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15 May 2010
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टांय टांय फ़िस्स हुई अदालती कर्मचारियों को वर्दी पहनाने की योजना

अपने एक आलेख में आपको बताया था कि न्यायपालिका ने दिल्ली की अधीनस्थ न्यायालय में भ्रष्टाचार को हटाने और बदलाव के मद्देनज़र बहुत से परिवर्तनों के साथ साथ सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड की व्यवस्था का विचार रखा था । पहले इसे दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रयोग
 
अजय कुमार झा
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साठ दिनों के अंदर मोटर दुर्घटना का मुआवजा दिलवाने की कवायद

राजधानी दिल्ली में मोटर वाहन दुर्घटनाओं की बढती संख्या और उसमें प्रभावित लोगों , चोटिल व्यक्तियों तथा मृतकों के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए दायर किए जाने वाले वादों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि , सरकार , प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका के लिए भी चिंता
 
अजय कुमार झा
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अदालती फ़ैसलों के निहितार्थ : लिव इन रिलेशनशिप , बलात्कार आदि के परिप्रेक्ष्य में

मैंने बहुत बार अनुभव किया है कि जब समाचार पत्रों में किसी अदालती फ़ैसले का समाचार छपता है तो आम जन में उसको लेकर बहुत तरह के विमर्श , तर्क वितर्क और बहस होती हैं जो कि स्वस्थ समाज के लिए अनिवार्य भी है और अपेक्षित भी । मगर इन सबके बीच एक बात जो बार बार
 
अजय कुमार झा
टैग: rape
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खाली कुर्सियां फ़ैसले नहीं किया करतीं .....

पिछली पोस्ट में बताया ही था कि कैसे और क्यों एक आम भारतीय को न्याय पाने के लिए सिर्फ़ 320 साल ही प्रतीक्षा करनी है । आज इन आंकडों पर नज़र डालिए , ये आंकडे फ़िर साबित कर रहे हैं कि हमारी सरकार न्याय व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने के लिए सचमुच ही कितनी गंभीर
 
अजय कुमार झा
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सिर्फ़ 320 साल तक प्रतीक्षा करें ..न्याय सबको मिलेगा

अरे भाई ये मैं नहीं कह रहा हूं , ये तो कुछ दिनों पहले "न्यायपालिका में ई गवर्नेंस " के विषय पर एक व्याख्यान देते हुए ये बात आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री वी वी राव ने कहा कि देश की अदालतों में अभी लंबित कुल सवा तीन करोड मुकदमों
 
अजय कुमार झा
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क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं पारिवारिक अदालतें

हाल ही में दिल्ली की कुछ अधीनस्थ न्यायालयों में पारिवारिक अदालतों की स्थापना की गई है जो अपने तरह की इस तरह की पहली अदालतें हैं । हालांकि राजधानी की प्रत्येक जिला अदालतों में पहले से ही गुजारा भत्ता, तलाक और गार्जियनशिप अदालतों का गठन किया जा चुका है जो
 
अजय कुमार झा
Feb 13 2010 02:06 PM
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न्यायिक क्षेत्र में आई टी का उपयोग

कल परसों ही हमारे कोर्ट को पहले ई कोर्ट ( जिला न्यायालयों में ) शुरू करने की उपलब्धि हासिल हुई । इससेपहले ऐसी ही उपलब्धि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी अर्जित की थी । पिछले एक दशक में जिस तरह से सूचनाविज्ञान का उपयोग न्यायिक क्षेत्र में बढा है वो अपने आप में
 
अजय कुमार झा
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जीरो पेन्डेन्सी योजना से कम होगा अदालतों पर बोझ

देश की अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या कम करने के इरादे से समूची न्याय व्यवस्था को एक नया कलेवर देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं । ताजी जानकारी के अनुसार न्याय व्यवस्था को सुदृढ बनाने के प्रयासों के तहत एक महात्वाकांक्षी योजना जिसे ज़ीरो पेन्डेन्सी
 
अजय कुमार झा
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कोर्ट कर्मचारियों के लिए नए दिशा निर्देश जारी - भाग दो

जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में जिक्र किया था कि , अदालतों को मौजूदा हालातों और बढ़ते कार्यबोझ सहित भविष्य की जिम्मेदारियों से निपटने के लिए कई सारी उपायों पर एक साथ काम चल रहा है । इन्ही में से एक है अदालत में कार्यरत कर्मचारियों को चुस्त दुरुस्त
 
अजय कुमार झा
Dec 29 2009 11:50 AM
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न्यायाधीशों की स्व-संपत्ति घोषणा : पक्ष-विपक्ष

पिछले कुछ वर्षो में न्यायपालिका और कार्यपालिका कई बार बहुत सारे मुद्दों पर आमने सामने आये हैं...और बहुत से ...बल्कि अधिकाँश में ..न्यायपालिका ने स्वाभाविक रूप से कार्यपालिका ..सरकार..समाज ..को अपने फैसलों ..अपने विचारों ..और अपनी सहमती -असहमति से एक
 
अजय कुमार झा
Dec 29 2009 11:50 AM
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न्यायाधीशों के लिए बन रहा है तनावमुक्ति कक्ष और एक संयुक्त भोजन कक्ष

जैसा की मैं अपनी पिछली पोस्टों में बताता रहा हूँ की इन दिनों राजधानी की जिला अदालतों में बुनियादी सुधार कार्यक्रम और कई सारी योजनायें चल रही हैं जिनमें से कई सारी योजनाओं का जिक्र मैं पहले ही कर चुका हूँ, आज बात न्यायाधीशों के लिए बन रहे तनावमुक्ति क
 
अजय कुमार झा
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दिल्ली की न्यायिक सेवाओं में भर्ती की जानकारी /सूचना

जैसा कि मैंने आपको अपनी पिछली पोस्ट में बताया था कि इन दिनों दिल्ली न्यायिक सेवा , दिल्ली न्यायिक अकादमी और दिल्ली अधीनस्थ न्यायालयों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है ॥ आज आपको नीचे दिए गए कुछ लिंक्स के माध्यम से बता रहा हूं कि इनके लिए इच्छुक व्
 
अजय कुमार झा
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दिल्ली अधीनस्थ न्यायालय में भारी भर्तियों की घोषणा

पिछले कुछ समय से जब जब अदालतों पर बोझ बढने की बात उठती रही है तब तब खुद न्यायपालिका ने भी इस बात को माना और कहा है कि देश में आज बहुत बडे पैमाने पर नये अदालत गठित किये जाने की जरूरत है ।इस बिंदु पर कई बार सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की अकर्मठता और इस
 
अजय कुमार झा
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यदि तलाक लेना है तो ( दैनिक ट्रिब्यून के स्तंभ कानून कचहरी मे प्रकाशित आलेख )

चित्र को बडा करने के लिए उस पर चटका लगाएं तलाक लेने से पहले और तलाक के लिए सोच रहे लोगों के लिए कानूनी सलाह के रूप में लिखा गया एक आलेख जिसे कानून कचहरी , स्तंभ , दैनिक ट्रिब्यून में स्थान मिला ।
 
अजय कुमार झा
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बुरे फ़ंसे वकील साहेब....ऐसा भी होता है ।

कहते हैं कि कभी कभी चालें उलटी भी पड जाया करती हैं ...या यूं कहें कि शिकारी अपने जाल में खुद ही फ़ंस जाते हैं ...या ये कि किसी एक जगह से बचने के अनजाने में किया गया कोई काम उसे दूसरी जगह फ़ंसा देता है और ऐसी स्थिति जब बनती है तो क्या हाल होता है , आप
 
अजय कुमार झा
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सडक दुर्घटनाओं पर गंभीर होती अदालतें...

राजधानी दिल्ली में दिनोंदिन बढती सडक दुर्घटनाओं पर अदालतों ने बहुत ही गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है। अभी हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राजधानी में बढ रही दुर्घटनाओं के मद्देनज़र . निचली अदालतों,
 
अजय कुमार झा
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मीडिया ट्रायल पर नकेल कसने की तैयारी

पिछले कुछ समय से , जब से मीडिया में तेज से तेज खबर दिखाने-सुनाने की होड की परंपरा की शुरूआत हुई है तब से मीडिया ,रिपोर्टिंग करने में, समाचारों को प्रस्तुत करने में , और घटना दुर्घटना के कारणों-परिणामों तक पहुंच जाने में ज्यादा ही गैर जिम्मेदार और लाप
 
अजय कुमार झा
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देश भर की न्यायिक कार्य प्रणालियों का किया जा रहा है अध्य्यन

मैं इस ब्लोग की अपनी पिछली कई पोस्टों से इस बात का ज़िक्र कर हूं.....कि देर से ही सही अब सरकार न्यायिक ढांचे को नये सिरे से चुस्त दुरुस्त करने में संजीदा दिख रही है.....रह रह कर नये उपाय , नयी घोषणा , और बहुत सी योजनयें....सामने आ रही हैं....ये जरूर
 
अजय कुमार झा
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जानिए निर्वाह भत्ते से जुड़े कुछ कानून

भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १२५ से १२८ तक उन प्रावधानों का उल्लेख किया गया जिसके आधार पर किसी भी व्यक्ति को ..उसके आश्रितों को निर्वाह खर्चा/गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य किया जा सकता है. दरअसल इस कानून के पीछे अवधारणा ये है की प्र्तात्येक व
 
अजय कुमार झा
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जानिए विवाह से सम्बंधित कुछ अपराधों को ..

आज के अंक में जानते हैं की भारतीय कानून में विवाह से सम्बंधित भी कुछ अपराध वर्णित हैं...वो कौन कौन से हैं..किस तरह के हैं और उनमें कितनी सजा का प्रावधान है..आदि आदि... भारतीय दंड संहिता की धारा ४९३ के अनुसार कोई भी व्यक्ति, किसी भी महिला से , जो की क
 
अजय कुमार झा
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ग्रीष्मकालीन अवकाश और अदालतें

इन दिनों में ज्यादातर अदालतों में ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय है..आम तौर पर जून के महीने में अदालतें ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए छुट्टी पर होती हैं...इसके अलावा दिल्ली समेत और भी कई राज्यों में शीतकालीन अवकाश भी दिया jaataa है.. जो लोग अक्सर ख़बरों में प
 
अजय कुमार झा
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महाराष्ट्र की न्यायिक प्रशिक्षण अकादमी और प्रथम राष्ट्रीय मध्यस्थ्ता केन्द्र का उद्घाटन स्त्ताइस को

देश की न्यायिक व्यवस्था मे सुधार के कार्यक्रम के अन्तर्गत एक और बडी उप्लब्धि हासिल होने जा रही है।परसों यानि सत्ताईस तारीख को महाराष्ट्र की प्रथम न्यायिक प्रशिक्ष्ण अकादमी का उद्घाटन होने जा रह है । राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इसका उद्घाटन करने वाली हैं
 
अजय कुमार झा
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जानिए अपने कुछ कानूनी अधिकार .....

आज इस पोस्ट के जरिये कुछ छोटे छोटे..मगर बहुत महतवपूर्ण अधिकारों का उल्लेख किया जा रहा है...जो समय असमय किसी के भी काम आ सकती हैं...कम से कम उनकी जानकारी होने से ..बहुत सी कठिनाइयों को समझा जा सकता है...आप खुद ही देखें. गिरफ्तारी से सम्बंधित :- किसी भ
 
अजय कुमार झा
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कल के अमर उजाला में "कोर्ट कचहरी "की चर्चा

अभी थोड़ी देर पहले ही अपने आलसी भाई (श्री गिरजेश राव जी ) ने मुझे मेल भेज कर सूचित किया की कोर्ट-कचहरी की हालिया पोस्ट को अमर उजाला ने अपने नियमित स्तम्भ ब्लॉग कोना में स्थान दिया है...गिरिजेश जी को बहुत बहुत धन्यवाद..
 
अजय कुमार झा
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दुर्घटना क्लेम करना हो तो -भाग दो

कल से आगे..... दावाकार या वादी स्वयं पीड़ित व्यक्ति ही होता है तो पंचाट उसी की गवाही , उसी के द्वारा उपलब्ध साक्ष्य एवं कागजातों को आधार मानकर दावे का निपटारा करता है. ऐसे दावों में पंचाट पीड़ित व्यक्ति को चार विभिन्न मदों में भुगतान करने का आदेश प्र
 
अजय कुमार झा
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दुर्घटना क्लेम करना हो तो .....

इस तेज़ गति से आधुनिक होते युग में अन्य सुविधाभोगी साधनों की तरह अपने वाहनों का उपयोग भी अनिवार्य सा हो गया है. और ये भी सच है की जितने अधिक वाहन बढ़ रहे हैं, दुखद रूप से दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं. छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक में सड़क दुर्घटनाओं
 
अजय कुमार झा
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जल्द ही सभी थाने सीधे जुडेंगे अदालतों से .

जैसा कि मैं अपनी पिछली पोस्टों में बता चुका हूँ कि अदालती सुधारों की जारी प्रक्रिया में अदालतों को पुर्णतः कम्प्युटरीकृत करने की योजना पर पिछले कुछ वर्षों से काम चल रह है. राजधानी की जिला अदालतों में तो इसका सकारात्मक परिणाम दिखने भी लगा है..इसके तहत
 
अजय कुमार झा
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हाँ ये , अदालत है.

हाँ ये , अदालत है. हर किसी की, , किसी न किसी से, यहाँ पर अदावत है, हाँ,ये अदालत है..... चप्पे चप्पे पर, है कानून यहाँ, मगर उसी kaanoon से, सबको यहाँ शिकायत है, हाँ ये, अदालत है... चारों तरफ सन्नाटा है, सब और खामोशी है, जो सुनाई देता है, नोटों की सरसर
 
ajay kumar jha
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कोर्ट कर्मचारियों के लिए नए दिशा निर्देश जारी - भाग दो

जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में जिक्र किया था कि , अदालतों को मौजूदा हालातों और बढ़ते कार्यबोझ सहित भविष्य की जिम्मेदारियों से निपटने के लिए कई सारी उपायों पर एक साथ काम चल रहा है । इन्ही में से एक है अदालत में कार्यरत कर्मचारियों को चुस्त दुरुस्त
 
ajay kumar jha
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कर्मचारियों के लिए कई दिशा निर्देश जारी

अदालतों में सुधार के कई आमूल चूल परिवर्तनों पर कार्य द्रुत गति से चल रहा है। इन दिशा निर्देशों में न सिर्फ़ अदालती क्रियाकलापों, कार्यवाहियों, न्यायिक अधिकार्यिओं बल्कि अदालत में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी कई कड़े नियम कायदे क़ानून बनाए जा रहे हैं।
 
ajay kumar jha
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मिलने लगा है अदालतों में हिन्दी को महत्व

ऐसा लगता है की पिछले कुछ समय से विभिन्न सरकारी विभागों और अदालतों में भी हिन्दी भाषा को प्रोत्साहित करने की मुहिम का सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगा है. जैसा की मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था की राजधानी की जिला अदालतों में जहाँ बरसों से सिर्फ़ अंग
 
ajay kumar jha
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बदलेगा अदालतों का चेहरा

अदालतों में कभी नहीं आने वाले के मन में अदालतों का वही स्वरुप होता है जो वे आम तौर पर सिनेमा या टी वी में देखते हैं और कमोबेश दिखने में अदालतें होती भी वैसी ही हैं। लेकिन अब शायद ऐसा नहीं होगा कम से कम राजधानी की जिला अदालतों में तो नहीं ही होगा. मान
 
ajay kumar jha
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दिल्ली की जिला अदालतों में हिन्दी भाषा की कार्यशाला का आयोजन

ऐसा लगता है की पिछले दिनों सरकारी काम काज में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के प्रयासों के फलस्वरूप अदालतों में भी हिन्दी को प्रोत्शाहित करने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। हाल में ऐसे कई नए उपायों पर काम शुरू हुआ जिससे की अदालतों में हिन्दी को बध्वा दिया
 
ajay kumar jha
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अदालतों में लागू होगा डोकेट सिस्टम

मैं अपने पिछले दो आलेखों में बता चुका हूँ की अदालतें, कम से कम दिल्ली की अदालतें तो जरूर ही, बहुत से ऐसे उपाय करने की कोशिस कर रही हैं, जो न सिर्फ़ अदालतों का बोझ कम करने में सहायक होंगी बल्कि यदि पूरी तरह से लागू की गयी तो एक क्रांतिकारी परिवर्तन सा
 
ajay kumar jha