी बेटी शलाका ने आज मुझसे जो सवाल पूछे उनके जवाब मेरे पास नहीं हैं ! आज यह पोस्ट मैं आप सभी प्रबुद्ध पाठकों के सामने इसी प्रत्याशा से रख रही हूँ कि आप शायद उसके प्रश्नों का समुचित जवाब दे पायें और उसके नन्हे मन की अनंत
 
Sadhana Vaid
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निरुपमा के साथ क्या हुआ और किसने किया इसको साबित होने बहुत साल हैं तब तक उसके चरित्र के बहाने ना जाने कितनी बेटियों को घर कि चार दिवारी मे बंद होना हो

निरुपमा नहीं रही आईये उसकी आत्मा कि शांति के लिये प्रार्थना करते हुए कुछ बातो पर विचार करेब्लॉग जगत को क्या हम वैकल्पिक मीडिया मानते हैं कि किसी कि मौत पर हम तुरंत अपना न्याय सुनाने लगते हैं ? एक तरफ हम मीडिया मो इसी बात के लिये धिक् कारती हैं और दूसरी
 
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जाति और धर्म के नाम पर बेटियों की बलि

एक मां ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। सुनकर मन एक बारगी तो सुन्न पड़ गया। ऐसा कैसे हो सकता है एक उम्र के बाद मां बेटी का रिश्ता दो सहेलियों का सा हो जाता है, जो अपने सुख-दुख एक दूसरे के साथ शेयर करती है। माँ सिर्फ मां न रहकर बेटी की पथ-प्रदर्शक बन जाती है।
 
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मुंबई ब्लॉगर मीट - एक नया आयाम

मुंबई ब्लॉगर मीट कि रिपोर्ट कई ब्लॉग पर पढ़ी ।विषय था " मेरी रचना, मेरी कलम और ब्लोगकी दुनिया " अनीता कि पोस्ट पर पढ़ा । साथ साथ ये भी पढ़ा "घुघुती जी का कहना था कि ब्लोगिंग से पहले उनकी अपनी कोई पहचान नहीं थी, उनकी पहचान उनके पति से थी, उनका सामाजिक दायरा
 
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कानपुर की व्यथा-कथा

माया की माया अपरम्पार है. इनके प्रशंसक इनके गलत कामों में भी अच्छाई ढूढ़ लेते हैं. एसी रूम या न्यूज़ चैनल के दफ्तर में बैठ कर माया का गुणगान करने वाले जमीनी हकीकत से उतने वाकिफ नहीं होते जितनी वे बातें करते हैं.माया की मायागिरी ने कानपुर की मस्तमौला छवि
 
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शर्म क्यों नहीं आती उन्हें

पिछले कुछ समय से मुबंई लगातार चर्चा में बना हुआ है...कभी टैक्सी ड्राइवरों के साथ मार-पीट के कारण, कभी पानी की पहरेदारी के कारण, कभी शाहरुख के कारण, कभी अमिताभ को सरकारी कार्यक्रम में बुलाने के कारण। ऐसा लगता है मानो अपनी अहमियत सिद्ध करने के लिए हर पहला
 
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साइबर स्टॉकिंग - ऑनलाइन हरास्स्मेंट .

साइबर स्टॉकिंग - ऑनलाइन हरास्स्मेंट के बारे मे जानकारी दे रही हूँ आशा हैं काम आयेगी CYBERCRIME INDIA, CYBERSTALKING, harassment women India, issues .IL_AD {
 
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संघर्ष में भी रोड़े !

जीवन में संघर्ष जिसके हिस्से में आता या तो वह कर ले जाता है या फिर बुजदिलों कि तरह से दुनियाँ छोड़ कर चल देता है. यह मानव जाति के गुण के अनुरूप नहीं है. जीवन एक संघर्ष है और इसको जीत के जाना है. ऐसे ही पुरुषों की सत्ता को चुनौती देती हुई कितनी महिलायें
 
रेखा श्रीवास्तव
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जरूरत है शिक्षको को शिक्षित करने की

कपिल सिब्बल जब से मानव संसाधन मंत्री बने हैं तब से शिक्षा में सुधारों को लेकर बहुत सारी बातें हो रही हैं. ये बातें कागजों पर तो अच्छी है पर हकीकत की कसौटी पर ये खरी नहीं उतर पा रही है। बस्ते का बोझा कम करना अच्छी बात है. पर शिक्षको की मानसिकता में
 
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ईश्वर जेसिका की आत्मा को शान्ति दे

मनु कि उम्र कैद कि सजा बरक़रार रखी गयी हैं और उम्र कैद का मतलब अब केवल १४ साल कि सजा नहीं हैं , जब तक उम्र हैं तब तक जेल हैंजसिका लाल के परिवार को आज राहत हुई होगी कि कानून हैं ।इस केस मे मीडिया का रोल बहुत सराहनीये रहा हैं और पब्लिक का साथ भी जसिका के
 
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न दैन्यम न पलायनम : फ़िरदौस ख़ान

महिलाएं न तो देवी बनना चाहती हैं और न ही ग़ुलाम... वो तो बस समाज से इंसानी हक़ चाहती हैं... जीने का हक़, वो हक़ है, जो मर्दों को हासिल हैं... दुनियाभर में सभी संप्रदायों ने महिलाओं का हमेशा शोषण किया है... महिलाएं कहीं शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ न उठाने लगें,
 
फ़िरदौस ख़ान
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ट्रेनिंग संवेदनाये और सिस्टम

सानिया मिर्ज़ा हो या करीना कपूर या फिर कोई भी ऐसी समर्थ नारी जो अपनी जिन्दगी अपनी शर्तो पर जी सकती हो वो जब सामाजिक रूप से ऐसे मानदंड स्थापित करती हैं जिन से समाज का कोई भला होना संभव ही नहीं हैं तो मन मे केवल और केवल एक मलाल ही उत्पन्न होता हैं ।करीना
 
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माँ तुझे सलाम....

चंद्रपति देवी एक सीधी साधी ग्रामीण महिला हैं,उनमे ऐसा कुछ भी नहीं,जिससे ये लगे कि वे अपने गाँव के धनाढ्य रसूख वाले लोगों से और अपने गाँव कि पूरी पंचायत से लोहा ले सके. उनके पति फ़ौज में सिपाही थे. उन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी और चंद्रपति
 
rashmi ravija
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कम नुक्सान वाले नहीं ज्यादा फायदे वाले विकल्प चुनिये

शादी और लिव इन रिलेशन शिप दो विकल्पों मे से किसी एक का चुनाव करना हो तो नारी को शादी का करना चाहिये क्युकी उसमे वो कम नुक्सान मे रहेगी , पिछली दो तीन पोस्ट से नारी ब्लॉग पर इसी प्रकार कि ध्वनि मिल रही हैं कमेन्ट मे । इसके अलावा और ब्लोग्स पर भी जहा इन
 
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लिव इन रिलेशनशिप

लिव इन रिलेशनशिप यानी सहजीवन। आपको याद होगा कि अपने देश में इस विषय पर विवाद की शरुआत दक्षिण भारतीय सिने जगत की सुपर स्टार खुशबू के उस बयान से शुरू हुई थी जिसमें उन्होंने विवाह पूर्व सेक्स संबंधों को जायज ठहराया था और इसके फलस्वरूप तमिलनाडु में काफी
 
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पर उपदेश कुशल बहुतरे वाली स्थिति हैं

कल कि पोस्ट का मूल प्रश्न था कि जो लोग निरंतर नारी के लिये क्या अच्छा हैं और क्या बुरा हैं , विवाह नारी के लिये कितना सुरक्षात्मक हैं , कितना जरुरी हैं इत्यादि पर निरंतर टिप्पणी देते हैं बहस करते हैं ,क्या उन्होने अपने विवाह मे अपना सहचर खुद चुना था
 
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अपने सहचर का चुनाव करने कि भी क्षमता अगर आप मे नहीं थी या हैं तो आप शादी जैसी संस्था पर बहस ही बेकार करते हैं ।

शादी ना तो obsolete institution हैं और ना ही गैर जरुरी । शादी आप क्यूँ करते हैं सवाल और जवाब उस पर निर्भर करता हैं । जैसे मेरे पास शादी ना करने के कारण हैं आप के पास करने के होगे उन कारणों के ऊपर बात किये बिना बहस करना केवल बहस करने के लिये बहस करना होता
 
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