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मीडिया स्कूल

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15 Jun 2010
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कहीं मजाक न बन जाए मौसम पर चैनल

दिल्ली में बारिश की पहली बूंदें पड़ते ही ख्याल आया कि जल्द ही मौसम खुद एक बड़ी खबर बनने जा रहा है। सूचना है कि मौसम विभाग को साल 2010-11 के लिए 156 करोड़ रूपए की राशि दी गई है ताकि मौसम से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रारूप अमली जामा
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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शब्दहीन

पानी का उफान तेज था अंदर भी, बाहर भी फर्क एक ही था बाहर का उफान सबको दिखता था अंदर का पानी अंदर ही बहा उसे कौन बांधता न पत्थर, न बांध अंदर का तूफान खुद ही थमता है खुद ही से थमता है अंदर की आवाज भी अंदर के कान ही सुनते हैं वे ही जानते हैं अंदर के मौसम का
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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हवा हुआ रोमांच

10वीं और 12वीं – दोनों के ही नतीजे डाक से स्कूल पहुंचे थे। उस दिन मंदिर होते हुए स्कूल पहुंचे तो उत्साह चरम पर था। उंगली से एक-एक विषय पर हाथ रखते हुए मार्क्स नोट किए थे,तब भी डर बना था कि ऊपर या नीचे वाले के नंबर न लिख बैठें। साल दल साल स्कूलों में
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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मंगलौर के दर्द के बीच

हादसे एक ही बात कहते हैं मंगलौर में हो या मुंबई में इंसान के रचे हों या कुदरत से भुगते कि सांसों का कोई भरोसा नहीं सबसे अनजानी, अपरिचित सांसें ही हैं कभी भी, कहीं भी फिसल सकती हैं अनुलोम-विलोम के बीच जब रोकती हूं सांसों को कुछ पलों के लिए अंदर ही तो लगता
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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हादसे -मुंबई और मंगलौर के बीच मन

हादसे एक ही बात कहते हैं मंगलौर में हो या मुंबई में इंसान के रचे हों या कुदरत से भुगते कि सांसों का कोई भरोसा नहीं सबसे अनजानी, अपरिचित सांसें ही हैं कभी भी, कहीं भी फिसल सकती हैं अनुलोम-विलोम के बीच जब रोकती हूं सांसों को कुछ पलों के लिए अंदर ही तो लगता
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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राजधानी के युवा और उनकी दो दुनिया

दिल्ली के एक बड़े रेस्त्रां समूह के किसी भी रेस्त्रां में गर्मी के इन महीनों में जाना बड़ा सुखद लगता है। वजह वहां के पकवान या फिर ठंडे पेय नहीं हैं। वजह है वहां पर उन युवाओं को देखना जो इन दो महीनों में यहां इंटरन्शिप के लिए आते हैं। ये युवा रिसेप्शन पर
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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झोंका जो आया अतीत की खिड़की से

अनार के दाने ही थे वो पल गिलहरी की तरह गुदगुदाते आए फिर बह गए वो शहतूत की बेरियां कच्चे आमों की नटखट अटखेलियां आसमान के जितने टुकड़े दिखते अपनेपन से भरे लगते घर का फाटक और फाटक के पास से गुजरते लोग उनके चेहरे के भाव जो घर आते, वो भी भले लगते न आने वाले
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाते खाली दिमाग

दिल्ली के एक मॉल में लोग फिल्म देखने गए थे लेकिन वहां उनका साक्षात्कार परदे की फिल्म की बजाय असली जिंदगी की फिल्म से ही हो गया। फिल्म शुरू होने से कुछ मिनटों पहले किसी ने एक न्यूज चैनल को एक फैक्स भेजा और धमकी लिखी कि मॉल में कुछ ही मिनटों में धमाका होने
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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एक ख्वाब की कब्रगाह

लो मर गई मरजानी तब भी चैन नहीं देह से झांक कर देख रही है तमाशा कुनबुना रहे हैं पति बेवजह छूट गया दफ्तर सोमवार के दिन ही बच्चों की छटपटाहट काश मरतीं कल शाम ही नहीं करनी पड़ती तैयारी टेस्ट की अब कौन लाए फूलों की माला इस तपती धूप में नई चादर कौन करे फोन कि
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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संवाद

नहीं सुनी बाहर की आवाज अंदर शोर काफी था इतना बड़ा संसार हरे पेड़, सूखे सागर भी बहुत सी झीलें, चुप्पी साधतीं नदियां अंदर रौशनी की मेला भी, सुरंगों की गिनती कोई नहीं अपने कई, अपनेपन से दूर भी खिलखिलाहटें अंतहीन, नाजुक लकीरें भी सपने भर-भर छलकते रहे नहीं
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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आतंक के महिमामंडन से घबराया मंत्रालय

जब से दंतेवाड़ा की घटना से सब सहमे हुए हैं,देश का सूचना और प्रसारण मंत्रालय अब आतंकियों के महिमामंडन को लेकर जाग उठा है। हाल ही में मंत्रालय ने देश के सभी टीवी चैनलों को निर्देश दिया कि वे आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को जरूरत से ज्यादा कवरेज न दें और
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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वो बत्ती, वो रातें

बचपन में बत्ती चले जाने में भी गजब का सुख था हम चारपाई पे बैठे तारे गिनते एक कोने से उस कोने तक जहां तक फैल जाती नजर हर बार गिनती गड़बड़ा जाती हर बार विशवास गहरा जाता अगली बार होगी सही गिनती बत्ती का न होना सपनों के लहलहा उठने का समय होता सपने उछल-मचल
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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बहुत हुआ

बस अब रंगों जैसा ही हो जाना है घुल जाना है पानी जैसे बह जाना है पहाड़ जैसे टिक जाना है शहर जैसे चल पड़ना है बर्तन जैसे बन जाना है रिश्ते जैसे निभ जाना है मर्द जैसा बेवफा होना है सब कुछ होना आसान ही है शायद पर औरत होना खुद अपने जैसा होना !!!!!
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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तमाशे को मीडिया ने फिर से जिंदा किया

क्या शाहरूख खान और बाल ठाकरे हमारी सांसे हैं जिनके बिना जीया नहीं जा सकता। आपका जवाब न हो सकता है लेकिन इस पूरे हफ्ते जो कवरेज दिखी,उसने आभास तो कुछ ऐसा ही दिया। अब इस बात पर यकीन नहीं होता जो जतलाती है कि टीवी के लिए एयरटाइम कोकेन की तरह है,यानी कि
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Feb 16 2010 07:54 AM
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मन

अभी भी मन करता है घूम आऊं किताबों के मेले में पलटूं एक-एक पन्ना और घर आऊं तो तैयार मिले मां के हाथों का खाना पिता की चिंता लौटूं तो इत्मीनान से खोलूं किताबों का थैला महसूसूं खुशबू ताजे छपे पन्नों की उनकी जिल्द पर जडूं इतिहास होता वर्तमान- अपना नाम,
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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मीडिया का चरित्र और उसकी मजबूरियां

अंग्रेजी के एक अखबार के पत्रकार ने जब अपने यहां छपने वाली किसी स्टोरी विशेष की विश्वसनीयता पर आपत्ति जताई तो उसे जवाब संपादक से नहीं,बल्कि अखबार के मार्केटिंग हेड की तरफ से मिला। वैसे वह जवाब कम और सख्त हिदायत ज्यादा थी। उक्त महोदय ने जुझारू पत्रकार से
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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अपराध और हंसी

एक हंसी भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरू की थी। फांसी पर हंसते-हंसते झूल गए। एक हंसी राठौर की है। बकौल राठौर उन्होंने मुश्किल में हंसना नेहरू से सीखा लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि फलां-फलां काम उन्होंने किससे सीखा। खैर, जिस दिन राठौर हंसी देखी, एक और तल्ख हंसी
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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कहानी रोज की

रसोई में रोज पकते रहें पकवान नियत समय पर टिक जाएं मेज पर इसकी मशक्कत में चढ़ानी पड़ती है अपनी डिग्रियों की बलि जूते पॉलिश हों आंगन धुल जाए बादशाह और नवाबजादों के घर लौटने से पहले सब कुछ सरक जाए अपनी जगह पर मुस्कुराते, इतराते, कुछ ऐसे कि जैसे न हुआ हो कुछ
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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जय हो

वो अभी टेबल पर चार रोटी, तड़के वाली दाल, पालक-पनीर रखकर गया है, वो कौन है.... एक आदमी नहीं, वो है मुर्दा बनता आदमी। वो है एक एथलीट लाया था जब कांस्य का लट्टू तो घोषणाएं हुईं दूरदर्शन पर मिलेगी सरकारी नौकरी कार विज्ञापनों की शोहरत और पैसा। जो आया वो ले गए
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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कॉमनवैल्थ गेम्स

2010 नए स्टेडियम, नई सड़कें, नई इमारतें धुला-धुला सा सब कुछ टेबल के नीचे खुजलियों का मौसम। खेल के अंदर खेल खेल के पीछे खेल खेल में छिपे खेल हिस्सों के खेल दूसरों को हिस्सा न मिले, इसके खेल नए अकाउंट खोलने छिपने-छिपाने के खेल और पेड़ पर बैठी चिरैया बस में
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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दर्शकों से दूर होता दूरदर्शन

खबर अंग्रेजी के एक ऐसे अखबार में पढ़ने को मिली जिसका नाम नई पीढ़ी को शायद पता भी न हो लेकिन खबर आईना दिखाने वाली थी। खबर यह थी कि सिल्चर स्थित दूरदर्शन केंद्र बंद होने के मुहाने पर खड़ा है। वजह है – कार्यक्रेमों के लगातार घटते स्तर की वजह से दर्शकों
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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कोई नतीजा निकलने की उम्मीद नहीं

सीबीआई ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी डाल कर यह दरख्वास्त की कि जो मामले लंबित हों, उन पर मीडिया अपनी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों से बाज आए तो तफ्तीश के लिए बेहतर होगा। इस अर्जी में यह भी कहा गया है कि जांचकर्ताओं को वही खबर या बिखरे सूत्र
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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सपने अभी मरे नहीं और कविता भी

कविता, वो भी हिंदी में, युवाओं के मुख से और जगह दक्षिणी दिल्ली। इस परिचय पर सहज ही यकीन करना आसान नहीं लेकिन दरअसल हुआ यही। निराला, मैथिली शरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, हजारी प्रसाद द्विवेदी और न जाने कितने ऐसे नाम जो इस हफ्ते दिल्ली विश्व
 
वर्तिका नन्दा
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कौन-सा फॉलोअप, किसका फॉलोअप

साल पहले एक दिन खबर मिली कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास लगे एक टावर पर एक आदमी चढ़ गया है और उतरने का नाम ही नहीं ले रहा। बनारस से दिल्ली आए उसका कहना था कि वह तभी उतरेगा जब उसकी पत्नी मायके से वापिस आकर उसके साथ दोबारा रहने का वादा करेगी, वो भी दु
 
वर्तिका नन्दा
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आहा जिंदगी

पहला अध्याय नई फ्राक मिली कचनार के फूलों से लदी डाली पर गिलहरी-सी ठुमक-घुमक उठी जन्नत मुट्ठी में जमीन आसमान पर दूसरा अध्याय दुपट्टा ओढ़ा नजरें जैसे सारी उसी पर सपनों के सीप भरे-भरे से किसी सुनहरे रथ के इंतजार में इंतजार की सड़क छोटी थी तीसरा अध्याय ब
 
वर्तिका नन्दा
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कैसे पैदा हुआ दहशत का माहौल

चुनावी माहौल की रस्साकशी के बीच हाल ही में मुंबई में कुछ ऐसा भी हुआ जिसने विचलित किया। ये तस्वीरें दहशत और सामाजिक विद्रूपता की थीं। ये तस्वीरें उस परिवार की पत्नी और तीन लड़कियों की हैं जिन्हें परिवार के मुखिया ने सात साल तक कमरे में बंधक बना कर रखा
 
वर्तिका नन्दा
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Fwd: Please post it in Your blog Media School

बंगाल पुलिस ने मीडिया के नाम पर विश्वासघात किया आनलाइन हस्ताक्षर द्वारा विरोध अवश्य करें -विष्णु राजगढ़िया पश्चिम बंगाल की सीआइडी पुलिस ने मीडिया के नाम पर विश्वासघात किया है। लालगढ़ आंदोलन के चर्चित नेता छत्रधर महतो को पकड़ने के लिए पुलिस ने पत्रकार का
 
वर्तिका नन्दा
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बढ़ रही है मीडिया की भूमिका

शशि थरूर की साइट में कांग्रेस के रंग भरे हैं। वे हाथ जोड़ कर कहते दिखते हैं कि वे पूरी शिद्दत के साथ तिरूवनंतपुरम की जनता के लिए काम करेंगे। जनता ने उन पर विश्वास भी किया कि ऐसा ही होगा और इसलिए उन्हें जीत मिली। लेकिन दूसरी तस्वीर कुछ और कहती है। यह
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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अश्क में भी हंसी है

खुशामदीद पीएम की बेटी ने किताब लिखी है। वो जो पिछली गली में रहती है उसने खोल ली है अब सूट सिलने की दुकान और वो जो रोज बस में मिलती है उसने जेएनयू में एमफिल में पा लिया है एडमिशन। पिता हलवाई हैं और उनकी आंखों में अब खिल आई है चमक। बेटियां गढ़ती ही हैं।
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Sep 18 2009 06:41 PM
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चूल्हा-चौकी संभालने वाले हाथों में मीडिया

बहुत दिनों बाद उत्तर प्रदेश एक सुखद वजह से सुर्खियों में आया है। खबर है कि बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाओं की मेहनत से निकाली जा रही अखबार खबर लहरिया को यूनेस्को के किंग सेजोंग साक्षरता अवार्ड, 009 के लिए चुन लिया गया है। इस अखबार को बुंदेलखंड की पिछड़ी
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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MEDIA BOOKS - (Hindi)

Suggested Reading ( हिन्दी में)Name of the book--------------------Author------------------Publisher-----------------Year*टेलीविजन और-------------------वर्तिका नन्दा-----------भारतीय जनसंचार संस्थान----2006-अपराध पत्रकारिता*मीडिया और
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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MCRC Mass Communication Details

M.A. Mass Communication (50 Seats)The graduates of M.A. Mass Communication are expected to be media professionals with strong conceptual and technical skills who are ready to choose a diversity of career options in radio, photography, film, video &
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 30 2009 08:30 PM
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Suggested Readings for Students (E)

59. Surviving in the Newspaper Business --------Jane Willis60. Strategic Newspaper Management -----------Conard C Fink61. Indian Broadcasting --------------------------H. R. Luthra62. Social Research 000000000000000000----S R Vajpayee63. Doing Your
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 30 2009 08:26 PM
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Suggested Readings for Students (D)

50. Comprehension, Precise & Paragraph Writing 0-L Shaffer 51. Dictionary of Modern English Usage 0000000--G Davison 52. Strengthen Your Writing 00000000000000-----Narayanaswami 53. Improve Your Word Power 0000000000000----R Birley 54. Plain English
 
डॉ वर्तिका नन्दा
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Suggested Readings for Students (C)

41. Betrayal of Indian Democracy 000000M B Chande42. Om Heritage 000000000000000000Bhartiya Vidya Bhavan Publication43. The Problems of Indian Economy 000S K Misra & V K Puri44. Modern Economics --------------------Jack Harvey45. The Indian Economy
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 30 2009 08:22 PM
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Suggested Readings for Students (B)

21. Perspective Human Communication -----------------Aubrey B Fisher23. Communication-concepts & Process -----------------Joseph A Devito24. Lectures on Mass Communication -------------------S Ganesh25. The Process of Communication
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 30 2009 08:20 PM
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Suggested Readings for Students (A)

1. Introduction to Communication Studies 000John Fiske 2. Mass Media Laws & Regulations 000000000C S Rayudu, S B Nageshwar Rao 3. Press in the Indian Constitution --------------R K Ravindran 4. Principles & Ethics of Journalism ------------Dr.
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 30 2009 08:19 PM
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BJMC IP University -- Course Content

SEMESTER ICourse I: Language Skills - EnglishObjective: This course aims to equip students with language skills so that they may be able to express themselves with fluency & clarity. Given that many of these students will be communications managers
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 23 2009 06:58 PM
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Media Books

Suggested Reading (In English)Name of the book 000000000Author 00000000Publisher 000000------Year*India's Newspaper------------Robin Jeffery0000Oxford University Press000__
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 19 2009 10:23 PM
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मीडिया में बहस, बहस में मीडिया

पहले घोषणा हुई, फिर संसद में हंगामा और आखिर में एक और घोषणा। सार यह कि बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती, ,समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सुरक्षा के घेरे में कोई कमी नहीं लाई जाएगी। कहा जा रहा था कि गृह
 
डॉ वर्तिका नन्दा
Aug 13 2009 05:19 PM