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आसमां पे है खुदा और ज़मीं पे हम/फिर सुबह होगी/मुकेश/साहिर खय्याम
आसमां पे है खुदा और ज़मीं पे हमआजकल वो इस तरफ़ देखता है कमआजकल किसीको वो टोकता नहींचाहे कुछ भी कीजिए रोकता नहीं हो रही है लूटमार फट रहे हैं बमकिसको भेजे वो यहां खाक छाननेइस तमाम भीड़ का हाल जाननेकिसको भेजे वो यहां हाथ थामनेइस तमाम भीड़ का हाल जाननेआदमी हैं
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Apr 25 2010 08:20 AM


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