मुसाफ़िर's Image

मुसाफ़िर

http://duniadekho.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
08 Mar 2010
कुल प्रविष्टियां
32
पाठक भेजे
3304
पसंद
55
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
103.25
पसंद करें
0
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच-६

चार जून- चढाई का चौथा दिनचार जून- चढाई का चौथा दिनचार तारीख को हमें नबीढांग जाना था। नबीढांग वो जगह थी जहां से हमें हमारी यात्रा के पहले दर्शन होने थे। नबीढांग में हमें ऊँ पर्वत के दर्शन करने थे। गुंजी से नबीढांग करीब अठारह किलोमीटर का सफर है। गुंजी से
 
दीपान्शु गोयल
Feb 15 2010 11:11 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच-५

तीन जून- चढाई का तीसरा दिन- बुद्धि से गुंजीतीसरे दिन हमे बुद्धि से गुंजी तक का सत्रह किलोमीटर का सफर करना था। ये रास्ता पिछले दिनो के मुकाबले आसान था। रोज की तरह से ही हमारा दिन सुबह चार बजे ही शुरु हो गया सुबह की चाय के साथ। उसके बाद जल्दी से तैयार होकर
 
दीपान्शु गोयल
Feb 10 2010 11:51 PM
पसंद करें
2
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच-४

दो जून - चढाई का दूसरा दिन- गाला से बुद्धि गाला मे सुबह चार बजे ही हमे चाय दे दी गई। जिससे हम लोग समय से उठ कर तैयार हो सके। इस मामले में मै कुमाऊं पर्यटन के लोगों की सेवा भावना की दाद दूंगा। इतनी ठंड में भी वो हर वक्त हमारी जरुरत को पूरा करने के लिए
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच ३

धारचुला से १ जून को छोटा कैलाश का हमार सफर शुरु हुआ। आज के बाद से सभी को सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी थी। इसलिए सभी सुबह चार बजे ही उठ गये। नाश्ता करने का बाद सभी को आगे के सफर की जानकारी दी गई। हमारे सफर की शुरुआत ही थोडी मुश्किलो से हुई। दरअसल आज के
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
2
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैंकिग का रोमांच-२

जागेश्वर में शाम को मंदिर के दर्शन के बाद हम घूमने निकले। यहा चारो तरफ देवदार के घने जंगल है जिनमे घूमने का अपना अलग ही मजा है। जंगल में तरह तरह की चिडिया दिखाई दी जिन्हे मैने पहले कभी नहीं देखा था। दिल्ली की गर्मी के बाद जागेश्वर की ठंडक बेहद सुकुन दे
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
2
नापसंद करें

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच- १

छोटा कैलाश कुमाऊं में एक पवित्र स्थान है। इसको तिब्बत के कैलाश मानसरोवर के बराबर ही माना जाता है। छोटा कैलाश एक तीर्थ के साथ ही ट्रैकिंग के लिए भी बेहतरीन है। ये उत्तराखँड के पिथौरागढ जिले मे चीन-तिब्बत की सीमा पर है। यहां तक पहुंचने के लिए तवाघाट से
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
1
नापसंद करें

फिर से ब्लाग मे.......

एक साल से भी ज्यादा समय के बाद एक बार फिर से ब्लाग की दुनिया में वापस कदम रख रहा हूँ। किसी कारण से में इस इससे दूर हो गया था। लेकिन अब में फिर यहां वापस आया हूँ। लेकिन इस बीच भी मेरा दुनिया देखने का सिलसिला रुका नहीं और मैने भारत के बहुत से हिस्सो की
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

छोटे ल्हासा मैक्लोडगंज धर्मशाला की सैर (१)

कश्मीर से घूम कर आये लगभग दो महीने होने वाले थे। मेरा मन फिर कही जाने के लिए मचलने लगा था । तभी अगस्त में दो तीन दिन की छुट्टी भी मिल गई। अब तो मैं आस पास जगह तलाश करनें लगा जहां घूमने जाया जा सके। काफी दिनो से मेरा मन हिमाचल जाने का कर रहा था तो मैन
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

जलता जम्मू और मस्त सरकार.......

पिछले एक महीने से जम्मू जल रहा है और हमारी केन्द्र सरकार मस्ती से सो रही है। अभी तक तो सुना ही था कि रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था लेकिन अब तो ये सामने ही दिखाई दे ऱहा है। गौर किजीए की एक तरफ हैं हाथ में भारत का झंडा यानि कि तिरंगा हाथ में
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

चरैवेति-चरैवेतिः पहलगाम में...

तीसरे दिन दोपहर तक हम पहलगांव पहूँच गये। सभी लोग राफ्टिग करने के बाद गीले थे इसलिए सबसे पहले होटल ढूँढने की कवायद शुरु हुई। पहलगांव में बस अड्डे से आगे सीधे हाथ पर मुडते की काफी सारे होटल एक कतार में बने हैं। इनका खासियत ये है कि इन सबके सामने से खूब
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

मुसाफिर की सफाई

पिछला पोस्ट बिना टेक्स्ट के चला गया, गुनहगार -सा महसूस कर रहा हूं। लेकिन सच तो ये है कि तकनीकी नॉलेज में लिद्दड़ होना और ऐन वक्त पर अभिकलित्र यानी कंप्यूटर के धोखे की वजह से ऐसा हुआ। फिर अपने एक भाई की मदद से तस्वीरें लोड करनी चाहीं तो पोस्ट पब्लिश ह
 
दीपान्शु गोयल
टैग: सफाई
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें

श्रीनगर की यात्रा (६)- श्रीनगर से पहलगांव का सफर

तीसरा दिन- तीसरे दिन हम चल पडे कश्मीर के खूबसूरत हिल स्टेशन पहलगाव देखने के लिए। पहलगाव जाने के एक कारण ये था कि हमें आगे अमरनाथ की चढाई करनी थी और पहलगाव अमरनाथ यात्रा का पहला स्थान है जहां ये यात्रा शुरु की जाती है। श्रीनगर से पहलगाव के रास्ते में
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

श्रीनगर की यात्रा (५)

दुसरे दिन मुगल बगीचे देखने के बाद हमने ऱुख किया विश्व प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह की तरफ। ये एक खूबसूरत मस्जिद है जो डल झील के किनारे बनी है। डल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इस मस्जिद में हजरत मोहम्मद की दाढी का बाल रखा गया है इसलिए इसके बेहद पव
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

श्रीनगर की यात्रा (४)- शंकराचार्य मंदिर और मुगल बगीचे

दूसरा दिन- श्रीनगर में दूसरे दिन हमारा सफर शूरू हुआ शंकराचार्य मंदिर के दर्शन के साथ। ये मंदिर डल के पास एक पहाड जिसे तख्त-ए-सुलेमानी कहा जाता है पर बना है। शिव का ये मंदिर करीब दो हजार साल पुराना है। जगदगुरु शंकराचार्य अपनी भारत यात्रा के दौरान यहां
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

श्रीनगर की यात्रा (३) - डल के तैरते खेत

डल की एक खासियत है इसमें तैरते खेत। ये खेत जमीन पर मिलने वाले खेतों के जैसे ही होते हैं। जरुरत की सभी सब्जियां इसमें उगाई जाती है। देख कर आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि ये खेत वास्तव नें स्थिर ना होकर झील की सतह पर तैर सकते हैं। इन्हे देख कर तो मै
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरी श्रीनगर यात्रा (२) - डल झील का सफर

पहला दिन डल का सफर पहले दिन हम निकल पडे शिकारे से डल झील के सफर पर। जहां से आप शिकारा लेते हैं यानि बिलवर्ड रोड । वहां पर झील एक नहर के रुप में हैं इसलिए डल की असली रुप को आप समझ ही नहीं पाते हैं। लेकिन थोडी ही देर में आप खुली झील में पहुचते और दिखाई
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरी श्रीनगर यात्रा (१)

पहला दिन एक हफ्ते पहले से मन दिल्ली में नहीं लग रहा था। चाह रहा थी कि अभी उड कर कश्मीर की वादियों में चला जाउँ। धरती के स्वर्ग को देखने के लिए इच्छा बढती ही जा रही थी। आखिर कार चौदह की रात आ गई पूरी रात ही जैसे आंखों ही आंखो में कटी। पन्द्रह की सुबह
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरी श्रीनगर और अमरनाथ यात्रा

काफी दिनों से ब्लाग की दुनिया से दूर था। अभी दस दिन की कश्मीर और बाबा अमरनाथ की यात्रा से वापस आया हूँ। कश्मीर के अपने सारे अनुभव जल्द ही आप सब के साथ बाटूँगा। कश्मीर तो वाकई जन्नत है आज तक मैने इससे खूबसूरत जगह अपनी जिंदगी मे नहीं देखी। जिसे किसी ने
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

उत्तराखंड के ऐतिहासिक शहर काशीपुर का सफऱ

आज चलते हैं उत्तरांचल के ऐतिहासिक शहर काशीपुर के सफ़ऱ पर। काशीपुर उत्तरांचल के तराई इलाके में बसा छोटा सा खूबसूरत शहर है। इस शहर का इतिहास हर्षवर्धन ( ६०६-६४७) से लेकर महाभारत काल तक जाता है। हर्ष के समय के पुरास्थल अभी भी यहा देखे जा सकते है। पुराणो
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

चार धाम यात्रा कुछ सुझाव

मई का महीना आते ही उत्तरांचल में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाती है। चार धाम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदरनाथ, और बद्रीनाथ धाम आते हैं। हर साल लाखों की संख्या में यात्री यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। आप सब की सहायता के लिए चार धाम यात्रा से जुडी क
 
दीपान्शु गोयल
पसंद करें
0
नापसंद करें

देखिए खूबसूरत भूटान को

भूटान की यात्रा की मेरे पत्रकार मित्र नीरज सिंह ने। वे वहां प्रधानमंत्री के साथ गये थे। लेकिन उन्होने इसकी सुन्दरता को अपने कैमरे में उतारा है । उसके कुछ चित्र आपको भूटान को जानने में मदद करेंगें। चाय बागन थिम्पू का नजारा हिमालय की गोद में बसा है छोट
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

पर्यावरण के अनुकूल टाईल्स का प्रयोग करें

आज हमारे शहरों में पीने के पानी की कमा होती जा रही है। जमीन के नीचे का पानी इतनी तेजी से निकाला जा रहा है कि भू जल कम होता जा रहा है। जमीन के नीचे पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है अगर सही तरीके से वर्षा के पानी को जमीन के नीचे पहुँचाया जा सके। ये
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

नैनीताल के पास खूबसूरत झरना कार्बेट फाल

नैनीताल के पास एक बहुत ही खूबसूरत झरना है । इसको कार्बेट फाल कहा जाता है। यह जिम कार्बेट नेशनल पार्क के इलाके में ही पडता है। आप नैनीताल से वापसी के रास्ते में इसे आसानी से देख सकते हैं। नैनीताल से लगभग ३० किलोमाटर की दूरा पर है कालाढूँगी । कालाढूँगी
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक कविता

अभी मेरे दोस्त नें एक कविता सुनाई देश के हालात को साफ बयां करता हैं। ये तो पता नही है कि किसने लिखी लेकिन आप भी पढिये। मेरा पहला लडका डाक्टर होकर बीमार हो गया, मेरा दूसरा लडका इंजीनियर होकर बेकार हो गया, मेरा तीसरा लडका आईएएस होकर लाचार हो गया, मेरा
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बर्फीले रेगिस्तान सियाचिन का सफर (२)

खारदूँगला में हमें दोपहर के दो बज चुके थे और सियाचिन बैस कैम्प के लिए हमें लम्बा रास्ता तय करना था । इसलिए तेजी से हम आगे बढे। खारदूँगला से कुछ दूरी पर ही नोर्थ पुलु में सेना का कैम्प था जहा हमे दोपहर के खाने के लिए रुकना था। यहां हमारे लिए खाने का ब
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बर्फीले रेगिस्तान सियाचिन का सफर (१)

अभी भारतीय सेना के साथ सियाचिन जाने का मौका मिला। ये ऐसा मौका था जो जिंदगी में किस्मत वालों को ही मिलता है। मैने तो तुरन्त हां कर दी। दरअसल भारतीय सेना लगातार दूसरे साल आम लोगों के दल को लेकर सियाचिन जा रही थी। जिसमें मिडिया के साथ ही सेना के तीनो अं
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

डीडी न्यूज पर देखिये सियाचिन की जिंदगी

आज रात दस बजकर तीस मिन‍ट पर देखिये सियाचिन और वहां की जिंदगी पर खास कार्यक्रम- सियाचिन एक झलक बर्फीली जिंदगी की। मैं पिछले महीने सियाचिन के सफर पर गया था । वहां हमारे दल ने पन्द्रह हजार फीट की उंचाई पर सियाचिन के बेस कैम्प तीन तक की चढाई की थी। ये का
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

सियाचिन और लद्दाख का सफर

पिछले काफी दिनो से ब्लाग की दुनिया से दूर था। लेकिन क्या करू यायावर हूँ इस बार एक महीने के लिए लद्दाख और सियाचिन के सफर पर चला गया था। पिछला पूरा महीना ही लद्दाख और सियाचिन की वादियो पर बिता कर बापस आया हूँ। जल्द आपने इस सफर के बारे में ब्लाग पर लिखू
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

छोटे ल्हासा मैक्लोडगंज धर्मशाला की सैर (२)

शाम को हम पहुँचे नामग्याल मठ लेकिन मठ के दरवाजे पर आकर ही मैं ठिटक गया। मठ के दरवाजे पर तिब्बत की आजादी के सघर्ष के फोटो लगाये गये थे। चीन के अत्याचार की कहानी उनसे साफ नजर आ रही थी। उसको देखते हुए हम आगे बढे और मठ के अन्दर पहुँचे तो वहां भी विरोध के
 
दीपान्शु गोयल
Dec 29 2009 11:45 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

धर्मशाला मैक्लोडगंज की तस्वीर.....

मैक्लोडगंज की ये फोटो देखिये फोटो दूर से ली गई है। इसमें तिब्बती मठ के साथ पूरा मैक्लोडगंज नजर आ रहा है।
 
दीपान्शु गोयल