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मैंने ही क्या किया ..............( गीत )
मैंने ही क्या किया किसी की लट उलझी सुलझाने को ! क्यों कोई जुल्फें बिखराता , मेरी धूप बचाने को !! बांध बनाकर ये जलधारा जिसने साधी नहीं कभी ! दौनों हाथ जोड़कर जिसने , अँजुरी बाँधी नहीं कभी ! कोई नदिया रुकी नहीं है , उसकी प्यास बुझाने को !! क्यों कोई
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Jun 01 2010 10:53 PM


Shuffle








