ए• ए•बहुत पानी है तुम्हारे बिना और बहुत प्यास भी। बहुत निराशा है तुम्हारे बिना और बहुत आस भी। असमंजस और आश्वासन दोनों तुम्हारे बिना और तुम्हारे साथ भी। दोखामोशी •ी भाषा मेंबैचेनी •ी लिपि मेंउस अजन्मे रिश्ते ने•ितनी चीखें मारी•ितने •िए सवालहाय! अरसे बाद
ब्लॉग के इस बाग़ में ऐसी ढोलम -पोल ,सहमी सी सब कोयलें , कौवें करे किलोलएक तुमने ,इक उसने ब्लॉग बना डाला ,एच टी टी पी , पे देखो बन गयी ब्लोग्माला .लिख -लिख अपना ब्लॉग ये जग भया ब्लोगरब्लोगर जंतु
दायरे ऐसे भी बनते हैं कि फिर मिटते नहीं,लुट जाती हैं हस्तियाँ, कारवां मिटते नहीं.जितना चाहे रौन्दलो या चाहे कितना तोड़लो,हौसले फौलादों के आग से जलते नहीं.रात के हों घुप्प अँधेरे या हों कई साये घनेरे,रौशनी कि एक किरण के सामने डटते नहीं.चाहे मीलों हो गगन
हम पथिक कंटीली राहों के,फूलों पर चलना क्या जाने?जिसने अरुणोदय देखे हो,संध्या का ढलना क्या जाने?हम देश प्रेम के मतवाले, भिड़ते हैं तरल तरंगो से,गौरव मद अविरल टपक रहा,जीवन के अंग प्रयत्नों से.जिसने सूरभोग पिलाए हो वह जहर उगलना क्या जाने?हम
मेरा कहना है कि दीवानेपन की डॉक्टरी पूरे विश्वास के साथ कुमार ने की है। इसकी कोई मिसाल नहीं है। 250 रुपये की कविता की किताबबेच गए लिखकर कुमार विश्वासकिताब पर लिखा कुमार विश्वासलोगों को मिला अथाह विश्वासदीवानेपन की देखी अजब सौगातबेच गए लिखकर कुमार
धन .धरती बात के रहेगी .सभी मजदुर एक हो का नारा लगाने वाले दुनिया को सब्जा बाग दिखाकर सत्ता पर कब्ज़ा करना ही मात्र उद्देश्य यानि बामपंथ । दुनिया का पराजित चेहरा बामपंथ को देखने की आवश्यकता नही । भारत और नेपाल को ही देख ले अभी अभी बंगाल के पूर्ब
शायद यह खबर चौंकाने वाली न हो। आप माने या ना माने लेकिन यह सच है कि जिस सांसद के खिलाफ मजिस्ट्रेट के साथ मारपीट करने पर कल गैर जमानती वारंट जारी किया गया और आज, वे अदालत के एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुये! मामला यह है कि मऊ अपर जिला सत्र
हिन्दी फिल्मों के बादशाह शाहरूख खान की नई फिल्म 'माई नेम इज़ खान' 12 फरवरी को प्रदर्शित होने जा रही है। शाहरूख का कसूर है कि उन्होंने अपप सरदेसाई ने पड़ोसी देश के साथ सौहार्द्रपूर्ण संबंध की बात कही है। उन पर आरोप है कि वे पाकिस्तान समर्थक हैं।
(वर्ष १९८८,मई की तपती धूप और उनकी याद..बस खींच दी कागज पे चाँद लकीरें और लिख दी दिल की बात यूँ एक कविता के रूप में जो आपके लिए नीचे प्रस्तुत है।) सपनो की चादर ओढ़ जब भी सोता हूँ - तुम्हारे बदन की गर्मी मुझे नहलाती है, दिन भर की थकान हवा में गुम हो जाती
बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस धीरेन्द्र मिश्रा व जस्टिस एमएम श्रीवास्तव की युगलपीठ ने प्रकरण की सुनवाई के बाद एक मामले मे सहपाठी के हत्यारे की सजा को बरकरार रखा है और इससे संबंधित दायर याचिका को खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार बस्तर जिले के
ब्लोग बैठक में इसके बाद धीरे धीरे सभी एक एक करके आने लगे । मगर सबसे ज्यादा चौंकाने वाली उपस्थिति रही मसीजीवी की, उनसे मुझे थोडी देर अकेले बात करने का अवसर मिला । जब राज भाटिया जी अपने ब्लोग्गिंग की शुरूआती अनुभवों को बांटना शुरू किया तो वो भी खासा
सावन की सी बारिशों में नित भीगने की अब चाह कहाँ,पुष्प खिले, धरा फले ओ भीगे कंठ इतना सा तो पानी हो दुनिया जीतने का जज्बा, आसमां चीरने का भी जोश, कहाँ जाता हैं जब नन्ही सी बेटी से हार खानी हो ऑस्कर, बुकर और पुलित्ज़र जैसे तमगे किसे चाहिए,जो सीधे दिल
धन की खातिर ना किसी, मिले मनुज का शाप नेता गर तू बन गया , कर्म ना अपना भूलसच्ची सेवा कर सदा यही धर्म का मूलव्यापारी है तू अगर , नानक से कुछ सीखसच्चा सौदा कर सदा, मानव जैसा दीखबना चिकित्सक तो सदा, जान बचा निष्पाप धन की खातिर ना किसी, मिले मनुज का
अरे काहे का मीट?...किसका मीट?...सब बकवास इतना झूठ?...तौबा...तौबा...कुछ तो उपरवाले के कहर से डरो...कुछ तो उसके ताप से घबराओ...जिसे देखो वही जो मन में आए बके चले जा रहा है...मीट...मीट...मीट अरे!...काहे का मीट?...किसका मीट?... किसका?...किसका कत्ल हुआ
उस दिन मुट्ठी में जैसे आसमान भर लिया था मारे रोमांच के उस फरवरी कीखुश्क ढंडक में ऐसे सिहर गया था देहजैसे गोल घूमती दुनिया मुझे भी अपने साथ नचा गई हो. अल्लाह के करम जैसे वो होंठमुझ बंजारे पर रहमतों की बारिश कर रहे थेमेरे कदम जमीं पर नहीं पड़ रहे थेदो देह
सन्तों ने कहा है कि लालच बुरी बला हैदुनिया में जितनी भी व्याधियां और तनाव हैं,सब धन के कारण है ..........धन को कमाना तो मुश्किल है ही उसे सम्हालना और भी मुश्किल है । रात-रात भर आपको नींद नहीं आती ..कहीं चोर चुरा न ले,कहीं आयकर वाले छापा न मार दें,कहीं
संतोष कुमार ----------- बीजेपी में हल्दी की रस्म पूरी हो गई। नितिन गडकरी अब मनोनीत नहीं, निर्वाचित अध्यक्ष हो गए। तेरह राज्यों और संसदीय दल को मिलाकर कुल 19 सैट में परचा दाखिल हुआ। बस तीन घंटे में
मैंने भी पा देख ली.अच्छी फ़िल्म है.बड़ी सरल और सादी कहानी है फ़िल्म की.फ़िल्म में ऐसा कुछ नहीं जो देखते हुए सोचते जाने से अलग हो.आगे क्या होगा के सारे अनुमान सच होते जाते हैं.फ़िल्म के बारे में काफ़ी पढ़ने में आ गया था पहले ही हो सकता है फ़िल्म इसलिए भी
हमने अपने होटल को बोल कर टैक्सी आरक्षित कर ली, शनिवार ६ फ़रवरी को, पहले ही हमें बहुत थकान हो रही थी, और फ़िर जब कार्यक्रम बनाया तो पता चला कि अगर तड़के निकलेंगे तो ठीक रहेगा और सब ठीक प्रकार से होगा। हमने सुबह ३ बजे निकलने का कार्यक्रम
संवादो की चुप्पी, अनुवादों का कुहराम छद्म वेश में चोर-उचक्के देते है पैगाम . नित-नूतन क्रन्दन रचते, गठबंधन के बंधन मंसूबों की मौत देख, सिहर रहा कन-कन बकरों की मंडी में लगते इंसानों के दाम छद्म वेश में चोर-उचक्के देते है पैगाम. . रोटी सा सिंक जायेगा, यूँ
वेलेन्टाइन डे का बेसब्री से इंतजार कर रहे युवाओं के लिए जबलपुर के डॉ. जगत सिंह आहूजा और उनकी पत्नी आशा देवी की जोड़ी मिसाल है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके दोनों का प्यार परोपकारी के राह पर मजबूत डोर में बंधा है। दोनों ही बिना किसी स्वार्थ के पीडि़त
हिन्दी फिल्मों के बादशाह शाहरूख खान की नई फिल्म 'माई नेम इज़ खान' 12 फरवरी को प्रदर्शित होने जा रही है। शाहरूख का कसूर है कि उन्होंने अपने पड़ोसी देश के साथ सौहार्द्रपूर्ण संबंध की बात कही है। उन पर आरोप है कि वे
भारत दक्षिण अफ्रीका से पराजित क्या हुआ कि फिर शुरु हो गया खबरिया चैनलों का कोसने का खेल। भारत ने नाक कटायी। भारत के बल्लेबाज हुए फेल। नं0 एक की असलियत सामने आयी। मेहमान ने मेजबान को घर में ही पीटा। भई आखिर ये खेल ही तो है और इसमें कोई न कोई तो हारेगा ही।
यह रंग रंग क्या हैंयदि आप उपर दिए गए रंगोंऔर इनके असर के बारे मेंबतलायेंगे तो प्रसन्नता होगीयह रैंकिंग क्या हैक्यों हैइसके क्या प्रभाव हैंक्या लाभ हैं जानने को मन बेताब है
अंतिम छोर के आदमी को दो सौ साल लगेंगे बुनियादी सुविधाएं मिलने में
तीन दशक पहले माल वाहक वाहनों पर ”लोक वाहक” लिखा होता था, इन अंधी रफ्तार से चलने वाले ट्रक से होने वाली दुर्घटनाओं को देखकर कवि सम्मेलनों में इन्हें ”परलोक वाहक” का
नई दिल्ली। आज नितिन गडकरी औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हो गये. पार्टी मुख्यालय में कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मंगलवार को नितिन गडकरी को एढाक से ती साल के लिए पर्मानेन्ट अध्यक्ष बना दिया गया.
आनन्द राय, गोरखपुर नेपाल में जाली नोटों के कारोबारी यूनुस अंसारी की गिरफ्तारी के एक माह के अंदर स्पेस टाइम्स समूह के प्रबंध निदेशक जमीम शाह की हत्या से कई सवाल खड़े हो गये हैं। उसकी हत्या के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र के कयास लग रहे हैं। यह बात भी सामने आ
108 की संख्या का ऎसा क्या रहस्य है कि ये संख्या पवित्र और शुद्ध मानीजाती है। मंत्र जाप मे भी 108 की संख्या का मह्त्व है क्योकि 108 दानो कीमाला चाहे वो रुद्राक्ष हो या तुलसी की माला हो ,सर्व सिद्धिदायक मानी गयीहै। 108 की संख्या का हमारे मंत्र जाप से क्या
आज शाम एक आलेख पर नजर पडी वैदिक गणितः चुटकियों में बड़ी-बड़ी गणनाएँ , जिसमें दिया गया है कि भारत में कम ही लोग जानते हैं, पर विदेशों में लोग मानने लगे हैं कि वैदिक विधि से गणित के हिसाब लगाने में न केवल मजा आता है, उससे आत्मविश्वास मिलता
शिमले के संझौली रोड पर दिव्य नैसर्गिक खूबसूरती के बीच वो रहता है। चारो तरफ उंचे और खालिस सफेद पहाड़। बादलों से पटी पड़ी गहरी खाईयाँ। आप पांच मिनट वहाँ ठहरे और मेरा दावा है आप या तो बेतरह खुश या बहुत उदास हो जायेंगे। शिमला से आप आगे बढ़ते जायें और संझौली,
हड़प्पा मोहनजोदड़ो के बारे में हमने पढ़ा है । आपने भी पढ़ा होगा । वहाँ खुदाई में पूरी की पूरी सभ्यता मिली है । यह पूरी सभ्यता कैसे मिट्टी में दब गयी ? हम नहीं जानते । शायद इसे दबने में बहुत लम्बा समय लगा होगा । किन्तु आजकल अनुभव हो रहा है कि हमारी आधुनिक
अब यह प्रयोग ब्लॉगजगत की प्रयोगशाला में, इस प्रयोग का विचार दिया अविनाश वाचस्पति जी ने , तो हमने सोचा करके देखते हैं अगर यह सबको पसंद आया तो एक ब्लॉग बनायेंगे और वहां ऐसे पोस्टें चिपकायेंगे। प्रयोग का उद्देश्य सिर्फ निर्मल हास्य हैं।लीजिये प्रयोग हाज़िर