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29 Apr 2010
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आखिर कब मैच्‍योर होगा झारखंड?

झारखंड की हालत देखकर बेहद दुख होता है। मानो, झारखंड किसी के द्वारा शापित हो कि वह कभी मैच्‍योर (समझदार) नहीं हो सकेगा। सदा यूं ही बचकानी राजनीति का शिकार होता रहेगा। यह भी कि चालाक और भ्रष्‍ट लोग सदा उसका दोहन करते रहेंगे। उसके दुश्‍मनों में अपने भी
 
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नक्‍सलवाद हो या आईपीएलवाद, दोनों ही खतरनाक

इन दिनों देश में दो सबसे बड़े मुद्दे सुर्खियों में है। एक नक्‍सलवाद और दूसरा आईपीएलवाद । एक में, गरीबी और शोषण के कांधे पर बंदूक धरकर सरकार के विरूद्ध युद्ध किया जा रहा है। तो दूसरे में, क्रिकेट के प्रोत्‍साहन के नाम पर हजारों करोड़ का कारोबार किया जा
 
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Apr 21 2010 05:19 PM
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भारत के अमन-चैन के दो दुश्‍मन

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और आजाद भारत में यह क्‍या हो रहा है? तानाशाह और फासिस्‍ट शिवसेना भारतीय सिनेमा के सुप्रसिद्ध कलाकर शाहरूख खान की अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता का अपहरण करना चाहती है। सहिष्‍णुता की भारतीय संस्‍कृति को शर्मशार कर शाहरूख के उस बयान
 
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गणतंत्र दिवस से पहले मना ‘राज’तंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर जहां देश की राजनीतिक राजधानी दिल्‍ली में भारत की आन-बान व शान की रक्षा करने वाली सेनाओं ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, वहीं इससे ठीक एक दिन पहले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में देश में एकता, समानता और बंधुत्‍व को तहस-नहस करने वाली राज
 
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अब एक और नापाक सेना और फिर जागा ‘गुंडा-राज’

उदय केसरी यह आलेख लिखने से पहले मन में कई बार आया कि इस मुद्दे पर नहीं लिखा जाना चाहिए... क्योंकि राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे जैसे देश के सफेदपोश आतंकी यही चाहते हैं कि बस मीडिया में उनका प्रचार होता र
 
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Dec 29 2009 11:43 AM
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इसबार भी नये साल में एक दर्द के साथ प्रवेश...

के अवसान पर अंतिम पोस्‍ट के रूप में कुछ लिखने का मन किया, लेकिन समझ में नहीं आ रहा था कि क्‍या लिखूं। सोचा, बस सबसे सुखद और सबसे दुखद की चर्चा कर आप सभी ब्‍लॉगर बंधुओं और सुधी पाठकों को नये साल का मुबारकबाद देते है।... 26/11 के दर्द को साथ लेकर आया स
 
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क्‍या आपके मन में रोष उत्‍पन्‍न नहीं होता?

महंगाई खतरे के निशान के ऊपर खाने की वस्तुओं की महंगाई खतरे के निशान के ऊपर जा रही है। नवंबर '09 के आखिरी हफ्ते में जारी थोक मूल्य सूचकांकों से पता चलता है कि पिछले दस वर्षों में कभी इतनी तेजी से महंगाई नहीं बढ़ी। इधर दालों की कीमत में 42 प्रतिशत, सब्
 
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चुटकी का खेल बना पूर्वजन्‍म की यात्रा!

पिछले एक हफ्ते से एनडीटीवी इमेजिन पर प्रसारित रियलिटी शो ‘राज पिछले जन्‍म का’ पर पता नहीं क्‍यों मुझे विश्‍वास नहीं होता। कोई कैसे आधे घंटे के शो में किसी को उसकी एक नहीं दो-दो पूर्वजन्‍मों की याद दिला सकता है और वह भी फिल्‍म के दृश्‍य व कहानियों की
 
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क्‍या आपका अखबार धोखेबाज नहीं?

आज सुबह चाय के साथ अखबार के पन्‍ने उलटते ही जिन खबरों पर नजरें गईं, वे खबर नहीं थीं, बल्कि खबरों की शक्‍ल में विज्ञापन थे। वह भी एक नहीं अनेक। अखबार था दैनिक भास्‍कर, देश का सबसे तेज बढ़ता अखबार और जो अब डीबी कॉर्प यानी कारपोरेट कंपनी है, जिसका आईपीओ
 
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अब ‘समझदार जनता’ के लिए क्‍या लिखें?

करीब सवा दो महीने बाद आप सबों से मुखातिब हो रहा हूं। इस दौरान व्‍यस्‍तताएं तो थीं, पर इतनी भी नहीं कि अपने विचार लिखने के लिए समय न निकाल पाया, बल्कि सच बताऊ तो लिखने की इच्‍छा नहीं हुई। देश व समाज में इस दौरान कई घटनाएं भी घटीं, फिर भी नहीं।...खबरें
 
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पत्रकारिता की नई धारा बहाने की कोशिश

आप सबों को यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि एडिटोरियल प्लस सफलता पूर्वक दो साल पूरा कर तीसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। फिर भी हम यह मानते हैं कि हमारा यह प्रयास काफी छोटा है। अभी मंजिल काफी दूर है। उसे पाने में आप सबों की हार्दिक शुभकामनाओं और महत्वपूर्ण
 
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ऐसे उटपटांग समुदाय के लिए भारत में कोई जगह नहीं

उदय केसरी दुनिया में यह कैसा उटपटांग समुदाय बनता जा रहा है। विकसित देशों में धनाड्यों के पास मौज-मस्ती व खेल के तरीके कम पड़ते रहते हैं। वे इसके नये-नये तरीके खोजते रहते हैं। कभी पानी के अंदर जाकर सुहागरात मनाना, तो कभी कीचड़ में साइकिल रेस खेलना। प्रत
 
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देश के आंतरिक मामलों में अमेरिकी दखल नाजायज

उदय केसरी पहले भारत दौरे पर आये अमेरिका के विदेश उप मंत्री विलियम बनर्स ने कहा कि कश्मीरियों की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता फिर से शुरू होनी चाहिए। फिर एक खबर आई कि अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआ
 
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आस्ट्रेलिया बनाम मुंबई और बाहरी छात्रों पर हमला

उदय केसरी आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर नस्ली हमले से शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे नाराज हैं। उन्होंने इसके बदले में आईपीएल से आस्ट्रेलियाई टीम को बाहर करने और भारत में निवेश कर रही आस्ट्रेलियाई कंपनियों को चेताने की मांग की है। ठाकरे साहब का यह बया
 
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...उतने परमाणु बम तो भारत के पास भी हैं

उदय केसरी अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट को भारत के लिए चिंता का सबब बताया जा रहा है। खबर यह है कि पाकिस्तान के पास करीब 60 परमाणु बम हैं और इनमें ज्यादातर के निशाने पर भारत के प्रमुख शहर हैं। यह भी कि पाकिस्तान और परमाणु बम बनाने के लिए विखंडनीय साम
 
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....पर देश की जय युवा पीएम से ही होगी

उदय केसरी कांग्रेस की तो जय हो गई, लेकिन सर्वाधिक युवा आबादी वाले इस देश की जय युवा पीएम के हाथों की हो सकती है। जैसा कि मैं पहले भी कहता रहा हूं ( युवा भारत की डोर क्‍यों न हो युवा हाथों में? ) कि राहुल गांधी में वह तेवर परिलक्षित होता है, जिसकी जरू
 
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अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का विद्रूप चेहरा और चंद इतर बातें

चंद इतर बातें वाकई में विवाह व्यक्ति को व्यवस्थित बनाता है। वरना, मैं तो इससे पूर्व पूरी तरह से अव्यवस्थित व अराजक जीवन शैली में मस्त था। व्यवस्थितों को देख मुझे थोड़ा अजीब लगता था। सोचता कि लोग क्यों अपना इतना वक्त और पैसा फालतू की व्यवस्था पर खर्च क
 
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जीवन की नई कड़ी, नया सफर

मीतेन्द्र नागेश ब्लॉगर बंधुओं व दोस्तों, इस पोस्ट में मुद्दा न राष्ट्रीय है और न अंतरराष्ट्रीय। क्षेत्रीय भी नहीं है और न ही स्थानीय। मुद्दा है व्यक्तिगत। मुद्दा है एक से दो होने का। दो के बाद का मुद्दा अभी प्रासंगिक नहीं है।...आप शायद समझ गए होंगे,
 
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...तो क्या देश की व्यवस्था भ्रष्टाचारियों का पोषक है?

उदय केसरी हालांकि टाइटलर को क्लीनचीट, चिदंबरम को जूता व वरूण के जहरीले भाषण के मुकाबले काले धन की देश वापसी का मुद्दा फिलहाल नरम पड़ गया है। लेकिन अन्य मुद्दों की गर्मी तात्कालिक है, काले धन की देश वापसी का मुद्दा अहम और विचारणीय है। यह मुद्दा हमारे द
 
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एक उम्मीद हमें भी

मीडिया को चैथी दुनिया और इसके क्रिया-कलाप को पूर्णतः प्रोफेशनल करार देते हुए श्री नीलेश द्विवेदी ने इस दुनिया के पत्रकारों के कुछ नाजायज उम्मीदों का व्यंग्य रूपांतरण किया है। वर्तमान में मीडियाकर्मियों के लिए यह लेख वाकई में आईना दिखाने वाला है। 'एक
 
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सत्ता की राजनीति में सब जायज है!

उदय केसरी बीमारी से संघर्ष कर लौटे मितभाषी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने लोकसभा चुनाव की चुनौती है। यह चुनौती केंद्र की राजनीति करने वाले राजनीतिकों के लिए सबसे बड़ी होती है। इसमें जीत के लिए वे साम-दाम-दंड-भेद यानी तमाम हथकंडे अपनाते हैं। चाहे उन
 
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...जाने कब कौन पिचकारी, बंदूकों सी तन जाए

उदय केसरी सीधीबात के सुधी पाठकों व ब्‍लॉगर बंधुओं को होली की हार्दिक शुभकामनाएं!!! होली पर कुछ खास कहने को नहीं है। देश में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की तिथियों की घोषणा हो चुकी है, तो देश के बाहर पाकिस्तान के नाबालिग लोकतंत्र की हत्या होने वाली है।
 
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क्या अंग्रेजी में झुग्गी बस्ती के बच्चों को डॉग कहते हैं?

उदय केसरी फिल्म जगत के अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों को जीतकर खास चर्चे में आई फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ (Slumdog Millionaire) के नाम, कहानी व फिल्म डायरेक्टर को लेकर कई बार मन में कई सवाल खड़े हुए, पहले कुछ लिखना अच्छा नहीं लगा। सोचा, लोग कहेंगे-हम जैसों
 
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आदरणीय ब्लागर बंधुओं व सुधी पाठकों

नमस्कार, सीधीबात ब्लाग पर प्रकाशित होने वाले विविध आलेखों (पोस्ट) को पढ़कर व अपनी टिप्पणियां भेजकर आपने हमेशा से हमारी पहल को प्रोत्साहित किया है। इसके लिए आप सभी को हार्दिक धन्यवाद। सीधीबात ब्लाग महज छह महीने में आपके बीच इस स्थिति में है, जबकि अबतक
 
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युवा भारत की डोर क्‍यों न हो युवा हाथों में?

उदय केसरी कांग्रेस में युवा नेताओं को अधिक टिकट देने तथा कांग्रेस व युवा नेताओं के बीच की दीवार ध्वस्त करने की बात कर राहुल गांधी ने यह साफ कर दिया है कि शीर्ष राजनीति में बुजुर्ग नेताओं ने नाजायज कब्जा जमा रखा है। इस कब्जे का नतीजा देश को भुगतना पड़
 
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A Squirrel’s Death

With the advent of modern life, emotions and love for fellow beings are fading out with professional attitude becoming the welcome order of the day. People have slowly but steadily lost all love and regard for other beings. In these circumstances, love
 
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Jan 26 2009 08:19 PM
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भारतीय गणतंत्र जितना सबल उतना निर्बल भी

उदय केसरी भारतीय गणतंत्र अब 60वें साल में प्रवेश कर चुका है। राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी, कूटनीतिक व सामरिक दृष्टि से भारत अब काफी सक्षम भी हो गया है। विदेशी पूंजी निवेश का दरवाजा खुलने या कहें उदारीकरण की नीति से तो भारत में जबरदस्त बदलाव आया
 
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ओबामा की लोकप्रियता और अमेरिकीयों की देशभक्ति अनुकरणीय

उदय केसरी आपने खबरों में देखा-पढ़ा होगा। नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शपथ ग्रहण समारोह की शान-औ-शौकत। यह अश्‍वेत राष्ट्रपति के कारण ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि नागरिक लोकप्रियता की दृष्टि से भी बेजोड़ माना जा रहा है। यह अमेरिका के प्रत्यक्ष
 
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मीडिया पर तानाशाही का काला कानून लादने की कोशिश नापाक

उदय केसरी स्वतंत्र भारत में पहली बार कांग्रेस सरकार में ही 1975 में प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप जैसा काला कानून लादा गया था और अब एक बार फिर कांग्रेस सरकार में ही ऐसा कानून मीडिया पर लादने की गुपचुप तैयारी चल रही है। हालांकि इस कानून के जरिये सरक
 
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वाकई में, यह भारत के लिए शर्म की बात है

उदय केसरी मुंबई पर आतंकी हमले के करीब डेढ़ माह बीत चुके हैं। इस हमले के जिम्मेदार पाक आतंकियों के खिलाफ भारत के पास मुर्दे ही नहीं, जिंदा सबूत भी है। यहां तक कि अमेरिकी खुफिया एंजेंसी ने भी हमले में पाक से संचालित आतंकी संगठनों के हाथ होने की बात कह द
 
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