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वह मजदूर - २
ऊपरी हिस्से से चली नीचे के तरफ़ बढती चूने लगी कुछ क्षण बाद टिप टिप टिप टिप नीचे की उर्वर भूमि तक पहुँचती , तरलता प्रदान करती शीतलता देती शरीर के सम्पूर्ण हिस्से को झकझोर देने के बाद वेदनामय वातारण में पोंछता एक एक हिस्से से शरीर का पसीना वह मजदूर गहर
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Dec 29 2009 11:44 AM


Shuffle








