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बेटियों का ब्‍लॉग

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08 Mar 2010
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एक लड़की की शादी

नासिरूद्दीन जहन में एक बात हमेशा कौंधती है, क्‍या लड़की की जिंदगी का सारा सफर शादी पर ही खत्‍म होता है। मैं अक्‍सर सोचता हूँ कि दसवीं, बारहवीं में जो लड़कियाँ हर इम्‍तेहान में लड़कों से बाजी मारती रहती हैं, कुछ दिनों बाद ऊँची तालीम, नौकरी और जिंदगी के
टैग: शादी
Mar 05 2010 07:12 PM
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तिन्नी और अख़बार

तिन्नी अपनी ड्राइंग अख़बार में छपा देखना चाहती है। उसका कहना है कि दुनिया जान जाएगी। धरती को पता हो जाएगा। कल उसने कहा कि पापा फोटो भी होना चाहिए। तिन्नी को यह नया शौक चढ़ गया है। घर के सारे बेकार पन्नों के पीछे तिन्नी ने रंग दिया है। दिन भर रंगती रहती
Feb 23 2010 08:05 PM
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तोषी के ड्राइंग्स की एकल प्रदर्शनी है- लाहौर केGREYNOISEमें

आज तोषी यानी विधा सौम्या के ड्राइंग्स की एकल प्रदर्शनी है- लाहौर में- "Song of the Sirens" शीर्षक से, शाम 7 बजे से गैलरी GREYNOISE, लाहौर में. वह अपने एग्जिबिशन के लिए वहीं है और रात-दिन काम कर रही है.विधा 2008-09 में भी लाहौर में थी और वहां उसने अपने
टैग: लाहौ
Feb 22 2010 08:07 PM
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कोशी, कचरा, भगवान व फोटो

कोशी का ब्लॉग है- Koshy's इस पर वह अपनी बातें लिखती है. अपने काम, अपने फैशन व पहनावे आदि से सम्बन्धित. वह फोटो भी खीचती है. मगर इसके साथ साथ वह सामाजिक मुद्दों से भी जुडी रहती है और उसके भीतर उसका अपना ह्यूमर भी है. वह कचरा कभी भी न तो सडक पर खुद फेंकती
टैग: फोटो
Feb 11 2010 09:03 PM
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दो- दो कुलों की लाज को ढोती हैं बेटियाँ

कल (२६ जनवरी २०१०) पुरानी फाइलों में दबी एक चीज़ मिली लैमिनेटेड की हुई. वह कोई प्रमाणपत्र या रसीद नहीं थी बल्कि एक कविता थी. ज़ोर देने पर याद आया कि जब मैं प्लस चैनल के जुहू तारा रोड वाले ऑफिस में काम करता था तब वह मुझे एक फिल्म वितरक मित्र राणा साहब ने
 
विजयशंकर चतुर्वेदी
टैग: daughters
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रश्मि का चुलबुला मेल

बेटियों की समझदारी जल्दी बढ़ती है या उनकी उम्र..यह सच में मेरे लिए एक जटिल प्रश्न है. चुलबुल आज चार साल की हो चली...लेकिन उसकी बाते..उसकी सोच... उसका लिखना...उसका याद करना... सब कुछ उसके उम्र से आगे की बातें है. सच कहू तो कभी-कभी उसे इतनी जल्दी समझदा
Dec 29 2009 11:44 AM
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आज बेटियों का दिन है

सुबह की बेला में मैने सोचा क्यों ना आज उन सारी बेटियों को याद मैं करुँ जो मेरी है भी और नहीं भी. आज का दिन बेटियों का दिन के रुप में मनाया जाता है। क्यों, किसलिए मनाया जाता है के प्रश्नों के चक्कर में ना फंस कर बस दिन को मनाने का प्लानिंग कीजिए. वैसे
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मेरी बेटियों का कारनामा

मेरी इच्छा आज थोड़ी सी जग उठी और मैने सारे काम को दरकिनार कर के कुछ अपनी बेटियों के बारे में लिखने का निश्चय किया. मेरी दो बांह मेरी बेटियां अब बडी़ हो रही है. बड़ी बेटी तो सात साल की होने वाली है पर काफी बड़ी हो गई है आश्चर्यजनक रुप से. उसकी हरकत और
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कोशी और दाल - भात

दफ्तर के काम से मुझे अक्सर बाहर दौरे पर जाना पङता है। कल भी गोवा गई। सुबह गई और शाम को लौट आई। गोवा की फ्लाईट एक घंटे की है और एयरपोर्ट से घर पहुँचाना भी एक घटा ले लेता है ट्रैफिक की वज़ह से। आजकल मेरी बहन और बहनोई आए हुए हैं। वे भी पुणे गए थे और लौट
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लाहौर तू बड़ा याद आयेगा मुझे

तोषी लौट आई है और इन दिनों अपनी लाहौर परियोजना पर काम कर रही है ।प्रस्तुत है उसका लिखा एक शब्द चित्र लाहौर के बारे में ... नीले रंगबिरंगे रिक्शे उनमें बैठे सलवार कमीज पहने ड्राईवर आँखों के इशारे से रिक्शा रोकना उचक कर तंग रिक्शों में बैठना चाचा से पै
Dec 29 2009 11:44 AM
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बिल्ली, उसके बच्चे और तोषी, कोशी

कल अचानक तोषी ने बताया कि बिल्डिंग की सीढ़ी के कोने पर बिल्ली ने बच्चे दिए हैं। फ़िर कोशी ने भी बताया और कहा, चलो देखने। देखा, पूरे मातृत्व भाव में पगी हुई बिल्ली। चार बच्चे उसने दिए थे। चारो माँ के दूध में मुह घुसाए पड़े थे और माता राम आराम से बेफिक्र
Dec 29 2009 11:44 AM
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तिन्नी की आत्मकथा

शनिवार रात तिन्नी एक कैलेंडर ले आई। कहा कि इसमें तुम लिखो और मैं बोलती रहूंगी कि तिन्नी क्या क्या करती है। ऐसा करने का ख़्याल कहां से आया भगवान जाने लेकिन तिन्नी की बातों को जब मैं कैलेंडर के पीछे लिखता तो देखकर हैरान हो जाती। वो हिंदी के लंबे लंबे व
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तोषी और कोशी के हासिलात

तोषी और कोशी अपनी अपनी जगह अपनी-अपनी उपलब्धयों के झंडे गाद रही है। ३-६ तक कोशी के कॉलेज का वार्श्कोत्सव था। वह उसकी वर्किंग कमेटी में थी और अपने ह्रुप की सबसे अनुशासित बच्ची के रूप में थी। इस बीच उसने दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया उअर अव्वल आई। वह फैश
Dec 29 2009 11:44 AM
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और यह कोशी का ब्लॉग

बहुत इसरार करने पर आखिर कोशी ने अपना ब्लॉग बना ही लिया. वह नई नई बातें सोचने में जितनी तेज़ है, उसे कार्यांवित करने में उतनी ही आलसी. यह ब्लॉग भी लगातार कोंचते रहने का नतीज़ा है. हालांकि कम्प्यूटर पर सारे कामों में वह मेरी मदद करती है, मुझे सिखाती है
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"एक्सप्लोसिव्स" में तोषी ने उकेरा ड्राइंग का एक नया पन्ना

आज जब हिन्दुस्तान और पाकिस्तान दोनों ही देश एक दूसरे के खिलाफ आग उगल रहे हैं, वैसे में तोषी यानी विधा सौम्या अपनी कला के माध्यम से दोनों देशों के बीच एक नया पुल रचने की प्रक्रिया में है. ज़ाहिर है कि पुल निर्माण की इस प्रक्रिया में वह अकेली नहीं है. उ
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और कोशी ने जीत लिया मैदान

कोशी ने अपने कॉलेज का नाम रोशन कर दिया. वह क्रिएटिव है, अपनी दीदी तोषी की तरह. यूं उसके कैरियर -विचार की यात्रा मिस यूनिवर्स से शुरु हुई थी. तब देश की दो सुन्दरियों- ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन मिस यूनिवर्स और मिस वर्ल्ड का खिताब जीत कर दुनिया भर में
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Sep 04 2009 10:51 PM
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मार्क्स अंकल मर गए हैं मम्मी?

नयना इतिहास पढ़ाती हैं। तिन्नी हर दिन उनकी किताब के किसी पन्ने तक पहुंच जाती है। पूछते रहती है कि ये क्या है, ये कौन है? नयना जवाब देती रहती है ये लेनिन है,ये गांधी हैं,ये मार्क्स हैं,ये हिटलर हैं,ये अकबर है। तिन्नी हैरान हो जाती है। फिर पूछती है कि ये
Aug 16 2009 10:26 PM
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तोषी का एक्जीबिशन

आज तोषी का ग्रुप एक्जीबिशन आरम्भ हो रहा है.आप मुंबई में रहते हैं तो ज़रूर पधारें. अरे हाँ तोषी का ही नाम विधा सौम्या है.
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वोट का अधिकार और उसका उपयोग

इस बार पहली बार तोषी अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करेगी। लेकिन एक आम मतदाता की तरह उसकी भी भ्रमित स्थिति है की किसे वोट दे? कोई भी नेता बाद में न तो जनता के प्रति जवाबदार होता है न देश के प्रति। वह चाहे किसी भी पार्टी का हो। कल हमारी बात इसी पर हो रह
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सात बेटियों का काफिला शाम चार से सात

मैं रोज सोचती हूं कि कुछ लिखुं अपनी बेटियों के विषय में कैसे वह दोनो बड़ी हो रही है। एक दूसरे को तंग करते हुए। मेरी श्रुति उसे प्यार से मेरी बेटी पुचाकरती है और मिठी उसका स्केच पेन उसके बैग से निकाल कर भागती है कि कहीं उसे श्रुति देख कर उस से छीन ना
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कोशी और उसका कंज्यूमर कोर्ट

कोशी अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो रही है। घर में तो उसका अपना अधिकार - भाव चलता ही है, बाहर तो उसने कंज्यूमर कोर्ट के नाम से सभी को काफ़ी दारा-धमाका रखा है। कुछ बानगी देखिये- १) कोशी अपने मोबाइल के लिए कनेक्शन लेने गई। जो स्कीम थी, दुकानदार ने उससे
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कोशी का बदलता स्वभाव

कोशी अब बड़ी हो रही है। अब उसे बड़ा होते देख मन करता है की वह फायर से नन्ही बच्ची बन जाए और हम सब उसके साथ फ़िर से खेलें। लेकिन कोशी इसके लिए राजी नही है। उसका कहना है की ऐसा होने से उसे फ़िर से नर्सरी से अबतक की पढाई पढ़नी पड़ेगी। उसकी बात में दम है। अब
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तोषी व् कोशी का सेवा-भाव

आजकल तोषी व कोशी दोनों यहीं पर हैं, हमलोगों के साथ। हमारे सास-ससुर भी यहीं हैं। हर सरदी में हम उन्हें मुम्बई बुला लेते हैं, ताकि बिहार की कडाके की सरदी से वे बच सकें। वे नवम्बर से हमारे साथ हें। उनके आने से तोषी-कोशी दोनों ही बहुत खुशी महसूस करती हैं
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RE HELLO

Hey,how are you doing recently? I would like to introduce you a very good company and its website is www.ele-motors.com. It can offer you all kinds of electronic products that you may be in need,such as laptops ,gps ,TV LCD,cell 
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RE:HI

-- Hey,how are you doing recently? I would like to introduce you a very good company and its website is www.worldtradingsky.com . It can offer you all kinds of electronic products that you may be in need,such as laptops ,gps ,TV
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बेटी को मोटरसाइकल चाहिए

मैं वहाँ गया; जो पता पिछली पोस्ट में दिया था.चौंक पूरे गए थे. जगह-जगह बंदनवार बंधे थे. बेटी का जन्मदिन था. ज़्यादा तफसील में जाने की जरूरत मैं नहीं समझता. बस इतना ही कि उद्दी को ग्रामीण क्षेत्र में
 
विजयशंकर चतुर्वेदी
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गांव में श्रावणी, पहली बार पमरिया का नाच

मैं कुछ गीतों की खोज में बगल के आंगन में गया था। होलिकांक के पुराने रजिस्‍टर पर दर्ज गीतों में से कुछ मेरी पसंद के मिल जाते, तो बचपन की कहानी कहना ज़्यादा आसान हो जाता। एक गीत तो ख़ैर गांव में सबको
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एक गुज़ारिश, नारों के लिए नहीं है ये ब्‍लॉग

ये ब्‍लॉग हम कुछ साथियों ने इस मक़सद से शुरू किया था कि इसमें हम अपनी बेटियों के बारे में बातें करेंगे। उनकी छोटी से छोटी कहानियां आपस में शेयर करेंगे। बेटियों से संवाद करेंगे, ख़तो-किताबत के ज़रिये।